Nation Now Samachar

Tag: BreakingNews

  • ‘सर तन से जुदा’ के नारे के बाद कानपुर में बवाल, पत्थरबाजी और आरोपी के घर पर भीड़

    ‘सर तन से जुदा’ के नारे के बाद कानपुर में बवाल, पत्थरबाजी और आरोपी के घर पर भीड़

    कानपुर-कानपुर में ‘सर तन से जुदा’ नारे को लेकर स्थिति गंभीर हो गई है। शहर के एक पुराने मोहल्ले में आरोपी के घर के बाहर नारे लिखे जाने के बाद वहां बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। स्थानीय निवासियों और पुलिस के अनुसार, भीड़ ने पत्थरबाजी भी की, जिससे इलाके में डर और हड़कंप फैल गया।मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विवाद के पीछे शिया और सुन्नी समुदाय के बीच पहले से चली आ रही असहमति है। आरोपी के घर पर नारे लिखे जाने के बाद स्थानीय लोग गुस्से में आ गए और पत्थरबाजी करने लगे। भीड़ ने आरोपी के घर के बाहर धक्का-मुक्की की और पुलिस को तुरंत मौके पर बुलाना पड़ा।

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, विवाद बढ़ने का कारण छोटे मामलों का लंबित रहना और आपसी टकराव रहा। पुलिस ने तुरंत इलाके को सील किया और अतिरिक्त फोर्स तैनात की। मौके पर पहुंची फील्ड यूनिट ने पत्थरबाजी में शामिल लोगों को हटाया और इलाके की सुरक्षा सुनिश्चित की।पुलिस ने चेतावनी दी कि किसी भी तरह की अफवाह या सोशल मीडिया पोस्ट से स्थिति और बिगड़ सकती है। उन्होंने जनता से शांति बनाए रखने और किसी भी उकसावे वाली गतिविधि में शामिल न होने की अपील की। इसके अलावा, आरोपी के परिवार को सुरक्षा देने के लिए भी विशेष टीम तैनात की गई।

    विभागीय अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी जल्द ही की जाएगी और मामले की गहन जांच की जा रही है। नारे लिखने और पत्थरबाजी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस ने यह भी कहा कि इलाके में शांति बनाए रखने के लिए सभी समुदायों से संयम बरतने का अनुरोध किया गया है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक और सामुदायिक तनाव लंबे समय तक समाज में अस्थिरता पैदा कर सकते हैं। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और दोनों पक्षों के बीच संवाद बेहद जरूरी होता है। कानपुर में यह घटना भी इसी तरह संवेदनशील मानी जा रही है।

    स्थानीय लोग डर के माहौल में जी रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने आसपास के इलाकों में गश्त बढ़ा दी है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि किसी भी उकसावे वाली गतिविधि में शामिल होने वाले लोग कानून के तहत सख्त कार्रवाई का सामना करेंगे।थाना प्रभारी ने कहा, “हमने मौके पर अतिरिक्त टीम तैनात कर दी है। आरोपी की गिरफ्तारी जल्द ही होगी और मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। हम चाहते हैं कि सभी समुदाय शांति बनाए रखें और कानून का पालन करें।”इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि धार्मिक और सामाजिक सह-अस्तित्व के लिए जागरूकता, प्रशासन की सक्रियता और संवाद कितना महत्वपूर्ण है। कानपुर प्रशासन की तत्परता और पुलिस की कार्रवाई से ही स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिशें जारी हैं।

  • लाल सागर में समुद्र के नीचे केबल कटी, भारत से लेकर पाकिस्तान तक इंटरनेट प्रभावित

    लाल सागर में समुद्र के नीचे केबल कटी, भारत से लेकर पाकिस्तान तक इंटरनेट प्रभावित

    नई दिल्ली। डिजिटल युग में इंटरनेट हमारी ज़िंदगी का सबसे अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में यदि अचानक इंटरनेट स्पीड धीमी पड़ जाए तो रोज़मर्रा का कामकाज, बिज़नेस और ऑनलाइन कम्युनिकेशन सब ठप पड़ जाता है। हाल ही में ऐसी ही स्थिति तब बनी जब लाल सागर (Red Sea) के नीचे बिछी एक बड़ी इंटरनेट केबल क्षतिग्रस्त हो गई। इस घटना ने भारत से लेकर पाकिस्तान, सऊदी अरब और पूर्वी अफ्रीका तक के देशों को प्रभावित किया है।

    क्या है मामला?

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, लाल सागर के नीचे बिछी सबमरीन फाइबर ऑप्टिक केबल अचानक क्षतिग्रस्त हो गई। ये केबल एशिया, अफ्रीका और यूरोप के बीच डेटा ट्रांसफर की अहम कड़ी है। जैसे ही यह केबल टूटी, कई देशों में इंटरनेट की स्पीड अचानक गिर गई। भारत और पाकिस्तान के बड़े शहरों में लोगों ने सोशल मीडिया पर धीमी इंटरनेट स्पीड की शिकायतें कीं। कई जगह वीडियो कॉल, ऑनलाइन क्लासेस और डिजिटल ट्रांजैक्शन पर असर देखने को मिला।

    क्यों होती है ऐसी दिक्कत?

    समुद्र के नीचे बिछी ऑप्टिकल फाइबर केबल्स ही अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट ट्रैफिक का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा संभालती हैं। अगर इनमें से कोई केबल टूट जाए तो वैकल्पिक रूट पर दबाव बढ़ जाता है। इसी कारण से यूजर्स को स्लो इंटरनेट और नेटवर्क फेलियर की समस्या झेलनी पड़ती है।

    किन देशों पर असर?

    • भारत – खासकर मुंबई, दिल्ली और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में इंटरनेट स्पीड धीमी रही।
    • पाकिस्तान – कराची और लाहौर में ऑनलाइन सेवाओं पर भारी असर।
    • सऊदी अरब और यमन – कई जगह कनेक्टिविटी पूरी तरह बाधित हुई।
    • अफ्रीका का हिस्सा – पूर्वी अफ्रीका के कुछ देशों में नेटवर्क डाउन रहा।

    विशेषज्ञों का कहना है कि समुद्र के नीचे टूटी केबल को ठीक करना आसान नहीं होता। इसके लिए स्पेशल शिप्स और अंडरवॉटर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना पड़ता है। कई बार मरम्मत में कई हफ्तों तक का समय लग जाता है।

  • दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल: सेंट्रल जोन ने वेस्ट जोन के खिलाफ बिना शतक 600 रन से रचा इतिहास

    दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल: सेंट्रल जोन ने वेस्ट जोन के खिलाफ बिना शतक 600 रन से रचा इतिहास

    बेंगलुरु: दलीप ट्रॉफी 2025 के सेमीफाइनल में सेंट्रल जोन ने वेस्ट जोन के खिलाफ ऐसा प्रदर्शन किया कि क्रिकेट फैंस हैरान रह गए। बिना किसी शतक के टीम ने कुल 600 रन बना डाले। इस शानदार पारी ने टीम के खिलाड़ियों की दमदार बल्लेबाजी और समन्वय का परिचय दिया।

    शुभम शर्मा का बेहतरीन योगदान दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल

    सेंट्रल जोन के बल्लेबाज शुभम शर्मा ने इस पारी में 96 रन बनाए और टीम के टॉप स्कोरर रहे। उनके प्रयास से टीम ने विपक्षी गेंदबाजों को पूरी तरह दबा दिया। इस मुकाबले में छह अन्य बल्लेबाजों ने भी अर्धशतक जमाए, जो टीम की गहरी बल्लेबाजी शक्ति का संकेत है।

    बिना शतक के इतिहास रचना दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल

    क्लासिक क्रिकेट में 600 रन से ज्यादा बनाना अक्सर शतकों से जुड़ा होता है, लेकिन इस सेमीफाइनल में सेंट्रल जोन ने बिना किसी शतक के यह रिकॉर्ड तोड़ा। यह उपलब्धि टीम की सघन बल्लेबाजी रणनीति और प्रत्येक खिलाड़ी की निरंतर योगदान का परिणाम है।

    वेस्ट जोन के लिए चुनौती दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल

    वेस्ट जोन के गेंदबाजों के लिए यह पारी बेहद चुनौतीपूर्ण रही। किसी भी बल्लेबाज को रोकना आसान नहीं था। सेंट्रल जोन की टीम ने रन बनाने की गति बनाए रखी और विपक्षी गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया।

    सेमीफाइनल का महत्व दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल

    यह सेमीफाइनल केवल जीत का नहीं, बल्कि मानसिक दबाव और रणनीति का भी परीक्षा रहा। सेंट्रल जोन की टीम ने न सिर्फ विपक्षी टीम को दबाया, बल्कि अपने आत्मविश्वास को भी बढ़ाया। अब फैंस की नजरें फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं, जिसमें यह टीम इतिहास रचने की पूरी क्षमता रखती है।

    फैंस और विशेषज्ञों ने दी प्रतिक्रिया दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल

    क्रिकेट विशेषज्ञों ने सेंट्रल जोन के इस प्रदर्शन की जमकर तारीफ की। फैंस सोशल मीडिया पर इस रिकॉर्ड को लेकर चर्चा कर रहे हैं और शुभम शर्मा समेत अन्य खिलाड़ियों के प्रयासों की सराहना कर रहे हैं।

  • हमीरपुर में प्रेम विवाह में आया नया मोड़, पत्नी अपने बच्चों के साथ पति के पास लौट गई

    हमीरपुर में प्रेम विवाह में आया नया मोड़, पत्नी अपने बच्चों के साथ पति के पास लौट गई

    हमीरपुर – हमीरपुर के सरीला कस्बे में कल एक अनोखी शादी देखने को मिली, जो आसपास के क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। घटना के अनुसार, प्रेम विवाह के बाद पति अपने चार बच्चों के साथ सरीला पहुँचे। वहीं पत्नी ने भी अपने बच्चों को देखते हुए अपने पति के साथ सुलह समझौते के तहत घर वापसी की।हमीरपुर में प्रेम विवाह में आया नया मोड़

    जानकारी के अनुसार, यह प्रेम विवाह पहले गुजरात में शुरू हुआ था। युवक को नौकरी के दौरान युवती से प्यार हुआ और दोनों ने अपने परिवार वालों की अनुमति लेकर शादी करने का निर्णय लिया। शादी की धूमधाम कल मंदिर में हुई, और आसपास के लोगों ने इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में जुटकर खुशी मनाई। हमीरपुर में प्रेम विवाह में आया नया मोड़

    बच्चे रहे मिलन का केंद्र

    इस शादी का सबसे भावपूर्ण पहलू यह था कि पत्नी अपने बच्चों को देख कर अपने पति के साथ घर लौट गई। यह घटना दर्शाती है कि प्रेम और परिवार के बीच संतुलन कैसे बनाया जा सकता है। बच्चों की खुशी और उनकी देखभाल को ध्यान में रखते हुए दोनों पक्षों ने मिलकर अपने मतभेद सुलझाए।सरीला कस्बे में यह प्रेम विवाह और बच्चों के साथ सुलह का दृश्य अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। लोग इस घटना को समाज में प्रेम विवाह और पारिवारिक जिम्मेदारियों का एक सकारात्मक उदाहरण मान रहे हैं।इस घटना से यह संदेश मिलता है कि प्यार केवल दो व्यक्तियों के बीच नहीं, बल्कि परिवार और बच्चों की भलाई को भी ध्यान में रखते हुए निभाया जाना चाहिए। सही समय पर समझौता और संवाद परिवार में खुशहाली बनाए रखने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। हमीरपुर में प्रेम विवाह में आया नया मोड़

  • भारत-अमेरिका रिश्तों में नया मोड़, इन वजहों में छिपा है राज

    भारत-अमेरिका रिश्तों में नया मोड़, इन वजहों में छिपा है राज

    भारत-अमेरिका रिश्तों में नया मोड़ – डोनाल्ड ट्रंप, जो हाल ही में भारत को लेकर तल्ख तेवर दिखा रहे थे, अब अचानक से नरम पड़ते नज़र आ रहे हैं। सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ? क्या वैश्विक राजनीति के दबाव हैं या फिर ट्रंप के घरेलू हित इसमें छिपे हुए हैं? आइए जानते हैं उन 7 वजहों के बारे में, जिनकी वजह से ट्रंप का रुख भारत के प्रति बदला।

    1. चीन पर दबाव बनाने की रणनीति

    ट्रंप हमेशा से चीन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते रहे हैं। भारत चीन का सबसे बड़ा पड़ोसी और प्रतिद्वंद्वी है। ऐसे में ट्रंप को एहसास है कि भारत के साथ मजबूत रिश्ते बनाना ही चीन पर दबाव बनाने का सबसे आसान तरीका है।

    2. आर्थिक साझेदारी और निवेश

    भारत अमेरिका के लिए एक बड़ा मार्केट है। ट्रंप जानते हैं कि भारत की डिजिटल और मैन्युफैक्चरिंग पावर अमेरिकी कंपनियों के लिए सुनहरा अवसर है। भारत में निवेश और व्यापार को बढ़ावा देना उनकी आर्थिक रणनीति का हिस्सा है।

    3. रक्षा सौदे और टेक्नोलॉजी

    भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सौदों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। भारत के साथ अरबों डॉलर के हथियार और तकनीकी समझौते ट्रंप के लिए आर्थिक लाभ का बड़ा स्रोत हैं। यही कारण है कि वे भारत के साथ रिश्तों को खराब नहीं करना चाहते।

    4. भारतीय मूल के वोटर का दबाव

    अमेरिका में भारतीय मूल की आबादी तेजी से प्रभावशाली हो रही है। ट्रंप को आने वाले चुनावों में भारतीय मूल के वोटरों का समर्थन चाहिए। यही वजह है कि भारत विरोधी बयानबाज़ी से उन्होंने दूरी बना ली है।

    5. वैश्विक कूटनीति और सहयोग

    भारत जी-20, ब्रिक्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अहम भूमिका निभा रहा है। ट्रंप को समझ आ चुका है कि भारत की अनदेखी करने से अमेरिका की वैश्विक स्थिति कमजोर हो सकती है। इसलिए उन्होंने भारत के साथ रिश्तों को सुधारने का निर्णय लिया।

    6. सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ साझेदारी

    भारत आतंकवाद से लगातार जूझ रहा है। अमेरिका के लिए यह जरूरी है कि वह भारत के साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ रणनीति बनाए। यही कारण है कि ट्रंप ने भारत के साथ सुरक्षा और खुफिया साझेदारी को मजबूत करने का संकेत दिया है।

    7. भारत की बढ़ती साख और छवि

    भारत आज सिर्फ दक्षिण एशिया ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर एक बड़ी शक्ति के रूप में उभर रहा है। आईटी, स्टार्टअप और अंतरिक्ष तकनीक में भारत की उपलब्धियां अमेरिका के लिए सहयोग का नया अवसर हैं। ट्रंप समझते हैं कि भारत से दूरी बनाना उनके लिए घाटे का सौदा होगा।

    भारत-अमेरिका रिश्तों में उतार-चढ़ाव कोई नई बात नहीं है। लेकिन ट्रंप का यह यू-टर्न दर्शाता है कि भारत की ताकत और वैश्विक महत्ता आज इतनी बढ़ चुकी है कि दुनिया की सबसे बड़ी ताकत भी इसे नजरअंदाज नहीं कर सकती। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा और कूटनीति में और मजबूती देखने को मिलेगी।

  • Jharkhand Naxal Encounter: मुठभेड़ में ढेर 10 लाख का इनामी नक्सली अपटन, सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता

    Jharkhand Naxal Encounter: मुठभेड़ में ढेर 10 लाख का इनामी नक्सली अपटन, सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता

    सूत्र झारखंड, – गोइलकेरा थाना क्षेत्र आराहासा पंचायत के रेला गांव स्थित बुरजूवा पहाड़ी के पास रविवार के अहले सुबह पुलिस और माकपा माओवादियों नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है।

    चाईबासा पुलिस कप्तान को गुप्त सूचना मिली थी कि गोइलकेरा थाना क्षेत्र में रेला पराल क्षेत्र में नक्सली संगठन के सक्रिय सदस्य मौजूद हैं। जिसके बाद पुलिस व सीआरपीएफ टीम ने इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया।पुलिस की सर्च के दौरान नक्सलियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हो गई। Jharkhand Naxal Encounter

    सुरक्षाबलों ने पूरे पहाड़ी क्षेत्र को घेर कर नक्सलियों के भागने के रास्ते बंद करने की कोशिश की जा रही है। चाईबासा एसपी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं । क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल को भी इलाके में भेजा गया है।Jharkhand Naxal Encounter

    मुठभेड़ में एक नक्सली को मारे जाने एवं एक एसएलआर बरामदगी की सूचना मिली है। लेकिन अभी तक उसकी पुष्टि नहीं हुआ। मुठभेड़ की खबर को जिला के एसपी राकेश रंजन ने पुष्टि की। समाचार लिखे जाने तक मुठभेड़ जारी है। Jharkhand Naxal Encounter

    मारा गया नक्सली जोनल कमांडर अमित हांसदा उर्फ अपटन है। उस पर 10 लाख रुपए का इनाम घोषित था। एसपी राकेश रंजन ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। मुठभेड़ आज सुबह हुई। Jharkhand Naxal Encounter

  • “पीलीभीत बाढ़: सीएमओ की मौजूदगी में लगाया गया निशुल्क स्वास्थ्य शिविर, मरीजों को मुफ्त दवा वितरण”

    “पीलीभीत बाढ़: सीएमओ की मौजूदगी में लगाया गया निशुल्क स्वास्थ्य शिविर, मरीजों को मुफ्त दवा वितरण”

    संवाददाता :-संजय शुक्ल पीलीभीत। लगातार हो रही बारिश से आई बाढ़ ने ट्रांस शारदा क्षेत्र में स्वास्थ्य संकट खड़ा कर दिया है। बुखार, डायरिया, उल्टी-दस्त और त्वचा रोग जैसे मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में ग्राम पंचायत रामनगर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आलोक कुमार की मौजूदगी में निशुल्क स्वास्थ्य चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया।

    पूरनपुर तहसील के अंतर्गत ट्रांस शारदा क्षेत्र के कई गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। जलभराव और गंदगी के कारण ग्रामीणों में बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भरतपुर मौरेनियां गांधी नगर की टीम लगातार बाढ़ग्रस्त गांवों में निशुल्क मेडिकल कैंप लगा रही है।

    रामनगर में आयोजित शिविर में डॉ. आलोक कुमार और प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रश्मि श्रीवास्तव की टीम ने दर्जनों मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उन्हें निशुल्क दवाइयां वितरित कीं। ज्यादातर मरीज बुखार, पेट दर्द, खांसी-जुकाम, त्वचा रोग और दस्त जैसी मौसमी बीमारियों से पीड़ित पाए गए।

    डॉ. रश्मि श्रीवास्तव ने ग्रामीणों को बरसात में सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि दूषित पानी और अस्वच्छ खानपान से बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं। उन्होंने ग्रामीणों को उबला या फिल्टर किया पानी पीने, मच्छरदानी का उपयोग करने और बाढ़ के पानी में अधिक समय न बिताने की हिदायत दी।सीएमओ डॉ. आलोक कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। मेडिकल कैंप में मरीजों की जांच, मुफ्त दवा वितरण और संक्रामक रोगों से बचाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम मौजूद रही और ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया।

  • “लाल किला चोरी: सोने-हीरे से जड़ित 1 करोड़ का कलश चोरी, CCTV वीडियो आया सामने”

    “लाल किला चोरी: सोने-हीरे से जड़ित 1 करोड़ का कलश चोरी, CCTV वीडियो आया सामने”

    नई दिल्ली। देश की ऐतिहासिक धरोहर लाल किला एक बार फिर सुर्खियों में है। परिसर से सोने और हीरे से जड़ित करीब 1 करोड़ रुपये मूल्य का प्राचीन कलश चोरी हो गया। इस सनसनीखेज घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लाल किला चोरी

    मिली जानकारी के अनुसार, चोरी लाल किला परिसर के एक संरक्षित हिस्से से हुई है। बताया जा रहा है कि चोरों ने सुरक्षा में सेंध लगाते हुए इस बहुमूल्य कलश को गायब कर दिया। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसके फुटेज अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।लाल किला चोरी

    चोरी का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और पुरातत्व विभाग (ASI) में हड़कंप मच गया है। दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फुटेज के आधार पर चोरों की तलाश तेज कर दी है। लाल किला चोरी

    लाल किला, जो यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट है और भारत की पहचान का प्रतीक है, वहां से कीमती कलश की चोरी ने सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छपी रिपोर्ट के मुताबिक, चोरी की शिकायत मिलते ही कोतवाली थाने में ई-एफआईआर दर्ज की गई. एसीपी शंकर बनर्जी की देखरेख में विशेष टीम बनाई गई. जांच में पता चला कि संदिग्ध पिछले कई दिनों से आयोजन स्थल पर आ रहा था और अकीदतमंदों से घुल-मिल गया था. पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं, जिनमें उसकी सरगर्मियां कैद हैं. 

    लाल किला चोरी

  • Red Fort Kalash Theft Case: लाल किला परिसर से करोड़ों का कलश चोरी

    Red Fort Kalash Theft Case: लाल किला परिसर से करोड़ों का कलश चोरी

    नई दिल्ली। देश की ऐतिहासिक धरोहर लाल किला एक बार फिर सुर्खियों में है। परिसर से करोड़ों रुपये कीमत का एक प्राचीन कलश चोरी होने की सनसनीखेज घटना सामने आई है।मिली जानकारी के मुताबिक, यह कलश लाल किला परिसर के एक संरक्षित हिस्से से गायब हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों और पुरातत्व विभाग (ASI) में हड़कंप मच गया। चोरी गए कलश का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व बताया जा रहा है, जिसकी कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है। Red Fort Kalash Theft Case: 

    फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और सुरक्षा कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।Red Fort Kalash Theft Case: 

    लाल किला, जिसे यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा प्राप्त है, भारत की पहचान और गौरव का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में वहां से हुई चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। Red Fort Kalash Theft Case: 

  • Auraiya Fake DAP Fertilizer- भारी मात्रा में नकली डीएपी बरामद, तीन युवक गिरफ्तार – कीमत 25 लाख रुपए से अधिक

    Auraiya Fake DAP Fertilizer- भारी मात्रा में नकली डीएपी बरामद, तीन युवक गिरफ्तार – कीमत 25 लाख रुपए से अधिक

    औरैया – औरैया जिले में पुलिस व प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। छापेमारी में लगभग 1000 बोरी नकली डीएपी खाद बरामद की गई है। मौके से तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया, जिनके खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।जानकारी के अनुसार, सदर कोतवाली पुलिस, एसओजी टीम, एसडीएम औरैया और जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र वर्मा ने जालौन रोड स्थित एक मकान पर छापेमारी की। इस दौरान भारी मात्रा में नकली डीएपी खाद जब्त की गई, जिसकी कीमत लगभग 20 से 25 लाख रुपये बताई जा रही है। Auraiya Fake DAP Fertilizer-

    सूत्रों का कहना है कि पिछले कई दिनों से पुलिस को सूचना मिल रही थी कि कुछ लोग नकली खाद तैयार कर किसानों को बेच रहे हैं। जांच के दौरान एक पिकअप वाहन से नकली डीएपी बरामद हुआ, जिसके बाद गहन पूछताछ की गई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि जालौन चौराहे के पास एक गोदाम में नकली खाद संग्रहित है।संयुक्त टीम ने छापेमारी कर 1000 बोरी नकली डीएपी और 50 बोरी नकली खाद बरामद की। मौके से तीन युवक गिरफ्तार किए गए और पूरा माल सील कर दिया गया।

    जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गैंग केवल औरैया ही नहीं बल्कि कई जिलों में करोड़ों रुपये का यह अवैध कारोबार करता था। उन्होंने किसानों से अपील की है कि खाद केवल अधिकृत दुकानों से ही खरीदें। वहीं पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आगे की कार्रवाई तेज कर दी गई है।