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    Eid ul Adha 2025: बरेली के फरीदपुर में दिखा एकता का पवित्र उत्सव

    फरीदपुर, बरेली। ईद उल अजहा, जिसे बकरीद के नाम से भी जाना जाता है, फरीदपुर और आसपास के क्षेत्रों में (Eid ul Adha 2025) 7 जून 2025 को पूरे जोश और शांति के साथ मनाया गया। यह पर्व न केवल कुर्बानी की भावना को दर्शाता है, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारा और मानवीय मूल्यों को भी मजबूत करता है। सुबह तड़के से ही फरीदपुर की मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह 10 बजे ईदगाह में हज़ारों लोगों ने नमाज अदा की और देश की खुशहाली, शांति और तरक्की के लिए दुआएं मांगीं। Eid ul Adha 2025

    प्यार-मोहब्बत का पैगाम- Eid ul Adha 2025

    नमाज के बाद लोग आपस में गले मिले, एक-दूसरे को बधाइयां दीं और प्यार-मोहब्बत का पैगाम बांटा। यह नजारा समाज में एकता और प्रेम की मिसाल बन गया। इस अवसर पर स्थानीय नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। प्रो. डॉ. अलाउद्दीन खान, नगर पालिका अध्यक्ष सराफत जरी वाले, हाजी महबूब अली खान और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने ईद की शुभकामनाएं दीं और साझी संस्कृति को बढ़ावा देने का संदेश दिया। Eid ul Adha 2025

    एसडीएम और तहसीलदार रहे मौजूद- Eid ul Adha 2025

    प्रशासन ने पर्व को शांतिपूर्ण बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। एसडीएम मल्लिका नैन, तहसीलदार सुरभि राय और सीओ संदीप सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। इससे लोग बिना किसी डर के उत्सव में शामिल हुए। Eid ul Adha 2025

    ईद उल अजहा का असली संदेश कुर्बानी में निहित है। यह केवल पशु बलि तक सीमित नहीं, बल्कि यह अपने अंदर की बुराइयों जैसे अहंकार, नफरत और स्वार्थ को त्यागने की प्रेरणा देता है। आज के दौर में, जब समाज में तनाव और मतभेद बढ़ रहे हैं, यह पर्व हमें आपसी प्रेम और सहिष्णुता का पाठ पढ़ाता है। फरीदपुर की यह ईद सामाजिक सौहार्द का जीवंत उदाहरण बनी। Eid ul Adha 2025

    यह त्यौहार हमें याद दिलाता है कि धर्म का मकसद बांटना नहीं, जोड़ना है। ईद की खुशियां तब और बढ़ जाती हैं, जब हम इसे समाज के हर वर्ग के साथ मिलकर मनाते हैं। यह पर्व हमें सामाजिक जिम्मेदारी, भाईचारे और मानवता के प्रति समर्पण की सीख देता है। फरीदपुर में इस बार की ईद ने न केवल धार्मिक उत्साह दिखाया, बल्कि एकता और प्रेम का संदेश भी दिया।