Nation Now Samachar

Tag: DelhiNews

  • दिल्ली: अवैध अतिक्रमण हटने के बाद फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास सन्नाटा, हर मोड़ पर पुलिस तैनात

    दिल्ली: अवैध अतिक्रमण हटने के बाद फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास सन्नाटा, हर मोड़ पर पुलिस तैनात

    दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास नगर निगम (MCD) द्वारा चलाए गए अवैध अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद हालात फिलहाल नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरे क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस और सुरक्षाबल तैनात हैं, जबकि तोड़े गए अवैध ढांचों का मलबा हटाने का काम लगातार जारी है।

    सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

    अधिकारियों के मुताबिक, अभियान के दौरान और उसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता रही। इलाके के संवेदनशील बिंदुओं पर अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं और पुलिस की मौजूदगी लगातार बनी हुई है। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है ताकि किसी भी तरह की अशांति को समय रहते रोका जा सके।

    मलबा हटाने का कार्य जारी

    MCD अधिकारियों ने बताया कि अभियान में चिन्हित अवैध निर्माणों को हटाया गया है। अब क्षेत्र को पूरी तरह साफ करने के लिए मलबा हटाया जा रहा है, जिससे सड़क और सार्वजनिक रास्तों को सामान्य उपयोग के लिए जल्द खोला जा सके।

    इलाके में शांति, लेकिन सतर्कता बरकरार

    अवैध अतिक्रमण हटने के बाद फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास सन्नाटा देखने को मिला है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एहतियातन पुलिस बल की तैनाती जारी रहेगी। स्थानीय हालात पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।

  • दिल्ली: बंदरों को भगाने के लिए PWD ने निकाली भर्ती, लंगूर की आवाज में काम करेंगे कर्मी

    दिल्ली: बंदरों को भगाने के लिए PWD ने निकाली भर्ती, लंगूर की आवाज में काम करेंगे कर्मी

    दिल्ली: राजधानी दिल्ली में बंदरों की बढ़ती समस्या को देखते हुए PWD (Public Works Department) ने एक अनोखी पहल की है। अब बंदरों को भगाने के लिए लोगों की भर्ती निकाली गई है। इस भर्ती में चयनित कर्मी लंगूर की आवाज निकालकर बंदरों को भगाने का काम करेंगे।

    क्यों निकली भर्ती?

    दिल्ली के कई इलाके जैसे कि साउथ दिल्ली, रोहिणी, और पुरानी कॉलोनियों में बंदरों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। ये बंदर न केवल सड़क पर और पार्कों में परेशान कर रहे हैं बल्कि घरों और दुकानों में भी घुसपैठ कर रहे हैं। इससे न केवल लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है बल्कि खाद्य सामग्री और घरों की सुरक्षा भी खतरे में है।PWD ने टेंडर जारी करते हुए कहा कि भर्ती किए जाने वाले कर्मी 8 घंटे की शिफ्ट में काम करेंगे और उनका मुख्य कार्य बंदरों को भगाना होगा। इसके लिए कर्मी को लंगूर की आवाज की नकल करने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इस तरह की पहल पहली बार दिल्ली में लागू की जा रही है।

    भर्ती की शर्तें

    • भर्ती केवल उन लोगों के लिए है, जो लंगूर की आवाज़ की सही नकल कर सकते हैं
    • हर कर्मी को 8 घंटे की शिफ्ट में काम करना होगा।
    • कर्मी शहर के ऐसे इलाकों में तैनात किए जाएंगे, जहां बंदरों की संख्या अधिक है।
    • PWD ने इस काम के लिए विशेष टेंडर जारी कर आवेदन आमंत्रित किए हैं।

    क्या है उद्देश्य?

    PWD का कहना है कि बंदरों से निपटने के लिए पारंपरिक उपाय जैसे जाल और रबर की गोली पर्याप्त नहीं हैं। इसलिए लंगूर की आवाज़ निकालने वाले कर्मियों की तैनाती करने का निर्णय लिया गया है। इस तकनीक के जरिए बंदर समझेंगे कि इलाके में बड़े लंगूर मौजूद हैं और वे खुद ही जगह छोड़ देंगे।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह इको-फ्रेंडली और मानव-सुरक्षित तरीका है, क्योंकि इसमें बंदरों को नुकसान नहीं पहुंचाया जाता। इसके अलावा, इससे लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

    दिल्ली में बंदरों की समस्या

    दिल्ली में बंदर अक्सर पेड़ों, तारों और खुले इलाकों में घूमते नजर आते हैं। लोग इनसे परेशान हैं क्योंकि बंदर खाने-पीने की वस्तुएं चोरी करते हैं और कभी-कभी झगड़े भी बढ़ा देते हैं। PWD का यह कदम शहरवासियों के लिए राहत भरा साबित होगा।

    आने वाले दिनों में क्या होगा?

    PWD जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया पूरी करके लंगूर आवाज कर्मियों की भर्ती शुरू करेगा। भर्ती के बाद ये कर्मी निर्धारित क्षेत्रों में तैनात होंगे और बंदरों को भगाने का काम करेंगे। इस पहल से उम्मीद है कि शहर में बंदरों की बढ़ती दिक्कत कम होगी और लोग सुरक्षित रह सकेंगे।

  • Putin India Visit LIVE: पुतिन आज राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत के बाद राजघाट जाएंगे, भारत-रूस शिखर सम्मेलन पर दुनियाभर की नजर

    Putin India Visit LIVE: पुतिन आज राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत के बाद राजघाट जाएंगे, भारत-रूस शिखर सम्मेलन पर दुनियाभर की नजर

    Putin India Visit LIVE: भारत और रूस के संबंधों के लिए आज का दिन बेहद अहम होने वाला है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा के दूसरे दिन की शुरुआत राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत से करेंगे। सुबह राष्ट्रपति भवन परिसर में तीनों सेनाएं उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देंगी। इसके बाद पुतिन राजघाट जाकर महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

    आज का दिन कूटनीति, रक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी सहयोग के लिहाज से निर्णायक माना जा रहा है। रूसी प्रतिनिधिमंडल आज भारत के साथ व्यापार, अर्थव्यवस्था, विज्ञान, तकनीक और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में विस्तृत चर्चा करेगा। इसके साथ ही दोनों देश 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, जहां वैश्विक मुद्दों से लेकर क्षेत्रीय स्थिरता और रक्षा सहयोग तक कई अहम बिंदुओं पर बात होगी।

    पहले दिन PM मोदी ने पुतिन का किया प्रोटोकॉल तोड़कर स्वागत

    गुरुवार, 4 दिसंबर की शाम पुतिन का विमान दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर उतरे। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर खुद एयरपोर्ट पहुंचकर उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से दोनों नेता एक ही कार से पीएम आवास पहुंचे। पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक आवास पर पुतिन के लिए विशेष डिनर का आयोजन किया।सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच लगभग 3 घंटे लंबी वार्ता हुई, जिसमें रक्षा साझेदारी, ऊर्जा सहयोग, एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा, और रूस-यूक्रेन संघर्ष की चुनौतियों पर चर्चा शामिल रही।

    दुनिया की नजरें आज होने वाले शिखर सम्मेलन पर टिकीं

    आज होने वाला भारत-रूस शिखर सम्मेलन दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों को नई दिशा दे सकता है। उम्मीद है कि कई महत्वपूर्ण समझौतों और नए आर्थिक सहयोग पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। खासकर ऊर्जा, रक्षा उत्पादन, व्यापार मार्ग, स्पेस टेक्नोलॉजी और डिजिटल साझेदारी पर बड़ी प्रगति की संभावना है।

    भारत और रूस दोनों ही देशों के बीच दशकों पुराने भरोसे और रणनीतिक मित्रता को और मजबूत करने के लिए इस यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज दिनभर की गतिविधियों पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी रहेंगी।

  • दिल्ली ब्लास्ट का कनेक्शन यूपी से जुड़ा, एटीएस ने शुरू की मदरसों की जांच; देवबंद के उलेमा बोले इस्लाम आतंकवाद नहीं सिखाता

    दिल्ली ब्लास्ट का कनेक्शन यूपी से जुड़ा, एटीएस ने शुरू की मदरसों की जांच; देवबंद के उलेमा बोले इस्लाम आतंकवाद नहीं सिखाता

    सहारनपुर। दिल्ली में 10 नवंबर को हुए दिल्ली ब्लास्ट के बाद जांच एजेंसियों ने अपनी पड़ताल तेज कर दी है। इस मामले का कनेक्शन प्रदेश से मिलने के बाद यूपी पुलिस का आतंकवाद-रोधी दस्ता (ATS) सक्रिय हो गया है। ATS ने राज्य भर में संचालित मदरसों का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। इसके लिए अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों से मदरसों, शिक्षकों, छात्रों और उनके वित्तीय स्रोतों की विस्तृत जानकारी मांगी गई है।

    ATS की जांच से बढ़ी हलचल

    सूत्रों के मुताबिक, ATS बीते कुछ दिनों से कई जिलों में मदरसों की गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों को खंगाल रही है। खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कहीं किसी बाहरी फंडिंग या संदिग्ध गतिविधि का लिंक तो नहीं।जैसे ही यह जानकारी सामने आई, देवबंद के उलेमा भी प्रतिक्रिया देने के लिए आगे आए। उलेमाओं ने कहा कि मदरसों को लेकर गलतफहमियां फैलाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और शिक्षा संस्थानों को आतंकवाद से जोड़ना अनुचित है।

    “इस्लाम शांति सिखाता है, आतंकवाद नहीं” – उलेमा

    देवबंदी उलेमा मुफ्ती असद कासमी ने साफ कहा कि इस्लाम किसी भी प्रकार के आतंकवाद या जुल्म को बढ़ावा नहीं देता।
    उन्होंने कहा, “इस्लाम इंसान तो दूर, जानवर को भी तकलीफ देने की इजाजत नहीं देता। दुनिया भर के मदरसों में केवल इस्लाम की तालीम दी जाती है, जिसमें इंसानियत, शांति और नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाया जाता है।”उलेमा ने सवाल उठाया कि मदरसों को बार-बार गलत तरीके से क्यों प्रस्तुत किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस्लाम और आतंकवाद को जोड़ना “गलत और खतरनाक प्रवृत्ति” है।

    https://nationnowsamachar.com/bollywood-news/bollywood-superstar-dharmendra-passes-away-emotional-funeral-held-in-vile-parle-grieving-actress-sadi/

    उलेमा बोले—जांच का स्वागत है

    मदरसों में जांच को लेकर पूछे गए प्रश्न पर उलेमा ने कहा कि वे सुरक्षा एजेंसियों का स्वागत करते हैं।उनका कहना था, “एजेंसियां आएं, जांच करें और देखें कि मदरसों में वास्तव में हो क्या रहा है। हमें कोई आपत्ति नहीं है।”उलेमा ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि जब-जब देश पर संकट आया है, मदरसों के छात्रों ने देश के लिए बलिदान दिए हैं।उन्होंने कहा, “आजादी की लड़ाई में भी मदरसों के ही छात्र आगे रहे। ऐसे में मदरसों को संदेह की नजर से देखना गलत है।”

    जांच आगे भी जारी रहेगी

    ATS की टीम निकट भविष्य में कई जिलों में और विस्तृत जांच करने की तैयारी कर रही है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह प्रक्रिया रूटीन इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग का हिस्सा है, ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।

  • दिल्ली लाल किला मेट्रो स्टेशन ब्लास्ट: कई मौतें, यूपी में हाई अलर्ट जारी

    दिल्ली लाल किला मेट्रो स्टेशन ब्लास्ट: कई मौतें, यूपी में हाई अलर्ट जारी

    दिल्ली लाल किला मेट्रो स्टेशन ब्लास्ट: बुधवार शाम उस समय बड़ा हादसा बन गया जब लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास एक कार में जोरदार विस्फोट हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाका इतना तीव्र था कि आसपास खड़ी तीन से चार गाड़ियों में तुरंत आग लग गई और उनके पार्ट्स सड़क पर दूर-दूर तक बिखर गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि विस्फोट के बाद हालात भयावह हो गए और कई लोग मौके पर घायल होकर गिर पड़े।

    दमकल विभाग के उप मुख्य अग्निशमन अधिकारी एके मलिक के मुताबिक, शाम 6:55 बजे कॉल प्राप्त हुई और टीम तुरंत मौके पर पहुँची। उन्होंने बताया कि आग को 7:29 बजे नियंत्रित कर लिया गया। पुलिस और फॉरेंसिक टीम लगातार जांच में जुटी है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि विस्फोट के कारणों पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

    घटना के बाद घायल लोगों को LNJP अस्पताल लाया गया, जहां 15 लोगों को भर्ती किया गया है। अस्पताल प्रशासन ने पुष्टि की कि 8 लोगों की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। एक मरीज की हालत स्थिर बताई जा रही है।

    ANI से बात करते हुए एक स्थानीय शख्स ने कहा—“जब हमने सड़क पर किसी का हाथ पड़ा देखा तो हम बिल्कुल चौंक गए। यह दृश्य शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।”

    विस्फोट के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। यूपी ADG (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश के मुताबिक DGP ने सभी जिलों की पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों, धार्मिक स्थलों और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। लखनऊ सहित सभी बड़े शहरों में गश्त और चेकिंग को तेज कर दिया गया है।घटना के कारणों को जानने के लिए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियाँ संयुक्त जांच कर रही हैं।

  • दिल्ली में बढ़ा प्रदूषण स्तर : AQI 361, कई स्टेशन 400 पार; GRAP-3 और GRAP-4 से बचने की कोशिश तेज

    दिल्ली में बढ़ा प्रदूषण स्तर : AQI 361, कई स्टेशन 400 पार; GRAP-3 और GRAP-4 से बचने की कोशिश तेज

    दिल्ली में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। शनिवार और रविवार को एयर क्वालिटी लगातार खराब श्रेणी में दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का कुल एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) रविवार को 361 पहुंच गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं, दिल्ली के नौ मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 400 के पार दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ स्तर का संकेत है।

    बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को आंखों में जलन, खांसी, सिरदर्द और सांस लेने में दिक्कत जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो हवा में धूल, धुआं और नमी बढ़ने से हालात और बिगड़ सकते हैं।सरकार और प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियां इस बार GRAP-3 और GRAP-4 जैसे कड़े प्रतिबंध लागू करने से बचने की पूरी कोशिश कर रही हैं। इसके लिए एजेंसियों को धूल फैलाने वाली गतिविधियों, प्रदूषणकारी गाड़ियों और कूड़ा जलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

    एमसीडी को भी कूड़ा और निर्माण मलबा उठाने की प्रक्रिया तेज करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि सड़कों पर जमा धूल और कचरा प्रदूषण को और न बढ़ाए।प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियों का कहना है कि यदि प्रदूषण का स्तर आगे और बढ़ा तो सख्त कदम उठाने पड़ सकते हैं। फिलहाल अधिकारी स्थितियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

  • दिल्ली की हवा अब ‘जानलेवा’: 2023 में 17,188 लोगों की मौत प्रदूषण से

    दिल्ली की हवा अब ‘जानलेवा’: 2023 में 17,188 लोगों की मौत प्रदूषण से

    दिल्ली।देश की राजधानी दिल्ली की हवा अब सिर्फ गंदी नहीं, बल्कि जानलेवा हो चुकी है।इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन (IHME) की ताजा रिपोर्ट ने चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए हैं साल 2023 में अकेले दिल्ली में 17,188 लोगों की मौत वायु प्रदूषण के कारण हुई।

    रिपोर्ट के मुताबिक, हवा में मौजूद बेहद सूक्ष्म कण PM2.5 अब दिल्ली में मौतों का सबसे बड़ा कारण बन चुके हैं। ये सूक्ष्म कण इतने छोटे होते हैं कि सीधे फेफड़ों और रक्त प्रवाह में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे दिल, फेफड़े और दिमाग से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

    सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) के अनुसार, वर्ष 2023 में दिल्ली में हुई कुल मौतों में से लगभग 15% मौतें केवल प्रदूषण के कारण हुईं।यह किसी भी आधुनिक शहर के लिए बेहद गंभीर चेतावनी है, क्योंकि अब प्रदूषण का खतरा हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या मोटापे जैसे पारंपरिक स्वास्थ्य जोखिमों से भी ज्यादा घातक साबित हो रहा है।

    https://nationnowsamachar.com/other/lalu-yadav-lalu-who-called-the-maha-kumbh-mela-useless-is-celebrating-halloween-bjp-attacks-him/

    विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो आने वाले वर्षों में दिल्ली “सांस लेने लायक शहर” नहीं रह जाएगा।
    प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा कई कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन लगातार बढ़ती आबादी, वाहनों की संख्या और औद्योगिक उत्सर्जन इस संकट को और गहरा कर रहे हैं।

  • Bharat Taxi: अब ओला-उबर को टक्कर देने आ गई सरकारी ‘भारत टैक्सी’ ड्राइवरों को मिलेगा पूरा किराया, बिना कमीशन!

    Bharat Taxi: अब ओला-उबर को टक्कर देने आ गई सरकारी ‘भारत टैक्सी’ ड्राइवरों को मिलेगा पूरा किराया, बिना कमीशन!

    Bharat Taxi: ओला-उबर जैसी प्राइवेट टैक्सी सेवाओं की शिकायतों के बीच अब केंद्र सरकार लेकर आई है अपनी नई सरकारी टैक्सी सेवा — “भारत टैक्सी” (Bharat Taxi)। यह देश की पहली सहकारी (Co-operative) टैक्सी सर्विस होगी, जिसे केंद्र सरकार के सहकारिता मंत्रालय (Ministry of Cooperation) और नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) ने मिलकर तैयार किया है।

    ड्राइवर होंगे ‘को-ऑनर’, नहीं देना होगा कोई कमीशन

    भारत टैक्सी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ड्राइवरों को अपनी हर राइड की 100% कमाई मिलेगी। उन्हें ओला-उबर की तरह किसी कंपनी को कमीशन नहीं देना होगा। बस उन्हें एक मेंबरशिप चार्ज (दैनिक, साप्ताहिक या मासिक) देना होगा, जो बहुत मामूली रखा गया है।

    नवंबर में दिल्ली से पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत

    भारत टैक्सी का पायलट प्रोजेक्ट नवंबर में दिल्ली से शुरू किया जाएगा, जिसमें 650 ड्राइवर और वाहन शामिल होंगे। दिसंबर से इस सेवा का विस्तार देशभर में किया जाएगा। दिसंबर तक करीब 5,000 ड्राइवर इस सर्विस से जुड़ जाएंगे।

    अमूल की तर्ज पर ‘सहकारी मॉडल’

    इस टैक्सी सेवा को सहकार टैक्सी को-ऑपरेटिव लिमिटेड ऑपरेट करेगी। संचालन के लिए एक काउंसिल बनाई गई है, जिसका नेतृत्व अमूल के एमडी जयेन मेहता करेंगे।

    ऐप से ऐसे करें बुकिंग

    भारत टैक्सी ऐप को Google Play Store और Apple App Store से डाउनलोड किया जा सकेगा। यह ऐप हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती और मराठी भाषाओं में उपलब्ध होगी।

    जल्द ही 20 शहरों में विस्तार

    दिल्ली के बाद यह सेवा मुंबई, पुणे, भोपाल, लखनऊ और जयपुर सहित 20 शहरों में शुरू होगी। सरकार का दावा है कि यह मॉडल न सिर्फ ड्राइवरों को सशक्त करेगा, बल्कि यात्रियों को भी सस्ती, सुरक्षित और भरोसेमंद राइड देगा।

  • दिवाली पर दिल्ली में टूटा शराब बिक्री का रिकॉर्ड , 15 दिन में 600 करोड़ की बिक्री!

    दिवाली पर दिल्ली में टूटा शराब बिक्री का रिकॉर्ड , 15 दिन में 600 करोड़ की बिक्री!

    दिल्ली -दिवाली के जश्न में इस बार दिल्ली वालों ने रिकॉर्ड तोड़ शराब खरीदी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, त्योहार से पहले के 15 दिनों में शराब की खुदरा बिक्री से सरकार को करीब ₹600 करोड़ का एक्साइज राजस्व (Excise Revenue) प्राप्त हुआ है।

    दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस बार दिवाली सीजन में शराब की बिक्री पिछले साल की तुलना में लगभग 15% अधिक रही है।2024 में दिवाली के दौरान कुल बिक्री ₹516 करोड़ रही थी, जबकि इस साल यह आंकड़ा ₹600 करोड़ तक पहुंच गया।

    जानकारों का कहना है कि त्योहार के दौरान पार्टियों, गिफ्ट पैक्स और प्रीमियम ब्रांड्स की बढ़ती डिमांड ने बिक्री में बड़ा इजाफा किया है। इसके अलावा, ऑनलाइन ऑर्डर और फूड डिलीवरी ऐप्स पर ड्रिंक सेक्शन की सुविधा ने भी इस ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई।

    हालांकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि त्योहार की खुशियों में संयम जरूरी है, और शराब का अत्यधिक सेवन सेहत और समाज दोनों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

  • दिल्ली में 2 नए जिले बनने की संभावना, कैबिनेट जल्द कर सकती है फैसला

    दिल्ली में 2 नए जिले बनने की संभावना, कैबिनेट जल्द कर सकती है फैसला

    नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में प्रशासनिक सुधार के तहत दिल्ली को जल्द ही दो नए जिलों मिलने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव पर अधिकारियों के साथ बैठकें पूरी कर ली हैं और अब यह फैसला कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

    प्रशासनिक सुधार की आवश्यकता

    दिल्ली में पिछले कई वर्षों से जनसंख्या बढ़ती जा रही है और वर्तमान जिलों में प्रशासनिक दबाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे में दो नए जिलों का गठन प्रशासनिक कार्यों को सुगम बनाने और नागरिकों को बेहतर सेवाएं देने के उद्देश्य से किया जा रहा है।सरकार ने अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की है कि नए जिलों का निर्माण किस क्षेत्र में किया जाए। अधिकारियों ने जनसंख्या, भौगोलिक क्षेत्र और प्रशासनिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत की है। बैठक में यह भी तय किया गया कि नए जिलों के गठन से सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी होगा।

    कैबिनेट की मंजूरी

    अब यह प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि कैबिनेट इस पर जल्दी निर्णय ले सकती है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि नई जिलों की घोषणा के बाद संबंधित क्षेत्रों में प्रशासनिक कार्यालय और संबंधित सुविधाओं का निर्माण भी शीघ्र शुरू होगा।दो नए जिलों के गठन से दिल्ली में प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ अधिक आसानी से मिलेगा। यह कदम दिल्ली सरकार की प्रशासनिक सुधार और जनसुविधा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।