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  • ग्रामीणों की पीठ पर सवार होकर बाढ़ निरीक्षण करते दिखे कांग्रेस सांसद तारिक अनवर

    ग्रामीणों की पीठ पर सवार होकर बाढ़ निरीक्षण करते दिखे कांग्रेस सांसद तारिक अनवर

    कटिहार, बिहार – राज्य के कई जिलों में बाढ़ का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है और प्रभावित इलाकों में जीवनयापन करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक नेताओं की सक्रियता लोगों के लिए राहत का कारण बनती है। इसी क्रम में कांग्रेस सांसद तारिक अनवर कटिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने पहुंचे और उनका तरीका लोगों के लिए काफी आकर्षक और चर्चा का विषय बन गया।सांसद अनवर ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करते समय ग्रामीणों की पीठ पर सवार होकर क्षेत्र का जायजा लिया।

    इस दौरान वे कीचड़ और जलभराव से भरे रास्तों से गुज़रते हुए लोगों की समस्याओं को नजदीक से समझते दिखाई दिए। ग्रामीणों के अनुसार, सांसद ने खुद ग्रामीणों की मदद से इलाके में पैदल यात्रा की और हर घर तक पहुंचकर बाढ़ की गंभीर स्थिति का अवलोकन किया।बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी की गहराई अधिक थी और कई घरों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा था। इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में सांसद अनवर ने यह दिखाया कि जनसेवा और नेतृत्व सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि व्यक्तिगत प्रयासों से भी प्रभाव डाल सकता है। ग्रामीणों ने इस कदम की जमकर सराहना की और सांसद के इस कार्य को एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया।कटिहार में बाढ़ के कारण कई फसलें जलमग्न हो गई हैं और ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। सांसद अनवर ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन से तुरंत राहत सामग्री वितरण और जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उनके साथ स्वास्थ्य, पानी और भोजन जैसी आपातकालीन जरूरतों का ध्यान रखने वाली टीम भी मौजूद थी।

    इस मौके पर सांसद ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के साथ मिलकर निरीक्षण करना ही हमारी जिम्मेदारी है। हमें यह देखना है कि ग्रामीणों को समय पर राहत और आवश्यक सुविधाएँ मिलें।” उन्होंने यह भी कहा कि केवल नीतियां बनाना पर्याप्त नहीं है, नेताओं को स्वयं现场 जाकर लोगों की स्थिति समझनी चाहिए।

    ग्रामीणों ने सांसद की इस पहल को लेकर अपनी खुशी जताई और कहा कि सांसद ने सिर्फ निरीक्षण नहीं किया, बल्कि उनकी समस्याओं को समझने और समाधान निकालने का प्रयास किया। कई बुजुर्ग और महिलाएं सांसद के पास आईं और उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर अपनी परेशानियों को साझा किया। सांसद ने प्रत्येक समस्या पर ध्यान दिया और स्थानीय प्रशासन को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए।

    बाढ़ निरीक्षण के दौरान सांसद ने जलभराव और कीचड़ में फंसे पशु-पक्षियों की भी चिंता जताई और स्थानीय प्रशासन से उनकी देखभाल के लिए भी कदम उठाने का आग्रह किया। इसके अलावा, ग्रामीणों के साथ बैठकर उन्होंने यह योजना बनाई कि आने वाले दिनों में यदि बाढ़ बढ़ती है तो राहत कार्यों के लिए स्थानीय स्वयंसेवक और प्रशासन मिलकर तुरंत कार्रवाई करें।यह घटना यह दर्शाती है कि राजनीतिक नेतृत्व केवल घोषणा करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जब नेता स्वयं ग्रामीणों के बीच जाकर उनके कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं, तब ही लोगों में भरोसा और राहत का भाव उत्पन्न होता है।

    कटिहार की बाढ़ प्रभावित जनता ने इस पहल को काफी सराहा और सांसद तारिक अनवर को धन्यवाद दिया। इस दौरान मीडिया ने भी उनके प्रयासों को कवर किया और सोशल मीडिया पर यह दृश्य तेजी से वायरल हो गया।

  • “पीलीभीत बाढ़: सीएमओ की मौजूदगी में लगाया गया निशुल्क स्वास्थ्य शिविर, मरीजों को मुफ्त दवा वितरण”

    “पीलीभीत बाढ़: सीएमओ की मौजूदगी में लगाया गया निशुल्क स्वास्थ्य शिविर, मरीजों को मुफ्त दवा वितरण”

    संवाददाता :-संजय शुक्ल पीलीभीत। लगातार हो रही बारिश से आई बाढ़ ने ट्रांस शारदा क्षेत्र में स्वास्थ्य संकट खड़ा कर दिया है। बुखार, डायरिया, उल्टी-दस्त और त्वचा रोग जैसे मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में ग्राम पंचायत रामनगर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आलोक कुमार की मौजूदगी में निशुल्क स्वास्थ्य चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया।

    पूरनपुर तहसील के अंतर्गत ट्रांस शारदा क्षेत्र के कई गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। जलभराव और गंदगी के कारण ग्रामीणों में बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भरतपुर मौरेनियां गांधी नगर की टीम लगातार बाढ़ग्रस्त गांवों में निशुल्क मेडिकल कैंप लगा रही है।

    रामनगर में आयोजित शिविर में डॉ. आलोक कुमार और प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रश्मि श्रीवास्तव की टीम ने दर्जनों मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उन्हें निशुल्क दवाइयां वितरित कीं। ज्यादातर मरीज बुखार, पेट दर्द, खांसी-जुकाम, त्वचा रोग और दस्त जैसी मौसमी बीमारियों से पीड़ित पाए गए।

    डॉ. रश्मि श्रीवास्तव ने ग्रामीणों को बरसात में सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि दूषित पानी और अस्वच्छ खानपान से बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं। उन्होंने ग्रामीणों को उबला या फिल्टर किया पानी पीने, मच्छरदानी का उपयोग करने और बाढ़ के पानी में अधिक समय न बिताने की हिदायत दी।सीएमओ डॉ. आलोक कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। मेडिकल कैंप में मरीजों की जांच, मुफ्त दवा वितरण और संक्रामक रोगों से बचाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम मौजूद रही और ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया।