प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेला के अवसर पर पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की खुशहाली, जनकल्याण और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री को संगम तट पर पारंपरिक विधि-विधान के साथ स्नान करते देखा गया।
श्रद्धा और आस्था का संगम
माघ मेला के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान कर प्रदेशवासियों के लिए मंगलकामनाएं कीं। उनके साथ साधु-संतों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी भी रही।
व्यवस्थाओं का लिया जायजा
स्नान के बाद मुख्यमंत्री ने माघ मेला क्षेत्र में की गई व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने साफ-सफाई, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
आस्था और संस्कृति का प्रतीक
माघ मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह सनातन संस्कृति और परंपरा का भी जीवंत उदाहरण है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संगम स्नान प्रदेश सरकार की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
वाराणसी।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने वाराणसी दौरे के दौरान काशी की आध्यात्मिक परंपरा के अनुसार काल भैरव मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम में विधिवत पूजा-अर्चना की। सीएम योगी ने मंदिर परिसर में दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।
सुबह काल भैरव मंदिर पहुंचकर मुख्यमंत्री ने बाबा काल भैरव का आशीर्वाद लिया। इसके बाद वे काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बाबा विश्वनाथ की पूजा की। इस दौरान मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम रहे और श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रूप से जारी रही।
मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के बाद से वाराणसी देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र बन चुका है। सीएम योगी का नियमित रूप से काशी आना उनकी धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जुड़ाव को दर्शाता है।
अयोध्या: प्रतिष्ठा द्वादशी और रामलला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के पावन अवसर पर अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर में भव्य धार्मिक आयोजन हुआ। इस खास मौके पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर पहुंचकर भगवान रामलला की विधिवत पूजा-अर्चना की।
सुबह से ही राम मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और घंटियों की गूंज के बीच रामलला का विशेष श्रृंगार किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गर्भगृह में प्रवेश कर रामलला के चरणों में पुष्प अर्पित किए और देश व प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद बीते दो वर्षों में अयोध्या ने वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान बनाई है।
वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए कहा कि यह मंदिर करोड़ों रामभक्तों की आस्था और विश्वास का केंद्र है। उन्होंने कहा कि रामलला का आशीर्वाद देश को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करता है।
इस अवसर पर मंदिर प्रशासन, संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पूरे अयोध्या धाम में भक्तिमय और उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
अयोध्या धाम, । श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज आरोहण समारोह एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का ध्वजारोहण केवल यज्ञ की पूर्णाहूति नहीं, बल्कि एक नए युग का शुभारंभ है। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत सियावर रामचंद्र भगवान, माता जानकी, सरयू मैया, भारत माता की जय और हर-हर महादेव के जयघोष के साथ की, जिससे पूरा मंदिर परिसर गूँज उठा।
सीएम योगी ने कहा कि श्रीराम मंदिर का भव्य निर्माण 140 करोड़ भारतीयों की आस्था, सम्मान और आत्मगौरव का प्रतीक है। मंदिर के शिखर पर फहराता केसरिया ध्वज धर्म, मर्यादा, सत्य, न्याय और राष्ट्रधर्म की उस अनंत परंपरा का प्रतीक है, जिसने सदियों से इस राष्ट्र को मार्ग दिखाया है। मुख्यमंत्री ने इस दिव्य अवसर पर उन संतों, रामभक्तों, आंदोलनकारियों और कर्मयोगियों का अभिनंदन किया, जिन्होंने श्रीराम मंदिर आंदोलन में अपना जीवन समर्पित किया।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। सीएम योगी और सभी सम्मानित अतिथियों ने झुककर भगवा ध्वज को प्रणाम अर्पित किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री और सरसंघचालक जी को स्मृति चिह्न भी प्रदान किया।
सीएम योगी ने कहा कि धर्म का प्रकाश अमर है और रामराज्य के मूल्य कालजयी हैं। उन्होंने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व संभालने के साथ ही भारतवासियों के मन में नए संकल्प और विश्वास का उदय हुआ था, जो आज भव्य राम मंदिर के रूप में साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि आज का ध्वजारोहण विकसित भारत के संकल्प का भी प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संकल्प का कोई विकल्प नहीं होता। पिछले 11 वर्षों में भारत ने विकास और विरासत का अभूतपूर्व समन्वय देखा है। 80 करोड़ लोगों को राशन, 50 करोड़ लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा, हर जरूरतमंद को आवास—ये सब रामराज्य की उसी अवधारणा के प्रतीक हैं, जिसका आधार न्याय और समानता है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या अब उत्सवों की वैश्विक राजधानी बन रही है। संघर्ष और बदहाली के वर्षों के बाद आज अयोध्या धाम नई आस्था, नई ऊर्जा और नई अर्थव्यवस्था का केंद्र बन चुका है। धर्मपथ, रामपथ, भक्ति पथ से लेकर 84 कोसी परिक्रमा तक—अयोध्या हर दिशा में दिव्य और भव्य परिवर्तन का अनुभव करा रही है।
कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, महंत नृत्य गोपाल दास, स्वामी गोविंद देव गिरी सहित अनेक संत-महंत शामिल रहे। समारोह का संचालन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने किया।
संवाददाता – लोकेश मिश्राझांसी:उत्तर प्रदेश के अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को हाल ही में झांसी जेल में स्थानांतरित कर दिया गया है। अली अहमद ने जेल शिफ्ट होने के दौरान मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सुरक्षा की गुहार लगाई।
अली अहमद ने मीडिया से कहा कि उन्हें अन्यथा जेल में सताया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह एक लॉ स्टूडेंट हैं, लेकिन उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया। अली ने बताया कि गृह जिले से इतनी दूर जेल भेजना उनके लिए खतरनाक हो सकता है, इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री से सुरक्षा की मांग की।
उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय मिलने और सुरक्षित वातावरण में रहने का अधिकार दिया जाए। अली अहमद का कहना था कि वे किसी भी प्रकार की हिंसा या परेशानियों से बचे रहें।इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने जेल प्रशासन और सुरक्षा बलों से न्यायपूर्ण और सुरक्षित व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की।
जानकारी के अनुसार, अली अहमद के मामले की संपूर्ण कानूनी प्रक्रिया अभी चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी जेल शिफ्टिंग और सुरक्षा उपाय कानून के तहत सुनिश्चित किए गए हैं, लेकिन अली की व्यक्तिगत सुरक्षा की मांग अब प्रमुखता से देखी जा रही है।
झांसी जेल प्रशासन ने फिलहाल इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, यूपी पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर रखा है।
लखनऊ- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 25 लाख नौजवानों के लिए रोजगार सृजन की महत्वाकांक्षी योजना का एलान किया है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को अलग-अलग सेक्टरों में नौकरी के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।योजना के तहत नौजवानों को कृषि, टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, स्टार्टअप्स, निर्माण क्षेत्र और सेवा क्षेत्र जैसे विभिन्न उद्योगों में काम करने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की युवा शक्ति प्रतिभाशाली है और उन्हें सही दिशा और अवसर मिले तो वे न केवल अपने लिए बल्कि प्रदेश और देश के विकास में भी योगदान देंगे।
सरकार ने योजना में पारदर्शिता बनाए रखने का आश्वासन दिया है। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन की मदद से आवेदन प्रक्रिया सरल और तेज़ की जाएगी। योजना में योग्यताओं और कौशल के अनुसार युवाओं का चयन किया जाएगा, ताकि उन्हें उनके अनुभव और योग्यता के अनुसार रोजगार मिल सके।
योजना का एक अहम हिस्सा प्रशिक्षण कार्यक्रम भी है। प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को उनके क्षेत्र में दक्षता प्राप्त कराने का लक्ष्य रखा गया है। इससे नौजवान न केवल नौकरी के लिए तैयार होंगे बल्कि भविष्य में नए उद्यम स्थापित करने और तकनीकी क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकेंगे।
बीमारू राज्य के लेबल को उखाड़ फेंककर, आज भारत के विकास के ग्रोथ इंजन के रूप में उत्तर प्रदेश… pic.twitter.com/FchKZeJ09h
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के रोजगार सृजन कार्यक्रम प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाएंगे, नई तकनीक और उद्यमिता को प्रोत्साहन देंगे और ग्रामीण इलाकों में भी रोजगार के अवसर पैदा करेंगे।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “हमारा लक्ष्य 25 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उत्तर प्रदेश के पास संसाधन और क्षमता दोनों हैं, जिससे यह संभव हो सकता है। हमारी युवा शक्ति इसे सफल बनाएगी।”योजना में कॉलेज और विश्वविद्यालय के स्नातक, डिप्लोमा धारक और विभिन्न प्रशिक्षण प्राप्त युवा शामिल होंगे। सरकार विशेष ध्यान ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के युवाओं पर देगी ताकि उन्हें भी मुख्यधारा में रोजगार के अवसर मिलें।
25 लाख नौजवानों के लिए हमें अलग-अलग सेक्टर में नौकरी की व्यवस्था करनी है…
सरकारी विभागों के साथ-साथ निजी क्षेत्र की कंपनियों को भी योजना में शामिल किया जाएगा। इससे युवाओं के लिए करियर के कई विकल्प खुलेंगे और रोजगार की संभावना बढ़ेगी।योजना की सफलता का मुख्य कारण सरकार का युवाओं पर भरोसा और उन्हें अवसर देने की प्रतिबद्धता है। इसके साथ ही कौशल विकास और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से नौजवानों को रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा।युवाओं के लिए यह योजना न केवल नौकरी का अवसर है, बल्कि उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और प्रदेश की प्रगति में योगदान देने का एक प्लेटफ़ॉर्म भी प्रदान करती है।
नोएडा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को नोएडा दौरे पर रहेंगे। दोनों नेता फेज-2 स्थित राफे मोहिब ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट परिसर पहुंचेंगे।यह यूनिट देशभर में तेजी से उभरते हुए एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में अपनी पहचान बना चुकी है। सुरक्षा और औद्योगिक दृष्टिकोण से यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है।
सीएम योगी का 3 से 4 घंटे का दौरा
जानकारी के मुताबिक, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का कार्यक्रम दोपहर करीब 3 बजे से निर्धारित है, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। दोनों नेता यहां लगभग 3 से 4 घंटे तक समय बिताएंगे और कंपनी की कार्यप्रणाली, तकनीक तथा उत्पादन क्षमता का विस्तार से अवलोकन करेंगे। राफे एमफाइबर कंपनी भारतीय सशस्त्र बलों और पुलिस बलों के लिए ड्रोन, मानव रहित यान के इंजन और अन्य रक्षा उपकरणों का निर्माण करती है।
ट्रैफिक रूट डायवर्जन लागू
सीएम योगी और रक्षा मंत्री के नोएडा दौरे को लेकर पुलिस ने रूट डायवर्जन प्लान लागू कर दिया है।चिल्ला बॉर्डर, डीएनडी और फिल्म सिटी क्षेत्र में यातायात डायवर्ट रहेगा।वीआईपी काफिला गुजरने तक आम वाहनों की आवाजाही रोक दी जाएगी।आपातकालीन वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी।ट्रैफिक संबंधी मदद के लिए यातायात हेल्पलाइन नंबर 9971009001 पर संपर्क किया जा सकता है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
लगभग 1,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
सेक्टर-80 में एक अस्थाई हेलीपैड तैयार किया गया है, जहां से वीवीआईपी का आगमन और प्रस्थान होगा।
डीएनडी से फेज-2 और फेज-2 से सेक्टर-62 मॉडल टाउन गोल चक्कर तक अलग-अलग स्थानों पर अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
पुलिस प्रशासन ने कहा है कि इस दौरान आपातकालीन सेवाओं को बाधित नहीं किया जाएगा।