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  • भारत का पाकिस्तान पर अब तक का सबसे बड़ा सैन्य प्रहार, कई मायनों में ऐतिहासिक रहा ‘ऑपरेशन सिंदूर’- OPERATION SINDOOR

    भारत का पाकिस्तान पर अब तक का सबसे बड़ा सैन्य प्रहार, कई मायनों में ऐतिहासिक रहा ‘ऑपरेशन सिंदूर’- OPERATION SINDOOR

    नई दिल्ली: भारत ने 7 मई को आतंकवाद के खिलाफ इतिहास रचते हुए पाकिस्तान के (OPERATION SINDOOR) अंदर अब तक का सबसे बड़ा और सबसे गहरा सैन्य प्रहार किया. इस साहसिक और सटीक अभियान को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया, जो केवल एक जवाबी हमला नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई रणनीतिक सोच, तकनीकी ताकत और त्रिस्तरीय सैन्य समन्वय का प्रतीक बन गया.

    पहलगाम हमले का प्रतिशोध था OPERATION SINDOOR

    22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था. इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 1 नेपाली नागरिक भी शामिल था, जबकि 17 लोग घायल हुए थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसी समय देश से वादा किया था कि इस हमले के दोषियों को दंड मिलेगा. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ उसी वादे को निभाने का निर्णायक प्रमाण बन गया.

    थलसेना, वायुसेना और नौसेना की संयुक्त कार्रवाई

    1971 के बाद पहली बार भारत की तीनों सेनाओं—थलसेना, वायुसेना और नौसेना—ने मिलकर पाकिस्तान के भीतर गहराई तक एक साथ सैन्य कार्रवाई की. यह एक ऐतिहासिक कदम था, जिसने भारतीय सेना की एकजुटता, रणनीतिक सोच और तकनीकी दक्षता को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित किया.

    बहावलपुर और मुरिदके के आतंकी अड्डे तबाह

    ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मुरिदके, बहावलपुर, और सियालकोट जैसे आतंकी गढ़ों को निशाना बनाया गया. यहां मौजूद जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों के प्रशिक्षण शिविरों, मुख्यालयों और लॉजिस्टिक सपोर्ट ठिकानों पर मिसाइल और हवाई हमले किए गए. इस कार्रवाई में 9 बड़े आतंकी अड्डों को पूरी तरह ध्वस्त किया गया.

    अत्याधुनिक हथियारों का प्रयोग

    भारत ने इस ऑपरेशन में पहली बार अपने आधुनिकतम हथियारों का खुला प्रयोग किया. इसमें शामिल थे:

    • SCALP क्रूज मिसाइलें
    • HAMMER स्मार्ट बम
    • लॉइटरिंग म्यूनिशन ड्रोन

    इन हथियारों ने पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली को अप्रभावी बना दिया और लक्ष्यों पर सटीक प्रहार किया.

    आतंकी नेटवर्क की कमर टूटी

    इस ऑपरेशन के तहत दर्जनों आतंकवादियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है. इनमें वे आतंकी भी शामिल हैं जो 2001 संसद हमला, 26/11 मुंबई हमला और 2025 पहलगाम हमले में शामिल रहे हैं. भारत ने पहली बार केवल ढांचे को नहीं, बल्कि लीडरशिप टारगेटिंग की रणनीति अपनाई, जिसमें आतंकी संगठनों के शीर्ष नेतृत्व को समाप्त करना प्राथमिकता रही.

    आतंकियों के संरक्षकों को खुली चेतावनी

    ऑपरेशन सिंदूर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब केवल प्रतिक्रिया देने वाला राष्ट्र नहीं, बल्कि आक्रामक रणनीति के साथ आतंक के स्रोत पर सर्जिकल प्रहार करेगा—चाहे वह दुश्मन की जमीन पर कितनी भी गहराई में हो. यह पहली बार है जब किसी देश ने एक परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र के भीतर खुले रूप में इतनी गहराई तक सफल सैन्य कार्रवाई की.

    प्रधानमंत्री मोदी का वादा निभा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम हमले के बाद देशवासियों से जो वादा किया था, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने उसे बखूबी निभाया. यह केवल एक जवाबी सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की नई राष्ट्रीय सुरक्षा नीति, रणनीतिक आत्मनिर्भरता और सशक्त सैन्य दृष्टिकोण की घोषणा बन गया है.

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    SOURCE- NDTV INDIA, DAINIK BHASKAR

  • BLASTS IN LAHORE: “ऑपरेशन सिंदूर” थरथराया पाकिस्तान, लाहौर में ड्रोन धमाके, आसमान में धुएं का गुबार

    BLASTS IN LAHORE: “ऑपरेशन सिंदूर” थरथराया पाकिस्तान, लाहौर में ड्रोन धमाके, आसमान में धुएं का गुबार

    नई दिल्ली/लाहौर: भारत के सफल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान में खौफ का माहौल है. भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान और POK (पाक अधिकृत कश्मीर) में नौ आतंकी ठिकानों पर किए गए एयरस्ट्राइक के बाद अब पाकिस्तान के लाहौर शहर में लगातार धमाकों (BLASTS IN LAHORE) की आवाजें सुनाई दे रही हैं. ताज़ा जानकारी के मुताबिक, लाहौर के वॉल्टन रोड, गोपाल नगर और नसीराबाद में गुरुवार सुबह जोरदार धमाके हुए. इसके बाद इलाके में दहशत फैल गई और लोग घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए.

    पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स, खासकर ‘समा टीवी’ के अनुसार, वॉल्टन एयरपोर्ट के पास सिलसिलेवार धमाकों की आवाजें आईं. सायरन बजने लगे और लोग घरों से बाहर निकलकर खुले मैदानों की ओर दौड़ पड़े. आसपास के इलाकों में धुएं के गुब्बार उठते देखे गए, जिससे यह आशंका और तेज हो गई कि धमाके आतंकी ठिकानों पर दूसरी कार्रवाई हो सकती है.

    पुलिस सूत्रों की मानें तो वॉल्टन एयरपोर्ट के पास ड्रोन ब्लास्ट हुआ है. शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि भारतीय सेना की ओर से छोड़ा गया ड्रोन वहां क्रैश हुआ या फिर उसे पाकिस्तानी जैमिंग सिस्टम द्वारा गिरा दिया गया.

    स्थानीय चश्मदीदों ने बताया कि लाहौर के अक्सारी-5 रोड और नेवल कॉलेज के पास भी दो जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई. यहां भी धुआं उठता देखा गया, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह इलाका भी टारगेट पर था या फिर ब्लास्ट से प्रभावित हुआ है.

    ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से नौ आतंकी ठिकाने तबाह
    भारत ने 3 दिन पहले यानी मंगलवार देर रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और POK में नौ आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी. भारतीय थलसेना, वायुसेना और नौसेना के इस संयुक्त ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालयों को निशाना बनाया गया. इन इलाकों में बहावलपुर, मुरीदके, गुलपुर, भिंबर, चाक अमरू, बाग, कोटली, सियालकोट और मुजफ्फराबाद शामिल हैं. खास बात यह रही कि बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा के ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया गया.

    पीएम मोदी ने रखा “ऑपरेशन सिंदूर” नाम
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस अभियान का नाम ऑपरेशन सिंदूर रखा. जानकारी के अनुसार, पहलगाम में हुए हमले में आतंकियों ने हिंदू पुरुषों को निशाना बनाया, जिससे कई महिलाएं विधवा हो गईं. इस घटना से आहत होकर प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसका जवाब उसी की भाषा में दिया जाएगा.

    रॉ की बड़ी भूमिका
    भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ (R&AW) ने इस पूरे ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई. रॉ ने ही उन नौ आतंकी ठिकानों की पहचान की, जिन्हें बाद में एयरस्ट्राइक से तबाह किया गया. यह भारत की रणनीतिक खुफिया और सैन्य क्षमता का स्पष्ट उदाहरण है.

    दहशत में पाकिस्तान!
    एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान सरकार ने अब तक कोई ठोस बयान नहीं दिया है. लेकिन लाहौर में हुए धमाकों और ड्रोन ब्लास्ट के बाद वहां के नागरिकों में गहरा डर बैठ गया है. सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी नागरिक सरकार से सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर भारत की ओर से हो रही इन कार्रवाइयों को क्यों नहीं रोका जा सका.

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