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  • यूपी के कानपुर में शर्मनाक वारदात, अंधविश्वास की आड़ में गैंगरेप

    यूपी के कानपुर में शर्मनाक वारदात, अंधविश्वास की आड़ में गैंगरेप

    उत्तर प्रदेश के कानपुर से मानवता को शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक युवती के मौसा ने ही विश्वासघात करते हुए उसे तांत्रिक के पास ले जाकर दरिंदगी का शिकार बनाया। आरोप है कि मौसा और तांत्रिक ने मिलकर युवती के साथ गैंगरेप किया।

    पीड़िता के अनुसार, मौसा ने उसे किसी समस्या के समाधान और तांत्रिक क्रिया के बहाने वहां ले गया। अंधविश्वास का फायदा उठाकर पहले उसे डराया गया और फिर इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया। घटना के बाद पीड़िता किसी तरह वहां से बचकर निकली और परिजनों को आपबीती बताई।

    मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई और पीड़िता की तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।

  • कानपुर जलकल विभाग में ट्रांसफर के बाद भी अफसर कुर्सी से चिपके: “रवानगी” पर सिफारिश की दीवार!

    कानपुर जलकल विभाग में ट्रांसफर के बाद भी अफसर कुर्सी से चिपके: “रवानगी” पर सिफारिश की दीवार!

    कानपुर। जलकल विभाग में ट्रांसफर तो हो चुका है, लेकिन रवानगी (Relieving) का आदेश मानो किसी वीआईपी काउंटर पर अटक गया हो। दो अफसरों का तबादला जारी होने के बावजूद वे अब तक अपनी कुर्सी पर डटे हैं। विभागीय गलियारों में चर्चा है कि इनके “ऊँचे संपर्क” और “सिफारिश” ने रवानगी को रोक रखा है।विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि अफसरों की कुर्सी से ऐसी मोहब्बत है कि फाइलें जाम पड़ी हैं, काम रुका है, ठेकेदार परेशान हैं—पर साहब अभी भी उसी रौब में बैठते हैं, जैसे विभाग उनकी निजी जागीर हो।

    ठेकेदारों की चुभती शिकायतें

    विभाग के ठेकेदार बताते हैं कि एक अधिकारी से काम की बात करने जाइए तो वे योग्यता नहीं, पहले जाति पूछते हैं। आरोप यह भी है कि उनका एक “मौन-सहयोगी” हर गड़बड़ी में शामिल रहता हैकाम सब देखता है, लेकिन दिखाई कहीं नहीं देता।

    सवालों के घेरे में सिस्टम

    अब बड़ा सवाल यह है कि जब ट्रांसफर आदेश जारी है, तो रवानगी रोकी क्यों गई?क्या विभाग में नियम नहीं, “पहुँच” चलती है?क्या शहर की जलापूर्ति व्यवस्था ऐसे अफसरों के भरोसे है, जिनकी रवानगी सिफारिश पर निर्भर है?

    जलकल विभाग पर उठ रहे सवाल

    कानपुर की जनता पूछ रही है“ट्रांसफर हो गया, अब तबादला अमल में कौन करवाएगा?”विभागीय सूत्रों का कहना है कि फाइलें चल रही हैं, लेकिन वहां अटकी हैं जहां “सिस्टम और सिफारिश” की दोस्ती सबसे मजबूत होती है। आने वाले दिनों में साफ होगा कि जलकल विभाग के ये अफसर कुर्सी छोड़ेंगे या सिस्टम का मज़ाक बनाते रहेंगे।

  • भारत-पाक मुकाबले में कुलदीप यादव की हवा, 4 ओवर में 18 रन देकर 3 विकेट – बने ‘गेम चेंजर’

    भारत-पाक मुकाबले में कुलदीप यादव की हवा, 4 ओवर में 18 रन देकर 3 विकेट – बने ‘गेम चेंजर’

    कानपुर – भारत और पाकिस्तान के बीच हुए हाईवोल्टेज मुकाबले में टीम इंडिया के स्पिनर कुलदीप यादव ने शानदार गेंदबाजी कर सभी का दिल जीत लिया। उन्होंने अपनी घातक स्पिन से पाकिस्तानी बल्लेबाजों को पूरी तरह से परेशान कर दिया और मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया।

    कुलदीप यादव ने अपने 4 ओवर के स्पेल में सिर्फ 18 रन दिए और 3 अहम विकेट झटके। उनकी गेंदबाजी के सामने पाकिस्तान के बल्लेबाज टिक नहीं पाए। खासतौर पर मिडिल ऑर्डर के विकेट निकालकर उन्होंने पाकिस्तान की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उनकी इस धारदार गेंदबाजी ने उन्हें ‘गेम चेंजर’ बना दिया।

    भारतीय टीम के लिए यह मैच काफी अहम था और कुलदीप का प्रदर्शन टीम की जीत में निर्णायक साबित हुआ। क्रिकेट विशेषज्ञ भी कुलदीप की तारीफ कर रहे हैं और इसे उनकी करियर की बेहतरीन गेंदबाजी में से एक मान रहे हैं।

    भारतीय दर्शकों के लिए यह मुकाबला यादगार बन गया, क्योंकि गेंद और बल्ले दोनों से टीम इंडिया ने पाकिस्तान को चारों खाने चित कर दिया। वहीं, कुलदीप यादव के इस प्रदर्शन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वह बड़े मैचों के बड़े खिलाड़ी हैं।

  • ‘सर तन से जुदा’ के नारे के बाद कानपुर में बवाल, पत्थरबाजी और आरोपी के घर पर भीड़

    ‘सर तन से जुदा’ के नारे के बाद कानपुर में बवाल, पत्थरबाजी और आरोपी के घर पर भीड़

    कानपुर-कानपुर में ‘सर तन से जुदा’ नारे को लेकर स्थिति गंभीर हो गई है। शहर के एक पुराने मोहल्ले में आरोपी के घर के बाहर नारे लिखे जाने के बाद वहां बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। स्थानीय निवासियों और पुलिस के अनुसार, भीड़ ने पत्थरबाजी भी की, जिससे इलाके में डर और हड़कंप फैल गया।मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विवाद के पीछे शिया और सुन्नी समुदाय के बीच पहले से चली आ रही असहमति है। आरोपी के घर पर नारे लिखे जाने के बाद स्थानीय लोग गुस्से में आ गए और पत्थरबाजी करने लगे। भीड़ ने आरोपी के घर के बाहर धक्का-मुक्की की और पुलिस को तुरंत मौके पर बुलाना पड़ा।

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, विवाद बढ़ने का कारण छोटे मामलों का लंबित रहना और आपसी टकराव रहा। पुलिस ने तुरंत इलाके को सील किया और अतिरिक्त फोर्स तैनात की। मौके पर पहुंची फील्ड यूनिट ने पत्थरबाजी में शामिल लोगों को हटाया और इलाके की सुरक्षा सुनिश्चित की।पुलिस ने चेतावनी दी कि किसी भी तरह की अफवाह या सोशल मीडिया पोस्ट से स्थिति और बिगड़ सकती है। उन्होंने जनता से शांति बनाए रखने और किसी भी उकसावे वाली गतिविधि में शामिल न होने की अपील की। इसके अलावा, आरोपी के परिवार को सुरक्षा देने के लिए भी विशेष टीम तैनात की गई।

    विभागीय अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी जल्द ही की जाएगी और मामले की गहन जांच की जा रही है। नारे लिखने और पत्थरबाजी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस ने यह भी कहा कि इलाके में शांति बनाए रखने के लिए सभी समुदायों से संयम बरतने का अनुरोध किया गया है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक और सामुदायिक तनाव लंबे समय तक समाज में अस्थिरता पैदा कर सकते हैं। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और दोनों पक्षों के बीच संवाद बेहद जरूरी होता है। कानपुर में यह घटना भी इसी तरह संवेदनशील मानी जा रही है।

    स्थानीय लोग डर के माहौल में जी रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने आसपास के इलाकों में गश्त बढ़ा दी है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि किसी भी उकसावे वाली गतिविधि में शामिल होने वाले लोग कानून के तहत सख्त कार्रवाई का सामना करेंगे।थाना प्रभारी ने कहा, “हमने मौके पर अतिरिक्त टीम तैनात कर दी है। आरोपी की गिरफ्तारी जल्द ही होगी और मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। हम चाहते हैं कि सभी समुदाय शांति बनाए रखें और कानून का पालन करें।”इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि धार्मिक और सामाजिक सह-अस्तित्व के लिए जागरूकता, प्रशासन की सक्रियता और संवाद कितना महत्वपूर्ण है। कानपुर प्रशासन की तत्परता और पुलिस की कार्रवाई से ही स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिशें जारी हैं।

  • Kanpur News: कानपुर के भाऊपुर स्टेशन के पास फिर ट्रेन हादसा, अब मालगाड़ी का एक डिब्बा ट्रैक से उतरा

    Kanpur News: कानपुर के भाऊपुर स्टेशन के पास फिर ट्रेन हादसा, अब मालगाड़ी का एक डिब्बा ट्रैक से उतरा

    रिपोर्ट-अमर शुक्ला”अज्जू” कानपुर । दिल्ली हावड़ा रूट के भाऊपुर व मैथा रेलवे स्टेशन के मध्य कानपुर की ओर जा रही खाली मालगाड़ी के एक वैगन के दो पहिये पटरी से उतर गए। चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को नियंत्रित किया। पटरी की मरम्मत के लिए कानपुर से गई टीम ने काम शुरू कर दिया। एक घंटे में अप ट्रैक से ट्रेनें निकाली जाने लगीं जबकि डाउन ट्रैक पर अभी तक काम जारी है। बता दें कि कुछ दिन पहले ही इसी रूट पर अहमदाबाद जन साधारण एक्सप्रेस डिरेल हुई थी। कानपुर के भाऊपुर स्टेशन के पास फिर ट्रेन हादसा

    रविवार अपराह्न करीब तीन बजे एससीए मालगाड़ी रैपालपुर गांव के सामने खंभा नंबर 1044/17 से कानपुर की तरफ जा रही थी, तभी अचानक मालगाड़ी का एक वैगन झटके से पटरी से उतर गया। इस दौरान चालक दल ने मालगाड़ी रोक दी। मौके पर देखा गया कि दो पहिये पटरी से उतर गए हैं। इस पर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया। कानपुर के भाऊपुर स्टेशन के पास फिर ट्रेन हादसा

    इसके बाद ट्रैक व वैगन की मरम्मत के लिए कानपुर से टीम ने मशीनों संग मौके पर आकर मरम्मत काम शुरू कराया। इससे एक घंटे में ही अप ट्रैक को चालू करा दिया गया, लेकिन डाउन ट्रैक को दुरुस्त करने के लिए रात आठ बजे के बाद तक टीम लगी रही। कानपुर के भाऊपुर स्टेशन के पास फिर ट्रेन हादसा

    डाउन ट्रैक का रेल यातायात बाधित होने से कानपुर को जाने वाले यात्री गोमती व मेमू पैसेंजर के लिए इंतजार में प्लेटफार्म में इंतजार करते रहे, जबकि डाउन ट्रैक की अन्य ट्रेनों को स्टेशन पर रोका गया। जन संपर्क अधिकारी अमित सिंह ने बताया कि वैगन के दो पहिये पटरी से उतरे हैं। मामूली नुकसान हुआ है। डाउन ट्रैक चालू करने के लिए मरम्मत टीम लगी है। कुछ ट्रेनें लेट हुई हैं। अप ट्रैक पूरी तरह से सुरक्षित है।

    वंदे भारत समेत 50 ट्रेनें पांच घंटे तक प्रभावित कानपुर के भाऊपुर स्टेशन के पास फिर ट्रेन हादसा

    कानपुर से गई टीम ने एक घंटे में अप ट्रैक दुरुस्त कर दिया और ट्रेनें निकाली जाने लगीं। डाउन ट्रैक रात 8:48 बजे बहाल हुआ। इसके बाद पहली ट्रेन (ट्रेन संख्या 15667) कामाख्या एक्सप्रेस गुजारी गई। हादसे के चलते झींझक, औरैया, फफूंद में ट्रेनों को रोकना पड़ा। वंदे भारत, राजधानी-शताब्दी समेत 50 ट्रेनें पौने डेढ़ से पांच घंटे तक लेट हुईं। कानपुर में 887 यात्रियों ने टिकट रद करा दिए। कानपुर के भाऊपुर स्टेशन के पास फिर ट्रेन हादसा

    डाउन ट्रैक बाधित होने से कानपुर जाने वाले यात्री रूरा स्टेशन पर गोमती व मेमू पैसेंजर के लिए इंतजार करते रहे। उधर, कानपुर में नई दिल्ली वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस पौने तीन घंटा, नई दिल्ली से गया जंक्शन महाबोधि एक्सप्रेस तीन घंटा, लखनऊ जंक्शन तेजस एक्सप्रेस डेढ़ घंटा देर से पहुंचीं। इसके अलावा रांची गरीब रथ एक्सप्रेस, सियालदह राजधानी एक्सप्रेस, डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस, अरुणाचल वातानुकूलित सुपरफास्ट एक्सप्रेस, दरभंगा क्लोन स्पेशल सवा चार घंटा लेट हुईं कानपुर के भाऊपुर स्टेशन के पास फिर ट्रेन हादसा

  • कानपुर अखिलेश दुबे गैंग की करतूत -कारोबारी महिला से 50 लाख रंगदारी, होटल कब्जाने की कोशिश

    कानपुर अखिलेश दुबे गैंग की करतूत -कारोबारी महिला से 50 लाख रंगदारी, होटल कब्जाने की कोशिश

    कानपुर- उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नगरी कानपुर में बहुचर्चित अखिलेश दुबे गैंग की काली करतूत का खुलासा हुआ है। साकेत नगर की एक महिला कारोबारी ने पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार को तहरीर देकर बताया कि इस गैंग ने साल 2009 से 2011 के बीच उनसे करीब 50 लाख रुपये की रंगदारी वसूली। कानपुर अखिलेश दुबे गैंग की करतूत

    महिला कारोबारी के मुताबिक, उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर बारादेवी क्षेत्र में होटल का कारोबार शुरू किया था। तभी गैंग के सरगना अखिलेश दुबे ने उनसे हर महीने दो लाख रुपये रंगदारी की मांग की। डर के चलते उन्होंने शुरू में रकम दी, लेकिन आर्थिक स्थिति बिगड़ने पर भुगतान रोक दिया। इसके बाद गैंग ने होटल कब्जाने का प्रयास किया। कानपुर अखिलेश दुबे गैंग की करतूत

    पहले प्रेम जाल और फिर फिजिकल रिलेशन, वीडियो और कारोबार कानपुर अखिलेश दुबे गैंग की करतूत

    पीड़िता का आरोप है कि गैंग के लोगों ने होटल में घुसकर मारपीट और लूटपाट की। विरोध करने पर उनके गहने तक छीन लिए। इतना ही नहीं, बदनाम करने के लिए उनके नाम से अश्लील किताबें छपवाकर लोगों में बांट दी गईं।महिला ने बताया कि गैंग ने उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की कोशिश की और यहां तक कि उनकी शादी के दिन कोर्ट पेशी का नोटिस भिजवाया गया। उत्पीड़न और धमकियों से परेशान होकर उन्हें साल 2013 में अपना होटल बेचना पड़ा।

    अब जबकि हाल ही में “ऑपरेशन महाकाल” के तहत आरोपी अखिलेश दुबे की गिरफ्तारी हुई, पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर पुलिस से शिकायत की है। पुलिस कमिश्नर ने मामले की जांच एसआईटी को सौंपी है। कानपुर अखिलेश दुबे गैंग की करतूत

  • कानपुर में टीचर ने जब्त की चेन, मां की डांट के डर से 6वीं के छात्र ने उठाया खौफनाक कदम

    कानपुर में टीचर ने जब्त की चेन, मां की डांट के डर से 6वीं के छात्र ने उठाया खौफनाक कदम

    उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सिर्फ 11 साल के छात्र ने स्कूल में शिक्षिका द्वारा चेन जमा कराने के बाद, मां की डांट के डर से आत्महत्या कर ली। यह घटना गोविंद नगर थाना क्षेत्र के दादा नगर कॉलोनी की है।

    क्या है पूरा मामला? कानपुर में टीचर ने जब्त की चेन

    स्वास्तिक शर्मा (11) श्रीमुनि इंटर कॉलेज में कक्षा 6 का छात्र था। शुक्रवार को स्कूल में उसकी क्लास टीचर ने उसके गले की चेन उतरवा कर जमा कर ली। जब यह बात बच्चे को याद आई तो वह डर गया कि मां डांटेंगी। इसी डर से उसने घर आकर फांसी लगाकर जान दे दी।

    परिवार में मचा कोहराम कानपुर में टीचर ने जब्त की चेन

    स्वास्तिक के पिता ऋषि शर्मा नमकीन कंपनी में ट्रेडिंग का काम करते हैं, जबकि मां पूजा शर्मा एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षिका हैं।स्वास्तिक इकलौता बेटा था, और उसकी मौत के बाद पूरा परिवार सदमे में है।स्वास्तिक के चाचा सुकांत शर्मा ने बताया कि वह रोज स्कूल से उसे लेने जाते थे, और आज भी वही रूटीन था। लेकिन शाम को घर लौटते ही स्वास्तिक ने खुद को कमरे में बंद कर लिया और आत्मघाती कदम उठा लिया।

    पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर कानपुर में टीचर ने जब्त की चेन

    सूचना पर पहुंची गोविंद नगर पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल की जांच की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।