Nation Now Samachar

Tag: HamirpurFlood

  • हमीरपुर: बाढ़ के बीच बच्चों को समोसे खिलाते दिखे ट्रैफिक पुलिसकर्मी, वीडियो देख भावुक हुए लोग

    हमीरपुर: बाढ़ के बीच बच्चों को समोसे खिलाते दिखे ट्रैफिक पुलिसकर्मी, वीडियो देख भावुक हुए लोग

    हमीरपुर, उत्तर प्रदेश –जहां एक ओर यमुना और बेतवा नदी की बाढ़ ने जिले में तबाही मचा रखी है, वहीं दूसरी ओर एक मानवीय चेहरा सामने आया है।हमीरपुर यातायात पुलिस में तैनात कांस्टेबल रंजीत कुमार और अश्वनी कुमार ने बाढ़ पीड़ित बच्चों को गरमा गरम समोसे खिलाकर मानवता की मिसाल पेश की।

    वीडियो हुआ वायरल, जनता कर रही तारीफ हमीरपुर: बाढ़ के बीच बच्चों को समोसे खिलाते दिखे ट्रैफिक पुलिसकर्मी

    बच्चों को समोसा खिलाने का यह भावनात्मक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोग पुलिसकर्मियों की इस पहल की सराहना कर रहे हैं और इसे “वर्दी में मसीहा” बता रहे हैं।

    बाढ़ से बेहाल हमीरपुर, पर उम्मीद जिंदा हमीरपुर: बाढ़ के बीच बच्चों को समोसे खिलाते दिखे ट्रैफिक पुलिसकर्मी

    हमीरपुर जिला मुख्यालय में यमुना और बेतवा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कई गांवों में पानी भर गया है और राहत कार्य जारी हैं। ऐसे समय में पुलिस की यह मानवीय पहल लोगों को राहत और सहारा दे रही है।

    पुलिस सिर्फ कानून नहीं, संवेदनाएं भी संभालती है हमीरपुर: बाढ़ के बीच बच्चों को समोसे खिलाते दिखे ट्रैफिक पुलिसकर्मी

    इस घटना ने यह साबित किया है कि पुलिस विभाग सिर्फ कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि समाज की सेवा और सहायता में भी आगे है।

  • Hamirpur Flood Update- बाढ़ में आया मगरमच्छ और विशालकाय मछली, वीडियो हुआ वायरल | यमुना-बेतवा उफान पर

    Hamirpur Flood Update- बाढ़ में आया मगरमच्छ और विशालकाय मछली, वीडियो हुआ वायरल | यमुना-बेतवा उफान पर

    पवन सिंह परिहार हमीरपुर, उत्तर प्रदेश –यमुना और बेतवा नदी के उफान के बीच एक मगरमच्छ और विशालकाय मछली का वीडियो वायरल हो रहा है। यह नज़ारा हमीरपुर के दपसौरा और संगम रेलवे पुल के पास देखा गया, जहां बाढ़ का पानी तेज़ी से बह रहा है।

    स्थानीय युवक ने किया वीडियो पोस्ट Hamirpur Flood Update- बाढ़ में आया मगरमच्छ और विशालकाय मछली

    वीडियो को बिंदु निषाद नामक युवक ने फेसबुक पर पोस्ट किया है, जिसमें एक मगरमच्छ और साथ ही एक विशाल मछली तैरती हुई नजर आ रही है। इस दृश्य के सामने आने के बाद तटीय इलाकों में दहशत का माहौल बन गया है।

    यमुना और बेतवा खतरे के निशान पर Hamirpur Flood Update- बाढ़ में आया मगरमच्छ और विशालकाय मछली

    हमीरपुर जिले में दोनों नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे बाढ़ग्रस्त इलाकों में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में मगरमच्छ जैसे खतरनाक जीवों का दिखाई देना स्थानीय लोगों की चिंता को और बढ़ा रहा है। वायरल वीडियो को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने तटवर्ती गांवों में चौकसी बढ़ा दी है और लोगों को नदी के किनारे न जाने की अपील की है।

  • हमीरपुर में बाढ़ से हाहाकार, सांसद लापता? वायरल पोस्ट में 150 रुपये इनाम की घोषणा!

    हमीरपुर में बाढ़ से हाहाकार, सांसद लापता? वायरल पोस्ट में 150 रुपये इनाम की घोषणा!

    हमीरपुर, उत्तर प्रदेश– यमुना और बेतवा नदियों के उफान से जूझ रहे हमीरपुर जिले में हालात बेहद गंभीर होते जा रहे हैं। सैकड़ों गांव जलमग्न हो चुके हैं, हजारों लोग सड़क किनारे शरण लिए हुए हैं। प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है, लेकिन स्थानीय सांसद की गैरमौजूदगी को लेकर जनता में भारी नाराज़गी है। इसी नाराज़गी के बीच सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें सांसद की ‘गुमशुदगी’ की जानकारी दी गई है। यह पोस्ट “चंद्रवीर सिंह रूरीपारा” नाम की फेसबुक आईडी से डाली गई है।


    वायरल पोस्ट में क्या है? हमीरपुर में बाढ़ से हाहाकार, सांसद लापता?

    “हमीरपुर की जनता यमुना और बेतवा की बाढ़ से परेशान है। बाढ़ पीड़ित सड़क किनारे दिन-रात गुजार रहे हैं। हमीरपुर के सांसद आदरणीय श्री आजयेन्द्र सिंह लोधी जी लापता हैं। जो भी उन्हें ढूंढ निकाले, उसे ₹150 का इनाम दिया जाएगा।”

    इस पोस्ट में बाढ़ पीड़ितों की दुर्दशा और सांसद की गैरहाजिरी पर तीखा व्यंग्य किया गया है। पोस्ट वायरल होते ही सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है। हमीरपुर बाढ़ 2025


    जनता सड़क किनारे, सांसद नदारद! हमीरपुर में बाढ़ से हाहाकार, सांसद लापता?

    हमीरपुर जिले में NH-34 और तटीय इलाकों में बाढ़ पीड़ित अपने सामान और मवेशियों के साथ खुले में रहने को मजबूर हैं। लोग प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन सांसद की गैरहाजिरी पर लोग सोशल मीडिया पर सवाल उठा रहे हैं।


    क्या कहता है प्रशासन? हमीरपुर में बाढ़ से हाहाकार, सांसद लापता?

    अधिकारियों का कहना है कि राहत शिविर बनाए गए हैं और एनडीआरएफ की टीमें तैनात हैं। लेकिन जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है, जिससे जनता को भरोसा मिल सके।