छपरा। बिहार के छपरा में आयोजित एक जनसभा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजद (RJD) पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने लालू यादव परिवार पर आरोप लगाया कि वे अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं और बिहार को फिर से जंगलराज की ओर धकेलने की कोशिश कर रहे हैं।
अमित शाह ने कहा, “अगर लालू परिवार शहाबुद्दीन के बेटे को टिकट दे तो क्या बिहार सुरक्षित रह सकता है? क्या ऐसे लोग सुशासन दे सकते हैं?” उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार में कानून-व्यवस्था और विकास का माहौल बना है, लेकिन महागठबंधन की नीतियाँ इसे फिर से अंधकार युग में ले जा सकती हैं।
शाह ने मंच से जनता से अपील करते हुए कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता को “परिवारवाद और भ्रष्टाचार” के खिलाफ वोट देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजद के शासन में अपराध, अपहरण और माफिया राज चरम पर था, और अब लालू यादव के परिवार के लोग उसी राह पर फिर से लौटना चाहते हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का लक्ष्य “समृद्ध बिहार” बनाना है, जबकि राजद का एजेंडा “परिवार का बिहार” है। सभा में अमित शाह के इस बयान पर लोगों में जोरदार प्रतिक्रिया देखने को मिली।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अमित शाह का यह बयान चुनावी रणनीति के तहत दिया गया है ताकि भाजपा अपने पारंपरिक वोट बैंक को और मजबूत कर सके तथा राजद के अपराध-जुड़े चेहरे को जनता के बीच फिर से उजागर किया जा सके।
CM Nitish Cabinet Meeting: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने राज्य की मूल निवासी महिलाओं को सरकारी नौकरी में 35 प्रतिशत आरक्षण देने का बड़ा निर्णय लिया है। यह फैसला सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया, जिसमें कुल 43 एजेंडों पर मुहर लगाई गई। इस फैसले को महिलाओं के सशक्तिकरण और रोजगार में उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। CM Nitish Cabinet Meeting
इससे पहले भी बिहार में महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण दिया जा रहा था, लेकिन वह सभी महिलाओं के लिए था—चाहे वे राज्य की निवासी हों या बाहर की। अब केवल बिहार की मूल निवासी महिलाओं को इस आरक्षण का लाभ मिलेगा।
💬 राजनीतिक पृष्ठभूमि और तेजस्वी की मांग– CM Nitish Cabinet Meeting
विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव लगातार बिहार की महिलाओं के लिए विशेष आरक्षण की मांग करते रहे हैं। इस मांग को नीतीश सरकार ने अब पूरा करते हुए स्पष्ट कर दिया कि यह आरक्षण केवल स्थानीय महिलाओं के लिए होगा। यह निर्णय प्रदेश की बेटियों को नौकरी में प्राथमिकता देगा और बाहरी प्रतिस्पर्धा से राहत मिलेगी। CM Nitish Cabinet Meeting
📜 अन्य महत्वपूर्ण फैसले जो कैबिनेट में हुए पास– CM Nitish Cabinet Meeting
1. डीजल अनुदान योजना पर 100 करोड़ की मंजूरी: कृषि को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 2025-26 के लिए डीजल अनुदान योजना को 100 करोड़ रुपये की आर्थिक स्वीकृति दी गई है। इससे सूखा प्रभावित किसानों को राहत मिलेगी।
2. गेहूं बीज योजना में वृद्धि: प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत 65 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है ताकि गेहूं बीज विस्थापन दर में सुधार किया जा सके।
3. दिव्यांग छात्रों को मुख्य परीक्षा के लिए प्रोत्साहन: मुख्यमंत्री दिव्यांग सशक्तिकरण योजना के तहत बीपीएससी और यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में सफल दिव्यांग अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की तैयारी के लिए 50,000 से 1 लाख रुपए तक की राशि मिलेगी।
4. युवा आयोग की स्थापना: राज्य में युवा आयोग का गठन किया जाएगा जिसमें एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष और सात सदस्य होंगे। यह आयोग 45 वर्ष से कम आयु के युवाओं को शामिल करेगा।
5. सैनिक स्कूलों के लिए सहायता: नालंदा और गोपालगंज के सैनिक स्कूलों में पोषाहार की व्यवस्था और नए सैनिक स्कूलों की स्थापना के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी।
👩💼 महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
यह फैसला बिहार में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। नीतीश कुमार की सरकार ने पहले भी महिलाओं को पंचायती राज में 50% आरक्षण दिया था और अब सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण की पुष्टि से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार बेटियों को बराबरी का मंच देना चाहती है।