बाराबंकी। त्रिवेदीगंज क्षेत्र में नवनियुक्त भाजपा जिला अध्यक्ष राम सिंह भुल्लन (रामसिंह वर्मा) के आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। जगह-जगह पुष्पवर्षा, माल्यार्पण और नारों के साथ कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष का अभिनंदन किया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह नजर आया।
शुक्रवार को त्रिवेदीगंज पहुंचने पर भाजपा नेता अरुण शुक्ला ने कार्यकर्ताओं के साथ नवनियुक्त जिलाध्यक्ष का स्वागत किया। इसके बाद पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुनील सिंह और प्रधान ककरी सचिन के नेतृत्व में मां पीताम्बरा मैरिज लॉन में पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में भाजपा के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संगठन को मजबूत करने का संकल्प
स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए नवनियुक्त भाजपा जिला अध्यक्ष राम सिंह भुल्लन ने कहा कि वह पार्टी की नीतियों और योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा और तत्परता से कार्य करेंगे। उन्होंने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा कार्यकर्ताओं के हित में लगातार काम करने का संकल्प दोहराया।
#बाराबंकी: त्रिवेदीगंज में नवनियुक्त भाजपा जिला अध्यक्ष राम सिंह भुल्लन का भव्य स्वागत त्रिवेदीगंज पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत पुष्पवर्षा और नारेबाजी से गूंज उठा पूरा इलाका भाजपा पदाधिकारियों व समर्थकों की रही भारी मौजूदगी संगठन को मजबूत करने का कार्यकर्ताओं ने… pic.twitter.com/qmucyty8BA
उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर काम करने की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास से ही पार्टी को आने वाले चुनावों में और बड़ी सफलता दिलाई जा सकती है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश और प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है और भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंच रहा है।
सैकड़ों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी
इस अवसर पर स्वागत समारोह में कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। कार्यक्रम में शिवनाम प्रधान प्रतिनिधि राजेश वर्मा मन्ना, सुशील पटेल लंबरदार, तेजबहादुर सिंह, अवधेश सिंह चंदेल, रणविजय सिंह पिंकू, राजकुमार सिंह (पूर्व मंडल अध्यक्ष), कृष्ण कुमार मुन्नू (मंडल अध्यक्ष), सचिन वर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में संगठन को और मजबूत करने तथा भाजपा की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कुल मिलाकर, त्रिवेदीगंज में हुआ यह भव्य स्वागत समारोह भाजपा की संगठनात्मक मजबूती और आगामी राजनीतिक तैयारियों का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।
Barabanki university lathicharge: Ramswaroop Memorial University
बाराबंकी की रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी में छात्रों के साथ हुई बर्बरता का मामला सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुँच गया है। छात्रों को बेरहमी से पीटने वाले पुलिस अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई शुरू हो चुकी है, लेकिन इस घटना ने कई गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। यह लाठीचार्ज केवल एक हिंसक घटना नहीं, बल्कि एक ऐसी तस्वीर है जहाँ शिक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है और एक बड़े राजनीतिक संगठन की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। आखिर क्या वजह थी कि चार साल से छात्रों की परीक्षा नहीं हुई? 2021 में मान्यता खत्म होने के बावजूद लाखों रुपये लेकर नए एडमिशन क्यों दिए गए? और इस पूरे घटनाक्रम में शिक्षा की आड़ में कौन सा बड़ा खेल खेला जा रहा था? यह रिपोर्ट इस पूरे मामले की परतें खोलती है।
शिक्षण व्यवस्था की खुली पोल: छात्रों पर क्यों बरसी लाठियां?
मामले की जड़ में रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी का एक गंभीर शैक्षणिक और प्रशासनिक कुप्रबंधन है। छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी पिछले चार सालों से उनकी परीक्षाएं नहीं करवा रही थी, जिससे उनका भविष्य अधर में लटक गया था। यह आरोप तब और भी गंभीर हो जाता है जब यह सामने आया कि यूनिवर्सिटी की मान्यता 2021 में ही खत्म हो गई थी, लेकिन इसके बावजूद वह छात्रों से लाखों रुपये फीस लेकर एडमिशन देती रही।
लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी जब छात्र अपनी डिग्री के लिए भटकने लगे और उनका भविष्य अंधकारमय दिखने लगा, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किया, अपनी आवाज उठाने का प्रयास किया। लेकिन, जब विरोध की यह आवाज प्रशासन तक पहुंची तो, छात्रों के आरोपों के मुताबिक, यूनिवर्सिटी ने पुलिस को बुलाकर उन्हें शांत कराने की कोशिश की। इसके बाद जो हुआ वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था। पुलिस ने छात्रों पर बेरहमी से लाठियाँ भांजी, जिससे कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए।
लाठीचार्ज के बाद का भयावह मंजर और सियासी हलचल
पुलिस के इस हिंसक लाठीचार्ज में कम से कम 12 छात्र घायल हुए। घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहाँ भी हालात बदतर थे। अस्पताल में घायल छात्रों के लिए पर्याप्त बेड तक उपलब्ध नहीं थे, और वे दर्द से तड़पते रहे। यह स्थिति केवल पुलिस की क्रूरता नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की लापरवाही को दर्शाती है।
जब हालात बेकाबू हो गए और प्रशासन पर सवाल उठने लगे, तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने इस मामले में हस्तक्षेप किया। रात में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के आवास का घेराव किया, विरोध प्रदर्शन किया और दोषी अधिकारियों का पुतला दहन किया।
यह घटना तब और भी ज्यादा चौंकाने वाली हो जाती है जब हम एबीवीपी की पृष्ठभूमि पर गौर करते हैं। एबीवीपी, जिसकी स्थापना 1949 में हुई थी और जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा पर आधारित है, आज दुनिया का सबसे बड़ा छात्र संगठन है। इस संगठन ने हमेशा छात्रों के अधिकारों, राष्ट्रवाद और शिक्षा के मुद्दों पर मुखर होकर आवाज उठाई है। भाजपा सरकार को सत्ता में लाने में भी इस संगठन की अहम भूमिका रही है। ऐसे में, उसी सरकार में पुलिस की लाठियों से एबीवीपी कार्यकर्ताओं का पिटना एक राजनीतिक विडंबना और प्रशासनिक चूक दोनों को उजागर करता है।
सीएम योगी ने लिया संज्ञान, प्रशासनिक गाज गिरी
जब यह मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में आया, तो उन्होंने इस पर तत्काल और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम के दखल के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया और दोषी अधिकारियों पर गाज गिरना शुरू हो गई।
प्रशासनिक स्तर पर हुई प्रमुख कार्रवाइयां इस प्रकार हैं:
सीओ सिटी हर्षित चौहान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
नगर कोतवाली प्रभारी और गदिया चौकी के तमाम पुलिसकर्मियों को उनकी लापरवाही और क्रूरता के कारण लाइन हाजिर कर दिया गया है।
इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए आईजी अयोध्या प्रवीण कुमार को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कमिश्नर गौरव दयाल को यूनिवर्सिटी की मान्यता और वैधता की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया गया है, ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि 2021 में मान्यता खत्म होने के बाद भी एडमिशन क्यों दिए गए।
यह कार्रवाई दर्शाती है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है, लेकिन सवाल अभी भी बना हुआ है कि क्या सिर्फ अधिकारियों के निलंबन से इस तरह के मामलों में लगाम लग पाएगी?
निष्कर्ष
रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी की घटना ने एक बार फिर शिक्षा के क्षेत्र में चल रही अनियमितताओं और छात्रों के शोषण की कड़वी सच्चाई को सामने ला दिया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस शिक्षा व्यवस्था को युवाओं के भविष्य का निर्माण करना चाहिए, वही उनके लिए एक जाल बन गई। इस घटना ने प्रशासन की जवाबदेही पर भी सवालिया निशान लगाए हैं, और राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है।
फिलहाल, जांच चल रही है और उम्मीद है कि दोषी अधिकारियों के साथ-साथ यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। यह जरूरी है कि शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता लाई जाए और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या संगठन को बख्शा न जाए। यह मामला भविष्य में सभी शिक्षण संस्थानों और प्रशासन के लिए एक सबक साबित होना चाहिए।
बाराबंकी-बाराबंकी के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में एक बार फिर से गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। सोमवार को स्कूल में दो छात्र-छात्राएं अचानक बेहोश हो गए, जिससे स्कूल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब पांच दिन पहले ही इसी स्कूल की एक छात्रा की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई थी।स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने घटना पर चिंता जताई है और स्कूल प्रशासन से जवाब मांगा है। बेहोश हुए दोनों बच्चों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर बताई है।
जांच की मांग तेज “बाराबंकी: स्कूल में फिर मचा हड़कंप,दो छात्र-छात्राएं अचानक बेहोश
लगातार हो रही इन घटनाओं को लेकर अभिभावकों में गंभीर असंतोष है। लोगों का कहना है कि एक के बाद एक बच्चों के बेहोश होने की घटनाएं इस ओर इशारा करती हैं कि स्कूल में या तो कोई गैस लीक जैसी घटना हो रही है या मानसिक दवाब का कोई पहलू है जिसे नजरअंदाज किया जा रहा है। “बाराबंकी: स्कूल में फिर मचा हड़कंप,दो छात्र-छात्राएं अचानक बेहोश
प्रशासन द्वारा स्कूल की पूरी जांच कराए जाने की मांग भी जोर पकड़ रही है। जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ और शिक्षा विभाग की संयुक्त जांच टीम को मौके पर भेजा है। “बाराबंकी: स्कूल में फिर मचा हड़कंप,दो छात्र-छात्राएं अचानक बेहोश
उत्तर भारत के प्रसिद्ध शिवधाम लोधेश्वर महादेवा मंदिर में आज श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अनुपम दृश्य देखने को मिला। सावन मास के प्रदोष के अवसर पर हजारों शिवभक्तों की भीड़ भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए उमड़ पड़ी।श्रद्धालु “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयघोष करते हुए मंदिर प्रांगण में पहुंचे और भोलेनाथ पर जल, बेलपत्र, चंदन, फूल व अक्षत अर्पित किए।
हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा का अद्भुत दृश्य लोधेश्वर धाम में शिवभक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा
प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने हेलीकॉप्टर से कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर उनकी श्रद्धा और सेवा भाव को सम्मान दिया। इस दौरान पूरा लोधेश्वर धाम शिव नाम के जयकारों से गूंज उठा।
प्रशासन की व्यवस्थाएं सराहनीय
मंदिर परिसर और चारों ओर बैरिकेटिंग लगाई गई
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम – मंदिर व आसपास के क्षेत्र में पुलिस तैनात
भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष दल तैनात
सुबह जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, हजारों शिवभक्तों ने भगवान को जलाभिषेक किया और बेलपत्र व फूल चढ़ाए।