जम्मू-कश्मीर में कड़ाके की ठंड के बीच भारतीय सेना ने एक बड़ा और साहसिक ऑपरेशन अंजाम दिया है। बर्फीले मौसम और शून्य से नीचे तापमान के बावजूद सेना ने आतंकियों के खिलाफ मोर्चा संभाले रखा। इस ऑपरेशन के दौरान 35 पाकिस्तानी आतंकियों को टारगेट किया गया।
सीमा पार से घुसपैठ की थी आशंका
खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान समर्थित आतंकी समूह सीमा पार से घुसपैठ की फिराक में थे। इसी इनपुट के आधार पर भारतीय सेना ने जम्मू सेक्टर में व्यापक तलाशी और निगरानी अभियान शुरू किया।
आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
सेना के जवानों ने अत्यधिक ठंड, बर्फीले इलाके और दुर्गम परिस्थितियों में ऑपरेशन को अंजाम दिया। सूत्रों के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान आतंकियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी गई और कई ठिकानों को निशाना बनाया गया।
पूरे इलाके में हाई अलर्ट
ऑपरेशन के बाद जम्मू क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सेना और अन्य सुरक्षा बल लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं ताकि किसी भी आतंकी साजिश को नाकाम किया जा सके।भारतीय सेना के इस ऑपरेशन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि देश की सुरक्षा के लिए जवान किसी भी मौसम और हालात में पीछे नहीं हटते।
सहारनपुर। दिल्ली में 10 नवंबर को हुए दिल्ली ब्लास्ट के बाद जांच एजेंसियों ने अपनी पड़ताल तेज कर दी है। इस मामले का कनेक्शन प्रदेश से मिलने के बाद यूपी पुलिस का आतंकवाद-रोधी दस्ता (ATS) सक्रिय हो गया है। ATS ने राज्य भर में संचालित मदरसों का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। इसके लिए अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों से मदरसों, शिक्षकों, छात्रों और उनके वित्तीय स्रोतों की विस्तृत जानकारी मांगी गई है।
ATS की जांच से बढ़ी हलचल
सूत्रों के मुताबिक, ATS बीते कुछ दिनों से कई जिलों में मदरसों की गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों को खंगाल रही है। खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कहीं किसी बाहरी फंडिंग या संदिग्ध गतिविधि का लिंक तो नहीं।जैसे ही यह जानकारी सामने आई, देवबंद के उलेमा भी प्रतिक्रिया देने के लिए आगे आए। उलेमाओं ने कहा कि मदरसों को लेकर गलतफहमियां फैलाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और शिक्षा संस्थानों को आतंकवाद से जोड़ना अनुचित है।
“इस्लाम शांति सिखाता है, आतंकवाद नहीं” – उलेमा
देवबंदी उलेमा मुफ्ती असद कासमी ने साफ कहा कि इस्लाम किसी भी प्रकार के आतंकवाद या जुल्म को बढ़ावा नहीं देता। उन्होंने कहा, “इस्लाम इंसान तो दूर, जानवर को भी तकलीफ देने की इजाजत नहीं देता। दुनिया भर के मदरसों में केवल इस्लाम की तालीम दी जाती है, जिसमें इंसानियत, शांति और नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाया जाता है।”उलेमा ने सवाल उठाया कि मदरसों को बार-बार गलत तरीके से क्यों प्रस्तुत किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस्लाम और आतंकवाद को जोड़ना “गलत और खतरनाक प्रवृत्ति” है।
मदरसों में जांच को लेकर पूछे गए प्रश्न पर उलेमा ने कहा कि वे सुरक्षा एजेंसियों का स्वागत करते हैं।उनका कहना था, “एजेंसियां आएं, जांच करें और देखें कि मदरसों में वास्तव में हो क्या रहा है। हमें कोई आपत्ति नहीं है।”उलेमा ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि जब-जब देश पर संकट आया है, मदरसों के छात्रों ने देश के लिए बलिदान दिए हैं।उन्होंने कहा, “आजादी की लड़ाई में भी मदरसों के ही छात्र आगे रहे। ऐसे में मदरसों को संदेह की नजर से देखना गलत है।”
जांच आगे भी जारी रहेगी
ATS की टीम निकट भविष्य में कई जिलों में और विस्तृत जांच करने की तैयारी कर रही है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह प्रक्रिया रूटीन इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग का हिस्सा है, ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
Srinagar Blast: श्रीनगर: दिल्ली के Red Fort Explosion की जांच जब कश्मीर में जारी थी, उसी दौरान श्रीनगर के Nowgam Police Station में शुक्रवार को एक भीषण धमाका हो गया। जांच टीम अभी रेड फोर्ट धमाके से जुड़े सुराग तलाश ही रही थी कि अचानक हुए इस बड़े विस्फोट ने पूरे पुलिस स्टेशन को हिला कर रख दिया।
धमाके की ताकत इतनी कि दीवारें उखड़ गईं
चश्मदीदों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, ब्लास्ट इतना शक्तिशाली था कि थाने की कई दीवारें उखड़ गईं और आग पूरे परिसर में तेजी से फैल गई। देखते ही देखते पूरा थाना घने धुएं और आग की लपटों में घिर गया।
9 पुलिसकर्मी मौके पर शहीद
धमाके में 9 पुलिसकर्मियों के मौके पर ही शहीद होने की पुष्टि की गई है। कई अन्य पुलिसकर्मी घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दिल्ली रेड फोर्ट धमाके से जुड़े फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से रिकवर किया गया विस्फोटक इसी नौगाम थाना परिसर में रखा गया था।फॉरेंसिक टीम यह जांच कर रही है कि धमाका एक्सीडेंटल ब्लास्ट था या किसी ने इसे रिमोटली ट्रिगर किया।
फायर ब्रिगेड और राहत टीमें मौके पर
धमाके के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड, SDRF और अतिरिक्त सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए। आग पर काबू पाने में टीमों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
इलाके में हाई अलर्ट
घटना के बाद पूरे श्रीनगर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। आसपास के इलाकों को सील कर दिया गया है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं।
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के अखल-देवसर जंगल क्षेत्र में पिछले नौ दिनों से जारी आतंकवाद विरोधी अभियान में शनिवार को दो भारतीय जवान शहीद हो गए और एक आतंकी मारा गया।
घटना का विवरण J&K कुलगाम एनकाउंटर
मुठभेड़ के दौरान आतंकियों ने घेराबंदी कर रहे सुरक्षाबलों पर फायरिंग की।
शहीद जवान: लेफ्टिनेंट नाइक प्रीतपाल सिंह और सिपाही हरमिंदर सिंह।
अब तक इस ऑपरेशन में एक आतंकी मारा गया है और कई बार गोलीबारी हुई है।
ऑपरेशन की खास बातें J&K कुलगाम एनकाउंटर
सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस का संयुक्त अभियान।
हाई-टेक ड्रोन, नाइट विज़न और स्पेशल फोर्सेज की मदद से घेराबंदी।
इलाके में छिपे बाकी आतंकियों की तलाश जारी। J&K कुलगाम एनकाउंटर
यह ऑपरेशन 1 अगस्त को शुरू हुआ था, जब खुफिया जानकारी के आधार पर सुरक्षाबलों ने जंगल क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया। बताया जा रहा है कि इलाके में 2-3 आतंकी अब भी छिपे हो सकते हैं।