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  • Al-Falah University पर लटक सकती है मान्यता रद्द होने की तलवार, NAAC ने जारी किया नोटिस

    Al-Falah University पर लटक सकती है मान्यता रद्द होने की तलवार, NAAC ने जारी किया नोटिस

    फरीदाबाद। दिल्ली बम ब्लास्ट के बाद सुर्खियों में आई अल-फलाह यूनिवर्सिटी (Al-Falah University) को लेकर अब बड़ा खुलासा हुआ है। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) ने यूनिवर्सिटी के खिलाफ फर्जी मान्यता के दावे को लेकर नोटिस जारी किया है। इस नोटिस के बाद यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द होने की संभावना जताई जा रही है।

    जानकारी के अनुसार, अल-फलाह यूनिवर्सिटी ने अपनी वेबसाइट पर NAAC ग्रेड ‘A’ मान्यता का दावा किया था, जबकि NAAC के रिकॉर्ड में ऐसा कोई प्रमाण मौजूद नहीं है। नोटिस में कहा गया है कि यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग और एजुकेशन कॉलेज को पांच वर्ष पूर्व मान्यता मिली थी, जो क्रमशः 2018 और 2016 में समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद संस्थान ने खुद को मान्यता प्राप्त बताकर गुमराह किया।

    NAAC ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से 7 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा है। साथ ही यह भी पूछा है कि क्यों न अल-फलाह यूनिवर्सिटी को भविष्य के मूल्यांकन से अयोग्य घोषित कर दिया जाए और UGC व NMC से मान्यता रद्द करने की सिफारिश की जाए।गौरतलब है कि फरीदाबाद स्थित यह यूनिवर्सिटी हरियाणा प्राइवेट यूनिवर्सिटी एक्ट 2014 के तहत स्थापित हुई थी और 2015 में UGC की मान्यता प्राप्त की थी। वहीं 2019 में इसके मेडिकल कॉलेज को भी मान्यता दी गई थी।यह मामला तब और गंभीर हो गया जब इसी यूनिवर्सिटी से जुड़े एक डॉक्टर के पास विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी। फिलहाल जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।

  • छह बार की विश्व चैंपियन मैरी कॉम के घर में चोरी, CCTV में संदिग्ध नजर

    छह बार की विश्व चैंपियन मैरी कॉम के घर में चोरी, CCTV में संदिग्ध नजर

    फरीदाबाद भारतीय बॉक्सिंग की दिग्गज और छह बार की विश्व चैंपियन मैरी कॉम के घर में चोरी की घटना सामने आई है। घटना उस समय हुई जब मैरी कॉम मेघालय में एक मैराथन कार्यक्रम में हिस्सा लेने गई थीं।फरीदाबाद के सेक्टर 46 स्थित उनके घर से चोरी के संबंध में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घर के अंदर कुछ कीमती सामान गायब पाए गए हैं।

    घटना की जांच में पुलिस ने CCTV फुटेज की मदद ली है। फुटेज में संदिग्ध व्यक्ति कुछ सामान ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस इस फुटेज की मदद से चोर की पहचान करने की कोशिश कर रही है।पुलिस अधिकारियों ने कहा कि घर की सुरक्षा व्यवस्था और आसपास के क्षेत्र में लगे कैमरों की समीक्षा की जा रही है। पड़ोसियों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटना का पूरा विवरण सामने आ सके।

    मैरी कॉम के फैंस और खेल जगत के लोग इस खबर से हैरान हैं। सोशल मीडिया पर लोग उनकी सुरक्षा और इस घटना के बारे में चिंता जता रहे हैं।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी ने संदिग्ध व्यक्ति को देखा है तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दें। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि चोरी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।यह घटना खेल जगत और विशेष रूप से मैरी कॉम के प्रशंसकों के लिए चिंताजनक है, क्योंकि वह देश का नाम कई बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रोशन कर चुकी हैं।

  • न डॉग शेल्टर, न पर्याप्त नसबंदी सेंटर… आवारा कुत्तों पर SC के आदेश का दिल्ली-NCR में कैसे होगा पालन?

    न डॉग शेल्टर, न पर्याप्त नसबंदी सेंटर… आवारा कुत्तों पर SC के आदेश का दिल्ली-NCR में कैसे होगा पालन?

    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में देशभर में आवारा कुत्तों के प्रबंधन के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं। आदेश के तहत राज्यों को पर्याप्त डॉग शेल्टर होम, नसबंदी सेंटर और वैक्सीनेशन सुविधाएं स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन दिल्ली-NCR में हालात यह हैं कि न तो पर्याप्त शेल्टर हाउस मौजूद हैं और न ही नसबंदी सेंटरों की संख्या जरूरत के मुताबिक है।

    दिल्ली में शेल्टर हाउस की कमी न डॉग शेल्टर, न पर्याप्त नसबंदी सेंटर

    नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में कुल पंजीकृत डॉग शेल्टर की संख्या उंगलियों पर गिनी जा सकती है। वहीं हजारों की संख्या में आवारा कुत्ते शहर की सड़कों पर घूमते हैं, जिससे लोगों की सुरक्षा और स्वच्छता दोनों पर खतरा मंडरा रहा है।

    NCR में स्थिति और बदतर न डॉग शेल्टर, न पर्याप्त नसबंदी सेंटर

    गुरुग्राम, नोएडा, गाज़ियाबाद और फरीदाबाद में शेल्टर और नसबंदी सेंटर की उपलब्धता बेहद सीमित है। स्थानीय निकाय बजट की कमी और संसाधनों के अभाव का हवाला देकर बड़े स्तर पर कार्य करने से बचते रहे हैं।

    विशेषज्ञों की राय न डॉग शेल्टर, न पर्याप्त नसबंदी सेंटर

    पशु कल्याण से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक हर जिले में पर्याप्त शेल्टर होम और नसबंदी सेंटर स्थापित नहीं किए जाते, तब तक सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का प्रभावी पालन संभव नहीं है। साथ ही, वैक्सीनेशन कैंप और जागरूकता अभियान भी जरूरी हैं।

    सरकार की चुनौती न डॉग शेल्टर, न पर्याप्त नसबंदी सेंटर

    दिल्ली-NCR प्रशासन के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि सीमित संसाधनों के बीच कोर्ट के आदेश को कैसे लागू किया जाए। सूत्रों के मुताबिक, आगामी नगर निगम बैठकों में इस पर विस्तृत योजना पेश की जा सकती है।