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  • वाराणसी में 393 अग्निवीर सेना में हुए शामिल, 39 GTC में शानदार पासिंग आउट परेड सम्पन्न

    वाराणसी में 393 अग्निवीर सेना में हुए शामिल, 39 GTC में शानदार पासिंग आउट परेड सम्पन्न

    वाराणसी। देश की जवान तैयार करने वाली प्रतिष्ठित छावनियों में से एक 39 GTC वाराणसी में गुरुवार को बेहद गर्व का क्षण देखने को मिला। यहाँ अग्निवीर 06/25 बैच की पासिंग आउट परेड आयोजित की गई, जिसमें 393 अग्निवीरों ने सैन्य प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में औपचारिक रूप से शामिल होने की शपथ ली।

    सुबह से ही परेड ग्राउंड में सैन्य अनुशासन, जोश और देशभक्ति का माहौल नजर आया। परेड का नेतृत्व प्रशिक्षित अग्निवीरों ने किया, जिन्होंने 31 सप्ताह की कठिन और उच्च स्तरीय ट्रेनिंग पूरी की है। इस प्रशिक्षण में हथियार संचालन, ड्रिल, शारीरिक क्षमता, रणकौशल और सैन्य व्यवहार का गहन अभ्यास शामिल रहा।

    कसम–परेड के दौरान अग्निवीरों ने राष्ट्रध्वज, संविधान और देश की सुरक्षा के लिए समर्पण की शपथ ली। जवानों के दमदार मार्च, तालमेल, अनुशासन और देश के प्रति समर्पण ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में मौजूद सैन्य अधिकारियों ने नए रंगरूटों को बधाई दी और उन्हें उत्कृष्ट सेवा देने के लिए प्रेरित किया।

    कार्यक्रम के दौरान अग्निवीरों के परिवारजन भी मौजूद रहे, जिनकी आंखों में गर्व और भावनाओं का मिश्रण साफ देखा गया। सेना का कहना है कि यह नई पीढ़ी का अग्निवीर बैच भविष्य में देश की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    वाराणसी की यह पासिंग आउट परेड सामाजिक मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इन जाबांज युवाओं को शुभकामनाएं दे रहे हैं।

  • AhirRegiment : “120 बहादुर” से उठे राजनीतिक सवाल: अहीर रेजिमेंट और यूपी की बदलती सियासत

    AhirRegiment : “120 बहादुर” से उठे राजनीतिक सवाल: अहीर रेजिमेंट और यूपी की बदलती सियासत

    AhirRegiment : भारतीय सेना की बहादुरी पर आधारित फिल्म ‘120 बहादुर’ न सिर्फ देशभक्ति का संदेश दे रही है, बल्कि इसके साथ अहीर रेजिमेंट की लंबे समय से चल रही मांग को भी फिर एक बार चर्चा के केंद्र में ले आई है। फिल्म के रिलीज होने के बाद उत्तर प्रदेश के कई जिलों में यह मुद्दा राजनीतिक रंग ले चुका है, खासकर वहां जहाँ यादव समुदाय की बड़ी आबादी है।

    अहीर रेजिमेंट की मांग ने पकड़ी रफ्तार

    अहीर यानी यादव समुदाय का भारतीय सेना में योगदान इतिहास से दर्ज है, चाहे 1962 का रेजांग ला युद्ध हो या बाद के कई मोर्चे। लंबे समय से यादव समुदाय एक अलग “अहीर रेजिमेंट” की मांग करता रहा है।’120 बहादुर’ में दिखे साहस और शौर्य के दृश्यों ने इस मांग को नए सिरे से धार दी है।यूपी में बलिया, गोरखपुर, अयोध्या, जौनपुर, इटावा, मैनपुरी और कन्नौज जैसे जिलों में इस मुद्दे पर लगातार सभाएं, पोस्टर कैंपेन और सोशल मीडिया अभियान तेजी से बढ़े हैं।

    सियासी दलों की सक्रियता बढ़ी

    यूपी की राजनीति में यादव समुदाय का बड़ा प्रभाव रहा है। ऐसे में फिल्म के बाद अहीर रेजिमेंट की मांग पर सियासी दलों की नजरें टिक चुकी हैं।

    • सपा (समाजवादी पार्टी) इस मुद्दे को सक्रिय रूप से उठाती रही है और फिल्म के बाद इसे यादव वोटबैंक को जोड़ने का बड़ा अवसर मान रही है।
    • भाजपा भी इस पर बैलेंस बनाते हुए “सेना की नीति और संरचना राजनीतिक आधार पर नहीं बदलती” जैसे बयान दे रही है, लेकिन जमीन पर उसके स्थानीय नेता इस विषय पर बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं।
    • कांग्रेस और क्षेत्रीय दल भी इसे “सामाजिक प्रतिनिधित्व” के नजरिए से देख रहे हैं।

    फिल्म से बदला माहौल, बढ़ रही बहस

    ‘120 बहादुर’ की सफलता के बाद सोशल मीडिया पर #AhirRegimentNow और #120Bahadur जैसे हैशटैग लगातार ट्रेंड कर रहे हैं।
    वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि कोई भी नई रेजिमेंट सेना की रणनीतिक आवश्यकता और ऐतिहासिक आधार पर बनती है, राजनीतिक मांगों पर नहीं।

    लेकिन राजनीतिक रूप से देखा जाए तो यह मुद्दा 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यूपी की राजनीति में बड़ा मोड़ बन सकता है।

    अहीर समुदाय का साफ संदेश

    अहीर युवाओं और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह मांग सिर्फ पहचान का सवाल नहीं, बल्कि सेना में योगदान के सम्मान की बात है।
    वे मानते हैं कि ‘120 बहादुर’ ने देशभर के युवाओं के मन में “अहीरों की ऐतिहासिक बहादुरी” का भाव फिर से जगा दिया है।

  • OperationMahadev: श्रीनगर में मुठभेड़ के दौरान तीन आतंकी ढेर, अमरनाथ यात्रा से पहले बड़ी साजिश नाकाम

    OperationMahadev: श्रीनगर में मुठभेड़ के दौरान तीन आतंकी ढेर, अमरनाथ यात्रा से पहले बड़ी साजिश नाकाम

    श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर | 18 जुलाई 2025– अमरनाथ यात्रा के बीच जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर से बड़ी खबर सामने आई है। यहां सुरक्षाबलों ने ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत एक मुठभेड़ में तीन आतंकियों को मार गिराया है। यह मुठभेड़ श्रीनगर के बेमिना इलाके में गुरुवार देर रात शुरू हुई और शुक्रवार सुबह तक चली।

    क्या है मामला? OperationMahadev : श्रीनगर में मुठभेड़ के दौरान तीन आतंकी ढेर

    सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया था। इसी दौरान छिपे हुए आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम ने मोर्चा संभाला। करीब चार घंटे चली मुठभेड़ में तीन आतंकी मारे गए।

    आतंकियों का निशाना थी अमरनाथ यात्रा? OperationMahadev : श्रीनगर में मुठभेड़ के दौरान तीन आतंकी ढेर

    सूत्रों के अनुसार, मारे गए आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियार, ग्रेनेड और मैप्स बरामद हुए हैं। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि आतंकी अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे। यात्रा मार्ग के नजदीक मुठभेड़ का होना सुरक्षा एजेंसियों की सजगता को दर्शाता है।

    ऑपरेशन महादेव की सफलता OperationMahadev : श्रीनगर में मुठभेड़ के दौरान तीन आतंकी ढेर

    “ऑपरेशन महादेव” नाम से चलाए गए इस अभियान में जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और CRPF की संयुक्त टीम ने हिस्सा लिया। अधिकारी ने बताया कि इस कार्रवाई के चलते एक बड़ा हमला टाल दिया गया है। पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन अब भी जारी है।

    अधिकारियों की प्रतिक्रिया

    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा:”यह एक बड़ा ऑपरेशन था। अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले की योजना थी जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया।”

    सुरक्षा व्यवस्था सख्त- OperationMahadev : श्रीनगर में मुठभेड़ के दौरान तीन आतंकी ढेर

    इस मुठभेड़ के बाद श्रीनगर समेत यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और अधिक बढ़ा दी गई है। CCTV निगरानी, ड्रोन सर्विलांस और चेकिंग पॉइंट्स की संख्या भी बढ़ा दी गई है। श्रीनगर में हुए इस एनकाउंटर ने आतंकियों की साजिश को नाकाम कर दिया है। ‘ऑपरेशन महादेव’ जम्मू-कश्मीर पुलिस और भारतीय सेना की तेज कार्यवाही और सामंजस्यपूर्ण रणनीति का प्रतीक बन गया है।