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  • उत्तर प्रदेश में मौसम का अलर्ट शुरू! छठ पूजा पर बारिश का खतरा, जानिए किन जिलों में अलर्ट

    उत्तर प्रदेश में मौसम का अलर्ट शुरू! छठ पूजा पर बारिश का खतरा, जानिए किन जिलों में अलर्ट

    उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज अब तेजी से बदलने लगा है। अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में जहां सुबह-शाम की ठंड बढ़ रही है, वहीं छठ पूजा से पहले बारिश का खतरा मंडरा रहा है। दिन में धूप तो तेज है, लेकिन रातें सर्द होती जा रही हैं।मौसम विभाग के अनुसार, 27 अक्टूबर को प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं, पूर्वी यूपी में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।


    किन जिलों में जारी हुआ अलर्ट

    मौसम विभाग ने बताया है कि आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया और जालौन में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।इसके अलावा हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में भी हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।28 अक्टूबर को मौसम साफ रहेगा, लेकिन 29 से 31 अक्टूबर के बीच पूर्वी यूपी के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं।


    बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से असर

    मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बने दो अलग-अलग सिस्टम की वजह से यह बदलाव देखने को मिल रहा है।अरब सागर से आने वाली नमी और पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के हालात बन रहे हैं।वहीं, बंगाल की खाड़ी में बना गहन अवदाब 28 अक्टूबर को गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है, जो आंध्र प्रदेश तट पार करने के बाद कमजोर होकर पूर्वी यूपी के मौसम को प्रभावित करेगा।

  • Chhath Puja 2025 Niyam: छठ पूजा का आज से शुभारंभ, जानें व्रत के 10 महत्वपूर्ण नियम जिनका पालन है अनिवार्य

    Chhath Puja 2025 Niyam: छठ पूजा का आज से शुभारंभ, जानें व्रत के 10 महत्वपूर्ण नियम जिनका पालन है अनिवार्य

    Chhath Puja 2025 Niyam: नई दिल्ली/पटना: सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूजा 2025 आज 25 अक्टूबर शनिवार से शुरू हो गया है। आज के दिन नहाय-खाय के साथ चार दिवसीय छठ महापर्व की पवित्र शुरुआत हुई। यह पर्व भगवान भास्कर (सूर्य देव) और छठी मईया को समर्पित है।

    श्रद्धालु पूरे मनोयोग से 36 घंटे का निर्जला व्रत रखते हैं और सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।छठ पूजा का व्रत अत्यंत कठिन माना गया है क्योंकि इसमें जल और अन्न दोनों का सेवन वर्जित है। इस पर्व के दौरान शुद्धता, सात्विकता और ब्रह्मचर्य का पालन अनिवार्य माना गया है।

    छठ पूजा के प्रमुख नियम:

    1️⃣ पहला दिन – नहाय-खाय: इस दिन व्रती और परिवारजन केवल सात्विक भोजन करते हैं। चने की दाल, अरवा चावल और कद्दू की सब्जी को शुद्ध घी और सेंधा नमक से बनाना शुभ होता है।
    2️⃣ मांसाहार, लहसुन और प्याज का सेवन पूरी तरह वर्जित है।
    3️⃣ दूसरा दिन – खरना: व्रती पूरे दिन उपवास रखते हैं और शाम को गुड़ की खीर व रोटी से पूजा के बाद भोजन करते हैं।
    4️⃣ छठ प्रसाद बनाने के लिए मिट्टी के चूल्हे का उपयोग करना चाहिए।
    5️⃣ पूजा सामग्री जैसे सूप, डगरा, दउरा और टोकरी सभी नई होनी चाहिए।
    6️⃣ व्रत के दौरान साफ-सफाई और पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाता है।
    7️⃣ व्रती को नए वस्त्र पहनने, जमीन पर सोने और नकारात्मक विचारों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
    8️⃣ प्रसाद को छठी मईया को अर्पित करने से पहले कोई न खाए।
    9️⃣ तीसरा दिन – संध्या अर्घ्य: डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रती छठ गीतों और कथाओं से माहौल को भक्तिमय बनाते हैं।
    🔟 चौथा दिन – उषा अर्घ्य: सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण होता है और 36 घंटे का निर्जला व्रत पूर्ण होता है।