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Tag: Kanpur dehat news

  • कानपुर देहात के अकबरपुर में अनोखा खिचड़ी भोज, पैर छूकर खिला रहे ‘रवि उर्फ ज्ञानी’

    कानपुर देहात के अकबरपुर में अनोखा खिचड़ी भोज, पैर छूकर खिला रहे ‘रवि उर्फ ज्ञानी’

    कानपुर देहात (अकबरपुर):मकर संक्रांति के मौके पर जहां प्रदेशभर में खिचड़ी भोज के आयोजन हो रहे हैं, वहीं कानपुर देहात के अकबरपुर क्षेत्र में एक अलग ही अंदाज का खिचड़ी भोज लोगों का ध्यान खींच रहा है। यहां खिचड़ी भोज कराने वाले रवि उर्फ ज्ञानी न सिर्फ लोगों को भोजन करा रहे हैं, बल्कि राहगीरों के पैर छूकर उन्हें आदरपूर्वक खिचड़ी परोस रहे हैं

    इस अनोखे दृश्य को देखकर राह चलते लोग भी रुकने को मजबूर हो रहे हैं। जो भी इस आयोजन को देख रहा है, वह कुछ पल ठहरकर खिचड़ी का स्वाद ले रहा है और इस अनूठी पहल की सराहना कर रहा है।

    सेवा भाव से किया गया आयोजन

    रवि उर्फ ज्ञानी का कहना है कि यह कार्यक्रम सेवा और सम्मान की भावना से किया जा रहा है। उनका उद्देश्य केवल भोजन कराना नहीं, बल्कि समाज में आपसी सम्मान और विनम्रता का संदेश देना है। पैर छूकर खिचड़ी खिलाने का यह तरीका लोगों को भावनात्मक रूप से भी जोड़ रहा है।

    राहगीरों में दिखा उत्साह

    खिचड़ी भोज स्थल पर सुबह से ही लोगों की आवाजाही बनी रही। खास बात यह रही कि बिना किसी प्रचार के भी बड़ी संख्या में राहगीर और स्थानीय लोग यहां पहुंचते रहे। लोगों ने कहा कि उन्होंने ऐसा खिचड़ी भोज पहले कभी नहीं देखा।

  • कानपुर देहात में ओवरलोड ट्रकों को लेकर बवाल, ग्रामीणों ने किया चक्का जाम, कई घंटे बाधित रहा यातायात

    कानपुर देहात में ओवरलोड ट्रकों को लेकर बवाल, ग्रामीणों ने किया चक्का जाम, कई घंटे बाधित रहा यातायात

    कानपुर देहात जनपद के राजपुर थाना क्षेत्र में ओवरलोड बालू लदे ट्रकों को गांवों से जबरन निकाले जाने के विरोध में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। खोजारामपुर गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़कों पर उतर आए और चक्का जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया।


    गांव से ओवरलोड ट्रक निकालने का विरोध

    जानकारी के अनुसार, जालौन जनपद से बालू लदे ओवरलोड ट्रक तहसील सिकंदरा होते हुए कानपुर देहात में प्रवेश कर रहे थे। इन ट्रकों को राजपुर थाना क्षेत्र के खोजारामपुर गांव समेत आसपास के आधा दर्जन गांवों से निकाले जाने को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया।ग्रामीणों का कहना है कि ओवरलोड ट्रकों की वजह से गांव की सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ हैबच्चों और बुजुर्गों की जान को जोखिम हैइसी को लेकर ग्रामीणों ने ट्रकों को रास्ते में रोक लिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।


    सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे सड़क पर, कई घंटे जाम

    इस विरोध प्रदर्शन में एक सैकड़ा से अधिक ग्रामीण शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों में नरेंद्र सिंह, बंटू सिंह, श्यामू सिंह, राहुल सिंह, दीपक सिंह, विनय सिंह, राजू सिंह, गजब सिंह, मोहित सिंह, दिनेश कुमार, मुकेश सिंह समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की और कई घंटों तक चक्का जाम रखा, जिससे क्षेत्र में आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा।


    अधिकारियों के समझाने पर खुला जाम

    सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत और आश्वासन के बाद अधिकारियों के समझाने पर ग्रामीण शांत हुए और सड़क पर लगा जाम हटाया गया।

    हालांकि ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि आगे भी ओवरलोड ट्रकों का संचालन गांवों से किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।


    ग्रामीणों की मांग

    ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि:

    • ओवरलोड ट्रकों पर सख्त कार्रवाई की जाए
    • गांवों के अंदर से भारी वाहनों का संचालन बंद हो
    • क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराई जाए
  • कानपुर देहात में मंदिर तोड़ने का प्रयास, पुजारी पर पत्थर से हमला

    कानपुर देहात में मंदिर तोड़ने का प्रयास, पुजारी पर पत्थर से हमला

    कानपुर देहात से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां कानपुर देहात मंदिर तोड़ने का प्रयास किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। यह घटना सिकंदरा थाना क्षेत्र के रासधान गांव की बताई जा रही है, जहां एक युवक ने पागलपन का नाटक करते हुए मंदिर में जमकर उत्पात मचाया।स्थानीय लोगों के अनुसार आरोपी युवक अचानक मंदिर परिसर में पहुंचा और मंदिर को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने लगा। जब पुजारी ने उसे रोकने का प्रयास किया तो आरोपी ने पत्थर उठा लिया और पुजारी के पीछे दौड़ पड़ा। किसी तरह पुजारी ने भागकर अपनी जान बचाई। घटना के दौरान मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

    कानपुर देहात में मंदिर तोड़ने का प्रयास, पुजारी पर पत्थर से हमला
    कानपुर देहात में मंदिर तोड़ने का प्रयास, पुजारी पर पत्थर से हमला

    इतना ही नहीं, आरोपी युवक ने मंदिर में लगे CCTV कैमरे को भी तोड़ दिया, जिससे उसकी हरकतें कैमरे में रिकॉर्ड होने से बच सकें। ग्रामीणों का कहना है कि यह युवक पहले भी इसी तरह का उत्पात करता रहा है और इलाके में उसकी गतिविधियों को लेकर लोग पहले से ही दहशत में थे।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए और पुलिस को जानकारी दी। सिकंदरा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने पहले किन-किन घटनाओं को अंजाम दिया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ है या फिर जानबूझकर पागलपन का नाटक कर कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहा था।

    कानपुर देहात मंदिर तोड़ने का प्रयास जैसी घटना ने एक बार फिर क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • Kanpur Dehat Weather: 7°C न्यूनतम तापमान, शीतलहर व कोहरे का अलर्ट

    Kanpur Dehat Weather: 7°C न्यूनतम तापमान, शीतलहर व कोहरे का अलर्ट

    Kanpur Dehat Weather एक बार फिर सुर्खियों में है। जिले में कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। न्यूनतम तापमान गिरकर 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे ठिठुरन और ठंड का असर साफ नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने शीतलहर और घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।बीते कुछ दिनों से कानपुर देहात में सुबह और देर रात कोहरा छाया रहता है। कई इलाकों में दृश्यता काफी कम हो गई है, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हो रहा है। वाहन चालकों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    ठंड से जनजीवन प्रभावित

    Kanpur Dehat Weather के इस बदले मिजाज का असर आम जनजीवन पर भी दिख रहा है। ग्रामीण इलाकों में लोग अलाव जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं। सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ठंडी हवाओं के कारण लोग घरों से निकलने में हिचकिचा रहे हैं।

    कोहरे ने बढ़ाई मुश्किल

    सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने से नेशनल हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं। कई जगहों पर दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई है। प्रशासन ने वाहन चालकों को फॉग लाइट का प्रयोग करने और धीमी गति से वाहन चलाने की सलाह दी है।

    मौसम विभाग की चेतावनी

    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 24 से 48 घंटे तक Kanpur Dehat Weather में ज्यादा सुधार की संभावना नहीं है। शीतलहर का असर जारी रह सकता है और तापमान में और गिरावट हो सकती है। प्रशासन ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने और अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की अपील की है।

  • UP e-Tender Cyber Attack : 4 करोड़ के टेंडर से कंपनी बाहर , जांच में जुटी साइबर सेलन

    UP e-Tender Cyber Attack : 4 करोड़ के टेंडर से कंपनी बाहर , जांच में जुटी साइबर सेलन

    UP e-Tender Cyber Attack : उत्तर प्रदेश में पहली बार ई-टेंडरिंग प्रक्रिया पर साइबर अटैक का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि पीडब्ल्यूडी के लगभग चार करोड़ रुपये के टेंडर में भाग लेने वाली एक फर्म के महत्वपूर्ण दस्तावेज अचानक प्रहरी एप से गायब हो गए। मामला सामने आने के बाद पीडब्ल्यूडी मुख्यालय और साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है।

    आपको बता दे की वरद इंटरप्राइजेज फर्म के प्रोपराइटर दुर्गेश सिंह चौहान ने बताया कि 28 नवंबर को घाटमपुर (कानपुर नगर) और कानपुर देहात के भोगनीपुर, सिकंदरा व रसूलाबाद क्षेत्रों में सड़क निर्माण और मरम्मत के लिए करीब चार करोड़ रुपये के टेंडर जारी हुए थे। उनकी फर्म ने प्रहरी एप के माध्यम से सभी दस्तावेज अपलोड कर छह टेंडरों में भाग लिया और करीब 40 लाख रुपये की फीस भी जमा हुई। लेकिन बोली की प्रक्रिया के अंतिम चरण में अचानक एप से फर्म का पूरा डेटा गायब हो गया, जिसके चलते वरद इंटरप्राइजेज स्वतः ही ई-टेंडरिंग प्रक्रिया से बाहर हो गई। दुर्गेश सिंह ने इसे “सुनियोजित साइबर अटैक” बताते हुए पीडब्ल्यूडी मुख्यालय और डीसीपी ईस्ट के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि किसी अराजक तत्व ने जानबूझकर दस्तावेज डिलीट किए, ताकि उनकी फर्म नीलामी प्रक्रिया से बाहर हो जाए। वही सूत्रों के मुताबिक पीडब्ल्यूडी मुख्यालय ने भी इस मामले को अत्यंत गंभीर माना है और शिकायत का संज्ञान लेते हुए आईटी सेल को गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं। ई-टेंडरिंग सिस्टम तकनीकी रूप से बेहद सुरक्षित माना जाता है और दस्तावेजों के अचानक गायब होने की संभावना सामान्य परिस्थितियों में नहीं होती।

  • कानपुर देहात  प्रभारी मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद की समीक्षा बैठक,कानून-व्यवस्था और विकास योजनाओं पर कसा फोकस

    कानपुर देहात प्रभारी मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद की समीक्षा बैठक,कानून-व्यवस्था और विकास योजनाओं पर कसा फोकस

    कानपुर देहात (KANPUR DEHAT) के जिला मुख्यालय स्थित मां मुक्तेश्वरी सभागार (Maa Mukteshwari Auditorium) में प्रभारी मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों की प्रगति और अकबरपुर–रनिया विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास पर विस्तार से चर्चा की गई।

    प्रभारी मंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों से सरकार की विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति जानी। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पहुँचे, ताकि सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का अधिकतम असर जमीन पर दिखाई दे सके।

    बैठक में जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बेहतर, संवेदनशील और जवाबदेह पुलिसिंग से ही आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी। उन्होंने लंबित मामलों को प्राथमिकता से निस्तारित करने और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए।

    अकबरपुर–रनिया विधानसभा क्षेत्र के विकास को लेकर भी बैठक में विस्तृत चर्चा हुई। प्रभारी मंत्री ने बताया कि डबल इंजन सरकार क्षेत्र के सतत विकास, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी विभागों को योजनाओं को तेज गति से लागू करने तथा विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

    समापन में डॉ. निषाद ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं, और कानपुर देहात में जारी विकास यात्रा में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • कानपुर देहात: अकबरपुर पुल से मुख्यालय रोड तक भीषण जाम, एम्बुलेंस और कैदी वैन फंसी

    कानपुर देहात: अकबरपुर पुल से मुख्यालय रोड तक भीषण जाम, एम्बुलेंस और कैदी वैन फंसी

    कानपुर देहात। अकबरपुर पुल से लेकर मुख्यालय रोड तक भीषण ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे आम जनता के साथ-साथ स्कूली बच्चों, मरीजों और कैदियों को ले जा रही कैदी वैन तक घंटों फंसी रही।

    सबसे गंभीर स्थिति तब देखी गई जब एक एम्बुलेंस मरीज को अस्पताल ले जाने के दौरान जाम में अटक गई। यातायात माह के दौरान हुए इस जाम ने प्रशासन की तैयारियों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    जाम की शुरुआत अकबरपुर पुल के पास हुई, लेकिन कुछ ही समय में यह बढ़ते हुए मुख्यालय रोड तक पहुंच गई। बड़ी संख्या में वाहन रेंगते रहे और कई जगह पर दोपहर तक ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। जाम में फंसे लोगों का कहना है कि अव्यवस्थित पार्किंग, सड़क किनारे लगाए गए ठेले और वाहनों की गलत लेन का उपयोग इस समस्या की बड़ी वजह है।

    जाम के कारण मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई। एम्बुलेंस के फंसने से अस्पताल पहुंचने में देरी का खतरा था, जो किसी भी गंभीर मरीज की जान जोखिम में डाल सकता था। स्कूली बसों के फंसने के कारण बच्चों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं कैदियों को ले जा रही वैन के रुकने से सुरक्षा संबंधी चिंताएँ भी सामने आईं।

    कानपुर देहात में पिछले कुछ समय से ट्रैफिक अव्यवस्था लगातार बढ़ रही है। हालांकि यातायात माह के तहत जागरूकता अभियान और चेकिंग ड्राइव चलाए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका प्रभाव स्पष्ट रूप से नहीं दिखा। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस की संख्या कम होने और सड़क पर निगरानी कमजोर होने से ऐसी स्थिति बार–बार पैदा होती है।

    जाम खत्म कराने के लिए पुलिस को कई घंटों तक मशक्कत करनी पड़ी। फिलहाल प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि व्यस्त स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा और ट्रैफिक उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • दिल्ली ब्लास्ट केस: जांच की आंच कानपुर देहात तक, मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. हामिद अंसारी पर तेज हुई पूछताछ

    दिल्ली ब्लास्ट केस: जांच की आंच कानपुर देहात तक, मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. हामिद अंसारी पर तेज हुई पूछताछ

    दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच अब कानपुर देहात तक पहुंच गई है। जिले के मेडिकल कॉलेज में एनाटॉमी विभाग के प्रोफेसर डॉ. हामिद अंसारी से सुरक्षा एजेंसियों ने पूछताछ तेज कर दी है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2013 में डॉ. शाहीन के लापता होने के समय डॉ. हामिद भी अचानक भारत से गायब हो गए थे, जिसके बाद उनकी भूमिका की गहन जांच शुरू की गई है।

    कानपुर देहात मेडिकल कॉलेज में तैनात

    वर्तमान में डॉ. हामिद कानपुर देहात मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने 1998 में जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, अलीगढ़ से एमडी पूरा किया और 2009 तथा 2010 में अलीगढ़ व उत्तर प्रदेश कमिश्नरी कानपुर मेडिकल कॉलेज में सेवाएं दीं।

    2013 में अचानक विदेश रवाना

    डॉ. हामिद ने बताया कि वे 2013 में स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देकर सऊदी अरब चले गए थे। वहां वे करीब सात वर्षों तक JAZAN यूनिवर्सिटी में कार्यरत रहे। भारत लौटने के बाद उन्होंने कानपुर के एक निजी अस्पताल में भी नौकरी की।

    वर्ष 2023 में वे पुनः कानपुर देहात मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर के रूप में नियुक्त हुए। मूल रूप से वे आसनसोल (पश्चिम बंगाल) के रहने वाले हैं। उनकी तीन संतानें हैं—एक बेटी और दो बेटे—जो कानपुर में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं।

    डॉ. शाहीन से किसी पहचान से इंकार

    डॉ. हामिद के अनुसार, हाल ही में उन्हें लखनऊ से पूछताछ के लिए कॉल आया था और उन्होंने जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है। उन्होंने यह स्वीकार किया कि 2013 में उनके विदेश जाने के समय डॉ. शाहीन भी लापता हुई थीं, लेकिन किसी भी प्रकार की जान-पहचान, मुलाकात या संबंध से साफ इनकार किया।

    जांच एजेंसियां सतर्क

    दिल्ली ब्लास्ट जांच से जुड़ा होने के कारण मामले को अत्यधिक संवेदनशील माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां 2013 के गायब होने के घटनाक्रम, विदेश में प्रवास और डॉ. हामिद के संपर्कों की गहन जांच कर रही हैं।

  • कानपुर देहात में तालाबों के अतिक्रमण हटाने और सौंदर्यीकरण पर डीएम कपिल सिंह ने की समीक्षा बैठक

    कानपुर देहात में तालाबों के अतिक्रमण हटाने और सौंदर्यीकरण पर डीएम कपिल सिंह ने की समीक्षा बैठक

    कानपुर देहात। जनपद में तालाबों के अतिक्रमण, घरेलू मल-जल की रोकथाम और उनके सौंदर्यीकरण को लेकर मंगलवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी कपिल सिंह ने की। बैठक में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के तहत दायर कार्ययोजना पर हुई प्रगति का विस्तृत जायजा लिया गया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

    यह बैठक मां मुक्तेश्वरी देवी सभागार, कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद के विभिन्न तालाबों से अतिक्रमण हटाने, घरेलू गंदे पानी के प्रवाह को रोकने और उनके सौंदर्यीकरण कार्यों की प्रगति रिपोर्ट मांगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी कार्य पूरे किए जाएं।

    उपजिलाधिकारियों (SDM) को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने तहसील क्षेत्र में स्थित सभी तालाबों की सूची तैयार करें और उनमें स्थायी व अस्थायी अतिक्रमण की पहचान कर तत्काल हटवाने की कार्रवाई करें। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि शहरी क्षेत्रों में तालाबों की सफाई व सौंदर्यीकरण का कार्य नगर निकायों द्वारा, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह कार्य जिला पंचायत राज अधिकारी और ब्लॉक स्तर की टीमों द्वारा कराया जाएगा।

    इसके अलावा, जिलाधिकारी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिए कि साफ किए गए व सौंदर्यीकृत तालाबों की जल गुणवत्ता का परीक्षण कर एक संकलित रिपोर्ट तैयार की जाए और जल्द से जल्द उनके समक्ष प्रस्तुत की जाए।

    बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमित कुमार, सभी उपजिलाधिकारी, स्थानीय निकायों के अधिशासी अधिकारी, उपायुक्त मनरेगा, मत्स्य अधिकारी, तथा क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • कानपुर देहात: दिशा बैठक में हंगामे की जड़ , मिर्जा ताल में अवैध मिट्टी खनन की जांच रिपोर्ट फंसी!

    कानपुर देहात: दिशा बैठक में हंगामे की जड़ , मिर्जा ताल में अवैध मिट्टी खनन की जांच रिपोर्ट फंसी!

    कानपुर देहात। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सांसद देवेंद्र सिंह भोले और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी के बीच हुई तीखी नोकझोंक का असली कारण अब सामने आ गया है।

    विवाद की जड़ मिर्जा ताल में हुए अवैध मिट्टी खनन से जुड़ी बताई जा रही है।

    सूत्रों के अनुसार, पूर्व जिलाधिकारी द्वारा कराई गई जांच में 4416 घनमीटर अवैध मिट्टी खनन की पुष्टि हुई थी। रिपोर्ट में नगर पंचायत अकबरपुर पर सीधे तौर पर अवैध खनन कराने का आरोप लगा था।

    हालांकि मौजूदा डीएम कपिल सिंह ने कार्रवाई करने के बजाय नई जांच टीम गठित कर दी, लेकिन यह टीम आज तक अपनी रिपोर्ट पेश नहीं कर सकी।