स्विट्ज़रलैंड में एक बार के अंदर हुए भीषण धमाके से हड़कंप मच गया। धमाके के वक्त बार में मौजूद कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, धमाके के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और आपातकालीन सेवाएं तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और इलाके को घेराबंदी में लेकर राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।
अधिकारियों ने बताया कि धमाके के कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि घटना गैस रिसाव, तकनीकी खराबी या किसी अन्य वजह से हुई। जांच पूरी होने के बाद ही आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक सूचनाओं का इंतजार करने की अपील की है।
अकबरपुर क्षेत्र के बारा गांव में टोल टैक्स बचाने के लिए वाहनों का गांव के अंदर से गुजरना लगातार बढ़ता जा रहा है। हर दिन सैकड़ों चारपहिया और भारी वाहन गांव के संकरे रास्तों से होकर निकलते हैं, जिससे पूरे इलाके में भीषण जाम की स्थिति बन जाती है। यह समस्या अब इतनी गंभीर हो चुकी है कि ग्रामीणों का रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो रहा है और आपातकालीन सेवाएं भी बाधित हो रही हैं।
गांव के निवासी बताते हैं कि कई बार जाम इतना बढ़ जाता है कि एंबुलेंस तक फंस जाती है। कई मौके पर गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाते समय एंबुलेंस जाम में फंस गई, जिससे महिलाओं को एंबुलेंस के अंदर ही प्रसव पीड़ा सहनी पड़ी। यह स्थिति न सिर्फ परेशान करने वाली है, बल्कि प्रशासन के लिए भी बेहद चिंताजनक है।
टोल प्लाजा बारा के पास स्थित होने की वजह से वाहन चालक टोल शुल्क देने से बचने के लिए शॉर्टकट के रूप में गांव के रास्तों का इस्तेमाल करते हैं। गांव की सड़कें संकरी होने के कारण भारी वाहनों का दबाव सड़क को नुकसान पहुंचा रहा है और यातायात व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो रही है।
ग्रामीणों ने इस समस्या को कई बार जिले के अधिकारियों के सामने उठाया है। शिकायतों के बाद कुछ दिनों तक पुलिस और प्रशासन की निगरानी बढ़ जाती है और हालात में थोड़ी राहत मिलती है। लेकिन कुछ ही दिनों बाद फिर से टोल बचाने के लिए अवैध रूप से वाहनों का गांव के अंदर से आवागमन शुरू हो जाता है। इस वजह से जाम की समस्या लगातार बनी रहती है और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही इस पर स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो वह सामूहिक रूप से आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। स्थानीय लोगों में टिंकू गुप्ता भाई जी, जावेद कुरेशी, कलीम कुरैशी, पप्पू, ताहिर और मनोज राठौर सहित कई लोग इस समस्या को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं।
गांववाले प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि भारी वाहनों का गांव में प्रवेश पूरी तरह बंद कराया जाए और टोल प्लाजा के पास कड़ी निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि ग्रामीणों को इस रोज़ाना की मुसीबत से छुटकारा मिले।