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    Modi–Putin Summit LIVE: पुतिन ने राजघाट विजिटर्स बुक में क्या लिखा?

    Modi–Putin Summit LIVE: नई दिल्ली। भारत-रूस शिखर वार्ता (Modi–Putin Summit) के दूसरे दिन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार सुबह राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने विजिटर्स बुक में एक विशेष संदेश लिखा, जिसमें उन्होंने गांधी जी को “आधुनिक भारतीय राज्य के प्रमुख संस्थापकों में से एक” और “विश्व शांति के महान संदेशवाहक” के रूप में नमन किया।

    पुतिन ने अपने संदेश को रूसी भाषा में लिखा और महात्मा गांधी के विचारों को आज की वैश्विक परिस्थितियों में प्रासंगिक बताया। उन्होंने लिखा“आधुनिक भारतीय राज्य के संस्थापकों में से एक, महान विचारक और मानवतावादी महात्मा गांधी ने विश्व शांति के उद्देश्य में अमिट योगदान दिया। स्वतंत्रता, नैतिकता और मानवीयता पर उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।”

    राजघाट पर पुतिन की मौजूदगी और उनका यह संदेश भारत-रूस संबंधों की गहराई को दर्शाता है। यह पहली बार है जब उन्होंने शिखर वार्ता से पहले गांधी जी को समर्पित यह विस्तृत संदेश सार्वजनिक रूप से साझा किया है। इससे पहले भी पुतिन कई मौकों पर गांधी जी का उल्लेख कर चुके हैं, लेकिन इस बार उनका वक्तव्य कूटनीतिक रूप से अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है।पुतिन के इस कदम को वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका और गांधी दर्शन की निरंतर प्रासंगिकता से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, विश्व राजनीति में बढ़ती तनावपूर्ण परिस्थितियों के बीच पुतिन का ‘विश्व शांति’ का संदर्भ एक बड़ा संदेश है।शिखर वार्ता के आगे बढ़ते हुए, दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और सामरिक सहयोग पर महत्वपूर्ण घोषणाओं की उम्मीद की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात को भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने वाला बताया जा रहा है।राजघाट पर लिखे संदेश ने इस बैठक को एक भावनात्मक और ऐतिहासिक स्वर भी प्रदान किया है, जो आने वाले समय में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।

  • Putin Visit India:  भारत आ रहे पुतिन, लेकिन भारत का पानी नहीं पीएंगे , वजह जानकर दंग रह जाएंगे

    Putin Visit India:  भारत आ रहे पुतिन, लेकिन भारत का पानी नहीं पीएंगे , वजह जानकर दंग रह जाएंगे

    Putin Visit India :  रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4–5 दिसंबर 2025 को भारत दौरे पर आ रहे हैं। लेकिन विदेश से लौटने वाले प्रत्येक वैश्विक नेता की तरह, इस बार भी उनके दौरे की तैयारी बेहद सख्त है — इतना कि ऐसा कहा जा रहा है कि पुतिन भारत में मिलने वाला पानी तक नहीं पीएंगे। इसकी वजह जानकर आप हैरान रह जाएंगे।

    कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के चलते ‘पानी तक नहीं’

    पुतिन की सुरक्षा की जिम्मेदारी उनकी अपनी सुरक्षा एजेंसी के हाथों होती है। इसके तहत वे हर देश की यात्रा पर निजी पोर्टेबल लैब, खाद्य-परीक्षण टीम, और पोर्टेबल टॉयलेट सहित कई विशेष इंतज़ाम अपने साथ लेकर चलते हैं। भारत आते ही सुरक्षा एजेंसियाँ उनकी भोजन, जल और उनसे मिलने-जुलने वाले हर व्यक्ति की जांच करती हैं। इसी सुरक्षा कड़ी का हिस्सा है — प्रदूषित या असुरक्षित जल से किसी भी तरह का जोखिम न लेना। क्योंकि किसी भी तरह की हानि या जहरीले जल से पुतिन की सेहत खतरे में पड़ सकती है।

    इस कारण, पुतिन के लिए भारत में उपयोग किया जाने वाला पानी उनकी टीम पूर्व-जांच (lab testing) के बाद ही उपयोग में आता है। यानी आम सार्वजनिक जल स्रोतों या बोतलों से पानी पीना उनके लिए संभव नहीं है। सुरक्षा, स्वास्थ्य और संवेदनशीलता की दृष्टि से यह व्यवस्था पहले से तय रहती है।

    🇮🇳 भारत दौरा और सुरक्षा का तगड़ा इंतज़ाम

    पुतिन के भारत दौरे को देखते हुए सुरक्षा के बेहद सख्त इंतज़ाम किए गए हैं। दिल्ली में 5-लेयर सिक्योरिटी कवच, पोर्टेबल लैब और सैनिटाइज़ेशन का पूरा इंतज़ाम किया जा चुका है। पुतिन के साथ आने वाले खाद्य एवं पेय पदार्थ भारत में नहीं, बल्कि पहले से प्रमाणित किए गए स्रोतों से ही उपलब्ध होंगे। यह वजह है कि “पानी तक नहीं पीएंगे” — ताकि किसी भी तरह का जटिल जोखिम टला जा सके।

    दौरे का उद्देश्य: मोदी–पुतिन की रणनीतिक साझेदारी

    यह दौरा सिर्फ सुरक्षा नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के उद्देश्यों से है। 23वें भारत–रूस शिखर सम्मेलन के दौरान रक्षा, ऊर्जा, आर्थिक और तकनीकी समझौतों पर चर्चा होगी। लेकिन इन राजनीतिक और कूटनीतिक वार्ताओं के बीच, पुतिन की अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था यह दर्शाती है कि आज के दौर में एक नेता का “पानी तक सुरक्षित” रखना कितना जहॉरी है, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है।