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  • RSS प्रमुख मोहन भागवत ने पूरे किए जीवन के 75 वर्ष, शुभकामनाओं की बाढ़

    RSS प्रमुख मोहन भागवत ने पूरे किए जीवन के 75 वर्ष, शुभकामनाओं की बाढ़

    नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने आज अपने जीवन के 75 वर्ष पूरे कर लिए। भागवत का जन्म 1950 में हुआ था और उन्होंने लंबे समय से भारतीय समाज और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय योगदान दिया है। उनके नेतृत्व में RSS ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और सेवा कार्यों में अनेक पहल की हैं।

    मोहन भागवत ने अपने जीवन में हमेशा समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान और देश की एकता व अखंडता के लिए काम किया है। उनकी योजनाओं और विचारों ने युवाओं में देशभक्ति और समाज सेवा की भावना को जागृत किया है। शिक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से उन्होंने भारतीय संस्कृति और मूल्यों को नए सिरे से प्रस्तुत किया है।

    इस मौके पर देशभर से नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री और राज्य स्तर के कई नेता भी सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों के माध्यम से मोहन भागवत को उनके 75वें जन्मदिवस की बधाई दे चुके हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार, मोहन भागवत की सोच और दिशा ने भारतीय समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में RSS ने कई सामाजिक और विकासात्मक परियोजनाओं को सफलतापूर्वक संचालित किया है, जिससे लाखों लोगों को लाभ मिला है।

    भागवत के जीवन की सफलता और सेवा भावना को देखते हुए उनके अनुयायी और नागरिक उनके लिए प्रार्थना और शुभकामनाएं भेज रहे हैं। देशभर के लोग सोशल मीडिया पर उनके जन्मदिन पर संदेश और बधाई दे रहे हैं, जिसमें उनके स्वास्थ्य, लंबी उम्र और उज्ज्वल भविष्य की कामना की जा रही है।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वाराणसी दौरे पर, मॉरीशस के पीएम संग करेंगे द्विपक्षीय वार्ता

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वाराणसी दौरे पर, मॉरीशस के पीएम संग करेंगे द्विपक्षीय वार्ता

    वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वाराणसी दौरे पर हैं। इस दौरे के दौरान उनके कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मॉरीशस के प्रधानमंत्री के साथ होने वाली द्विपक्षीय बैठक है। दोनों नेताओं की इस मुलाकात का उद्देश्य व्यापार, निवेश, संस्कृति, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करना है।

    प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी में शहर की प्रमुख विकास परियोजनाओं का निरीक्षण भी करेंगे। इसके तहत सड़क सुधार, जल प्रबंधन और शहर की ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण से जुड़े कार्यों का जायजा लिया जाएगा। वाराणसी का यह दौरा न केवल स्थानीय विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग और दोस्ताना संबंधों को भी मजबूती प्रदान करेगा।

    मॉरीशस के प्रधानमंत्री के साथ बैठक में विशेष रूप से व्यापारिक साझेदारी, निवेश आकर्षण और पर्यटन सहयोग को बढ़ावा देने पर चर्चा होगी। दोनों देश अपने आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊँचाई पर ले जाने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।

    प्रधानमंत्री मोदी और मॉरीशस के पीएम के बीच होने वाली बातचीत में डिजिटल अर्थव्यवस्था, शिक्षा और युवा परियोजनाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा। साथ ही वाराणसी में स्थानीय समुदाय के विकास और रोजगार सृजन से जुड़ी पहल पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

    इस दौरे से वाराणसी और मॉरीशस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती मिलेगी। साथ ही यह भारत और मॉरीशस के मित्रवत संबंधों और आपसी सहयोग का प्रतीक भी माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के वाराणसी दौरे से न केवल शहर में विकास की गति बढ़ेगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की दोस्ताना छवि को भी बल मिलेगा।

  • नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री बनेंगी सुशीला कार्की? बनारस से है इनका खास नाता

    नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री बनेंगी सुशीला कार्की? बनारस से है इनका खास नाता

    नेपाल में चल रहे राजनीतिक संकट के बीच, नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की का नाम अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में सामने आ रहा है। उनकी ईमानदारी, निष्पक्षता और न्यायपालिका में उनके योगदान के कारण उन्हें इस भूमिका के लिए उपयुक्त माना जा रहा है।

    बनारस से गहरा संबंध

    सुशीला कार्की का बनारस से गहरा नाता है। उन्होंने 1975 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से राजनीति विज्ञान में मास्टर डिग्री प्राप्त की थी। यहीं उनकी मुलाकात नेपाल कांग्रेस के नेता दुर्गा प्रसाद सुबेदी से हुई, जिनसे बाद में उन्होंने विवाह किया। बीएचयू में अपने छात्र जीवन के दौरान वे एक सामान्य छात्रा की तरह पढ़ाई में व्यस्त रहती थीं और उनकी कोई राजनीतिक सक्रियता नहीं थी।

    न्यायपालिका में योगदान

    सुशीला कार्की ने नेपाल की न्यायपालिका में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। 2016 में वे नेपाल सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनीं। उनके कार्यकाल के दौरान न्यायपालिका में पारदर्शिता और निष्पक्षता को बढ़ावा मिला। उनकी छवि एक ईमानदार और निडर न्यायाधीश की रही है, जिन्होंने न्यायपालिका में सुधार की दिशा में कई कदम उठाए।भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। सुशीला कार्की ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली और नेतृत्व की सराहना की है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा नेपाल का सहयोगी रहा है और दोनों देशों के बीच मजबूत संबंध बनाए रखने की आवश्यकता है।सुशीला कार्की की न्यायपालिका में उनकी ईमानदारी और निष्पक्षता के कारण उनका नाम नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में सामने आ रहा है। उनका बनारस से गहरा संबंध और भारत के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण नेपाल-भारत संबंधों में एक नई दिशा की ओर संकेत करता है।

  • औरैया – बिधूना लापता छात्राएं इटावा से सुरक्षित बरामद

    औरैया – बिधूना लापता छात्राएं इटावा से सुरक्षित बरामद

    रिपोर्टर: अमित शर्मा औरैया के बिधूना थाना क्षेत्र से बुधवार को तीन छात्राओं के अचानक लापता होने से सनसनी फैल गई। तीनों छात्राएं सुबह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थीं, लेकिन न तो स्कूल पहुंचीं और न ही घर लौटीं। परिजनों की सूचना पर पुलिस हरकत में आई और देर रात उन्हें इटावा से सुरक्षित बरामद कर लिया गया।

    कैसे लापता हुईं छात्राएं?

    सीसीटीवी फुटेज में छात्राएं चौराहे पर पेट्रोल पंप के पास एक ई-रिक्शा में बैठकर दुर्गा मंदिर की ओर जाती दिखीं।

    • अनुष्का: भाई के साथ स्कूल जा रही थी, लेकिन रास्ते में साइकिल पंचर होने के बाद ऑटो से चौराहे पर पहुंची।
    • पायल और शिव्या: भरथना रोड की ओर से चौराहे पर आईं और वहीं से ई-रिक्शा में बैठकर आगे निकल गईं।
    • इसके बाद उनका घर व स्कूल दोनों से संपर्क टूट गया।

    पुलिस की सक्रियता

    जांच में सामने आया कि तीनों छात्राएं इटावा चली गईं। पायल ने शास्त्री चौराहे से एक राहगीर का फोन लेकर घर पर सूचना दी। सूचना मिलते ही बिधूना पुलिस ने इटावा पुलिस से संपर्क किया और तीनों छात्राओं को बरामद कर लिया।तीनों छात्राएं सुरक्षित हैं और इटावा पुलिस की निगरानी में हैं। बिधूना थाना पुलिस छात्राओं को परिजनों के सुपुर्द करने के लिए इटावा रवाना हो चुकी है।

  • पीएम मोदी का नेपाल की जनता को संदेश- शांति भारत के लिए जरूरी, हालात पर नजर

    पीएम मोदी का नेपाल की जनता को संदेश- शांति भारत के लिए जरूरी, हालात पर नजर

    न्यूज़ डेस्क : नेपाल में पिछले कुछ दिनों से हालात बेहद खराब हो चुके हैं। कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। कई जिलों से लूटपाट, हिंसा और अराजकता की खबरें सामने आ रही हैं। लोग शोरूम और मॉल में घुसकर टीवी, एसी और फ्रिज जैसी चीजें खुलेआम उठा ले जा रहे हैं। वहीं पुलिस और प्रशासन पूरी तरह नदारद है। इस बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल की जनता को सीधा संदेश दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि नेपाल की शांति भारत के लिए बेहद जरूरी है और भारत लगातार वहां की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

    पीएम मोदी ने नेपाल की जनता से क्या कहा?

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ शब्दों में कहा, “भारत और नेपाल का रिश्ता सिर्फ पड़ोसी देशों का नहीं, बल्कि परिवार का है। नेपाल की स्थिरता और शांति भारत के लिए उतनी ही जरूरी है जितनी नेपाल की जनता के लिए।”मोदी ने भरोसा दिलाया कि भारत नेपाल की मौजूदा स्थिति पर नजर रख रहा है और वहां शांति बहाल करने में हर संभव सहयोग देगा। उन्होंने कहा कि नेपाल में हो रही हिंसा और अव्यवस्था से भारत भी चिंतित है क्योंकि दोनों देशों के संबंध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से गहरे जुड़े हुए हैं।

    नेपाल में क्यों बिगड़े हालात?

    नेपाल में मौजूदा हालात की वजह प्रशासनिक विफलता मानी जा रही है।

    • हाल के दिनों में राजधानी समेत कई शहरों में लोग बिना किसी डर के दुकानों और मॉल में घुसकर सामान लूट रहे हैं।
    • सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग टीवी, एसी और फ्रिज जैसी बड़ी चीजें उठाकर ले जा रहे हैं।
    • पुलिस और प्रशासन की गैरमौजूदगी ने हालात और गंभीर बना दिए हैं।
    • इससे आम जनता में दहशत का माहौल है।

    भारत क्यों चिंतित है?

    भारत और नेपाल के बीच गहरी सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक कड़ियां हैं।

    • भारत-नेपाल की खुली सीमा दोनों देशों के लिए अहम है।
    • नेपाल में अस्थिरता सीधे तौर पर भारत की सीमाओं को प्रभावित कर सकती है।
    • खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती जिलों पर इसका असर पड़ सकता है।
    • नेपाल में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भी भारत की प्राथमिकता है।

    पीएम मोदी का संदेश यह साफ करता है कि भारत नेपाल की स्थिति को लेकर बेहद गंभीर है।

    • भारत यह नहीं चाहता कि पड़ोसी देश में अराजकता फैले।
    • मोदी का सीधा संदेश नेपाल की जनता को आश्वस्त करने के लिए भी है।
    • भारत ने पहले भी नेपाल की आपदा और संकट के समय मदद की है और इस बार भी मदद के लिए तैयार है।
    • नेपाल में मौजूदा हालात ने पूरे क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है। लूटपाट, हिंसा और प्रशासनिक नाकामी ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। पीएम मोदी का यह संदेश साफ करता है कि भारत नेपाल की स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है और वहां की जनता के साथ खड़ा है।
  • Nepal Protest news Today: नेपाल में ऊर्जा मंत्री और राष्ट्रपति के घर पर प्रदर्शन, ओली सरकार पर दबाव

    Nepal Protest news Today: नेपाल में ऊर्जा मंत्री और राष्ट्रपति के घर पर प्रदर्शन, ओली सरकार पर दबाव

    नेपाल – नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता के बीच बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। ऊर्जा मंत्री दीपक खड़का के घर के बाहर प्रदर्शनकारियों ने जमकर प्रदर्शन किया और आगजनी की। प्रदर्शनकारियों ने मंत्री के आवास के बाहर नोट उड़ाए और नारेबाजी की, जिससे सुरक्षा व्यवस्था चुनौतीपूर्ण हो गई। इस दौरान राष्ट्रपति के निजी घर में भी प्रदर्शनकारियों का प्रवेश हुआ, जिससे वहां की सुरक्षा पर भी सवाल उठने लगे।

    विश्लेषकों का कहना है कि ओली सरकार पर जनता और विपक्ष दोनों का दबाव बढ़ता जा रहा है। जनता के बीच असंतोष और सरकारी नीतियों के खिलाफ नाराजगी ने देश में राजनीतिक संकट को और गहरा दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि सरकार ने शीघ्र स्थिति नियंत्रित नहीं की, तो इससे देश में और अस्थिरता फैल सकती है।

    वर्तमान घटनाओं ने यह संकेत दिया है कि नेपाल में सत्ता परिवर्तन की संभावना बढ़ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, सरकार के शीघ्र कदम उठाने से ही शांति और स्थिरता सुनिश्चित की जा सकती है। देश के नागरिक और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटनाक्रम पर गहरी नजर बनाए हुए हैं।

    नेपाल में बढ़ते राजनीतिक तनाव और प्रदर्शनकारियों की बढ़ती सक्रियता ने देश के प्रशासन और सुरक्षा बलों की तैयारियों की परीक्षा भी ले ली है। आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत और समाधान के प्रयास महत्वपूर्ण साबित होंगे।

  • कानपुर में महिला सशक्तिकरण के लिए 10 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम

    कानपुर में महिला सशक्तिकरण के लिए 10 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम

    कानपुर -जनपद कानपुर में जिला प्रोबेशन अधिकारी श्री विकास सिंह के नेतृत्व में संकल्प हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन योजना के तहत 10 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना था। 08.09.2025 को महिला महाविद्यालय, किदवई नगर में विशेष विधिक जागरूकता सत्र आयोजित किया गया।

    छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों और अधिनियमों के बारे में जानकारी दी गई।जिला समन्वयक मोनिका यादव उपाध्याय ने POCSO अधिनियम और सोशल मीडिया के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों के बारे में समझाया। इससे छात्राओं को अपने जीवन में सुरक्षित निर्णय लेने में मदद मिलेगी।जेंडर स्पेशलिस्ट शैल शुक्ल ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, मातृ वंदन योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, शक्ति सदन, सखी निवास जैसी सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

    जेंडर स्पेशलिस्ट रागनी श्रीवास्तव ने हेल्पलाइन नंबर 181, 1090 और 198 के बारे में बताया, ताकि छात्राएं किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद ले सकें। कार्यक्रम में महिला महाविद्यालय की प्रधानाचार्या अंजू चौधरी, प्रोफेसर ममता और अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे।

    इस कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक बनाना है। छात्राओं ने कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी दिखाई और अपने सवालों के माध्यम से जानकारी हासिल की। यह पहल उन्हें अपने जीवन में सशक्त और सुरक्षित बनाने में सहायक होगी।

  • Aniruddhacharya Controversy-करौली सरकार का अनिरुद्धाचार्य पर प्रहार: “ये संत स्वभाव नहीं, अहंकार है”

    Aniruddhacharya Controversy-करौली सरकार का अनिरुद्धाचार्य पर प्रहार: “ये संत स्वभाव नहीं, अहंकार है”

    धर्मगुरु करौली सरकार ने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की युवतियों पर टिप्पणी को लेकर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि ऐसे शब्द संत स्वभाव नहीं बल्कि अहंकार है। पढ़ें पूरी खबर विस्तार से।

    धार्मिक प्रवचन और संत समाज का उद्देश्य हमेशा से समाज को नैतिकता, सदाचार और भक्ति की ओर प्रेरित करना रहा है। लेकिन हाल ही में चर्चित कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की एक टिप्पणी ने देशभर में विवाद खड़ा कर दिया है। युवतियों को लेकर उनकी टिप्पणी के बाद न केवल सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई, बल्कि अब कई धर्मगुरुओं ने भी इस पर प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है। इन्हीं में से एक हैं करौली सरकार (धर्मगुरु), जिन्होंने अनिरुद्धाचार्य के बयान को लेकर सीधा हमला बोला है।

    करौली सरकार ने अनिरुद्धाचार्य के विवादित बयान पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा:

    करौली सरकार ने अनिरुद्धाचार्य के विवादित बयान पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा:”उन्होंने बच्चियों को लेकर जिस तरीके से गंद मचाया है और बार-बार बयान को पुष्टि करने की कोशिश की है, ये संत स्वभाव नहीं, अहंकार है।””जो अपशब्द बोले जा रहे हैं, मेरा प्रश्न है कि उन्हें अनुभव हुआ कैसे?””इस तरह के शब्दों का उच्चारण उस व्यक्ति के लिए अच्छा नहीं, जिसे लोग सुनते हों और आदर्श मानते हों।”स्पष्ट है कि करौली सरकार ने इस बयान को न केवल आपत्तिजनक बताया, बल्कि संत समाज के लिए कलंक जैसा करार दिया।

    विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

    अनिरुद्धाचार्य, जो कि अपने प्रवचनों और धार्मिक आयोजनों के लिए प्रसिद्ध हैं, ने हाल ही में एक कथा के दौरान युवतियों पर ऐसी टिप्पणी कर दी, जिसने सबको चौंका दिया।उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।कई लोग इस टिप्पणी को अमर्यादित और महिलाओं के प्रति अपमानजनक मान रहे हैं।वहीं, कुछ समर्थक इसे अलग तरह से पेश करने की कोशिश कर रहे हैं।लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि अब संत समाज के ही लोग उनके खिलाफ बोल रहे हैं।

    भारत में संतों और कथावाचकों की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। करोड़ों लोग उनके प्रवचनों को सुनकर जीवन में प्रेरणा लेते हैं। ऐसे में जब कोई कथावाचक या संत अनुचित टिप्पणी करता है, तो यह समाज में गलत संदेश पहुंचाता है।करौली सरकार ने इसीलिए चेताया कि जो लोग धर्म और अध्यात्म के मार्गदर्शक हैं, उन्हें अपने शब्दों का खास ध्यान रखना चाहिए।लोगों की भावनाओं और समाज की संवेदनशीलता को ठेस पहुंचाना धर्म की मूल भावना के विपरीत है।

    सोशल मीडिया पर बवाल

    अनिरुद्धाचार्य के बयान के बाद सोशल मीडिया पर जमकर प्रतिक्रियाएं सामने आईं। ट्विटर (X) पर लोग #अनिरुद्धाचार्य और #करौलीसरकार ट्रेंड कराने लगे।फेसबुक और यूट्यूब पर लाखों लोगों ने वीडियो देखकर नाराजगी जताई।कई लोगों ने इसे महिला असम्मान करार दिया और कार्रवाई की मांग की।संत समाज में दरार या चेतावनी?करौली सरकार के बयान को कई लोग संत समाज के भीतर की असहमति के रूप में देख रहे हैं। हालांकि, जानकारों का कहना है कि यह दरार नहीं बल्कि चेतावनी है। यह संदेश है कि कोई भी संत, चाहे वह कितना भी लोकप्रिय क्यों न हो, अगर धर्म और मर्यादा से बाहर जाकर कुछ बोलेगा तो समाज और संत दोनों उसकी आलोचना करेंगे।ऐसी घटनाएं युवाओं और भक्तों की आस्था को झटका देती हैं।लोगों के मन में संत समाज को लेकर संदेह पैदा होता है।महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचती है।करौली सरकार का बयान इसीलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि यह संदेश देता है कि संत समाज भी गलत को गलत कहने से पीछे नहीं हटेगा।अनिरुद्धाचार्य के विवादित बयान पर करौली सरकार की प्रतिक्रिया ने एक नई बहस छेड़ दी है। सवाल यह है कि धर्मगुरुओं और कथावाचकों की जिम्मेदारी कितनी बड़ी है और क्या वे अपनी वाणी से समाज को सही राह दिखा रहे हैं?
    यह घटना इस बात का सबक है कि संतों और

  • ग्रामीणों की पीठ पर सवार होकर बाढ़ निरीक्षण करते दिखे कांग्रेस सांसद तारिक अनवर

    ग्रामीणों की पीठ पर सवार होकर बाढ़ निरीक्षण करते दिखे कांग्रेस सांसद तारिक अनवर

    कटिहार, बिहार – राज्य के कई जिलों में बाढ़ का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है और प्रभावित इलाकों में जीवनयापन करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक नेताओं की सक्रियता लोगों के लिए राहत का कारण बनती है। इसी क्रम में कांग्रेस सांसद तारिक अनवर कटिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने पहुंचे और उनका तरीका लोगों के लिए काफी आकर्षक और चर्चा का विषय बन गया।सांसद अनवर ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करते समय ग्रामीणों की पीठ पर सवार होकर क्षेत्र का जायजा लिया।

    इस दौरान वे कीचड़ और जलभराव से भरे रास्तों से गुज़रते हुए लोगों की समस्याओं को नजदीक से समझते दिखाई दिए। ग्रामीणों के अनुसार, सांसद ने खुद ग्रामीणों की मदद से इलाके में पैदल यात्रा की और हर घर तक पहुंचकर बाढ़ की गंभीर स्थिति का अवलोकन किया।बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी की गहराई अधिक थी और कई घरों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा था। इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में सांसद अनवर ने यह दिखाया कि जनसेवा और नेतृत्व सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि व्यक्तिगत प्रयासों से भी प्रभाव डाल सकता है। ग्रामीणों ने इस कदम की जमकर सराहना की और सांसद के इस कार्य को एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया।कटिहार में बाढ़ के कारण कई फसलें जलमग्न हो गई हैं और ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। सांसद अनवर ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन से तुरंत राहत सामग्री वितरण और जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उनके साथ स्वास्थ्य, पानी और भोजन जैसी आपातकालीन जरूरतों का ध्यान रखने वाली टीम भी मौजूद थी।

    इस मौके पर सांसद ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के साथ मिलकर निरीक्षण करना ही हमारी जिम्मेदारी है। हमें यह देखना है कि ग्रामीणों को समय पर राहत और आवश्यक सुविधाएँ मिलें।” उन्होंने यह भी कहा कि केवल नीतियां बनाना पर्याप्त नहीं है, नेताओं को स्वयं现场 जाकर लोगों की स्थिति समझनी चाहिए।

    ग्रामीणों ने सांसद की इस पहल को लेकर अपनी खुशी जताई और कहा कि सांसद ने सिर्फ निरीक्षण नहीं किया, बल्कि उनकी समस्याओं को समझने और समाधान निकालने का प्रयास किया। कई बुजुर्ग और महिलाएं सांसद के पास आईं और उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर अपनी परेशानियों को साझा किया। सांसद ने प्रत्येक समस्या पर ध्यान दिया और स्थानीय प्रशासन को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए।

    बाढ़ निरीक्षण के दौरान सांसद ने जलभराव और कीचड़ में फंसे पशु-पक्षियों की भी चिंता जताई और स्थानीय प्रशासन से उनकी देखभाल के लिए भी कदम उठाने का आग्रह किया। इसके अलावा, ग्रामीणों के साथ बैठकर उन्होंने यह योजना बनाई कि आने वाले दिनों में यदि बाढ़ बढ़ती है तो राहत कार्यों के लिए स्थानीय स्वयंसेवक और प्रशासन मिलकर तुरंत कार्रवाई करें।यह घटना यह दर्शाती है कि राजनीतिक नेतृत्व केवल घोषणा करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जब नेता स्वयं ग्रामीणों के बीच जाकर उनके कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं, तब ही लोगों में भरोसा और राहत का भाव उत्पन्न होता है।

    कटिहार की बाढ़ प्रभावित जनता ने इस पहल को काफी सराहा और सांसद तारिक अनवर को धन्यवाद दिया। इस दौरान मीडिया ने भी उनके प्रयासों को कवर किया और सोशल मीडिया पर यह दृश्य तेजी से वायरल हो गया।

  • delhi baadh 2025; दिल्ली बाढ़ 2025: यमुना का रौद्र रूप, खतरे का स्तर बढ़ा

    delhi baadh 2025; दिल्ली बाढ़ 2025: यमुना का रौद्र रूप, खतरे का स्तर बढ़ा

    delhi baadh 2025; दिल्ली इन दिनों बाढ़ के गंभीर खतरे से जूझ रही है। मानसून की तेज बारिश और हरियाणा से छोड़े गए पानी के कारण यमुना नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और राजधानी के निचले इलाकों में पानी घुसने लगा है। प्रशासन ने हालात को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया है। स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है और कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। दिल्ली सरकार और एनडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

    दिल्ली में बाढ़ का खतरा क्यों बढ़ा?

    यमुना नदी हर साल मानसून के समय उफान पर आती है, लेकिन इस बार हालात ज्यादा गंभीर हो गए हैं।

    • लगातार हो रही तेज बारिश
    • हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया भारी मात्रा में पानी
    • नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुँचना
    • निचले इलाकों की जल निकासी व्यवस्था पर दबाव

    विशेषज्ञों के अनुसार यदि बारिश का यही सिलसिला जारी रहा, तो स्थिति और बिगड़ सकती है।

    delhi baadh 2025; किन इलाकों पर सबसे ज्यादा असर?

    यमुना का पानी बढ़ने से दिल्ली के कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। प्रभावित क्षेत्र इस प्रकार हैं:

    delhi baadh 2025;
    • लाल किला
    • मजनू का टीला
    • कश्मीरी गेट
    • आईटीओ क्षेत्र
    • यमुना बाजार
    • लोहे का पुल और उसके आसपास के इलाके
    • ओखला और कालिंदी कुंज

    इन जगहों पर पानी घुस जाने के कारण स्थानीय लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

    delhi baadh 2025; प्रशासन की तैयारियां और अलर्ट

    दिल्ली सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए कई कदम उठाए हैं।

    प्रशासन द्वारा उठाए गए कदम:

    1. निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है।
    2. राहत शिविर लगाए गए हैं, जहां भोजन और दवाइयों की व्यवस्था की गई है।
    3. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है।
    4. यमुना के किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
    5. ट्रैफिक पुलिस ने कई रूट डायवर्ट किए हैं ताकि लोगों को परेशानी न हो।

    दिल्ली वालों की मुश्किलें

    • कई घरों और दुकानों में पानी भर गया है।
    • बिजली और पानी की सप्लाई प्रभावित हुई है।
    • यातायात पर भी गहरा असर पड़ा है।
    • स्कूलों और दफ्तरों में छुट्टियां घोषित की गई हैं।
    • लोग जरूरी सामान लेने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

    विशेषज्ञों की राय

    मौसम विभाग और बाढ़ प्रबंधन विशेषज्ञों का कहना है कि यमुना का जलस्तर अगले 24 घंटे बेहद अहम रहेंगे। यदि बारिश जारी रही तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।

    एक अधिकारी के अनुसार:

    “यमुना का जलस्तर खतरनाक निशान को पार कर चुका है। यदि बैराज से और पानी छोड़ा गया तो दिल्ली के और भी इलाके जलमग्न हो सकते हैं।”

    delhi baadh 2025; लोगों से अपील

    प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सरकारी निर्देशों का पालन करें। निचले इलाकों में रहने वाले लोग तुरंत सुरक्षित जगहों पर चले जाएं और बच्चों तथा बुजुर्गों का खास ख्याल रखें।

    delhi baadh 2025; दिल्ली इस समय बाढ़ के गंभीर संकट से गुजर रही है। यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालांकि प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं, लेकिन आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति पर ही हालात निर्भर करेंगे। नागरिकों को सतर्क रहने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।