Mahakal Mandir Ujjain: उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के दौरान सोमवार को आस्था और श्रद्धा का एक अनूठा दृश्य देखने को मिला। गुजरात के जामनगर निवासी भक्त प्रदीप गुप्ता ने भगवान महाकाल को 2 किलो 350 ग्राम वजनी चांदी का मुकुट अर्पित किया। इस विशेष मुकुट को भस्म आरती के समय विधि-विधान के साथ बाबा महाकाल को धारण कराया गया, जिससे गर्भगृह की दिव्यता और भव्यता और अधिक बढ़ गई।

यह चांदी का मुकुट विशेष रूप से भगवान शिव के चंद्रशेखर स्वरूप को दर्शाता है। मुकुट पर उकेरा गया चंद्रमा शिव के मस्तक पर विराजमान चंद्रमा का प्रतीक है, जो शांति, शक्ति और सौम्यता का संदेश देता है। जैसे ही बाबा महाकाल को यह मुकुट पहनाया गया, गर्भगृह “हर हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा।
भक्त प्रदीप गुप्ता ने बताया कि उन्होंने अपनी पिछली महाकाल यात्रा के दौरान बाबा से एक विशेष मनोकामना मांगी थी। महाकाल की कृपा से मात्र तीन महीनों के भीतर उनका विंड पावर प्रोजेक्ट तय समय से पहले पूरा हो गया। इस चमत्कारी अनुभव के बाद उन्होंने अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए बाबा को यह मुकुट अर्पित करने का संकल्प लिया।
प्रदीप गुप्ता ने कहा, “महाकाल की कृपा असीम है। जो भी सच्चे मन से बाबा से प्रार्थना करता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है। यह मुकुट मेरी श्रद्धा और धन्यवाद का प्रतीक है।”
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भस्म आरती में सम्मिलित होने वाले भक्तों को भगवान महाकाल का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है और उनकी इच्छाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोर की इस दिव्य आरती में शामिल होने उज्जैन पहुंचते हैं।मंदिर प्रशासन और पुजारियों ने भी इस दान को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि ऐसे भेंट अर्पण भक्त और भगवान के बीच अटूट आस्था के संबंध को दर्शाते हैं। यह मुकुट अब महाकाल मंदिर की अमूल्य धरोहरों में शामिल हो गया है।
