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  • झाड़फूंक के बहाने तांत्रिक ने 12 साल की बच्ची से की अश्लील हरकत, रोते हुए सुनाई दर्दनाक आपबीती

    झाड़फूंक के बहाने तांत्रिक ने 12 साल की बच्ची से की अश्लील हरकत, रोते हुए सुनाई दर्दनाक आपबीती

    यूपी के झांसी में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. बरुआसागर थाना क्षेत्र में झाड़फूंक के बहाने एक तांत्रिक ने 12 साल की बच्ची के साथ अश्लील हरकतें कीं. पीड़ित परिवार के अनुसार, बच्ची कुछ दिनों से गले में दर्द की शिकायत कर रही थी और खाना भी नहीं खा पा रही थी. इलाज के बाद भी आराम नहीं मिला तो लोगों ने इसे ऊपरी चक्कर बताया.

    परिवार को पता चला कि मध्य प्रदेश के निवाड़ी के सिनौनिया गांव का हरभजन नाम का व्यक्ति झाड़फूंक करता है. 18 नवंबर को उसे घर बुलाया गया. बच्ची को देखकर उसने कहा कि उस पर भूतप्रेत का साया है और तंत्रक्रिया अकेले में होगी. उसने साफ कहा कि बच्ची रोए तो भी कोई अंदर न आए. परिवार उसके झांसे में आ गया.

    12 साल की बच्ची के साथ अश्लील हरकत

    तांत्रिक बच्ची को कमरे में ले गया. कुछ देर बाद बच्ची रोने लगी लेकिन उसने माता-पिता को अंदर आने से रोक दिया. करीब आधा घंटे बाद वह बाहर निकला और बोला कि पूजा पूरी हो गई है और अब बच्ची को आराम मिलेगा. इसके बाद वह वहां से चला गया.उसके जाने के बाद बच्ची मां से चिपककर रोने लगी और आपबीती बताई। बच्ची ने बताया कि तांत्रिक ने कपड़े उतरवाए, शरीर पर नींबू रगड़ा और अश्लील हरकतें कीं. यह सुनते ही परिवार के होश उड़ गए. परिजन तत्काल थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई.

    आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

    बरुआसागर थाना प्रभारी राहुल राठौर ने बताया कि बच्ची की मां की शिकायत पर आरोपी हरभजन के खिलाफ धारा 75(2), 7 और 8 के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा.

  • झांसी- गुरसरांय में आशा बहनों का विरोध प्रदर्शन, भुगतान की मांग तेज

    झांसी- गुरसरांय में आशा बहनों का विरोध प्रदर्शन, भुगतान की मांग तेज

    गुरसरांय, झांसी (उ.प्र.)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरसरांय में शनिवार दोपहर आशा बहनों ने बकाया मानदेय भुगतान को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। रिपोर्ट के अनुसार, दोपहर करीब दो बजे दर्जनों आशा कार्यकर्ता एकजुट होकर परिसर में एकत्र हुईं और अपनी समस्याओं को जोरदार तरीके से उठाया।

    आशा बहनों का कहना है कि वर्ष 2021 से टीटी ऑपरेशन केस प्रेरक के रूप में कार्य कर रहीं कई आशा बहनों को अब तक कोई भुगतान नहीं मिला है। यही नहीं, पिछले छह माह से डिलीवरी और टीकाकरण कार्य का भी किसी तरह का मानदेय नहीं दिया गया है। इससे आशा बहनों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ रहा है।

    प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. ओपी राठौर को ज्ञापन सौंपा और अपनी समस्याओं को विस्तार से रखा। उन्होंने बताया कि वे गांव-गांव जाकर गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और प्रसूता माताओं का टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण और डिलीवरी से जुड़े कार्य पूरी निष्ठा से करती हैं। इसके बावजूद समय पर भुगतान न होना उनके साथ अन्याय जैसा है।

    आशा बहनों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनका बकाया भुगतान नहीं किया गया, तो वे कलमबंद हड़ताल पर रहने को मजबूर होंगी और सभी स्वास्थ्य सेवाओं से अलग हो जाएंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो सकती हैं, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा।

    प्रदर्शन में सुखवती, रुबीना, कल्पना, अभिलाषा, राजेश, प्रवीना, कुसुम सहित दर्जनों आशा बहनें मौजूद रहीं। सभी ने नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द बकाया मानदेय जारी करने की मांग की और स्पष्ट कहा कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक उन्हें उनका हक नहीं मिल जाता।