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  • ElectionCommission : 23 साल बाद ECI की बड़ी कार्रवाई, सीमा से लगे जिलों में 66% तक बढ़े मतदाता,बंगाल चुनाव में ‘घुसपैठ’ बना मुख्य मुद्दा

    ElectionCommission : 23 साल बाद ECI की बड़ी कार्रवाई, सीमा से लगे जिलों में 66% तक बढ़े मतदाता,बंगाल चुनाव में ‘घुसपैठ’ बना मुख्य मुद्दा

    ElectionCommission -चुनाव आयोग ने 23 साल बाद पहली बार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision–SIR) की शुरुआत की है। इस प्रक्रिया की शुरुआत बिहार से हुई थी और अब यह पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में जारी है। SIR का उद्देश्य—फर्जी नाम हटाना, वास्तविक पात्र मतदाताओं को जोड़ना और वोटर लिस्ट को सटीक बनाना है। लेकिन पश्चिम बंगाल में सामने आए ताज़ा आंकड़ों ने राजनीतिक बहस को गरमा दिया है।

    2002 से 2025 के बीच 66% बढ़े मतदाता,9 में से 10 जिले बांग्लादेश सीमा से सटे

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में पिछले 23 वर्षों में मतदाताओं की संख्या में 66% की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।

    • 2002 में मतदाता: 4.58 करोड़
    • 2025 में मतदाता: 7.63 करोड़

    सबसे बड़ा सवाल यह है कि मतदाता संख्या बढ़ने वाले शीर्ष 10 जिलों में से 9 जिले बांग्लादेश से सटे हुए हैं, जिससे राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है।

    मतदाता वृद्धि वाले शीर्ष जिले (ECI डेटा)

    सीमा से लगे 9 जिले

    • उत्तर दिनाजपुर — 105.49%
    • मालदा — 94.58%
    • मुर्शिदाबाद — 87.65%
    • दक्षिण 24 परगना — 83.30%
    • जलपाईगुड़ी — 82.30%
    • कूच बिहार — 76.52%
    • उत्तर 24 परगना — 72.18%
    • नदिया — 71.46%
    • दक्षिण दिनाजपुर — 70.94%

    एकमात्र गैर-सीमावर्ती जिला

    • बीरभूम — 73.44% इन आंकड़ों के सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह वृद्धि जनसंख्या के वास्तविक पैटर्न के अनुरूप है या फिर बाहरी घुसपैठ का असर।

    राजनीतिक टकराव—TMC का विरोध, BJP का हमला तेज

    SIR अभियान शुरू होने के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस इसे केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की “टार्गेटेड कार्रवाई” बता रही है। TMC का आरोप है कि यह प्रक्रिया राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है।उधर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दावा है कि बंगाल की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर घुसपैठियों के नाम शामिल हैं, और SIR से यह खुलकर सामने आएगा।प्रदेश में तेजी से उभरता यह विवाद साफ संकेत देता है कि आगामी चुनाव में ‘घुसपैठ’ और ‘वोटर लिस्ट विसंगति’ प्रमुख मुद्दे बनने वाले हैं।

  • “10वीं बार CM बने नीतीश कुमार! PM मोदी को ऐसे किया विदा गमछे से लेकर इशारों तक… बिहार में कई संदेश छोड़ गए प्रधानमंत्री!”

    “10वीं बार CM बने नीतीश कुमार! PM मोदी को ऐसे किया विदा गमछे से लेकर इशारों तक… बिहार में कई संदेश छोड़ गए प्रधानमंत्री!”

    बिहार के गांधी मैदान में एक ऐतिहासिक राजनीतिक पल देखने को मिला, जब नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की मुलाकात चर्चा का विषय बन गई।

    नीतीश कुमार ने पीएम मोदी को पारंपरिक बिहारी गमछा भेंट कर सम्मानित किया, जबकि प्रधानमंत्री ने भी गर्मजोशी से उनका अभिवादन स्वीकार किया।

    दोनों नेताओं के बीच यह संवाद राजनीतिक संकेतों से भरा माना जा रहा है।

    समारोह के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार की जनता और राज्य नेतृत्व को शुभकामनाएं देते हुए कई संदेश भी दिए, जिसे राजनीतिक विश्लेषक 2025 की बदलती राजनीति के संदर्भ में देख रहे हैं।

  • Rohini Acharya onTejashwi Yadav: बिहार चुनाव हार के बाद लालू परिवार में बड़ी कलह, रोहिणी ने राजनीति छोड़ी, तेजस्वी पर गंभीर आरोप

    Rohini Acharya onTejashwi Yadav: बिहार चुनाव हार के बाद लालू परिवार में बड़ी कलह, रोहिणी ने राजनीति छोड़ी, तेजस्वी पर गंभीर आरोप

    Rohini Acharya onTejashwi Yadav: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव का परिवार एक बार फिर भारी उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। शनिवार को लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने राजनीति से संन्यास लेने और परिवार से पूरी तरह नाता तोड़ने का ऐलान कर दिया। यह वही रोहिणी हैं, जिन्होंने अपने पिता को किडनी दान करके देशभर में चर्चा बटोरी थी। उनका यह फैसला न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि लालू परिवार में लंबे समय से चल रही अंदरूनी कलह का नया अध्याय भी है।

    लालू परिवार में सत्ता और विरासत को लेकर विवाद कोई नई बात नहीं है। 2017 में लालू यादव की गिरफ्तारी के बाद जब पार्टी की कमान तेजस्वी यादव को सौंपी गई, तभी से बड़े बेटे तेज प्रताप यादव असहज महसूस करने लगे थे। यहीं से दोनों भाइयों के बीच राजनीतिक वर्चस्व की खींचतान शुरू हुई। तेज प्रताप खुद को कई बार “लालू प्रसाद का असली वारिस” भी बता चुके हैं।

    2018–19 में तेज प्रताप का निजी और राजनीतिक विद्रोह और उफान पर पहुंच गया था। शादी के कुछ ही महीनों बाद तलाक की अर्जी, परिवार पर अनसुनी करने के आरोप और फिर “लालू-राबड़ी मोर्चा” बनाकर पार्टी के खिलाफ बगावत—इन घटनाओं ने कलह को सार्वजनिक कर दिया। इस दौरान तेज प्रताप ने तेजस्वी के करीबी संजय यादव पर भी गंभीर आरोप लगाए।

    2021 में तेज प्रताप ने अपनी ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष से खुलेआम टकराव किया। 2022–25 के बीच भी उन्होंने बार-बार दावा किया कि उन्हें हाशिये पर धकेला जा रहा है। मई 2025 में विवादित पोस्ट के बाद लालू यादव ने उन्हें छह साल के लिए RJD से निष्कासित कर दिया।

    अब 2025 में रोहिणी आचार्य का विद्रोह नए संकट का संकेत है। तेजस्वी के सहयोगी संजय यादव और रमीज नेमत पर आरोप लगाते हुए रोहिणी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि परिवार ने उन्हें अलग-थलग कर दिया है, इसलिए वह राजनीति और परिवार दोनों से दूरी बना रही हैं।बिहार चुनाव हार के बाद सामने आया यह विवाद RJD और लालू परिवार के भीतर गहरी उठा-पटक की ओर इशारा करता है।

  • गांधी जी के तीन बंदर , पप्पू, टप्पू और अप्पू” : दरभंगा में बोले CM योगी आदित्यनाथ

    गांधी जी के तीन बंदर , पप्पू, टप्पू और अप्पू” : दरभंगा में बोले CM योगी आदित्यनाथ

    दरभंगा बिहार के दरभंगा में जनसभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और आरजेडी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “जो मां जानकी का विरोधी है, वह हमारा भी विरोधी है।” सीएम योगी ने कहा कि राम मंदिर बन गया है, अब सीतामढ़ी में मां जानकी का मंदिर भी तैयार हो रहा है, और दोनों को जोड़ने के लिए राम-जानकी मार्ग का काम युद्ध स्तर पर जारी है।

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन की सरकार हर वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचा रही है। उन्होंने एनडीए सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मखाना बोर्ड के गठन, लाख की चूड़ियों को पहचान दिलाने और सड़क से लेकर वायु व जलमार्ग तक हुए कार्यों का जिक्र किया।

    विपक्षी गठबंधन पर हमला बोलते हुए योगी ने कहा, “आरजेडी और कांग्रेस वाले हिंदू द्रोही और राम द्रोही हैं।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा“आपने गांधी जी के तीन बंदरों के बारे में सुना होगा, आज इंडी गठबंधन के तीन बंदर आ गए हैं — पप्पू, टप्पू और अप्पू। पप्पू सच बोल नहीं सकता, टप्पू सच देख नहीं सकता और अप्पू सच सुन नहीं सकता।”सीएम योगी ने कहा कि आरजेडी के शासन में बिहार में 70 से अधिक नरसंहार हुए थे, जबकि अब बिहार शांति और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने लोगों से एनडीए उम्मीदवारों को जिताने की अपील करते हुए कहा कि “घुसपैठियों को संरक्षण देने वालों को अब जगह नहीं मिलेगी। अगर एक रहेंगे, तो सेफ रहेंगे।”

    यह वीडियो भी देखे.

  • चिराग को रोककर मोदी ने नीतीश को बुलाया,बिहार के समस्तीपुर में हुई रैली के दौरान की वीडियो हुई वायरल

    चिराग को रोककर मोदी ने नीतीश को बुलाया,बिहार के समस्तीपुर में हुई रैली के दौरान की वीडियो हुई वायरल

    समस्तीपुर — समस्तीपुर में हाल ही में हुई रैली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने रैली के दौरान चिराग पासवान (Chirag Paswan) को रोककर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को बोलने का मौका दिया।

    सोशल मीडिया पर इस वीडियो ने चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम सभी नेताओं के बीच सम्मान और राजनीतिक प्राथमिकताओं का संकेत है। रैली के दौरान प्रधानमंत्री ने मंच पर मौजूद नेताओं को समान रूप से सम्मान देने के लिए ऐसा किया।

    वीडियो में साफ दिख रहा है कि चिराग पासवान जब बोलने की कोशिश कर रहे थे, पीएम मोदी ने हल्का हस्तक्षेप किया और नीतीश कुमार को मंच पर बोलने का मौका दिया। इस घटना ने विपक्ष और समर्थकों के बीच राजनीतिक बहस और ट्रोलिंग को भी जन्म दिया।

    राजनीतिक विश्लेषक बताते हैं कि इस प्रकार के घटनाक्रमों से यह पता चलता है कि रैली का संचालन और वक्ता चयन कितनी सावधानी से किया जाता है। इसके अलावा, पीएम मोदी की यह कार्रवाई समर्थकों और पार्टी नेताओं के बीच सम्मान और अनुशासन को दर्शाती है।

    वीडियो ने सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर और कमेंट का दौर शुरू कर दिया है, और लोग इसे लेकर अपनी-अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं।

  • बिहार विधानसभा चुनाव 2025: लालू यादव ने NDA पर साधा निशाना, कहा – ‘6 और 11 NDA नौ दो ग्यारह’

    बिहार विधानसभा चुनाव 2025: लालू यादव ने NDA पर साधा निशाना, कहा – ‘6 और 11 NDA नौ दो ग्यारह’

    पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों का ऐलान होते ही सियासी माहौल गरम हो गया है। राजद सुप्रीमो लालू यादव ने चुनाव आयोग की घोषणा के बाद एनडीए पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा,
    “छह और ग्यारह NDA नौ दो ग्यारह,” जिसका अर्थ है कि 6 और 11 नवंबर को होने वाले मतदान के बाद एनडीए की विदाई तय है।

    का यह बयान बिहार की राजनीति में हलचल पैदा कर रहा है। उनका कहना है कि एनडीए की सरकार सत्ता में वापसी नहीं करेगी, और इस बार विदाई तय है। वे लगातार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए पर हमलावर रहते हैं। उनका कहना है, “मुख्यमंत्री बदलेंगे, सरकार बदलेंगे।”बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में होगा। पहले चरण में 6 नवंबर को 121 सीटों पर वोटिंग होगी, जबकि दूसरे चरण में 11 नवंबर को 122 सीटों पर मतदान होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी और 16 नवंबर तक चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।

    लालू यादव ने पहले भी कहा था कि बिहार की जनता दुखी है क्योंकि 20 साल वाली सरकार झूठी है, और एनडीए का मतलब भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार है।इस बार का चुनाव कई मायनों में रोमांचक होने वाला है। एनडीए और महागठबंधन के अलावा जन सुराज पार्टी और तेजप्रताप यादव का अलग एंगल भी देखने को मिलेगा।

    TVS
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    बिहार की सियासत में यह चुनाव कई नए रंग और रणनीतियों को सामने ला सकता है। लालू यादव का हमला साफ दर्शाता है कि राजद एनडीए को कड़ी टक्कर देने के मूड में है, और इस बार मुकाबला दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण होने की उम्मीद है।

  • बिहार विधानसभा चुनाव- अकेले दम पर उतरेगी बसपा, आकाश आनंद संभालेंगे कमान

    बिहार विधानसभा चुनाव- अकेले दम पर उतरेगी बसपा, आकाश आनंद संभालेंगे कमान

    लखनऊ-बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान किया है। पार्टी प्रमुख मायावती ने घोषणा की है कि बसपा इस बार किसी भी गठबंधन में शामिल नहीं होगी, बल्कि अकेले दम पर सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी।मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर यह जानकारी साझा की और बताया कि बीते दो दिनों तक चली समीक्षा बैठकों में उम्मीदवार चयन से लेकर जनसभाओं की रूपरेखा पर मंथन किया गया है।

    आकाश आनंद को मिली कमान

    बसपा प्रमुख मायावती ने बिहार चुनाव की कमान अपने भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को सौंपी है। उनके साथ राज्यसभा सांसद राम जी गौतम भी चुनाव प्रबंधन देखेंगे। साथ ही बिहार इकाई को भी अहम जिम्मेदारी दी गई है।मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों को तन, मन और धन से चुनावी मैदान में जुटने के निर्देश दिए।वोट बैंक बढ़ाने के लिए खास रणनीति तैयार की गई है।बिहार को तीन ज़ोन में बांटकर वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी दी जाएगी। बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।राजनीतिक विश्लेषक के अनुसार, यूपी बॉर्डर से सटे जिलों में बसपा को संभावना दिखाई दे रही है। यदि पार्टी यहां वोट बैंक मजबूत कर पाती है तो बसपा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा।
    आकाश आनंद की युवा छवि से युवाओं में जोश भी देखने को मिल रहा है।

    अगले महीने से जनसभाओं की शुरुआत

    मायावती ने ऐलान किया कि अगले महीने से बसपा की चुनावी सभाएं और यात्राएं शुरू होंगी। इन कार्यक्रमों का संचालन आकाश आनंद और बिहार इकाई के जिम्मे होगा।मायावती का दावा है कि बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच बसपा पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेगी और बेहतर नतीजे हासिल करेगी।

  • पटना में भिड़े कांग्रेस-बीजेपी कार्यकर्ता, पीएम को गाली देने का मुद्दा गरमाया

    पटना में भिड़े कांग्रेस-बीजेपी कार्यकर्ता, पीएम को गाली देने का मुद्दा गरमाया

    पटना में कांग्रेस मुख्यालय पर बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ता भिड़ गए और एक-दूसरे पर लाठिया चलाई। बीजेपी का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पथराव किया है। दरअसल बीजेपी कार्यकर्ता पीएम मोदी पर अभद्र टिप्पणी के खिलाफ कांग्रेस मुख्यालय पर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता भिड़ गए। 

    प्रदर्शन के दौरान भारी हंगामा

     बिहार सरकार के मंत्री नितिन नबीन ने कहा कि मैं कांग्रेस के नेताओं को चेतावनी देता हूं। आपने मां का अपमान किया है, एक-एक बिहार बेटा आपको इसका जवाब देगा। आपने प्रधानमंत्री का अपमान किया है, एक-एक भाजपा कार्यकर्ता इसका बदला लेगा.. हम प्रदर्शन करने आए थे। शांतिपूर्ण प्रदर्शन था लेकिन कांग्रेस कार्यालय के अंदर से ईंट और पत्थर चालए जा रहे हैं। भाजपा के कार्यकर्ता बंदूक और ईंट से नहीं डरते… हम मां के अपमान का बदला लेकर रहेंगे। 

    वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ता डॉ. आशुतोष ने कहा कि इसका करारा जवाब दिया जाएगा… यह सब सरकार की संलिप्तता से हो रहा है। नीतीश कुमार जो काम करवा रहे हैं वह पूरी तरह गलत है। 

    यहां देखें वीडियो