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  • LaluYadav : महाकुंभ को ‘फालतू’ बताने वाले लालू मना रहे हैं ‘हैलोवीन’! BJP ने बोला हमला

    LaluYadav : महाकुंभ को ‘फालतू’ बताने वाले लालू मना रहे हैं ‘हैलोवीन’! BJP ने बोला हमला

    LaluYadav : पटना।राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनका कोई राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि पोते-पोतियों के साथ विदेशी त्योहार ‘हैलोवीन’ मनाना है।

    सोशल मीडिया पर उनका डरावने गेटअप में बच्चों संग मस्ती करते हुए वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

    वीडियो सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने लालू यादव पर निशाना साधा है। बीजेपी नेताओं ने कहा कि जो महाकुंभ जैसे आस्था के पर्व को ‘फालतू’ बताते हैं, वही अब विदेशी त्योहार मनाकर भारतीय संस्कृति का मज़ाक उड़ा रहे हैं

    बीजेपी प्रवक्ताओं ने कहा कि लालू यादव और उनका परिवार हमेशा से “तुष्टिकरण की राजनीति” करता आया है। पार्टी का कहना है कि महाकुंभ भारत की आस्था, परंपरा और सनातन संस्कृति का प्रतीक है, और ऐसे पर्वों को अपमानित करना करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाना है।वहीं, लालू यादव के समर्थकों ने कहा कि यह परिवारिक आयोजन था, जिसका किसी धार्मिक या राजनीतिक मुद्दे से कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन इस वीडियो के वायरल होने से बिहार की सियासत में एक बार फिर गर्मी बढ़ गई है।

    यह वीडियो भी देखें

  • कानपुर रेलवे स्टेशन पर अनोखा करवा चौथ, पत्नी ने पति के साथ प्लेटफॉर्म पर ही व्रत तोड़ा

    कानपुर रेलवे स्टेशन पर अनोखा करवा चौथ, पत्नी ने पति के साथ प्लेटफॉर्म पर ही व्रत तोड़ा

    कानपुर – रेलवे स्टेशन पर अनोखा करवा चौथ: पत्नी ने पति के साथ प्लेटफॉर्म पर ही व्रत तोड़ाकरवा चौथ जैसे पारंपरिक और भावनात्मक त्योहार पर महिलाएं घरों और छतों से चांद देखकर व्रत तोड़ती हैं, लेकिन कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार रात एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। भारतीय रेलवे में लोको पायलट के पद पर कार्यरत पति को ड्यूटी में छुट्टी नहीं मिलने के कारण उनकी पत्नी स्टेशन पर ही पहुंच गईं और वहीं करवा चौथ का व्रत संपन्न किया।

    रात को जब आसमान में चांद दिखाई दिया, तो महिला ने प्लेटफॉर्म पर छलनी से चांद का दर्शन किया और फिर अपने पति के साथ पारंपरिक रीति से व्रत खोला। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और सहकर्मियों ने इस दृश्य को भावपूर्ण और फिल्मी जैसा बताया। कई लोगों ने अपने मोबाइल में इस पल को कैद कर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिससे वीडियो तेजी से वायरल हो गया।

    वीडियो में साफ दिख रहा है कि पत्नी पूजा के थाल के साथ तैयार खड़ी हैं और पति अपने ड्यूटी कर्तव्य में लगे हुए हैं। दोनों ने संक्षिप्त रीति से पूजा की, पति ने पत्नी को पानी पिलाकर व्रत तुड़वाया, फिर मिठाई खिलाई और पत्नी ने पति के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।

    स्थानीय लोगों और यात्रियों ने इस जोड़े की सराहना करते हुए कहा कि यह दृश्य प्रेम और समर्पण की मिसाल है। ड्यूटी और रिश्ते के बीच संतुलन का यह अनोखा उदाहरण दर्शाता है कि सच्चे रिश्तों में दूरी मायने नहीं रखती।इस घटना ने न केवल लोगों के दिलों को छुआ, बल्कि यह भी साबित किया कि भावनाएं और समर्पण हर परिस्थिति में साथ निभा सकते हैं।

  • RSS प्रमुख मोहन भागवत ने पूरे किए जीवन के 75 वर्ष, शुभकामनाओं की बाढ़

    RSS प्रमुख मोहन भागवत ने पूरे किए जीवन के 75 वर्ष, शुभकामनाओं की बाढ़

    नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने आज अपने जीवन के 75 वर्ष पूरे कर लिए। भागवत का जन्म 1950 में हुआ था और उन्होंने लंबे समय से भारतीय समाज और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय योगदान दिया है। उनके नेतृत्व में RSS ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और सेवा कार्यों में अनेक पहल की हैं।

    मोहन भागवत ने अपने जीवन में हमेशा समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान और देश की एकता व अखंडता के लिए काम किया है। उनकी योजनाओं और विचारों ने युवाओं में देशभक्ति और समाज सेवा की भावना को जागृत किया है। शिक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से उन्होंने भारतीय संस्कृति और मूल्यों को नए सिरे से प्रस्तुत किया है।

    इस मौके पर देशभर से नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री और राज्य स्तर के कई नेता भी सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों के माध्यम से मोहन भागवत को उनके 75वें जन्मदिवस की बधाई दे चुके हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार, मोहन भागवत की सोच और दिशा ने भारतीय समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में RSS ने कई सामाजिक और विकासात्मक परियोजनाओं को सफलतापूर्वक संचालित किया है, जिससे लाखों लोगों को लाभ मिला है।

    भागवत के जीवन की सफलता और सेवा भावना को देखते हुए उनके अनुयायी और नागरिक उनके लिए प्रार्थना और शुभकामनाएं भेज रहे हैं। देशभर के लोग सोशल मीडिया पर उनके जन्मदिन पर संदेश और बधाई दे रहे हैं, जिसमें उनके स्वास्थ्य, लंबी उम्र और उज्ज्वल भविष्य की कामना की जा रही है।

  • बुंदेलखंड की अनोखी नाग पंचमी परंपरा, गुड़िया को कूटते हैं भाई!

    बुंदेलखंड की अनोखी नाग पंचमी परंपरा, गुड़िया को कूटते हैं भाई!

    पवन सिंह परिहार रिपोर्ट

    हमीरपुर (उत्तर प्रदेश), बुंदेलखंड – नाग पंचमी को लेकर देशभर में जहां नाग देवता की पूजा की जाती है, वहीं बुंदेलखंड में इस पर्व की एक अनोखी परंपरा सदियों से चली आ रही है। यहां नाग पंचमी के दिन गुड़िया बनाकर उसे पीटने की परंपरा निभाई जाती है, जो स्थानीय आस्था, परंपरा और लोक-संस्कृति का जीवंत उदाहरण है।

    क्या है यह परंपरा? बुंदेलखंड की अनोखी नाग पंचमी परंपरा

    हमीरपुर जिले के मेरापुर गांव स्थित सिंह महेश्वर मंदिर घाट पर हर साल नाग पंचमी के दिन बच्चे, युवा और बुजुर्ग एकत्रित होते हैं। वे पुराने कपड़ों से मानवाकार गुड़िया बनाते हैं और उसे यमुना नदी में बहाते हैं। इसके बाद उसे नीम की डंडियों से जोर-जोर से पीटा जाता है।

    इसके पीछे की मान्यता बुंदेलखंड की अनोखी नाग पंचमी परंपरा

    स्थानीय मान्यता है कि इस प्रतीकात्मक क्रिया से बुरी आत्माएं, बीमारियां और आपदाएं दूर होती हैं। यह राक्षसी प्रवृत्तियों के नाश और समाज में शुभता के प्रवेश का प्रतीक माना जाता है।

    “यह सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बच्चों के लिए एक सांस्कृतिक उत्सव है जो उन्हें परंपरा से जोड़ता है,” – एक बुजुर्ग श्रद्धालु की प्रतिक्रिया।

    पीढ़ियों से चलती आ रही परंपरा बुंदेलखंड की अनोखी नाग पंचमी परंपरा

    यह परंपरा बुंदेलखंड के कई जिलों में वर्षों से चली आ रही है। समय बदला, लेकिन यह आस्था आज भी उतनी ही मजबूत है। अब यह केवल एक रस्म नहीं, बल्कि सामूहिक उल्लास और उत्सव का रूप ले चुकी है।

    प्रशासन और स्थानीय समाज की भूमिका बुंदेलखंड की अनोखी नाग पंचमी परंपरा

    हर साल इस आयोजन में स्थानीय प्रशासन और पुलिस की उपस्थिति भी रहती है ताकि यह आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो। बच्चों के साथ आए अभिभावक भी इस परंपरा का आनंद लेते हैं।