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  • कानपुर देहात- दबंगों की बढ़ती दबंगई, जमकर चले लात-घूसे वायरल वीडियो

    कानपुर देहात- दबंगों की बढ़ती दबंगई, जमकर चले लात-घूसे वायरल वीडियो

    कानपुर देहात – उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में इन दिनों दबंगों के हौसले लगातार बढ़ रहे हैं। न तो योगी सरकार का खौफ है और न ही जिले के प्रशासन का। ताजा मामला अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के रूरा रोड का है, जहां दबंगों ने एक युवक की पिटाई करने के बाद उसके घर पर भी पत्थरबाजी की।

    जानकारी के अनुसार, बाइक सवार कुछ दबंग पहले एक युवक की जी भर कर पिटाई करते हैं। मामला यहीं नहीं रुकता; इसके बाद वे युवक के घर पहुंचकर ताबड़तोड़ पत्थरबाजी करते हैं।यह पूरी घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वायरल तस्वीरों और वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कानून का शासन नहीं बल्कि दबंगों की दबंगई कायम है।

    स्थानीय लोग और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं कि कैसे दबंग बिना किसी डर के खुलेआम वारदात कर सकते हैं।अब तक मामले में प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। स्थानीय जनता प्रशासन से सुरक्षा और कानून का पालन सुनिश्चित करने की मांग कर रही है।

  • पीलीभीत-लगातार बारिश से बढ़ी मुसीबत, शारदा नदी उफान पर 38 एकड़ जमीन जलमग्न

    पीलीभीत-लगातार बारिश से बढ़ी मुसीबत, शारदा नदी उफान पर 38 एकड़ जमीन जलमग्न

    रिपोर्टर:-संजय शुक्ला पीलीभीत -पीलीभीत में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।शारदा नदी उफान पर है, जिसके चलते ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।अब तक नदी की चपेट में करीब 38 एकड़ कृषि भूमि आ चुकी है। वहीं कई जगहों पर सड़के तालाब जैसी नजर आ रही हैं, जिससे आमजन को आवाजाही में भारी दिक्कत हो रही है।

    ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द राहत कार्य शुरू करने और बाढ़ से बचाव की ठोस व्यवस्था करने की मांग की है।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपशब्द पर मायावती ने राहुल और तेजस्वी को घेरा,कहा- माहौल खराब ना करें

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपशब्द पर मायावती ने राहुल और तेजस्वी को घेरा,कहा- माहौल खराब ना करें

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए जा रहे अपशब्दों पर अब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने प्रतिक्रिया दी है।मायावती ने बिना नाम लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव को घेरते हुए कहा कि इस तरह की भाषा से देश का राजनीतिक माहौल खराब होता है

    बसपा सुप्रीमो ने कहा कि नेताओं को अपनी वाणी पर संयम रखना चाहिए। जनता से जुड़े मुद्दों पर राजनीति होनी चाहिए, व्यक्तिगत हमलों और अपशब्दों से लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुँचती है। मायावती ने राहुल और तेजस्वी को घेरा

    मायावती के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। गौरतलब है कि हाल ही में बिहार की वोटर अधिकार रैली में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर प्रधानमंत्री और उनके परिवार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा था।मायावती ने राहुल और तेजस्वी को घेरा

    बसपा चीफ ने लिखा- यहां इस बारे में यह विशेष उल्लेखनीय है कि परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का आदर्श कल्याणकारी भारतीय संविधान, भारत के करोड़ों लोगों के हित, सुरक्षा व उनके आत्म-सम्मान को सर्वोपरि मानते हुये, हर संवैधानिक संस्था को अपनी-अपनी निर्धारित सीमा में रहकर कार्य करने अर्थात् उन सबके लिए चेक एण्ड बैलेन्स की गारण्टी सुनिश्चित की है, जिस पर सही से अमल करके ही हालात को बिगड़ने से ज़रूर बचाया जा सकता है. मायावती ने राहुल और तेजस्वी को घेरा

  • Hike Working Hours: महाराष्ट्र प्राइवेट संस्थानों में 10 घंटे ड्यूटी का प्रस्ताव, श्रम कानून में बदलाव

    Hike Working Hours: महाराष्ट्र प्राइवेट संस्थानों में 10 घंटे ड्यूटी का प्रस्ताव, श्रम कानून में बदलाव

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    • महाराष्ट्र सरकार का नया प्रस्ताव: वर्किंग ऑवर्स 10 घंटे तक
    • श्रम अधिनियम 2017 में पांच बड़े बदलाव
    • ब्रेक और ओवरटाइम नियमों में संशोधन
    • कर्मचारियों और प्रतिष्ठानों पर संभावित प्रभाव

    Hike Working Hours: महाराष्ट्र के प्राइवेट सेक्टर में काम करने वालों का वर्कलोड बढ़ने वाला है. क्योंकि महाराष्ट्र सरकार काम के घंटों में बढ़ोतरी करने वाली है. दरअसल, महाराष्ट्र सरकार, महाराष्ट्र दुकान और प्रतिष्ठान (रोजगार और सेवा की शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 2017 में महत्वपूर्ण बदलाव करने वाली है. जिससे निजी प्रतिष्ठानों में कर्मचारियों के  अधिकतम कार्य घंटों  को वर्तमान नौ घंटे से बढ़ाकर 10 घंटे प्रतिदिन करने की योजना है.जो पूरे राज्य में दुकानों, होटलों और मनोरंजन स्थलों जैसे स्थानों में कर्मचारियों के लिए काम के घंटों को नियंत्रित करता है. इसे लेकर मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य श्रम विभाग ने इस कदम की जानकारी दी. मामले से जुड़े लोगों ने मीडिया को बताया कि इस मामले पर चर्चा के दौरान, मंत्रिमंडल ने प्रस्ताव पर और स्पष्टता मांगी है.

    श्रम विभाग 2017 के कानून में कर सकता है पांच बदलाव Hike Working Hours

    जानकारी के मुताबिक, श्रम विभाग 2017 के कानून में लगभग पांच बड़े बदलाव करने पर विचार कर रहा है, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण काम के घंटों में वृद्धि है. अधिनियम की धारा 12 में प्रस्तावित संशोधन में कहा गया है, “किसी भी वयस्क कर्मचारी को किसी भी प्रतिष्ठान में किसी भी दिन 10 घंटे से ज़्यादा काम करने की अनुमति नहीं होगी.” इसके अतिरिक्त, यह भी प्रस्तावित है कि किसी वयस्क को एक बार में छह घंटे से ज़्यादा काम करने की अनुमति तभी दी जाएगी जब उस समय में आधे घंटे का ब्रेक भी शामिल हो. बता दें कि वर्तमान में, एक कर्मचारी अधिकतम पांच घंटे ही काम कर सकता है.

    ओवरटाइम की अवधि में भी होगा इजाफाHike Working Hours

    इसके साथ ही कर्मचारियों के लिए ओवरटाइम की अवधि को तीन महीनों के भीतर 125 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे करने का भी प्रस्ताव रखा है. वर्तमान में, एक दिन में अधिकतम कार्य का समय 10.5 घंटे (ओवरटाइम सहित) निर्धारित है, जिसे बढ़ाकर 12 घंटे करने का प्रस्ताव है. वहीं अत्यावश्यक कार्य की स्थिति में, प्रतिदिन अधिकतम कार्य समय 12 घंटे से आगे बढ़ाने का प्रस्ताव है. जिसमें कार्य घंटों की कोई अधिकतम सीमा नहीं रहेगी.

    इन संस्थानों में लागू होंगे नए नियमHike Working Hours

    बता दें कि इस अधिनियम के प्रावधान 20 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों पर लागू होंगे. वर्तमान में, यह कानून 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों पर लागू होता है. एक वरिष्ठ मंत्री ने बताया कि, ‘मंत्री प्रावधानों और उनके प्रभाव पर ज़्यादा स्पष्टता चाहते थे, इसलिए मंगलवार को फैसला टाल दिया गया.’ अधिकारियों ने बताया कि इस क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद यह प्रस्ताव लाया गया.

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  • akhilesh-dubey-threat:अखिलेश दुबे की धमकी-एक झटका लगेगा…खेल खत्म:BJP नेता से कहा- लड़की का कानपुर कोर्ट में बयान हो चुका है;

    akhilesh-dubey-threat:अखिलेश दुबे की धमकी-एक झटका लगेगा…खेल खत्म:BJP नेता से कहा- लड़की का कानपुर कोर्ट में बयान हो चुका है;

    akhilesh-dubey-threat

    कानपुर में अखिलेश दुबे को जेल भिजवाने वाले रवि सतीजा का एक ऑडियो सामने आया है। इसमें अखिलेश दुबे भाजपा नेता को धमकी देते हुए जेल भिजवाने की बात कह रहा है। इतना ही नहीं, रेप केस का भी जिक्र कर रहा है।

    akhilesh-dubey-threat अखिलेश दुबे कहता है-

    – लड़की का कोर्ट में बयान हो चुका है, अब कुछ हो नहीं सकता। लेकिन, पहचान में चूक की बात कहकर तुम्हें बचा रहे हैं। इसके साथ ही किसी को जेल भिजवाकर काम खत्म करने की बात भी दुबे कर रहा है।

    रवि सतीजा से अखिलेश किसी ध्रुव गुप्ता के घर जाने और उसे ढूंढ़कर मामला खत्म कराने को बोल रहा है। रवि सतीजा और अखिलेश दुबे के बीच क्या बात हुई? किस मामले को लेकर दोनों की बात हो रही है?

    दुबे के खिलाफ ऑडियो बना मजबूत सबूत
    रवि सतीजा ने बताया- यह धमकी भरी कॉल अखिलेश दुबे ने 11 फरवरी, 2025 की दोपहर 3 बजकर 37 मिनट पर की थी। दुबे मेरे खिलाफ झूठा रेप केस दर्ज कराने के बाद मामला सेटल करने का दबाव बना रहा था।

    इस वजह से 1 मिनट 47 सेकेंड की इस कॉल रिकॉर्डिंग में मैंने उसकी हर बात पर हां में हां मिलाई। सतीजा ने बताया कि उनके खिलाफ रेप का झूठा मुकदमा दर्ज होने के बाद सामाजिक छवि धूमिल हो रही थी। इसके साथ ही जेल जाने का डर बना था। इस वजह से दुबे की हर बात में हां में हां मिलानी पड़ रही थी। इस ऑडियो को एसआईटी को भी बतौर सबूत सौंप दिया है।

    अब जानिए अखिलेश दुबे के बारे में

    एक ऐसा वकील, जिसने कभी कोर्ट में नहीं की बहस
    अखिलेश दुबे एक ऐसा वकील है, जिसने कभी कोर्ट में खड़े होकर किसी केस में बहस नहीं की। उसके दरबार में खुद की कोर्ट लगती थी और दुबे ही फैसला सुनाता था। वह सिर्फ अपने दफ्तर में बैठकर पुलिस अफसरों के लिए उनकी जांचों की लिखा-पढ़ी करता था। बड़े-बड़े केस की लिखा-पढ़ी दुबे के दफ्तर में होती थी।

    इसी का फायदा उठाकर वह लोगों के नाम निकालने और जोड़ने का काम करता था। इसी डर की वजह से बीते 3 दशक से उसकी कानपुर में बादशाहत कायम थी। कोई उससे मोर्चा लेने की स्थिति में नहीं था।

    काले कारनामों को छिपाने के लिए शुरू किया था न्यूज चैनल
    अखिलेश दुबे ने अपनी ताकत बढ़ाने के लिए सबसे पहले एक न्यूज चैनल शुरू किया था। इसके बाद वकीलों का सिंडीकेट बनाया। फिर इसमें कई पुलिस अफसरों को शामिल किया। कानपुर में स्कूल, गेस्ट हाउस, शॉपिंग मॉल और जमीनों के कारोबार में बड़े-बड़े बिल्डर उसके साथ जुड़ते चले गए।

    दुबे का सिंडीकेट इतना मजबूत था कि उसकी बिल्डिंग पर केडीए से लेकर कोई भी विभाग आपत्ति नहीं करता था। कमिश्नर का दफ्तर हो या डीएम ऑफिस, केडीए, नगर निगम और पुलिस महकमे से लेकर हर विभाग में उसका मजबूत सिंडीकेट फैला था। उसके एक आदेश पर बड़े से बड़ा काम हो जाता था।

    मेरठ से भागकर आया था कानपुर
    अखिलेश दुबे मूलरूप से कन्नौज के गुरसहायगंज का रहने वाला है। उसके पिता सेंट्रल एक्साइज में कॉन्स्टेबल थे। मेरठ में तैनात थे। वहां रहने के दौरान अखिलेश दुबे की सुनील भाटी गैंग से भिड़ंत हो गई। इसके बाद वह भागकर कानपुर आ गया।

    बात 1985 की है। अखिलेश दुबे किदवई नगर में किराए का कमरा लेकर रहने लगा। दीप सिनेमा के बाहर साइकिल स्टैंड चलाता था। इस दौरान मादक पदार्थ तस्कर मिश्री जायसवाल की पुड़िया (मादक पदार्थ) बेचने लगा। धीरे-धीरे आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो गया।

  • Kanpur Dehat News: मासूम बच्चों से घास कटवाने का फरमान, शिकायत लेकर पहुँचे डीएम ऑफिस

    Kanpur Dehat News: मासूम बच्चों से घास कटवाने का फरमान, शिकायत लेकर पहुँचे डीएम ऑफिस

    कानपुर देहात : कानपुर देहात के मोहना प्राथमिक विद्यालय में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। स्कूल में पढ़ाई कराने की बजाय बच्चों को घास छीलने का काम कराया जा रहा है। विरोध करने पर बच्चों को स्कूल से भगा दिया गया। Kanpur Dehat News: मासूम बच्चों से घास कटवाने का फरमान

    मामला तब सामने आया जब कक्षा 5 और कक्षा 7 के दो छात्र अपने स्कूल बैग कंधे पर टांगकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और अपने प्रधानाचार्य दिनेश शंखवार की शिकायत कर दी। छात्रों का आरोप है कि प्रधानाचार्य उन्हें रोज़ाना मैदान की सफाई और घास छीलने का काम करने पर मजबूर करते हैं। Kanpur Dehat News: मासूम बच्चों से घास कटवाने का फरमान

    जब बच्चों ने विरोध किया, तो उन्हें गाली-गलौज और मारपीट के बाद स्कूल से निकाल दिया गया। इस घटना के बाद बच्चे अपने माता-पिता और ग्रामीणों के साथ डीएम ऑफिस पहुँचे। अधिकारियों ने बच्चों की स्थिति देखकर मामले की गंभीरता को समझा और तत्काल बेसिक शिक्षा अधिकारी को जांच के आदेश दिए। Kanpur Dehat News: मासूम बच्चों से घास कटवाने का फरमान

    प्रधानाचार्य दिनेश शंखवार ने आरोपों को गलत बताया और कहा कि यह सिर्फ स्वच्छता अभियान के तहत कहा गया था। उन्होंने मारपीट और स्कूल से भगाने के आरोपों को निराधार बताया।इस पूरे मामले की जांच जारी है। सवाल यह उठता है कि आखिर स्कूलों में पढ़ाई की बजाय बच्चों से मजदूरी क्यों कराई जा रही है, और प्रशासन कब तक इस पर ठोस कदम उठाएगा। Kanpur Dehat News: मासूम बच्चों से घास कटवाने का फरमान

  • GST रिफॉर्म से घट सकती हैं कीमतें, Airtel और Jio ने रिचार्ज प्लान किए महंगे

    GST रिफॉर्म से घट सकती हैं कीमतें, Airtel और Jio ने रिचार्ज प्लान किए महंगे

    नई दिल्ली: जीएसटी (GST) रिफॉर्म के बाद फर्नीचर, LED, फेयरनेस क्रीम, खाने-पीने की चीजें, ब्रांडेड कपड़े, स्कूल स्टेशनरी, मोबाइल फोन और यहां तक कि कारों पर लगने वाली जीएसटी दरें कम होने की संभावना है। यह कदम आम जनता के लिए राहत भरा हो सकता है। GST रिफॉर्म से घट सकती हैं कीमतें

    लेकिन दूसरी तरफ देश की दो बड़ी टेलीकॉम कंपनियां—एयरटेल और जियो—ने मोबाइल यूजर्स को बड़ा झटका दिया है। दोनों कंपनियों ने अपने रिचार्ज प्लान महंगे कर दिए हैं। GST रिफॉर्म से घट सकती हैं कीमतें

    विशेषज्ञों का कहना है कि GST रिफॉर्म से सामान्य उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है, लेकिन मोबाइल रिचार्ज के बढ़ते दाम उपभोक्ताओं की जेब पर असर डालेंगे। GST रिफॉर्म से घट सकती हैं कीमतें

  • कानपुर देहात: ट्रक एसोसिएशन ने पुलिस के खिलाफ खोला मोर्चा, डीएम ऑफिस में सौंपा ज्ञापन

    कानपुर देहात: ट्रक एसोसिएशन ने पुलिस के खिलाफ खोला मोर्चा, डीएम ऑफिस में सौंपा ज्ञापन

    कानपुर देहात (भोगनीपुर): जिले की ट्रक एसोसिएशन ने भोगनीपुर पुलिस पर अवैध वसूले का आरोप लगाया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अपनी शिकायत डीएम कार्यालय में सौंपते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की।कानपुर देहात: ट्रक एसोसिएशन ने पुलिस के खिलाफ खोला मोर्चा

    https://twitter.com/nnstvlive/status/1958486065980801526

    ज्ञापन में कहा गया है कि यदि पुलिस द्वारा उनके आरोपों पर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई, तो एसोसिएशन बड़े आंदोलन की चेतावनी देने को मजबूर है। कानपुर देहात: ट्रक एसोसिएशन ने पुलिस के खिलाफ खोला मोर्चा

    ट्रक व्यवसायियों का कहना है कि अवैध वसूला और अन्य बाधाओं के चलते उनका काम प्रभावित हो रहा है, और प्रशासन से मांग है कि मामले की तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कानपुर देहात: ट्रक एसोसिएशन ने पुलिस के खिलाफ खोला मोर्चा

  • कानपुर देहात बीजेपी में आंतरिक कलह, प्रतिभा शुक्ला के पति समेत 3 को नोटिस

    कानपुर देहात बीजेपी में आंतरिक कलह, प्रतिभा शुक्ला के पति समेत 3 को नोटिस

    कानपुर देहात: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अंदर गुटबाजी और कलह तेज हो गई है, जो अब लखनऊ तक पहुंच गई है।पार्टी ने पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज शुक्ला, राजेश तिवारी और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के निर्देश पर पार्टी महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल ने जारी किया। कानपुर देहात बीजेपी में आंतरिक कलह

    सूत्रों के अनुसार, पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी को अनुशासनहीनता का नोटिस दिया गया है। नोटिस में कहा गया है कि तीनों नेताओं की गतिविधियां पार्टी के आचरण के विपरीत हैं और यह अनुशासनहीनता मानी जाती है। तीनों नेताओं को 7 दिन में अपना जवाब देने के लिए कहा गया है।यदि नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो पार्टी तीनों नेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है।दरअसल, पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज शुक्ला और राजेश तिवारी ने हाल ही में अकबरपुर के एक होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जिसमें उन्होंने दूसरी पार्टियों से आने वाले नेताओं पर निशाना साधा। यही कारण माना जा रहा है कि पार्टी ने अनुशासनहीनता का नोटिस जारी किया। कानपुर देहात बीजेपी में आंतरिक कलह

    पूर्व जिलाध्यक्षों ने आरोप लगाए—चारों विधायक भ्रष्ट और बाहरी पार्टी से आए

    हाल ही में पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज शुक्ला और राजेश तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के चारों विधायकों पर गंभीर आरोप लगाए।उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद दूसरे दलों से आए नेता मठाधीश बन गए हैं और पार्टी को व्यक्तिगत हित साधने का माध्यम बना लिया है। उनके अनुसार, चारों विधायक भ्रष्ट हैं—कोई बसपा से, कोई सपा से और कोई कांग्रेस से आया।पूर्व जिलाध्यक्षों का कहना है कि इनमें से कोई भी पुराना भाजपाई नहीं है, और ये नेता चलती रेलगाड़ी में सवार होकर बस लूटने में लगे हैं, जिससे पार्टी की छवि धूमिल हो रही है।इस बयान के बाद बीजेपी में अंदरूनी कलह और गुटबाजी बढ़ गई है और पार्टी ने तीन वरिष्ठ नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

    प्रतिभा शुक्ला के पति ने अनिल वारसी ने दिया था धरना कानपुर देहात बीजेपी में आंतरिक कलह
    बता दें, 24 जुलाई को योगी सरकार में राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला के पति अनिल वारसी ने कानपुर देहात के कोतवाली में 6 घंटे धरना दिया था. साथ ही, उन्होंने कोतवाली प्रभारी सतीश सिंह पर भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाया था. इसके बाद एसपी अरविंद मिश्रा ने मंत्री से बदसलूकी करने के आरोप में लालपुर चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया था. इसी मामले में योगी सरकार ने अनिल वारसी को नोटिस जारी किया है.

  • कानपुर अखिलेश दुबे गैंग की करतूत -कारोबारी महिला से 50 लाख रंगदारी, होटल कब्जाने की कोशिश

    कानपुर अखिलेश दुबे गैंग की करतूत -कारोबारी महिला से 50 लाख रंगदारी, होटल कब्जाने की कोशिश

    कानपुर- उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नगरी कानपुर में बहुचर्चित अखिलेश दुबे गैंग की काली करतूत का खुलासा हुआ है। साकेत नगर की एक महिला कारोबारी ने पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार को तहरीर देकर बताया कि इस गैंग ने साल 2009 से 2011 के बीच उनसे करीब 50 लाख रुपये की रंगदारी वसूली। कानपुर अखिलेश दुबे गैंग की करतूत

    महिला कारोबारी के मुताबिक, उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर बारादेवी क्षेत्र में होटल का कारोबार शुरू किया था। तभी गैंग के सरगना अखिलेश दुबे ने उनसे हर महीने दो लाख रुपये रंगदारी की मांग की। डर के चलते उन्होंने शुरू में रकम दी, लेकिन आर्थिक स्थिति बिगड़ने पर भुगतान रोक दिया। इसके बाद गैंग ने होटल कब्जाने का प्रयास किया। कानपुर अखिलेश दुबे गैंग की करतूत

    पहले प्रेम जाल और फिर फिजिकल रिलेशन, वीडियो और कारोबार कानपुर अखिलेश दुबे गैंग की करतूत

    पीड़िता का आरोप है कि गैंग के लोगों ने होटल में घुसकर मारपीट और लूटपाट की। विरोध करने पर उनके गहने तक छीन लिए। इतना ही नहीं, बदनाम करने के लिए उनके नाम से अश्लील किताबें छपवाकर लोगों में बांट दी गईं।महिला ने बताया कि गैंग ने उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की कोशिश की और यहां तक कि उनकी शादी के दिन कोर्ट पेशी का नोटिस भिजवाया गया। उत्पीड़न और धमकियों से परेशान होकर उन्हें साल 2013 में अपना होटल बेचना पड़ा।

    अब जबकि हाल ही में “ऑपरेशन महाकाल” के तहत आरोपी अखिलेश दुबे की गिरफ्तारी हुई, पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर पुलिस से शिकायत की है। पुलिस कमिश्नर ने मामले की जांच एसआईटी को सौंपी है। कानपुर अखिलेश दुबे गैंग की करतूत