कानपुर देहात (अकबरपुर):मकर संक्रांति के मौके पर जहां प्रदेशभर में खिचड़ी भोज के आयोजन हो रहे हैं, वहीं कानपुर देहात के अकबरपुर क्षेत्र में एक अलग ही अंदाज का खिचड़ी भोज लोगों का ध्यान खींच रहा है। यहां खिचड़ी भोज कराने वाले रवि उर्फ ज्ञानी न सिर्फ लोगों को भोजन करा रहे हैं, बल्कि राहगीरों के पैर छूकर उन्हें आदरपूर्वक खिचड़ी परोस रहे हैं।
इस अनोखे दृश्य को देखकर राह चलते लोग भी रुकने को मजबूर हो रहे हैं। जो भी इस आयोजन को देख रहा है, वह कुछ पल ठहरकर खिचड़ी का स्वाद ले रहा है और इस अनूठी पहल की सराहना कर रहा है।
सेवा भाव से किया गया आयोजन
रवि उर्फ ज्ञानी का कहना है कि यह कार्यक्रम सेवा और सम्मान की भावना से किया जा रहा है। उनका उद्देश्य केवल भोजन कराना नहीं, बल्कि समाज में आपसी सम्मान और विनम्रता का संदेश देना है। पैर छूकर खिचड़ी खिलाने का यह तरीका लोगों को भावनात्मक रूप से भी जोड़ रहा है।
राहगीरों में दिखा उत्साह
खिचड़ी भोज स्थल पर सुबह से ही लोगों की आवाजाही बनी रही। खास बात यह रही कि बिना किसी प्रचार के भी बड़ी संख्या में राहगीर और स्थानीय लोग यहां पहुंचते रहे। लोगों ने कहा कि उन्होंने ऐसा खिचड़ी भोज पहले कभी नहीं देखा।
#कानपुर देहात: अकबरपुर में खिचड़ी भोज का अनोखा अंदाज खिचड़ी भोज कार्यक्रम में रवि उर्फ ज्ञानी लोगों को पैर छू छूकर खिचड़ी खिला रहे हैं अनोखी परंपरा को देखकर राहगीर भी रुक-रुक कर खिचड़ी का स्वाद ले रहे हैं स्थानीय लोग और उपस्थित लोग इस अनोखी सेवा और उत्सव का हिस्सा बन रहे हैं… pic.twitter.com/tJeisnSjQK
IND vs NZ: वडोदरा। भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए पहले वनडे मुकाबले में टीम इंडिया ने 4 विकेट से जीत दर्ज कर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। जीत का चौका केएल राहुल के बल्ले से निकला, जो 29 रन बनाकर नाबाद लौटे। उनके साथ वाशिंगटन सुंदर भी 7 रन बनाकर नाबाद रहे।मैच के बाद केएल राहुल ने वाशिंगटन सुंदर की चोट को लेकर बड़ा खुलासा किया। राहुल ने कहा कि उन्हें यह तो पता था कि सुंदर पहली पारी के दौरान चोटिल हुए हैं, लेकिन चोट इतनी गंभीर है, इसका अंदाजा तब हुआ जब वह बल्लेबाजी के लिए मैदान में उतरे।राहुल ने कहा,“जब सुंदर बल्लेबाजी के लिए आए तब पता चला कि उन्हें विकेटों के बीच दौड़ने में काफी दिक्कत हो रही है। फिर भी उन्होंने हिम्मत दिखाई और गेंद को अच्छी तरह हिट करते हुए स्ट्राइक रोटेट की।”
गेंदबाजी के दौरान हुए थे घायल
वाशिंगटन सुंदर न्यूजीलैंड की पारी के दौरान गेंदबाजी करते वक्त चोटिल हो गए थे, जिसके बाद उन्हें मैदान छोड़कर बाहर जाना पड़ा। इसी वजह से उनसे पहले हर्षित राणा को बल्लेबाजी के लिए भेजा गया।
स्कैन के बाद होगी स्थिति साफ
टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि सुंदर की चोट की गंभीरता स्कैन रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उन्हें साइड स्ट्रेन इंजरी हुई है।
टीम इंडिया की बढ़ सकती है चिंता
अगर वाशिंगटन सुंदर की चोट गंभीर साबित होती है, तो यह टीम इंडिया के लिए चिंता का विषय हो सकता है। सुंदर टी20 वर्ल्ड कप 2026 की संभावित योजनाओं का अहम हिस्सा माने जा रहे हैं।
IND vs NZ 1st ODI : भारत ने वडोदरा में खेले गए तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले डे-नाइट मुकाबले में न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। मुश्किल विकेट पर 301 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने संयम, अनुभव और साहस का शानदार उदाहरण पेश किया।
लक्ष्य का पीछा: संभली शुरुआत
301 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत सतर्क रही। कप्तान रोहित शर्मा 19 रन बनाकर जल्दी आउट हो गए, जिससे एक बार फिर भारतीय फैंस को चिंता हुई। लेकिन इसके बाद पूर्व कप्तान विराट कोहली और शुभमन गिल ने पारी को मजबूती दी।
कोहली–गिल की मैच जिताऊ साझेदारी
विराट कोहली (93 रन) और शुभमन गिल (53 रन) ने दूसरे विकेट के लिए 118 रनों की अहम साझेदारी की। दोनों ने विकेट की धीमी प्रकृति को समझते हुए रिस्क कम लिया और सिंगल-डबल के जरिए स्कोरबोर्ड चलाया। कोहली दुर्भाग्यशाली रहे कि शतक पूरा नहीं कर सके, लेकिन उनकी पारी हालात के हिसाब से बेहद परिपक्व और निर्णायक रही। गिल ने भी अपने अर्धशतक से टीम को मजबूत आधार दिया।
40वें ओवर के बाद बढ़ा तनाव
जब जीत आसान लग रही थी, तभी 40 ओवर के आसपास भारत ने 10 रन के भीतर तीन विकेट गंवा दिए। अचानक बदले हालात ने स्टेडियम और टीवी स्क्रीन के सामने बैठे करोड़ों भारतीय फैंस की धड़कनें बढ़ा दीं।
हर्षित राणा ने दिखाया दम
दबाव के इस माहौल में नंबर सात पर उतरे हर्षित राणा ने कमाल की हिम्मत दिखाई। उन्होंने 23 गेंदों में 29 रन बनाए, जिसमें 2 चौके और 1 छक्का शामिल था।हर्षित राणा और केएल राहुल के बीच छठे विकेट के लिए हुई 37 रनों की साझेदारी मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुई।
केएल राहुल का संयम
केएल राहुल ने एक छोर संभाले रखा और नाबाद 29 रन (21 गेंद) बनाकर टीम को जीत की ओर ले गए। अंत में वॉशिंगटन सुंदर (नाबाद 7 रन) ने राहुल का अच्छा साथ निभाया और भारत ने एक ओवर शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया।
🇳🇿 न्यूजीलैंड की पारी का हाल कॉनवे–निकोल्स की शानदार शुरुआत
टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला भारतीय कप्तान शुभमन गिल के लिए आसान नहीं रहा। वडोदरा की पिच पर डेवोन कॉनवे और हेनरी निकोल्स ने धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी की। दोनों ने 21.4 ओवर में 117 रन जोड़कर न्यूजीलैंड को मजबूत शुरुआत दिलाई।
डेवोन कॉनवे: 56 रन (67 गेंद)
हेनरी निकोल्स: 62 रन (69 गेंद)
हर्षित राणा की गेंदबाजी से वापसी
भारतीय टीम को वापसी दिलाने का काम हर्षित राणा ने किया। उन्होंने लगातार दो अहम विकेट लेकर न्यूजीलैंड की रन गति पर ब्रेक लगाया।हालांकि राणा थोड़े महंगे साबित हुए (10 ओवर, 65 रन), लेकिन उनके 2 विकेट मैच की दिशा बदलने वाले रहे।
देवरिया उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में रविवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 50 साल पुरानी एक अवैध मजार पर बुलडोजर चला दिया। यह कार्रवाई नगर पालिका द्वारा जारी नोटिस के बाद की गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई को अवैध निर्माण के खिलाफ सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति से जोड़कर देखा जा रहा है।रविवार को शुरू हुई ध्वस्तीकरण कार्रवाई में मजार का मेन गेट, बाउंड्री वॉल, छह पिलर, तीन दुकानें और गुंबद पूरी तरह तोड़ दिए गए। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई अभी पूरी नहीं हुई है और सोमवार को सुबह 11 बजे के बाद फिर से बुलडोजर चलाया जाएगा, जिसमें मजार के बेसमेंट की छत और हॉल को ध्वस्त किया जाएगा।
नगर पालिका ने पहले दिया था नोटिस
नगर पालिका प्रशासन की ओर से इस अवैध निर्माण को लेकर शुक्रवार को नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में स्पष्ट कहा गया था कि संबंधित मजार सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनाई गई है और यदि स्वयं इसे नहीं हटाया गया, तो प्रशासन कार्रवाई करेगा। तय समय सीमा के भीतर निर्माण नहीं हटाए जाने के बाद रविवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई।
भारी पुलिस बल रहा तैनात
कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। ड्रोन कैमरों और वीडियोग्राफी के जरिए कार्रवाई की निगरानी की गई ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।
अवैध दुकानें भी तोड़ी गईं
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक मजार परिसर में बनी तीन दुकानें भी पूरी तरह अवैध थीं, जिन्हें ध्वस्तीकरण के दौरान गिरा दिया गया। इन दुकानों से लंबे समय से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं, जबकि इनके लिए कोई वैध अनुमति नहीं ली गई थी।
सोमवार को होगा दूसरा चरण
नगर पालिका अधिकारियों ने बताया कि रविवार को सिर्फ ऊपरी ढांचे को गिराया गया है। सोमवार को दूसरे चरण में बेसमेंट की छत और हॉल को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा। इसके लिए पहले से ही तैयारी कर ली गई है और अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किया जाएगा।
प्रशासन का बयान
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई किसी विशेष समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि पूरी तरह अवैध अतिक्रमण हटाने के तहत की जा रही है। जिले में जितने भी सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण चिन्हित किए गए हैं, उन सभी के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में चर्चा का विषय
50 साल पुरानी मजार पर हुई इस कार्रवाई को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोग इसे देर से उठाया गया कदम बता रहे हैं, तो कुछ प्रशासन की सख्ती की सराहना कर रहे हैं। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला 8 जनवरी का है, जब सुनामगंज जिले में एक हिंदू युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान जॉय महापात्रो के रूप में हुई है। इस घटना ने एक बार फिर बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।परिजनों के अनुसार, जॉय महापात्रो को पहले बेरहमी से पीटा गया और उसके बाद स्थानीय निवासी अमीरुल इस्लाम ने उसे जबरन जहर पिला दिया। गंभीर हालत में जॉय को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और हिंदू समुदाय में डर और आक्रोश व्याप्त है।
पहले मारपीट, फिर जहर देने का आरोप
परिवार का कहना है कि जॉय को किसी विवाद के बहाने बुलाया गया था, जहां उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद उसे जहरीला पदार्थ दिया गया। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। परिजनों ने इस घटना को सुनियोजित हत्या करार दिया है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, इलाके में इससे पहले भी हिंदू समुदाय को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हो पाती।
अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमले
बांग्लादेश में बीते कुछ समय से हिंदू, बौद्ध और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हमलों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। कभी मंदिरों में तोड़फोड़, तो कभी व्यक्तिगत स्तर पर हिंसा की घटनाएं दर्ज की जा रही हैं। जॉय महापात्रो की हत्या को इसी सिलसिले की एक और कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
भारत की कड़ी प्रतिक्रिया
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर गहरी चिंता जताई है। मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा है कि इस तरह की घटनाएं न सिर्फ मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी खतरा पैदा करती हैं।विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश सरकार से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि अल्पसंख्यक समुदायों में सुरक्षा का भरोसा बहाल हो सके।
जांच पर उठ रहे सवाल
हालांकि स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है, लेकिन परिजनों और मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि जब तक निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई नहीं होती, तब तक ऐसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं।जॉय महापात्रो की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बांग्लादेश में अल्पसंख्यक खुद को सुरक्षित महसूस कर पा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि बांग्लादेश सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है।
कानपुर देहात जिले के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में धर्म परिवर्तन से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों को भी हैरान कर दिया है। “नवाकांती सोसाइटी” नाम से संचालित एक संस्था पर आरोप है कि वह बीते करीब दस वर्षों से गरीब, असहाय और दलित समुदाय के लोगों को योजनाबद्ध तरीके से ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रही थी।इस पूरे मामले की शिकायत राम भरोसे नामक व्यक्ति ने पुलिस से की है, जो स्वयं लंबे समय तक इस संस्था से जुड़ा रहा और पहले ही धर्म परिवर्तन करा चुका था। राम भरोसे के अनुसार, शुरुआत में संस्था सामाजिक सेवा और रोजगार से जुड़े कामों का सहारा लेकर लोगों को जोड़ती थी, लेकिन धीरे-धीरे इन गतिविधियों का मकसद बदलता चला गया।
प्रलोभन देकर बनाया जाता था नेटवर्क
शिकायतकर्ता के मुताबिक, संस्था की ओर से सिलाई मशीन, ब्यूटी पार्लर ट्रेनिंग, हेयर कटिंग, हैंडपंप लगवाने, घरेलू सामान और रोजगार दिलाने जैसे प्रलोभन दिए जाते थे। जो लोग नए लोगों को जोड़कर लाते थे, उन्हें हर महीने ₹6,000 तक देने का लालच भी दिया जाता था। इन्हीं लालचों के जरिए गरीब और जरूरतमंद लोगों को बैठकों में बुलाया जाता था।
बैठकों में बदल जाता था माहौल
पीड़ितों का आरोप है कि शुरुआती बैठकों में सामान्य बातचीत होती थी, लेकिन धीरे-धीरे बाइबल पढ़वाई जाती, ईसाई प्रार्थनाएं कराई जातीं और धर्म परिवर्तन के लिए कसम-वादे कराए जाते थे। कुछ बैठकों में सफेद पैंट-शर्ट पहने विदेशी नागरिकों की मौजूदगी भी देखी गई, जिससे पूरे नेटवर्क पर शक और गहराता चला गया।
विरोध करने पर धमकियां
पीड़ित परिवारों का कहना है कि जब उन्होंने इन गतिविधियों पर सवाल उठाए या धर्म परिवर्तन से इनकार किया, तो उन्हें रुपये दुगने लौटाने और जान से मारने तक की धमकियां दी गईं। लगातार डर और दबाव के चलते आखिरकार उन्होंने पुलिस का सहारा लिया।
कोतवाली से 500 मीटर दूर चलता रहा खेल
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह कथित गोरखधंधा अकबरपुर कोतवाली से महज 500 मीटर की दूरी पर करीब 10 वर्षों से चल रहा था, लेकिन अब तक पुलिस को इसकी भनक नहीं लगी। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की।पुलिस ने डेनियल शरद सिंह, हरिओम त्यागी और सावित्री शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस जांच में जुटी
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुटी हुई है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बीते 10 वर्षों में कितने लोगों का धर्मांतरण कराया गया और इसके पीछे फंडिंग कहां से हो रही थी। सूत्रों के मुताबिक, हजारों लोगों के धर्म परिवर्तन की आशंका जताई जा रही है।
PM Modi Somnath Visit : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुजरात के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने सोमनाथ धाम में आयोजित ‘स्वाभिमान पर्व’ में भाग लिया। शौर्य यात्रा में शामिल होने और भगवान सोमनाथ महादेव के दर्शन-पूजन के बाद प्रधानमंत्री ने जनसभा को संबोधित किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि सोमनाथ का इतिहास विनाश और पराजय का नहीं, बल्कि विजय और पुनर्निमाण का इतिहास है। यह हमारे पूर्वजों के पराक्रम, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आक्रांताओं ने बार-बार इस पवित्र धाम को नष्ट करने की कोशिश की, लेकिन हर युग में सोमनाथ फिर से खड़ा हुआ।
पीएम मोदी ने कहा,“आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं, तो बार-बार मन में यह प्रश्न उठता है कि ठीक 1000 वर्ष पहले इसी स्थान पर क्या माहौल रहा होगा। अपनी आस्था, अपने विश्वास और अपने महादेव के लिए हमारे पुरखों ने अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया।”प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि 1000 साल पहले आक्रांताओं को लगा था कि उन्होंने सब कुछ नष्ट कर दिया, लेकिन आज भी सोमनाथ मंदिर पर लहराती ध्वजा पूरी दुनिया को भारत की शक्ति और सामर्थ्य का संदेश दे रही है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ का कण-कण वीरता, साहस और आत्मबल का साक्षी है।
पीएम मोदी ने इस आयोजन को गर्व, गरिमा और गौरव का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसमें भारत की वैभवशाली विरासत, अध्यात्म की अनुभूति और महादेव का आशीर्वाद समाहित है। यह आयोजन न केवल इतिहास को स्मरण करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वाभिमान और आत्मगौरव का संदेश भी देता है।
उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद के वृंदावन में प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज के फ्लैट में बीती रात आग लगने की घटना सामने आई है। इस हादसे में फ्लैट के अंदर रखा काफी सामान जलकर खाक हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना के समय प्रेमानंद जी महाराज फ्लैट में मौजूद नहीं थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आग लगने के वक्त प्रेमानंद जी महाराज अपने आश्रम में थे, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और स्थानीय स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया गया।
मथुरा | वृंदावन में प्रेमानंद जी महाराज के फ्लैट में कल रात आग लग गई। काफी सामान जल गया। इस हादसे के वक्त प्रेमानंद जी अपने आश्रम में थे। अग्निकांड की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट बताई गई है।@madanmohansoni pic.twitter.com/QPAMAfmj2P
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। घटना की जानकारी संबंधित प्रशासन और विद्युत विभाग को भी दी गई है। आग पर काबू पाने के बाद स्थिति को नियंत्रण में लिया गया।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है, ताकि नुकसान का आकलन किया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव किया जा सके। वृंदावन जैसे धार्मिक स्थल पर हुई इस घटना के बाद सुरक्षा और विद्युत व्यवस्था को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।
Cold Wave : देशभर के कई राज्यों में जारी कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर अब आम जनजीवन के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। लगातार गिरते तापमान और ठंड से बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए कई राज्यों के जिला प्रशासन ने विंटर वेकेशन को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा में स्कूल 15 जनवरी तक बंद
गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूल 15 जनवरी 2026 तक बंद रहेंगे। पहले यह छुट्टियां 10 जनवरी तक निर्धारित थीं, लेकिन मौसम में सुधार न होने और ठंड के प्रकोप को देखते हुए प्रशासन ने इसे आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
जिला प्रशासन का कहना है कि सुबह और देर शाम अत्यधिक ठंड व कोहरे के कारण छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है, इसी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
दिल्ली और हरियाणा में भी बढ़ा विंटर वेकेशन
उत्तर प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली और हरियाणा में भी ठंड का कहर जारी है। इन राज्यों में भी न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट और सुबह के समय घना कोहरा देखने को मिल रहा है। बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए दिल्ली और हरियाणा सरकार ने भी 15 जनवरी तक स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है।
विशेष रूप से नर्सरी से लेकर प्राथमिक कक्षाओं तक के छात्रों को ठंड से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। कई जगहों पर पहले ही ऑनलाइन पढ़ाई के विकल्प पर विचार किया जा रहा है।
अभिभावकों ने ली राहत की सांस
स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाए जाने के फैसले से अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि सुबह के समय बच्चों को स्कूल भेजना बेहद जोखिम भरा हो गया था, खासकर कोहरे और शीतलहर के चलते।वहीं, स्कूल प्रबंधन भी प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए आगे की रणनीति पर काम कर रहे हैं। कुछ निजी स्कूलों ने संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन क्लासेस शुरू की जा सकती हैं।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है। उत्तर भारत के कई हिस्सों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में दहेज उत्पीड़न का एक मामला उस समय सुर्खियों में आ गया, जब महिला दरोगा पायल रानी ने अपने पति गुलशन कुमार और ससुराल पक्ष के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई। मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे से लेकर आम जनता तक में चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
महिला दरोगा पायल रानी का आरोप है कि शादी के बाद से ही उन्हें दहेज को लेकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उन्होंने पति के साथ-साथ ससुराल के अन्य सदस्यों पर भी दहेज की मांग और उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पुलिस ने महिला दरोगा की शिकायत पर छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
पति गुलशन कुमार का पलटवार
वहीं, पति गुलशन कुमार ने पत्नी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए खुद को निर्दोष बताया है। गुलशन का कहना है कि उन्होंने कड़ी मेहनत कर अपनी पत्नी को पढ़ाया-लिखाया और दरोगा बनने तक पूरा सहयोग किया।
उनका दावा है कि अब उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाया जा रहा है।गुलशन कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने कभी दहेज की मांग नहीं की और न ही पत्नी के साथ किसी तरह का उत्पीड़न किया। उनका कहना है कि वैवाहिक विवाद के चलते यह मामला तूल पकड़ रहा है और सच्चाई जांच में सामने आ जाएगी।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
हापुड़ पुलिस के अनुसार, महिला दरोगा की तहरीर पर आईपीसी की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला संवेदनशील है, इसलिए दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी।पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक किसी भी पक्ष को दोषी या निर्दोष नहीं माना जा सकता। सभी आरोपों की कानूनी जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।