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  • UP Railway News : राजधानी और तेजस ट्रेन में बम की अफवाह, यूपी में स्टेशन अलर्ट, जांच तेज

    UP Railway News : राजधानी और तेजस ट्रेन में बम की अफवाह, यूपी में स्टेशन अलर्ट, जांच तेज

    UP Railway News : उत्तर प्रदेश से होकर गुजरने वाली कई प्रमुख ट्रेनों में बम होने की अफवाह के बाद रेलवे सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हो गईं। राजधानी एक्सप्रेस, तेजस ट्रेन और कालिंदी एक्सप्रेस में संदिग्ध वस्तु होने की सूचना मिलने से रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। सुरक्षा कारणों से ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोका गया और गहन जांच अभियान चलाया गया।

    जानकारी के अनुसार, राजेंद्र नगर–नई दिल्ली तेजस राजधानी एक्सप्रेस, पटना राजधानी एक्सप्रेस और कालिंदी एक्सप्रेस में बम होने की अफवाह सामने आई थी। सूचना मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ, स्थानीय पुलिस और बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया। यूपी के कई रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई और यात्रियों की आवाजाही नियंत्रित की गई।

    सुरक्षा एजेंसियों ने ट्रेन के प्रत्येक कोच की बारीकी से तलाशी ली। यात्रियों के सामान की भी जांच की गई और संदिग्ध वस्तुओं को विशेष रूप से चेक किया गया। जांच के दौरान यात्रियों को कुछ समय के लिए ट्रेनों से उतारकर सुरक्षित स्थान पर रोका गया, जिससे किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

    करीब कई घंटों तक चली जांच के बाद सुरक्षा एजेंसियों को किसी भी ट्रेन में कोई विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली। इसके बाद अधिकारियों ने इसे महज अफवाह करार दिया और यात्रियों को राहत की सांस मिली। जांच पूरी होने के बाद ट्रेनों को अपने गंतव्य की ओर रवाना किया गया।

    रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बम की अफवाह को हल्के में नहीं लिया जा सकता। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए हर सूचना की गंभीरता से जांच की जाती है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह फैलाने से बचें, क्योंकि इससे न केवल सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होती है बल्कि आम यात्रियों को भी परेशानी होती है।

    फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह अफवाह कहां से और किसने फैलाई। रेलवे और पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि झूठी सूचना फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • बांदा में पंडित धीरेंद्र शास्त्री के बड़े बयान, हिंदुत्व, शिक्षा और जनसंख्या पर खुलकर बोले

    बांदा में पंडित धीरेंद्र शास्त्री के बड़े बयान, हिंदुत्व, शिक्षा और जनसंख्या पर खुलकर बोले

    रिपोर्ट-मोहित पाल हनुमत कथा करने बांदा पहुंचे बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धार्मिक, सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर कई बड़े और चर्चित बयान दिए। उनके बयानों को लेकर कथा स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं के साथ-साथ सियासी और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।

    हरिद्वार की हर की पौड़ी में मुसलमानों की एंट्री बैन की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उनके अनुसार किसी भी धार्मिक स्थल की अपनी मर्यादा होती है। उन्होंने कहा कि जब हिंदू काबा नहीं जाते, तो फिर उन लोगों को हिंदू धार्मिक स्थलों पर जाने की आवश्यकता क्यों है, जिन्हें हिंदुत्व से परहेज है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई मुसलमान श्रद्धा के साथ उनकी कथा में आता है तो उसका स्वागत है, लेकिन यदि आपत्ति है तो घर पर रहकर टीवी के माध्यम से प्रवचन सुनना भी एक विकल्प है।

    अपने चर्चित “वेद नहीं पढ़ोगे तो नावेद और जावेद बनोगे” वाले बयान पर सफाई देते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि यह बयान विशेष रूप से सनातन समाज के लिए था। उनका कहना था कि उनका उद्देश्य हिंदू समाज के लोगों को वेद पढ़ने और पढ़ाने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को इस बयान से आपत्ति है, तो इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।

    गुरुकुलम शिक्षा पद्धति को लेकर उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने सबसे पहले भारत की शिक्षा व्यवस्था पर हमला किया। उनका कहना था कि पहले बच्चों को ‘ग से गणेश’ पढ़ाया जाता था, जिसे सांप्रदायिक कहा गया और अब ‘ग से गधा’ पढ़ाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुकुलम पद्धति का विरोध करने वालों ने ही देश को नुकसान पहुंचाया है।

    जनसंख्या के मुद्दे पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदू समाज से अपनी जनसंख्या बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि जल, जंगल, जमीन और परिवार को सुरक्षित रखना है तो हिंदुओं को अपनी संख्या बढ़ानी होगी।इस दौरान उन्होंने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि बुंदेलखंड के बागेश्वर धाम में 2027 तक कैंसर अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इसके उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर बागेश्वर धाम आएंगे।

  • कानपुर में चांदी चोरी का आरोपी थाने से फरार, महिला सिपाही निलंबित

    कानपुर में चांदी चोरी का आरोपी थाने से फरार, महिला सिपाही निलंबित

    कानपुर उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ज्वेलर्स की दुकान से तीन किलोग्राम चांदी चोरी के आरोप में पकड़ा गया आरोपी थाने से फरार हो गया। यह घटना गुजैनी थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, जिसके बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।

    जानकारी के अनुसार, ज्वेलर्स शॉप से चांदी चोरी के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर गुजैनी थाने की हवालात में बंद किया था। पूछताछ के दौरान आरोपी को शौचालय ले जाने के लिए होमगार्ड को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसी दौरान आरोपी ने होमगार्ड को धक्का दिया और मौके से फरार हो गया।

    आरोपी के भागते ही थाने में अफरा-तफरी मच गई। पुलिसकर्मियों ने उसका पीछा किया, लेकिन आरोपी कच्ची बस्ती की गलियों का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा। घटना के बाद पुलिस की कई टीमों को आरोपी की तलाश में लगाया गया है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

    इस मामले में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। थाना प्रभारी की तहरीर पर ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में जीडी मुंशी के पद पर तैनात महिला सिपाही, संबंधित होमगार्ड और फरार आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।

    मामले को गंभीरता से लेते हुए डीसीपी ने तत्काल प्रभाव से महिला सिपाही को निलंबित कर दिया है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की विभागीय जांच कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कानपुर चांदी चोरी आरोपी फरार होने के मामले को प्राथमिकता पर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।फिलहाल यह घटना पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।

  • अलीगढ़ में नाबालिग लड़की लापता, दवा लेने गई थी, पुलिस जांच में जुटी

    अलीगढ़ में नाबालिग लड़की लापता, दवा लेने गई थी, पुलिस जांच में जुटी

    अलीगढ़ जिले के पाली मुकीमपुर थाना क्षेत्र से नाबालिग लड़की के लापता होने का मामला सामने आया है, जिससे इलाके में चिंता का माहौल है। जानकारी के अनुसार, गांव गहतोली निर्मल निवासी एक नाबालिग लड़की दवा लेने के लिए घर से निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    लापता लड़की की पहचान अर्चना के रूप में हुई है। वह काफी समय से अपनी नानी भगवान देवी के घर गहतोली निर्मल गांव में रह रही थी। बताया गया कि 5 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 3 बजे अर्चना गांव के अड्डे पर दवा लेने गई थी। इसके बाद जब वह शाम तक घर नहीं पहुंची, तो नानी भगवान देवी ने उसकी तलाश शुरू की।

    देर शाम तक कोई जानकारी न मिलने पर नानी ने अर्चना के पिता रोशन सिंह को फोन कर इसकी सूचना दी। पिता रोशन सिंह, जो कि ग्राम रहीमकोट, थाना डिबाई, जिला बुलंदशहर के निवासी हैं, तुरंत रिश्तेदारों और परिचितों के माध्यम से बच्ची की खोजबीन में जुट गए।

    परिजनों ने आसपास के गांवों और संभावित स्थानों पर काफी तलाश की, लेकिन नाबालिग लड़की का कोई सुराग नहीं मिल सका। इसके बाद पिता ने पाली मुकीमपुर थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।

    पुलिस ने शिकायत के आधार पर अलीगढ़ नाबालिग लड़की लापता होने का मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह पवार ने बताया कि लड़की की तलाश के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस द्वारा मिले मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है और आसपास के इलाकों में पूछताछ भी की जा रही है।

    थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि पुलिस हर संभावित एंगल से मामले की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि यदि किसी को भी लापता लड़की के संबंध में कोई जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।फिलहाल पुलिस की टीम लगातार दबिश दे रही है और परिजनों को भरोसा दिलाया गया है कि जल्द ही बच्ची को सकुशल बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है।

  • अमेठी में पुलिस की बड़ी सफलता: 13 लाख के 86 खोए मोबाइल बरामद, चेहरे पर लौटी मुस्कान

    अमेठी में पुलिस की बड़ी सफलता: 13 लाख के 86 खोए मोबाइल बरामद, चेहरे पर लौटी मुस्कान

    संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी।अमेठी जिले से राहत भरी खबर सामने आई है, जहां जिले की स्वाट टीम और साइबर टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने कुल 86 लोगों के खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर

    उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा है। बरामद किए गए मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत करीब 13 लाख रुपये बताई जा रही है।

    देश के अलग-अलग राज्यों से बरामद हुए मोबाइल

    पुलिस के मुताबिक, ये मोबाइल फोन देश के विभिन्न प्रदेशों से चोरी या खोए हुए थे, जिन्हें तकनीकी जांच और साइबर सर्विलांस के माध्यम से ट्रेस किया गया। स्वाट टीम और साइबर टीम ने लगातार मेहनत करते हुए मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रैक की और उन्हें सफलतापूर्वक बरामद किया।

    मोबाइल मिलते ही खिले लोगों के चेहरे

    अपने खोए हुए मोबाइल फोन वापस मिलने पर फोन मालिकों के चेहरे पर खुशी साफ देखी गई। कई लोगों ने बताया कि मोबाइल फोन उनके लिए केवल एक डिवाइस नहीं, बल्कि जरूरी दस्तावेज, फोटो और निजी जानकारियों का जरिया था। फोन वापस मिलने पर लोगों ने राहत की सांस ली।

    पुलिस को कहा धन्यवाद

    खोए हुए फोन मिलने के बाद फोन मालिकों ने अमेठी पुलिस का धन्यवाद किया और पुलिस की इस पहल की सराहना की। लोगों ने कहा कि साइबर टीम की वजह से उन्हें दोबारा अपना मोबाइल मिल पाया, जिसकी उन्हें उम्मीद भी नहीं थी।

    पुलिस ने दिया जागरूकता का संदेश

    पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि अगर किसी का मोबाइल फोन खो जाता है या चोरी हो जाता है, तो तुरंत नजदीकी थाने या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं। समय पर दी गई जानकारी से मोबाइल को ट्रेस करने में आसानी होती है।अमेठी पुलिस की इस कार्रवाई से न सिर्फ लोगों का भरोसा बढ़ा है, बल्कि यह भी साबित हुआ है कि तकनीक और पुलिस की सतर्कता से खोई हुई चीजें भी वापस मिल सकती हैं

  • कानपुर में ऑटो गैंग का भंडाफोड़: 48 घंटे में 6 लुटेरे गिरफ्तार, लाखों की बरामदगी

    कानपुर में ऑटो गैंग का भंडाफोड़: 48 घंटे में 6 लुटेरे गिरफ्तार, लाखों की बरामदगी

    कानपुर।कानपुर से बड़ी खबर सामने आई है, जहां सेंट्रल जोन की सर्विलांस टीम और स्वरूपनगर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऑटो गैंग द्वारा की जा रही लूट की घटनाओं का खुलासा किया है। पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर लूट में शामिल 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।पुलिस के अनुसार, यह गैंग ऑटो का इस्तेमाल कर सेल्समैन और व्यापारियों को निशाना बनाता था। बीती 25 तारीख को आरोपियों ने एक सेल्समैन के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया था, जिसमें स्कूटी समेत 3 लाख 90 हजार रुपये नकद लूट लिए गए थे।

    बरामदगी में नकदी और वाहन शामिल

    पुलिस टीम ने गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से 1 लाख 73 हजार रुपये नकद, एक स्कूटी, मोबाइल फोन, एक ऑटो और एक बुलेरो गाड़ी बरामद की है। जांच में सामने आया है कि लूट में शामिल कई अभियुक्तों के खिलाफ पहले से ही अपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

    ऑटो गैंग का तरीका

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ऑटो के जरिए संभावित शिकार की रेकी करते थे और मौका पाकर लूट की घटना को अंजाम देते थे। वारदात के बाद ये लोग तेजी से इलाके से फरार हो जाते थे, जिससे इनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता था।

    पुलिस टीम को मिलेगा इनाम

    इस सफल कार्रवाई पर डीसीपी सेंट्रल श्रवण कुमार सिंह ने पुलिस टीम की सराहना करते हुए 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।पुलिस फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस गैंग ने शहर में और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। कानपुर पुलिस की इस कार्रवाई से शहरवासियों में सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ा है।

  • लखनऊ में दर्दनाक मामला: बहनों की आत्महत्या के बाद पालतू कुत्ते टोनी की भी मौत

    लखनऊ में दर्दनाक मामला: बहनों की आत्महत्या के बाद पालतू कुत्ते टोनी की भी मौत

    लखनऊ।उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बार फिर दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। पालतू कुत्ते की बीमारी से मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या करने वाली दो सगी बहनों के मामले के बाद अब उसी पालतू कुत्ते ‘टोनी’ की भी मौत हो गई है। इस घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है।जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले लखनऊ में रहने वाली दो सगी बहनों ने अपने पालतू कुत्ते टोनी की गंभीर बीमारी से अत्यधिक मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या कर ली थी। दोनों बहनों का अपने पालतू कुत्ते से गहरा भावनात्मक लगाव था। कुत्ते की बिगड़ती हालत को देखकर वे लगातार अवसाद में थीं।

    बीमारी से जूझ रहा था पालतू कुत्ता

    बताया जा रहा है कि पालतू कुत्ता टोनी लंबे समय से बीमार चल रहा था और उसका इलाज भी कराया जा रहा था। बहनों की मौत के बाद टोनी की हालत और बिगड़ती चली गई। पशु चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद आखिरकार टोनी ने भी दम तोड़ दिया।

    इलाके में शोक की लहर

    बहनों और अब उनके पालतू कुत्ते की मौत के बाद मोहल्ले में शोक और सन्नाटे का माहौल है। स्थानीय लोग इस घटना को बेहद दर्दनाक और भावनात्मक बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह मामला मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक लगाव की गंभीरता को दर्शाता है।

    मानसिक स्वास्थ्य पर उठे सवाल

    यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि मानसिक तनाव और भावनात्मक जुड़ाव किस हद तक इंसान को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी तरह के गहरे तनाव की स्थिति में समय पर काउंसलिंग और परामर्श बेहद जरूरी है।फिलहाल पुलिस ने पहले से दर्ज मामले में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। प्रशासन की ओर से भी लोगों से अपील की गई है कि मानसिक दबाव की स्थिति में परिवार, मित्रों या विशेषज्ञों से मदद जरूर लें।

  • दिल्ली में शुरू हुई अटल कैंटीन, अब ₹5 में मिलेगा भरपेट पौष्टिक भोजन

    दिल्ली में शुरू हुई अटल कैंटीन, अब ₹5 में मिलेगा भरपेट पौष्टिक भोजन

    दिल्ली में आज से अटल कैंटीन की औपचारिक शुरुआत हो गई है, जहां आम लोगों को मात्र ₹5 में भरपेट और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इस जनकल्याणकारी पहल का शुभारंभ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर किया गया है।

    इस योजना का मुख्य उद्देश्य राजधानी दिल्ली में श्रमिकों, दिहाड़ी मजदूरों, जरूरतमंदों और कम आय वर्ग के लोगों को सस्ता और स्वास्थ्यवर्धक भोजन उपलब्ध कराना है। अटल कैंटीन में परोसा जाने वाला भोजन संतुलित आहार पर आधारित होगा, जिससे लोगों को पोषण भी मिल सके।

    सरकारी अधिकारियों के अनुसार, अटल कैंटीन योजना को चरणबद्ध तरीके से दिल्ली के विभिन्न इलाकों में शुरू किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोग इसका लाभ उठा सकें। कैंटीनों में साफ-सफाई और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

    इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी का पूरा जीवन गरीबों और आम जनता के कल्याण को समर्पित रहा है। उनकी जयंती पर इस तरह की योजना शुरू करना उनके विचारों और आदर्शों को सच्ची श्रद्धांजलि है।

    स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत किया है और कहा है कि महंगाई के दौर में ₹5 में भरपेट भोजन मिलना गरीब और मेहनतकश वर्ग के लिए बड़ी राहत साबित होगा। माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह योजना दिल्ली के सामाजिक ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।

  • यादव समाज पर विवादित बयान: कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने मांगी माफी

    यादव समाज पर विवादित बयान: कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने मांगी माफी

    कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। यादव समाज पर दिए गए उनके बयान के बाद मथुरा समेत कई इलाकों में नाराजगी देखने को मिली। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें कथावाचक यह कहते नजर आए कि यादव भगवान के वंशज नहीं हैं। इस बयान को लेकर यादव समाज के लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई और विरोध दर्ज कराया।

    विवाद बढ़ने के बाद कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि वायरल हो रहा वीडियो हालिया नहीं है, बल्कि करीब चार साल पुराना है। उनका कहना है कि वीडियो को वर्तमान समय से जोड़कर फैलाया जा रहा है, जिससे समाज में गलतफहमी और तनाव पैदा हो रहा है।

    इंद्रेश उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि उनका किसी भी समाज, वर्ग या समुदाय की भावनाओं को आहत करने का कोई उद्देश्य नहीं था। उन्होंने कहा कि अगर उनके किसी कथन से यादव समाज की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वह इसके लिए खेद प्रकट करते हैं। साथ ही उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।

    वायरल वीडियो सामने आने के बाद मथुरा में यादव समाज के लोगों में आक्रोश देखने को मिला। कई संगठनों ने बयान की निंदा करते हुए कथावाचक से माफी की मांग की थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

    धार्मिक और सामाजिक विषयों पर दिए गए बयानों को लेकर पहले भी कई बार विवाद सामने आते रहे हैं। इस मामले में भी लोगों का कहना है कि सार्वजनिक मंच से बोलते समय वक्ताओं को शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए, ताकि किसी समाज या समुदाय की भावनाएं आहत न हों।

    फिलहाल, इंद्रेश उपाध्याय की माफी के बाद मामला शांत होने की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। हालांकि, इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सोशल मीडिया पर पुराने वीडियो वायरल होने से किस तरह नए विवाद खड़े हो जाते हैं। प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

  • सीतापुर के परसेंडी ब्लॉक में मनरेगा भ्रष्टाचार, 5 मजदूर मौके पर 70 कागजों में

    सीतापुर के परसेंडी ब्लॉक में मनरेगा भ्रष्टाचार, 5 मजदूर मौके पर 70 कागजों में

    संवाददाता शिवाकांत दीक्षित उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से मनरेगा में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। विकासखंड परसेंडी की ग्राम पंचायत धरनाग में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीनी हकीकत और सरकारी रिकॉर्ड में भारी अंतर देखने को मिल रहा है।

    मौके की स्थिति यह है कि कार्यस्थल पर केवल 5 श्रमिक काम करते हुए पाए जाते हैं, जबकि ऑनलाइन और कागजी रिकॉर्ड में 65 से 70 श्रमिकों की उपस्थिति लगातार दर्ज की जा रही है। इससे साफ संकेत मिलता है कि सीतापुर मनरेगा भ्रष्टाचार के तहत फर्जी मजदूर दिखाकर सरकारी धन की बंदरबांट की जा रही है।

    आरोप है कि इस पूरे मामले में खंड विकास अधिकारी (BDO), ग्राम सचिव, तकनीकी सहायक, ग्राम प्रधान और डीसी मनरेगा की मिलीभगत से सरकार के साथ आंख मिचौली का खेल खेला जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भ्रष्टाचार केवल धरनाग पंचायत तक सीमित नहीं है, बल्कि सीतापुर जिले के अन्य विकासखंडों में भी इसी तरह की गतिविधियां सामने आ रही हैं।

    जानकारी के अनुसार हरगांव विकासखंड की ग्राम पंचायत सिकंदरपुर में भी मनरेगा के तहत इसी तरह का भ्रष्टाचार अंजाम दिया जा रहा है। आरोप यह भी है कि जिला स्तर के कुछ सक्षम अधिकारियों की सहमति से इस पूरे सिस्टम को संरक्षण मिल रहा है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रहा है।

    जब इस मामले में विकासखंड स्तर के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। वहीं, जिला स्तरीय डीसी मनरेगा से बात करने का प्रयास भी असफल रहा। अधिकारियों की यह चुप्पी कई सवाल खड़े करती है और आरोपों को और मजबूती देती है।

    मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना में इस तरह का भ्रष्टाचार न केवल सरकार की मंशा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि ग्रामीण मजदूरों के हक पर भी डाका डालता है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और शासन स्तर पर इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई होती है या नहीं।