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  • Kishtwar Cloudburst: किश्तवाड़ में बादल फटने से चंद मिनटों में मची तबाही, लाइव कैमरे में कैद भयंकर मंजर

    Kishtwar Cloudburst: किश्तवाड़ में बादल फटने से चंद मिनटों में मची तबाही, लाइव कैमरे में कैद भयंकर मंजर

    Kishtwar cloudburst Video: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ (Kishtwar) जिले में बादल फटने (cloudburst) की भीषण त्रासदी ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। अचानक आई इस आपदा ने गांव में ऐसी तबाही मचाई कि देखते ही देखते कई घर और गाड़ियां तेज बहाव में बह गए Kishtwar Cloudburst

    चारों ओर सिर्फ चीख-पुकार और मलबे का ढेर रह गया। प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि अब तक 60 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक लोग घायल हैं। हालात इतने भयावह हैं कि स्थानीय लोग और चश्मदीद गवाह दावा कर रहे हैं कि सैकड़ों लोग बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। Kishtwar Cloudburst

    कई लोग अब भी लापता हैं और उनके मलबे, बड़े पत्थरों और uprooted पेड़ों के नीचे दबे होने की आशंका जताई जा रही है। अब तक 75 लोगों के लापता होने की आधिकारिक रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है, लेकिन असली संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है। इस भीषण आपदा के बाद राज्य में मातम और अफरा-तफरी का माहौल है। राहत और बचाव कार्य तेज़ी से चल रहे हैं। वहीं शनिवार, 16 अगस्त को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे, जहां उन्होंने हादसे से प्रभावित लोगों को ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।। Kishtwar Cloudburst

  • मुंबई लोकल ट्रेन बम धमाकों में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश– हाईकोर्ट के बरी करने के फैसले पर रोक

    मुंबई लोकल ट्रेन बम धमाकों में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश– हाईकोर्ट के बरी करने के फैसले पर रोक

    मुंबई लोकल बम ब्लास्ट: सुप्रीम कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी करने के हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक

    मुंबई लोकल ट्रेन बम धमाकों में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश

    • मुंबई लोकल ट्रेन बम ब्लास्ट केस में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आया
    • 11 जुलाई 2006 को मुंबई की लोकल ट्रेनों में 11 मिनट में सात बड़े बम धमाके हुए
    • मुंबई लोकल ट्रेन बम धमाकों में 187 लोगों की मौत हुई थी, 800 से ज्यादा घायल

    नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई लोकल ट्रेन बम धमाकों के मामले में सभी 12 आरोपियों को बरी करने के बांबे हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है. महाराष्ट्र सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों को नोटिस जारी किया है. हालांकि उन 12 आरोपियों को अभी वापस जेल नहीं भेजा जाएगा. महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस केस में जल्द सुनवाई का आग्रह सुप्रीम कोर्ट से किया था. एसजी तुषार मेहता ने कहा, हम सिर्फ हाईकोर्ट के फैसले पर स्थगनादेश की मांग कर रहे हैं, आरोपियों को वापस जेल में डालने की नहीं. कई चीजें मकोका कानून के तहत ट्रायल को प्रभावित करती हैं. ये बात स्वीकार की जा सकती है कि आरोपियों को अभी वापस जेल में न डाला जाए. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त स्थगनादेश का आदेश जारी कर दिया.

    11 मिनट में सात बम धमाके
    मुंबई लोकल ट्रेन में 11 जुलाई 2006 में हुए 11 मिनट के भीतर सात बम धमाके हुए थे. हाईकोर्ट ने 21 जुलाई को विशेष टाडा कोर्ट द्वारा दोषी साबित सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया था. निचली अदालत ने इनमें से पांच आरोपियों को मौत की सजा और सात को उम्रकैद की सजा दी थी. हाईकोर्ट ने सभी को बेकसूर करार देते हुए तत्काल जेल से रिहा करने का आदेश दिया था. अदालत ने कहा था, ‘जो भी सबूत जांच एजेंसी की ओर से पेश किए गए थे, उनमें कोई ठोस तथ्य नहीं था. इसी आधार पर सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया जाता है.” मुंबई की लोकल ट्रेनों 11 जुलाई 2006 को हुए सिलसिलेवार बम धमाके में 19 साल बाद हाईकोर्ट का फैसला था. इन धमाकों में 189 लोगों की मौत हुई थी.

    सात रेलवे स्टेशनों पर ताबड़तोड़ बम विस्फोट
    मुंबई लोकल के सात रेलवे स्टेशनों पर एक के बाद एक ताबड़तोड़ बम विस्फोट हुए थे. शाम के वक्त जब ऑफिस से लोग घरों को लौट रहे थे, उस वक्त प्रेशर कुकर बम के जरिये ये विस्फोट किया गया.माटुंगा रोड, बांद्रा स्टेशन, खार रोड, माहिम जंक्‍शन, जोगेश्वरी, भयंदर और बोरिवली रेलवे स्टेशन पर 7 ताबड़तोड़ धमाके हुए.