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  • INDIA PAKISTAN CEASEFIRE: भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध समाप्त, दोनों देशों ने शांति बहाली पर जताई सहमति

    INDIA PAKISTAN CEASEFIRE: भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध समाप्त, दोनों देशों ने शांति बहाली पर जताई सहमति

    नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच जारी सैन्य तनाव पर अब विराम लग गया है. विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स (DGMO) के बीच आज दोपहर 3:35 बजे बातचीत हुई. इस बातचीत के बाद निर्णय लिया गया कि आज शाम 5 बजे से दोनों देशों के बीच आकाश, जल और थल पर किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई नहीं होगी.

    सीज़फ़ायर पर बनी सहमति, वार्ता जारी रहेगी
    विदेश सचिव के अनुसार, यह निर्णय आपसी सहमति से लिया गया है और दोनों पक्ष युद्धविराम का कड़ाई से पालन करेंगे. सीमा पर सैनिकों को अलर्ट मोड से हटाया जाएगा और हालात सामान्य बनाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे.

    12 मई को फिर बातचीत
    मिसरी ने बताया कि आगामी 12 मई को दोनों देशों के अधिकारी एक बार फिर वार्ता के लिए बैठेंगे. इस बैठक में भविष्य की रणनीति, सीमाओं की निगरानी और विश्वास बहाली के उपायों पर चर्चा की जाएगी. माना जा रहा है कि इस बैठक में दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के उच्च अधिकारी भी मौजूद रहेंगे.

    तनाव के बीच यह एक सकारात्मक पहल
    पिछले कुछ दिनों से भारत-पाकिस्तान सीमा पर भारी गोलाबारी और ड्रोन हमले देखने को मिले थे. दोनों देशों की सेनाएं हाई अलर्ट पर थीं. लेकिन आज की बातचीत और सहमति ने एक बार फिर शांति की उम्मीद जगा दी है.

  • सर्वदलीय बैठक में बोले रक्षा मंत्री- अभी जारी है ‘ऑपरेशन सिंदूर’, PM ने रद्द किया विदेश दौरा- INDIA PAKISTAN WAR

    सर्वदलीय बैठक में बोले रक्षा मंत्री- अभी जारी है ‘ऑपरेशन सिंदूर’, PM ने रद्द किया विदेश दौरा- INDIA PAKISTAN WAR

    नई दिल्ली: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में (INDIA PAKISTAN WAR) भारत द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद केंद्र सरकार ने बुधवार को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक बुलाई. इस बैठक में प्रमुख विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए और सभी ने सरकार को आतंक के खिलाफ कार्रवाई में समर्थन देने की बात कही. हालांकि, बैठक में कुछ मुद्दों पर गोपनीयता बरती गई, जिससे कई सवाल भी उठे.

    संकट की घड़ी में एकजुटता का संदेश
    सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि “संकट की इस घड़ी में हम सरकार के साथ हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि कुछ विषय ऐसे थे जिन पर जानकारी गोपनीयता का हवाला देकर नहीं दी गई, लेकिन उन्होंने फिर भी सरकार के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी दोहराया कि उनकी पार्टी ने सरकार को पूरा समर्थन दिया है.

    बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रहे मौजूद
    इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और विदेश मंत्री एस जयशंकर भी शामिल हुए. विपक्ष की ओर से कांग्रेस के दोनों शीर्ष नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी मौजूद रहे. इस बैठक में सरकार ने विपक्ष को ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई और भविष्य की तैयारियों के बारे में जानकारी दी, हालांकि, पूरी ऑपरेशनल डिटेल साझा नहीं की गई.

    कांग्रेस ने रोके अपने सभी कार्यक्रम
    सरकार और सेना के साथ एकजुटता दिखाने के उद्देश्य से कांग्रेस पार्टी ने अपने सभी निर्धारित कार्यक्रम — जिसमें ‘संविधान बचाओ रैलियां’ भी शामिल थीं — फिलहाल रोक दिए हैं. यह विपक्ष की ओर से एक बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी परिस्थिति में वह सरकार के निर्णयों के साथ खड़ी है.

    प्रधानमंत्री ने रद्द किया तीन देशों का दौरा
    तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 13 से 17 मई तक प्रस्तावित नॉर्वे, क्रोएशिया और नीदरलैंड के दौरे को रद्द कर दिया है. सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री अब देश में रहकर सुरक्षा और विदेश नीति से संबंधित निर्णयों पर सीधे नजर बनाए रखेंगे.

    LOC पर सेना का सतर्क पहरा
    ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सेना नियंत्रण रेखा (LOC) और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) में पाकिस्तानी सेना की हर गतिविधि पर कड़ी नजर बनाए हुए है. सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी लगातार स्थानीय कमांडरों से संपर्क में हैं. रक्षा अधिकारियों के अनुसार, भारतीय सुरक्षा बल किसी भी संभावित युद्धविराम उल्लंघन या आतंकी घुसपैठ को रोकने के लिए हाई अलर्ट पर हैं.

    ऑपरेशन सिंदूर: 25 मिनट में नौ आतंकी ठिकानों का खात्मा
    6 से 7 मई की रात करीब 1:05 बजे शुरू हुआ ऑपरेशन सिंदूर 1:30 बजे तक चला. कुल 25 मिनट के इस एयरस्ट्राइक ऑपरेशन में भारतीय सेना ने 24 मिसाइलों से नौ आतंकी शिविरों को तबाह कर दिया. इनमें से पांच ठिकाने POK में और चार पाकिस्तान के भीतर स्थित थे. ये सभी ठिकाने आतंकी ट्रेनिंग और भर्ती के लिए उपयोग में लिए जाते थे.

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  • 1962 भारत-चीन युद्ध में भी हुई थी मॉकड्रिल, मेरठ की विद्यावती ने बताया युद्धकालीन ब्लैकआउट का अनुभव- BLACKOUT MOCK DRILL IN UP

    1962 भारत-चीन युद्ध में भी हुई थी मॉकड्रिल, मेरठ की विद्यावती ने बताया युद्धकालीन ब्लैकआउट का अनुभव- BLACKOUT MOCK DRILL IN UP

    मेरठ: भारत में मॉकड्रिल और सुरक्षा तैयारियों की परंपरा कोई नई नहीं है. यह मॉकड्रिल (BLACKOUT MOCK DRILL IN UP) 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान भी देखने को मिली थी. उस वक्त ग्राम सभाओं की बैठकों में ग्रामीणों को ट्रेनिंग दी जाती थी कि युद्ध जैसी आपातकालीन स्थिति में आम नागरिकों को क्या करना है और क्या नहीं? उस समय जब सायरन बजता था, तो पूरे गांव और शहर में ब्लैकआउट कर दिया जाता था. लोग बिजली की बत्तियां बंद कर शीशों और खिड़कियों को काले कपड़ों से ढक देते थे ताकि दुश्मन को रोशनी नजर न आए.

    मेरठ की रहने वाली 85 वर्षीय विद्यावती ने नेशनल नाउ समाचार से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि कैसे 1962 का समय भय और साहस दोनों का मिश्रण था. उन्होंने बताया कि, “उस समय गांवों में ग्राम सभा की बैठकें होती थीं और महिलाओं से लेकर बच्चों तक को मॉकड्रिल के जरिए यह सिखाया जाता था कि यदि युद्ध होता है, तो क्या करना है. जैसे ही सायरन बजता, पूरे इलाके में अंधेरा कर दिया जाता था. खिड़कियां, रोशनदान, शीशे — सब काले कर दिए जाते थे.”

    विद्यावती बताती हैं कि सूचना का एकमात्र साधन हिंदी और उर्दू अखबार हुआ करते थे. लोग अखबारों से ही युद्ध की स्थिति और सेना की गतिविधियों की जानकारी पाते थे. उन्होंने बताया कि घर-घर में लोग देश के लिए प्रार्थना करते थे और हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में देशभक्ति से जुड़ा महसूस करता था.

    विद्यावती के परिवार की तीन पीढ़ियां सेना में
    मेरठ की विद्यावती के परिवार में तीन पीढ़ियाँ भारतीय सेना को समर्पित रही हैं. उनके पिता ने 1962 के युद्ध में भाग लिया था, जबकि 1971 की लड़ाई में भी उनके परिवार के सदस्य सक्रिय रहे. आज भी उनके परिवार के कई सदस्य सेना में कार्यरत हैं. विद्यावती गर्व के साथ कहती हैं कि “हमारा खून देश की रक्षा के लिए ही बना है.”

    आज भी हो रही मॉकड्रिल की परंपरा जारी
    आज जब भारत एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा के सवालों से जूझ रहा है, तो मेरठ सहित देशभर में मॉकड्रिल का आयोजन किया जा रहा है ताकि आम जनता को आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार किया जा सके. विद्यावती कहती हैं, “आज की पीढ़ी को भी यह सिखाना जरूरी है कि देश के प्रति क्या कर्तव्य हैं. मॉकड्रिल एक जागरूकता का माध्यम है, जिससे लोग समय रहते अपनी और दूसरों की सुरक्षा कर सकें.”

    उन्होंने आगे कहा कि “पाकिस्तान या कोई भी दुश्मन देश हो, उसे मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमें सिर्फ सेना नहीं, बल्कि एकजुट देशभक्ति की भावना भी चाहिए. हम सबको देश के लिए जागरूक और तैयार रहना चाहिए.”

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  • सतीश महाना ने शुभम की पत्नी को लगाया गले: ऐशन्या ने कहा – “मुझे भरोसा था कि भारतीय सेना बदला जरूर लेगी”- OPERATION SINDOOR

    सतीश महाना ने शुभम की पत्नी को लगाया गले: ऐशन्या ने कहा – “मुझे भरोसा था कि भारतीय सेना बदला जरूर लेगी”- OPERATION SINDOOR

    कानपुर: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम हमले में 26 भारतीयों की जान जाने के बाद भारतीय सेना (OPERATION SINDOOR) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर जबरदस्त हवाई हमले किए. इस कार्रवाई को “ऑपरेशन सिंदूर” नाम दिया गया है, जिसे लेकर पूरे देश में गर्व और भावुकता की लहर दौड़ पड़ी है.

    इस ऑपरेशन की गूंज कानपुर तक सुनाई दी, जहां पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले शुभम द्विवेदी के परिवार ने इसे “न्याय” बताया. शुभम की पत्नी एशान्या, भाई सौरभ, और माता-पिता की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े. उनका कहना है कि सेना ने शुभम के “सिंदूर” का बदला ले लिया. (OPERATION SINDOOR)

    भावुक हुआ कानपुर, परिवार ने जताया गर्व
    कानपुर निवासी शहीद शुभम द्विवेदी के परिजनों के लिए यह क्षण गर्व और संतोष का संगम लेकर आया. जैसे ही भारतीय सेना की कार्रवाई की जानकारी मीडिया और सोशल मीडिया पर सामने आई, शुभम के घर में देशभक्ति के नारे गूंज उठे.

    शुभम की पत्नी एशन्या ने कहा,
    “मुझे भरोसा था कि भारतीय सेना बदला जरूर लेगी. उन्होंने मेरे सिंदूर का बदला लिया है. ये सिर्फ मेरी नहीं, पूरे देश की जीत है.” उन्होंने सरकार से शुभम को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग की.

    शुभम के परिजनों से मिलने घर पहुंचे सतीश महाना
    सुबह होते ही उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना शुभम के परिजनों से मिलने पहुंचे. उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा, “सेना ने पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक कर न सिर्फ पहलगाम, बल्कि 26/11 और पुलवामा जैसे कायराना हमलों का भी हिसाब चुकता किया है.” साथ ही उन्होंने कहा कि देश का हर नागरिक शहीदों का ऋणी है और उनके बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा.

    शुभम द्विवेदी के परिजनों से मिलने पहुंचे सतीश महाना. (फोटो- Nation Now Samachar)

    शुभम के भाई सौरभ ने कहा‘ये सिर्फ शुरुआत है’
    शौर्य और दुख के इस मौके पर शुभम के भाई सौरभ ने कहा: “शुभम अब हमारे बीच नहीं है, लेकिन आज उसकी आत्मा को सुकून मिला होगा. ये कार्रवाई हर भारतीय के मन में छिपे दर्द को आवाज देती है. ये सिर्फ शुरुआत है. आतंक का अंत होना बाकी है.”

    लोगों ने मनाया जश्न
    कानपुर शहर में कई स्थानों पर लोगों ने आतिशबाजी और मिठाई बांटकर सेना की कार्रवाई का स्वागत किया. सोशल मीडिया पर शुभम के नाम के साथ #OperationSindoor, #JusticeForMartyrs, और #ShubhamDwivedi जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे.

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  • भारतीय सेना ने लिया पहलगाम का बदला! POK में 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले, 90 से ज्यादा आतंकवादी ढेर- INDIA PAKISTAN WAR

    भारतीय सेना ने लिया पहलगाम का बदला! POK में 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले, 90 से ज्यादा आतंकवादी ढेर- INDIA PAKISTAN WAR

    नई दिल्ली: भारत ने बुधवार तड़के आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में आतंकवादी संगठनों के (INDIA PAKISTAN WAR) नौ ठिकानों पर मिसाइल हमले किए. इन हमलों में लश्कर-ए-तैयबा का गढ़ मुरीदके और जैश-ए-मोहम्मद का मुख्य अड्डा बहावलपुर भी शामिल था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन हमलों में 90 से ज्यादा आतंकवादियों के मारे जाने की खबर है.

    खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय वायुसेना ने इन हमलों को अंजाम दिया. रक्षा सूत्रों ने बताया कि ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद के चार, लश्कर-ए-तैयबा के20तीन और हिज्बुल मुजाहिदीन के दो आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया. मुरीदके में करीब 30 आतंकवादी मारे गए हैं, जबकि अन्य ठिकानों पर भी दर्जनों आतंकवादियों के मारे जाने की पुष्टि की जा रही है. हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

    इस ऑपरेशन को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले का जवाब माना जा रहा है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, “भारत माता की जय”, जो इस ऑपरेशन की सफलता और उसके संदेश को दर्शाता है.

    इस बीच, पाकिस्तान की सेना ने नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास भारी गोलाबारी की. रक्षा सूत्रों ने बताया कि मंगलवार रात को पाकिस्तान की तरफ से तोपों और छोटे हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग की गई, जिससे जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में भय का माहौल बन गया है और वहां से बड़े पैमाने पर लोगों के पलायन की खबरें भी सामने आ रही हैं.

    हमलों और सीमा पर तनाव के चलते हवाई क्षेत्र में भी असर पड़ा है. स्पाइसजेट और इंडिगो जैसी प्रमुख एयरलाइनों ने अमृतसर, जम्मू, श्रीनगर, लेह, धर्मशाला और चंडीगढ़ जाने वाली कई उड़ानों को रद्द कर दिया है. स्पाइसजेट ने एक्स पर लिखा, “अमृतसर जाने वाली दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को दिल्ली डायवर्ट किया गया है. इस अप्रत्याशित व्यवधान के कारण हुई असुविधा के लिए खेद है.”

    इंडिगो ने कहा कि उत्तर भारत में हवाई क्षेत्र की स्थिति लगातार बदल रही है, जिससे कई उड़ानों पर असर पड़ा है. एयर इंडिया ने भी स्थिति को देखते हुए दोपहर तक जम्मू, श्रीनगर, लेह, जोधपुर, अमृतसर, भुज, जामनगर, चंडीगढ़ और राजकोट के लिए अपनी सभी उड़ानों को रद्द कर दिया है.

    सरकार और सेना की तरफ से इस कार्रवाई को आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदम बताया जा रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह ऑपरेशन भारतीय नीति में एक स्पष्ट बदलाव को दर्शाता है, जिसमें अब सीमापार बैठकर भारत पर हमले की साजिश रचने वालों को उनकी जमीन पर ही निशाना बनाया जा रहा है.