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  • Late Major Bipin Chandra Bhatt -सीएम योगी की सख्ती से मेजर की बेटी को 24 घंटे में मिला अपना घर, भूमाफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति

    Late Major Bipin Chandra Bhatt -सीएम योगी की सख्ती से मेजर की बेटी को 24 घंटे में मिला अपना घर, भूमाफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति

    Late Major Bipin Chandra Bhatt-   लखनऊ – लखनऊ में नये साल का पहला दिन मेजर की बेटी अंजना के लिए खुशियों का संदेश लेकर आया। अंजना के पिता स्व. मेजर बिपिन चंद्र भट्ट थे और उनके निधन के बाद अंजना अकेली रह गई थी। पिछले कुछ समय से अंजना मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियों से जूझ रही थीं और उन्हें सीजोफ्रेनिया के कारण रिहैब सेंटर में रखा गया था।हाल ही में अंजना के मकान पर चंदौली के बलवंत कुमार यादव और उनके सहयोगी मनोज कुमार यादव ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कब्जा कर लिया था।

    अंजना ने इस समस्या को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और उन्होंने 24 घंटे के भीतर न्याय दिलाने का भरोसा दिया।मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद लखनऊ पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गुरुवार दोपहर तक अंजना को उनके मकान में कब्जा दिला दिया। मकान में प्रवेश करते ही अंजना भावुक हो उठीं और आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा, “थैंक्यू योगी अंकल! गॉड ब्लेस यू।”

    अंजना के पिता मेजर बिपिन चंद्र भट्ट का निधन 1994 में हुआ था। उनके परिवार में एक बेटा और दो बेटियां थीं, जिनमें से केवल अंजना जीवित रहीं। मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्हें 2016 में निर्वाण रिहैब सेंटर में भर्ती कराया गया।हाल ही में मकान पर कब्जा किए जाने के बाद अंजना ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी थी। उनके मकान पर बलवंत कुमार यादव और मनोज कुमार यादव ने फर्जी दस्तावेज और बोर्ड लगा दिया था। अंजना ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपने दुख और समस्याओं को साझा किया, जिसके तुरंत बाद न्याय की प्रक्रिया शुरू हुई।

    पुलिस और प्रशासन की तेज कार्रवाई

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद पुलिस ने आरोपी बलवंत कुमार यादव और मनोज कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया। एसीपी गाजीपुर अनिंद्य विक्रम सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों को तत्काल गिरफ्तारी के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।अंजना के मकान में प्रवेश के समय पुलिस, सेना अधिकारी और स्थानीय प्रशासन मौजूद थे। अंजना ने हर कमरे में जाकर दीवारों को चूमा और घर के अंदर पुराने दिनों की यादों को ताजा किया। उन्होंने नारियल फोड़ा, दीप प्रज्ज्वलित किया और आसपास की महिलाओं के साथ भावुक क्षण साझा किए।

    मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता

    इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई ने अंजना को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने आदेश दिए कि भूमि विवाद का समाधान तुरंत किया जाए और अंजाना को उनके अधिकारों से वंचित न किया जाए।अंजना की कहानी इस बात का उदाहरण है कि सरकार और प्रशासन की सक्रियता और संवेदनशीलता नागरिकों को न्याय दिलाने में कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है।

  • मेक्सिको में 6.5 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, सैन मार्कोस के पास कांपी धरती, दहशत में घरों से बाहर निकले लोग

    मेक्सिको में 6.5 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, सैन मार्कोस के पास कांपी धरती, दहशत में घरों से बाहर निकले लोग

    मेक्सिको में एक बार फिर धरती जोरदार तरीके से कांप उठी। मंगलवार को आए 6.5 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने लोगों में दहशत फैला दी। झटके इतने तेज थे कि कई इलाकों में इमारतें हिलती नजर आईं और लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकल आए। भूकंप का केंद्र सैन मार्कोस शहर के पास बताया जा रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में भी इसका असर महसूस किया गया।

    अचानक आए झटकों से मची अफरा-तफरी

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भूकंप के झटके अचानक महसूस हुए और कुछ सेकेंड तक धरती लगातार कांपती रही। कई ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों ने बताया कि दीवारों और खिड़कियों में कंपन महसूस हुआ। दहशत में लोग बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सड़कों पर आ गए। कुछ जगहों पर लोग खुले मैदानों और पार्कों में शरण लेते दिखे।

    सैन मार्कोस के पास था भूकंप का केंद्र

    भूकंप का केंद्र मेक्सिको के सैन मार्कोस शहर के नजदीक जमीन के अंदर बताया गया है। भूकंप मापने वाली एजेंसियों के अनुसार, इसकी तीव्रता 6.5 दर्ज की गई, जो काफी मजबूत मानी जाती है। इस तीव्रता के भूकंप से आमतौर पर इमारतों को नुकसान पहुंचने और अफरा-तफरी मचने की आशंका रहती है।

    फिलहाल जान-माल के बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं

    प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, भूकंप के बाद राहत और बचाव एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है। अभी तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कई इलाकों में इमारतों में दरारें आने और घरेलू सामान गिरने की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

    भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स की आशंका

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के शक्तिशाली भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स यानी हल्के झटके आने की संभावना बनी रहती है। लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा है।

    भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है मेक्सिको

    गौरतलब है कि मेक्सिको भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है। यहां अक्सर मध्यम से तेज तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” क्षेत्र में आने के कारण मेक्सिको में भूकंपीय गतिविधियां सामान्य मानी जाती हैं। इससे पहले भी देश कई विनाशकारी भूकंप झेल चुका है।

    लोगों से सतर्क रहने की अपील

    भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे क्षतिग्रस्त इमारतों में प्रवेश न करें और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें। स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा जांच की जा रही है।फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन और राहत एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। आने वाले समय में नुकसान का पूरा आकलन किए जाने की संभावना है।

  • औरैया महिला द्वारा जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने का मामला आया सामने

    औरैया महिला द्वारा जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने का मामला आया सामने

    रिपोर्टर अमित शर्मा बिधूना/बंथरा: खबर औरैया से है जहां के बंथरा गांव में एक विवाहिता द्वारा जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतका के परिजनों ने गांव के ही एक युवक पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। परिजनों का दावा है कि आरोपी युवक मृतका को फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर रहा था, जिससे तंग आकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।

    जानकारी के अनुसार, बंथरा निवासी जगराम प्रजापति की 30 वर्षीय पत्नी सरोजनी ने मंगलवार को जहरीला पदार्थ खा लिया था। हालत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बिधूना ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सैफई रेफर कर दिया। इलाज के दौरान बुधवार को सरोजनी ने दम तोड़ दिया। गुरुवार शाम को शव गांव पहुंचने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।

    शुक्रवार को कोतवाली बिधूना पहुंचे पति जगराम और परिजनों ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि गांव का ही एक युवक सरोजनी से बात करता था। करीब दो महीने पहले जगराम को इस बात की जानकारी हुई थी। आरोप है कि वह युवक सरोजनी के कुछ फोटो और वीडियो बनाकर उसे लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। परिजनों ने यह भी चौंकाने वाला आरोप लगाया कि कमरे की दीवार के सुराख से किसी ने सरोजनी को जहरीला पदार्थ दिया था, जिसे खाने से उसकी मौत हुई।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/prayagraj-magha-mela-2026-triveni-sangam-first-day-shahi-snan/

    सरोजनी की शादी साल 2012 में बोंडेपुर अछल्दा निवासी रमेश चंद्र की पुत्री के रूप में जगराम के साथ हुई थी। मृतका अपने पीछे चार बच्चे (तीन बेटियां राधा, प्रांशु, काव्या और एक बेटा रामजीत) छोड़ गई है। खास बात यह है कि सरोजनी की दो अन्य बहनें, सीमा और सीता की शादी भी जगराम के भाइयों के साथ हुई थी, जबकि एक बहन आरती की शादी छिबरामऊ में हुई है।घटना के बाद से गांव में तनाव और शोक का माहौल है। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • MaghMela2026: प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर उमड़ा आस्था का सैलाब, पहले दिन लाखों श्रद्धालुओं ने किया पवित्र स्नान

    MaghMela2026: प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर उमड़ा आस्था का सैलाब, पहले दिन लाखों श्रद्धालुओं ने किया पवित्र स्नान

    MaghMela2026: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेला 2026 का भव्य शुभारंभ हो गया है। मेले के पहले ही दिन आस्था और श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिला, जब हजारों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम पर पवित्र स्नान के लिए पहुंचे। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर स्नान को हिंदू धर्म में विशेष पुण्यदायी माना जाता है, इसी विश्वास के साथ देश के कोने-कोने से श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे हैं।

    पहले दिन संगम तट पर दिखी आस्था की लहर

    माघ मेले की शुरुआत के साथ ही संगम क्षेत्र में सुबह से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। साधु-संत, कल्पवासी, श्रद्धालु परिवार और बुजुर्गों ने गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना की और दान-पुण्य किया। मान्यता है कि माघ महीने में संगम स्नान से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

    सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम

    राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने माघ मेला 2026 को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं। NDRF, PAC, जल पुलिस और स्थानीय पुलिस बल को तैनात किया गया है। संगम घाटों पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। भीड़ प्रबंधन के लिए अलग-अलग स्नान घाट बनाए गए हैं ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।

    कल्पवासियों के लिए विशेष सुविधाएं

    माघ मेला केवल स्नान का पर्व नहीं, बल्कि कल्पवास की परंपरा से भी जुड़ा हुआ है। हजारों कल्पवासी पूरे एक महीने तक संगम तट पर रहकर साधना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। प्रशासन की ओर से टेंट सिटी, बिजली, पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य शिविर और मोबाइल मेडिकल यूनिट की व्यवस्था की गई है।

    यातायात और स्वास्थ्य सेवाएं अलर्ट मोड पर

    मेले को देखते हुए प्रयागराज शहर में ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से संगम क्षेत्र और मेला परिसर में कई स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को तुरंत चिकित्सा सुविधा मिल सके।

    प्रशासन की अपील

    प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित घाटों पर ही स्नान करें, अफवाहों से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखने की भी सलाह दी गई है।

    आस्था, संस्कृति और परंपरा का संगम

    माघ मेला 2026 न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह भारत की सनातन संस्कृति, साधना और परंपरा का जीवंत उदाहरण भी है। आने वाले दिनों में मकर संक्रांति, पौष पूर्णिमा, मौनी अमावस्या जैसे प्रमुख स्नान पर्वों पर श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ने की संभावना है।

  • CBI का बड़ा एक्शन: CGST झांसी में 70 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए अफसर, IRS अधिकारी समेत 5 गिरफ्तार

    CBI का बड़ा एक्शन: CGST झांसी में 70 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए अफसर, IRS अधिकारी समेत 5 गिरफ्तार

    झांसी। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए CGST झांसी कार्यालय में चल रहे रिश्वतखोरी के एक संगठित रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में आईआरएस अधिकारी समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई ने 70 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए दो अधिकारियों को रंगे हाथों पकड़ने के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा किया।

    क्या है पूरा मामला?

    सीबीआई ने इस मामले में 1.5 करोड़ रुपये की अवैध रिश्वत मांग को लेकर प्राथमिकी दर्ज की थी। आरोप था कि CGST झांसी के अधिकारी एक निजी कंपनी को जीएसटी चोरी के मामलों में अनुचित लाभ पहुंचाने के बदले मोटी रकम की मांग कर रहे थे। शिकायत के सत्यापन के बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और कार्रवाई को अंजाम दिया।

    कौन-कौन गिरफ्तार?

    CBI द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं प्रभा भंडारी – उप आयुक्त, CGST झांसी (IRS, 2016 बैच)अनिल तिवारी – अधीक्षक अजय कुमार शर्मा – अधीक्षक नरेश कुमार गुप्ता – अधिवक्ता राजू मंगतानी – निजी कंपनी जय दुर्गा हार्डवेयर के मालिक सीबीआई के अनुसार, रिश्वत की रकम उप आयुक्त के निर्देश पर ली जा रही थी और पूरी डील को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया।

    70 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए

    CBI ने जाल बिछाकर दोनों अधीक्षकों को 70 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इसके बाद अन्य आरोपियों की भूमिका सामने आने पर उन्हें भी हिरासत में लिया गया।

    छापेमारी में क्या-क्या मिला?

    गिरफ्तारी के बाद CBI ने कई ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें चौंकाने वाली बरामदगी हुई करीब 1.60 करोड़ रुपये नकद कई संपत्ति से जुड़े दस्तावेज सोने-चांदी के भारी जेवरात CBI अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी अभियान अभी भी जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना है।

    सिस्टम पर सवाल

    इस पूरे मामले ने कर विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक वरिष्ठ IRS अधिकारी का नाम सामने आना इस घोटाले को और भी संवेदनशील बना देता है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब केंद्र सरकार भ्रष्टाचार पर सख्त रुख अपनाने की बात कर रही है।

    आगे क्या?

    CBI ने सभी आरोपियों को चिकित्सीय परीक्षण के बाद संबंधित न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस रैकेट में और कौन-कौन शामिल था।

  • ‘स्पिरिट’ का फर्स्ट लुक रिलीज: प्रभास का शर्टलेस इंटेंस अवतार, तृप्ति डिमरी के साथ बढ़ा तापमान

    ‘स्पिरिट’ का फर्स्ट लुक रिलीज: प्रभास का शर्टलेस इंटेंस अवतार, तृप्ति डिमरी के साथ बढ़ा तापमान

    मुंबई। फिल्ममेकर संदीप रेड्डी वांगा की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘स्पिरिट’ का फर्स्ट लुक सामने आते ही सोशल मीडिया पर हलचल मच गई है। पोस्टर में प्रभास और तृप्ति डिमरी का इंटेंस और डार्क अंदाज देखने को मिल रहा है, जिसने फैंस की एक्साइटमेंट कई गुना बढ़ा दी है।

    प्रभास का अब तक का सबसे रॉ अवतार

    फर्स्ट लुक पोस्टर में प्रभास शर्टलेस और गंभीर एक्सप्रेशन के साथ नजर आ रहे हैं। उनकी आंखों में गुस्सा, दर्द और जुनून साफ झलकता है। यह लुक साफ संकेत देता है कि ‘स्पिरिट’ में प्रभास एक डार्क और ग्रे शेड किरदार निभाने वाले हैं, जो उनके पिछले एक्शन रोल्स से अलग और ज्यादा इंटेंस होगा।

    तृप्ति डिमरी का रहस्यमयी लुक

    पोस्टर में प्रभास के बेहद करीब खड़ी तृप्ति डिमरी ग्रे साड़ी में नजर आ रही हैं। उनका शांत लेकिन रहस्यमयी अंदाज कहानी में इमोशनल और साइकॉलॉजिकल ट्विस्ट की ओर इशारा करता है। फैंस दोनों की केमिस्ट्री को लेकर पहले ही उत्साहित दिख रहे हैं।

    दीपिका की जगह तृप्ति क्यों?

    फिल्म को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह था कि दीपिका पादुकोण फिल्म का हिस्सा क्यों नहीं रहीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दीपिका के मां बनने के बाद प्रोफेशनल शिफ्ट डिमांड्स और शूटिंग शेड्यूल को लेकर तालमेल नहीं बैठ पाया। इसके बाद मेकर्स ने तृप्ति डिमरी को कास्ट किया, जो इस वक्त इंडस्ट्री की सबसे डिमांडिंग एक्ट्रेसेस में से एक हैं।

    संदीप रेड्डी वांगा का सिग्नेचर स्टाइल

    ‘कबीर सिंह’ और ‘एनिमल’ जैसी फिल्मों के बाद संदीप रेड्डी वांगा एक बार फिर इंटेंस लव, वायलेंस और इमोशन्स से भरपूर कहानी लेकर आ रहे हैं। ‘स्पिरिट’ को लेकर माना जा रहा है कि यह एक पावरफुल एक्शन-ड्रामा होगी, जिसमें कैरेक्टर्स की मानसिक स्थिति और रिश्तों को गहराई से दिखाया जाएगा।

    फैंस की प्रतिक्रिया

    फर्स्ट लुक सामने आते ही सोशल मीडिया पर #Spirit और #Prabhas ट्रेंड करने लगे हैं। फैंस प्रभास के इस नए अवतार को उनका करियर-डिफाइनिंग रोल बता रहे हैं।

  • औरैया में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ, डीएम–एसपी ने दिलाई सुरक्षित ड्राइविंग की शपथ

    औरैया में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ, डीएम–एसपी ने दिलाई सुरक्षित ड्राइविंग की शपथ

    रिपोर्टर अमित शर्मा औरैया। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का शुभारंभ किया गया। यह जागरूकता अभियान 01 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक पूरे जिले में चलाया जाएगा।शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन उपसंभागीय परिवहन कार्यालय, औरैया परिसर में किया गया, जिसमें जिलाधिकारी इन्द्रमणि त्रिपाठी (IAS) और पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती (IPS) विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का नेतृत्व एआरटीओ एनसी शर्मा की अगुवाई में परिवहन विभाग द्वारा किया गया।

    सुरक्षित यातायात का दिया गया संदेश

    कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी इन्द्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में अधिकांश मौतें लापरवाही, हेलमेट और सीट बेल्ट न लगाने के कारण होती हैं। यदि आमजन यातायात नियमों का पालन करें तो बड़ी संख्या में जानें बचाई जा सकती हैं। उन्होंने सभी वाहन चालकों से अपील की कि वे स्वयं भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।

    पुलिस–परिवहन विभाग की संयुक्त पहल

    पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान ट्रैफिक चेकिंग, जागरूकता रैली, स्कूल-कॉलेज कार्यक्रम और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी।

    हेलमेट और सीट बेल्ट पर विशेष जोर

    कार्यक्रम में दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने, नशे में वाहन न चलाने और ओवरस्पीडिंग से बचने के लिए जागरूक किया गया। परिवहन विभाग की ओर से बताया गया कि सड़क दुर्घटनाओं में सिर की चोट और तेज रफ्तार सबसे बड़ा कारण बनती है।

    पूरे माह चलेंगे जागरूकता कार्यक्रम

    एआरटीओ एनसी शर्मा ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत जिले के सभी ब्लॉकों, विद्यालयों, कॉलेजों और प्रमुख चौराहों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती भी बरती जाएगी, ताकि दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके।कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की कि वे यातायात नियमों को केवल डर के कारण नहीं, बल्कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए अपनाएं। सड़क सुरक्षा माह का उद्देश्य दंड नहीं, बल्कि जीवन रक्षा है।

  • Indore water contamination: दूषित पानी से 5 महीने के मासूम की मौत, भागीरथपुरा में अब तक 7 जानें गईं

    Indore water contamination: दूषित पानी से 5 महीने के मासूम की मौत, भागीरथपुरा में अब तक 7 जानें गईं

    Indore water contamination: दूषित पानी से 5 महीने के मासूम की मौत, भागीरथपुरा में अब तक 7 जानें गईं इंदौर, जिसे देश का सबसे स्वच्छ शहर कहा जाता है, इन दिनों गंभीर जल संकट और दूषित पानी से हो रही मौतों को लेकर सुर्खियों में है। शहर के भागीरथपुरा इलाके से सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां दूषित पानी से बने दूध को पीने से 5 महीने के मासूम बच्चे की मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है।

    कैसे हुई मासूम की मौत?

    मृतक बच्चे का नाम अव्यान बताया गया है। परिजनों के अनुसार, बच्चे की मां ने दूध अधिक गाढ़ा होने के कारण उसमें नल का पानी मिलाकर पिलाया था। उन्हें अंदाजा नहीं था कि यही पानी उनके बच्चे की जान ले लेगा। दूध पीने के कुछ समय बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी। उल्टी, दस्त और तेज बुखार के लक्षण दिखाई दिए। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया।

    इलाके में बढ़ता मौतों का आंकड़ा

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। कई अन्य लोग गंभीर रूप से बीमार हैं और अस्पतालों में भर्ती हैं। पानी में सीवेज मिलावट और बैक्टीरियल संक्रमण की आशंका जताई जा रही है।

    प्रशासन और नगर निगम पर उठे सवाल

    इस घटना के बाद नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने पहले भी पानी की बदबू, रंग बदलने और पेट की बीमारियों की शिकायतें की थीं, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अब जब जानें जा रही हैं, तब प्रशासन हरकत में आया है।

    पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए

    नगर निगम ने प्रभावित इलाके से पानी के सैंपल लेकर लैब जांच के लिए भेजने की बात कही है। साथ ही अस्थायी रूप से टैंकरों से साफ पानी सप्लाई करने का दावा किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर बीमार लोगों की जांच कर रही है।

    स्थानीय लोगों में आक्रोश

    घटना के बाद भागीरथपुरा में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। नागरिकों का कहना है कि अगर समय रहते पाइपलाइन की जांच और मरम्मत की जाती, तो इतनी बड़ी त्रासदी नहीं होती। लोगों ने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है।

  • फर्रुखाबाद: सपा नेता नरेंद्र सिंह यादव ने मां की स्मृति में बांटे 1100 कंबल, नाम बदलने के मुद्दे पर दिया बड़ा बयान

    फर्रुखाबाद: सपा नेता नरेंद्र सिंह यादव ने मां की स्मृति में बांटे 1100 कंबल, नाम बदलने के मुद्दे पर दिया बड़ा बयान

    फर्रुखाबाद में समाजवादी पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह यादव ने मानवीय संवेदना और सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश की। उन्होंने अपनी दिवंगत मां स्वर्गीय सावित्री देवी की स्मृति में गरीब और असहाय लोगों को 1100 कंबल वितरित किए। भीषण ठंड के बीच आयोजित इस कार्यक्रम से जरूरतमंदों को बड़ी राहत मिली।

    कमालगंज में आयोजित हुआ कंबल वितरण कार्यक्रम

    यह कंबल वितरण कार्यक्रम कमालगंज थाना क्षेत्र के एस.डी. इंटर कॉलेज, पाहला में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, बुजुर्ग और जरूरतमंद लोग मौजूद रहे। आयोजन स्थल पर सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी।नरेंद्र सिंह यादव ने स्वयं जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए और उनकी समस्याएं भी सुनीं। कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के कई स्थानीय नेता, कार्यकर्ता और क्षेत्रीय गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।

    नाम बदलने के मुद्दे पर नरेंद्र सिंह यादव का बयान

    कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान नरेंद्र सिंह यादव ने नाम बदलने की राजनीति पर भी अपनी स्पष्ट राय रखी। उन्होंने कहा—

    “बात विकास की होनी चाहिए, नाम बदलने से किस्मत नहीं बदलती।
    असली जरूरत रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनहित के कार्यों की है।”

    उन्होंने आगे कहा कि जनता को नाम बदलने से नहीं, बल्कि रोजगार के अवसर, महंगाई से राहत और बुनियादी सुविधाएं मिलने से फायदा होगा। नेताओं को इन मुद्दों पर गंभीरता से काम करना चाहिए।

    गरीबों की सेवा ही सच्ची श्रद्धांजलि

    नरेंद्र सिंह यादव ने कहा कि उनकी मां स्वर्गीय सावित्री देवी हमेशा गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करती थीं। उन्हीं की प्रेरणा से हर साल ठंड के मौसम में कंबल वितरण का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा “मां की स्मृति में गरीबों की सेवा करना ही उनके प्रति मेरी सच्ची श्रद्धांजलि है।”

    स्थानीय लोगों ने की सराहना

    कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस पहल की जमकर सराहना की। जरूरतमंदों का कहना था कि कड़ाके की ठंड में कंबल मिलना उनके लिए बड़ी राहत है। ग्रामीणों ने ऐसे सामाजिक कार्यक्रम लगातार आयोजित करने की मांग भी की।

  • LPG Price Hike 1 January: नए साल पर महंगाई का झटका, 19 किलो गैस सिलेंडर हुआ महंगा

    LPG Price Hike 1 January: नए साल पर महंगाई का झटका, 19 किलो गैस सिलेंडर हुआ महंगा

    LPG Price Hike 1 January : 1 जनवरी को जहां देशभर में लोग नए साल 2026 का जश्न मना रहे थे, वहीं आम लोगों और कारोबारियों को महंगाई का झटका लगा है। साल के पहले ही दिन तेल कंपनियों (Gas Agency) ने कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। हालांकि राहत की बात यह है कि 14 किलो घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

    हर महीने की पहली तारीख को LPG सिलेंडर के दामों की समीक्षा की जाती है और उसी के आधार पर नए रेट जारी किए जाते हैं। इस बार भी कंपनियों ने केवल 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ाए हैं, जिसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और कैटरिंग कारोबार पर पड़ेगा।

    19 किलो LPG सिलेंडर के नए दाम (1 जनवरी से लागू)

    शहरपहले कीमतनई कीमत
    दिल्ली₹1580.50₹1691.50
    कोलकाता₹1684.00₹1795.00
    मुंबई₹1531.50₹1642.50
    चेन्नई₹1739.50₹1849.50

    कितनी बढ़ी कीमत?

    इस बार लगभग सभी बड़े शहरों में 110 से 111 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।

    • चेन्नई में 19 किलो सिलेंडर सबसे महंगा हो गया है, जहां इसकी कीमत ₹1739.50 से बढ़कर ₹1849.50 हो गई।
    • दिल्ली में ₹111 की बढ़ोतरी के साथ नया रेट ₹1691.50 हो गया।
    • कोलकाता और मुंबई में भी करीब ₹111 का इजाफा देखने को मिला।

    14 किलो घरेलू सिलेंडर पर राहत

    महंगाई के इस दौर में आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर यह है कि 14 किलो घरेलू LPG सिलेंडर के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू रसोई गैस के दाम फिलहाल पहले जैसे ही बने हुए हैं।

    कारोबारियों पर पड़ेगा असर

    19 किलो वाले सिलेंडर का उपयोग मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, मिठाई की दुकानें और कैटरिंग सर्विस में होता है। कीमत बढ़ने से इन कारोबारों की लागत बढ़ेगी, जिसका असर आगे चलकर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

    क्यों बढ़ते हैं कमर्शियल सिलेंडर के दाम?

    तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमत, डॉलर-रुपया विनिमय दर और अन्य लागतों को देखते हुए हर महीने कीमतों में बदलाव करती हैं। अक्सर देखा गया है कि घरेलू सिलेंडर की तुलना में कमर्शियल LPG के दामों में ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है।