रिपोर्ट-मोहित पाल हनुमत कथा करने बांदा पहुंचे बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धार्मिक, सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर कई बड़े और चर्चित बयान दिए। उनके बयानों को लेकर कथा स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं के साथ-साथ सियासी और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।

हरिद्वार की हर की पौड़ी में मुसलमानों की एंट्री बैन की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उनके अनुसार किसी भी धार्मिक स्थल की अपनी मर्यादा होती है। उन्होंने कहा कि जब हिंदू काबा नहीं जाते, तो फिर उन लोगों को हिंदू धार्मिक स्थलों पर जाने की आवश्यकता क्यों है, जिन्हें हिंदुत्व से परहेज है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई मुसलमान श्रद्धा के साथ उनकी कथा में आता है तो उसका स्वागत है, लेकिन यदि आपत्ति है तो घर पर रहकर टीवी के माध्यम से प्रवचन सुनना भी एक विकल्प है।

अपने चर्चित “वेद नहीं पढ़ोगे तो नावेद और जावेद बनोगे” वाले बयान पर सफाई देते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि यह बयान विशेष रूप से सनातन समाज के लिए था। उनका कहना था कि उनका उद्देश्य हिंदू समाज के लोगों को वेद पढ़ने और पढ़ाने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को इस बयान से आपत्ति है, तो इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।
गुरुकुलम शिक्षा पद्धति को लेकर उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने सबसे पहले भारत की शिक्षा व्यवस्था पर हमला किया। उनका कहना था कि पहले बच्चों को ‘ग से गणेश’ पढ़ाया जाता था, जिसे सांप्रदायिक कहा गया और अब ‘ग से गधा’ पढ़ाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुकुलम पद्धति का विरोध करने वालों ने ही देश को नुकसान पहुंचाया है।
जनसंख्या के मुद्दे पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदू समाज से अपनी जनसंख्या बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि जल, जंगल, जमीन और परिवार को सुरक्षित रखना है तो हिंदुओं को अपनी संख्या बढ़ानी होगी।इस दौरान उन्होंने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि बुंदेलखंड के बागेश्वर धाम में 2027 तक कैंसर अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इसके उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर बागेश्वर धाम आएंगे।


