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  • कानपुर में चांदी चोरी का आरोपी थाने से फरार, महिला सिपाही निलंबित

    कानपुर में चांदी चोरी का आरोपी थाने से फरार, महिला सिपाही निलंबित

    कानपुर उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ज्वेलर्स की दुकान से तीन किलोग्राम चांदी चोरी के आरोप में पकड़ा गया आरोपी थाने से फरार हो गया। यह घटना गुजैनी थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, जिसके बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।

    जानकारी के अनुसार, ज्वेलर्स शॉप से चांदी चोरी के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर गुजैनी थाने की हवालात में बंद किया था। पूछताछ के दौरान आरोपी को शौचालय ले जाने के लिए होमगार्ड को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसी दौरान आरोपी ने होमगार्ड को धक्का दिया और मौके से फरार हो गया।

    आरोपी के भागते ही थाने में अफरा-तफरी मच गई। पुलिसकर्मियों ने उसका पीछा किया, लेकिन आरोपी कच्ची बस्ती की गलियों का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा। घटना के बाद पुलिस की कई टीमों को आरोपी की तलाश में लगाया गया है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

    इस मामले में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। थाना प्रभारी की तहरीर पर ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में जीडी मुंशी के पद पर तैनात महिला सिपाही, संबंधित होमगार्ड और फरार आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।

    मामले को गंभीरता से लेते हुए डीसीपी ने तत्काल प्रभाव से महिला सिपाही को निलंबित कर दिया है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की विभागीय जांच कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कानपुर चांदी चोरी आरोपी फरार होने के मामले को प्राथमिकता पर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।फिलहाल यह घटना पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।

  • कानपुर में ऑटो गैंग का भंडाफोड़: 48 घंटे में 6 लुटेरे गिरफ्तार, लाखों की बरामदगी

    कानपुर में ऑटो गैंग का भंडाफोड़: 48 घंटे में 6 लुटेरे गिरफ्तार, लाखों की बरामदगी

    कानपुर।कानपुर से बड़ी खबर सामने आई है, जहां सेंट्रल जोन की सर्विलांस टीम और स्वरूपनगर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऑटो गैंग द्वारा की जा रही लूट की घटनाओं का खुलासा किया है। पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर लूट में शामिल 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।पुलिस के अनुसार, यह गैंग ऑटो का इस्तेमाल कर सेल्समैन और व्यापारियों को निशाना बनाता था। बीती 25 तारीख को आरोपियों ने एक सेल्समैन के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया था, जिसमें स्कूटी समेत 3 लाख 90 हजार रुपये नकद लूट लिए गए थे।

    बरामदगी में नकदी और वाहन शामिल

    पुलिस टीम ने गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से 1 लाख 73 हजार रुपये नकद, एक स्कूटी, मोबाइल फोन, एक ऑटो और एक बुलेरो गाड़ी बरामद की है। जांच में सामने आया है कि लूट में शामिल कई अभियुक्तों के खिलाफ पहले से ही अपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

    ऑटो गैंग का तरीका

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ऑटो के जरिए संभावित शिकार की रेकी करते थे और मौका पाकर लूट की घटना को अंजाम देते थे। वारदात के बाद ये लोग तेजी से इलाके से फरार हो जाते थे, जिससे इनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता था।

    पुलिस टीम को मिलेगा इनाम

    इस सफल कार्रवाई पर डीसीपी सेंट्रल श्रवण कुमार सिंह ने पुलिस टीम की सराहना करते हुए 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।पुलिस फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस गैंग ने शहर में और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। कानपुर पुलिस की इस कार्रवाई से शहरवासियों में सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ा है।

  • कानपुर: नरवल तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान युवक ने खुद पर डाला पेट्रोल, सिस्टम से हताशा की चौंकाने वाली तस्वीर

    कानपुर: नरवल तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान युवक ने खुद पर डाला पेट्रोल, सिस्टम से हताशा की चौंकाने वाली तस्वीर

    कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। नरवल तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब फरियादियों की भीड़ के बीच एक युवक ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह की कोशिश कर ली। यह सब कुछ जिले के सबसे बड़े अधिकारी जिलाधिकारी (DM) की मौजूदगी में हुआ, जिसने पूरे सिस्टम को कठघरे में खड़ा कर दिया।

    कानपुर: नरवल तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान युवक ने खुद पर डाला पेट्रोल, सिस्टम से हताशा की चौंकाने वाली तस्वीर
    कानपुर: नरवल तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान युवक ने खुद पर डाला पेट्रोल, सिस्टम से हताशा की चौंकाने वाली तस्वीर

    “साहब! कोई नहीं सुनता, आज जान दे देंगे”

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, समाधान दिवस की कार्यवाही चल ही रही थी कि अचानक भीड़ से निकलकर एक युवक जोर-जोर से चिल्लाने लगा। कुछ ही पलों में उसने अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया। कमरे में पेट्रोल की तेज गंध फैल गई और युवक चीखते हुए बोला“साहब! कोई नहीं सुनता, आज जान दे देंगे।”स्थिति बिगड़ते देख वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत युवक को काबू में लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

    युवक की पहचान और हताशा की वजह

    पुलिस ने युवक की पहचान रणजीत उर्फ बउवन सिंह के रूप में की है, जो करबिगवां साढ़ गांव का रहने वाला है। पूछताछ में रणजीत ने जो कहा, वह सिस्टम पर सीधा प्रहार था। उसने बताया,“हमने फिल्मों में देखा था कि जब सीधे तरीके से प्रशासन नहीं सुनता, तो ऐसे ही अपनी बात सुनानी पड़ती है।”जांच में सामने आया कि रणजीत का विवाद घर की नाली को लेकर है। उसका आरोप है कि परिवार के ही कुछ सदस्यों—सत्येंद्र, अभय सिंह और अखिलेश सिंह—ने उसके घर की नाली तोड़कर बंद कर दी है।

    नाली बंद, घर गिरने का खतरा

    रणजीत का मकान कच्चा है। नाली बंद होने से गंदा पानी मकान की नींव में भर रहा है, जिससे घर गिरने का खतरा बना हुआ है। रणजीत के पिता महावीर सिंह का पांच साल पहले निधन हो चुका है। वह अपनी विधवा मां रानी और दो भाइयों के साथ खेती कर किसी तरह परिवार का पालन-पोषण कर रहा है।

    धमकी, मारपीट और पुलिस पर गंभीर आरोप

    पीड़ित युवक का आरोप है कि पड़ोसी उसे धमकाते हैं और कहते हैं“हमारा बेटा फौज में है, तुम कहीं भी शिकायत कर लो, हमारा कुछ नहीं बिगड़ेगा।”रणजीत की मां रानी ने रोते हुए बताया कि पड़ोसी महिलाओं ने उनके साथ मारपीट की, यहां तक कि छाती पर चढ़कर पीटा। जब वे थाने पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें भगा दिया। मां का आरोप है कि पुलिस ने विपक्षियों से पैसे ले लिए हैं और कोई कार्रवाई नहीं हो रही।

    प्रशासन पर सवाल

    डीएम के सामने हुई यह घटना बताती है कि छोटे-छोटे स्थानीय विवाद जब समय पर नहीं सुलझते, तो वे कितनी बड़ी त्रासदी का रूप ले सकते हैं। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं, लेकिन यह सवाल कायम है—क्या रणजीत जैसे लोगों की आवाज अब सुनी जाएगी?

  • कानपुर में 2.86 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप, बाबा बिरयानी का मालिक विवादों में घिरा

    कानपुर में 2.86 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप, बाबा बिरयानी का मालिक विवादों में घिरा

    कानपुर से एक चर्चित और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां शहर के मशहूर बाबा बिरयानी प्रतिष्ठान के मालिक पर 2 करोड़ 86 लाख रुपये की धोखाधड़ी और एक लेदर कारोबारी को धमकाने का गंभीर आरोप लगा है। मामले के सामने आने के बाद व्यापारिक और सामाजिक हलकों में हलचल मच गई है।

    क्या है पूरा मामला?

    जानकारी के अनुसार, पीड़ित लेदर कारोबारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि बाबा बिरयानी के मालिक ने व्यापारिक साझेदारी और लेन-देन के नाम पर उससे 2.86 करोड़ रुपये हड़प लिए। आरोप है कि रकम वापस मांगने पर कारोबारी को जान से मारने की धमकी दी गई और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

    पीड़ित का दावा है कि उसने विश्वास के आधार पर बड़ी रकम निवेश की थी, लेकिन तय समय पर न तो पैसा लौटाया गया और न ही किसी तरह का हिसाब दिया गया। जब उसने सख्ती से अपना पैसा मांगना शुरू किया, तो आरोपी ने दबाव बनाने और धमकाने का रास्ता अपनाया।

    पुलिस में दर्ज हुआ मामला

    लेदर कारोबारी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और धमकी से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है और सभी दस्तावेजों व लेन-देन की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

    आरोपी की तरफ से क्या कहा गया?

    फिलहाल बाबा बिरयानी के मालिक की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक, आरोपी पक्ष आरोपों को बेबुनियाद बता रहा है और इसे आपसी व्यापारिक विवाद करार दे रहा है। पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच का दावा कर रही है।

    शहर में चर्चा का विषय बना मामला

    बाबा बिरयानी कानपुर में एक जाना-पहचाना नाम है और ऐसे में इस प्रतिष्ठान के मालिक पर इतने बड़े आर्थिक घोटाले का आरोप लगना लोगों के लिए चौंकाने वाला है। व्यापारियों का कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो इससे कारोबारी विश्वास पर गहरा असर पड़ेगा।पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आवश्यक होने पर कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी भी की जा सकती है। वहीं, पीड़ित लेदर कारोबारी ने न्याय की मांग करते हुए कहा है कि उसे उसकी मेहनत की कमाई वापस चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।

  • कानपुर : डॉ. रजत आदित्य दीक्षित को एशियन ताइक्वांडो यूनियन का बड़ा सम्मान, कोर कमेटी और एक्जीक्यूटिव सदस्य नियुक्त

    कानपुर : डॉ. रजत आदित्य दीक्षित को एशियन ताइक्वांडो यूनियन का बड़ा सम्मान, कोर कमेटी और एक्जीक्यूटिव सदस्य नियुक्त

    कानपुर के अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो खिलाड़ी और भारतीय संघ के कोषाध्यक्ष डॉ. रजत आदित्य दीक्षित को एशियन ताइक्वांडो यूनियन (ATU) ने एक बड़ी जिम्मेदारी और सम्मान से नवाजा है। ATU ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके उत्कृष्ट कार्य, खेल विकास के प्रति समर्पण और ताइक्वांडो को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के योगदान को देखते हुए उन्हें कोर कमेटी के सदस्य और एक्जीक्यूटिव सदस्य के रूप में नामित किया है।

    यह उपलब्धि न केवल कानपुर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और भारत के लिए गौरव का विषय है। डॉ. दीक्षित लंबे समय से खेल प्रशासन, प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं। उनके नेतृत्व में कई युवा खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है।

    सम्मान की घोषणा होते ही कानपुर के खेल जगत में खुशी की लहर दौड़ गई। राज्य के वरिष्ठ खेल अधिकारी, राष्ट्रीय खिलाड़ी और प्रशिक्षकों ने डॉ. दीक्षित को हार्दिक बधाई दी और इसे भारतीय ताइक्वांडो के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया।

    कानपुर में इस मौके पर श्री तुषार साहनी, सतीश कुमार, रोमी सिंह, आकाश शुक्ला, सविता सिंह, पूनम पाल, विक्रांत, अरविंद कुमार और उदय सिंह सहित कई खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने एकत्र होकर मिठाई बांटी और हर्षोल्लास के साथ खुशी मनाई।

    खेल विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर डॉ. दीक्षित की यह नई भूमिका भारत के ताइक्वांडो खिलाड़ियों के लिए नए अवसर खोलेगी और आने वाले वर्षों में देश के खेल विकास को एक नई दिशा देगी।

  • कांग्रेस नेता श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन: 81 वर्ष की उम्र में कानपुर में ली अंतिम सांस, मेयर से कोयला मंत्री तक रहा शानदार सफर

    कांग्रेस नेता श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन: 81 वर्ष की उम्र में कानपुर में ली अंतिम सांस, मेयर से कोयला मंत्री तक रहा शानदार सफर

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल का 81 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने कानपुर स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। लंबे समय से बीमार चल रहे जायसवाल के निधन से कांग्रेस पार्टी और कानपुर की राजनीति में गहरा शोक छा गया है।

    श्रीप्रकाश जायसवाल को कानपुर की राजनीति का करिश्माई चेहरा माना जाता था। उनका राजनीतिक सफर नगर निगम से शुरू होकर देश की संसद और फिर केंद्र सरकार तक पहुंचा। उन्होंने कानपुर के मेयर के रूप में अपनी पहचान मजबूत की और इसके बाद लगातार तीन बार कानपुर से सांसद चुने गए।

    केंद्रीय राजनीति में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी तब मिली जब वे मनमोहन सिंह सरकार में कोयला मंत्री बने। इस दौरान उन्होंने ऊर्जा और खनन क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण निर्णयों में भूमिका निभाई।
    कानपुर में उनके विकास कार्यों, धरातल से जुड़े नेतृत्व और सरल स्वभाव के कारण वे सभी दलों के नेताओं में सम्मानित थे।

    निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। कांग्रेस नेताओं ने उनके घर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। कई स्थानीय नागरिकों ने बताया कि जायसवाल हमेशा जनता के बीच रहकर समस्याओं को सुनते और समाधान करवाते थे।

    शहर के राजनीतिक इतिहास में उनका नाम एक मजबूत व प्रभावशाली नेता के रूप में याद किया जाएगा। परिवार और पार्टी सूत्रों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार कानपुर में ही किया जाएगा।

  • #BREAKING कानपुर में 40 यात्रियों से भरी बस में भीषण आग, पुलिसकर्मी दौड़ते हुए जलती बस पर चढ़े

    #BREAKING कानपुर में 40 यात्रियों से भरी बस में भीषण आग, पुलिसकर्मी दौड़ते हुए जलती बस पर चढ़े

     कानपुर। चकेरी थाना क्षेत्र के रामादेवी फ्लाई ओवर पर शुक्रवार सुबह एक चलती स्लीपर बस के ऊपर रखे सामान में आग लग गई। लेकिन समय रहते बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग मौके पर पहुंच गया और आग पर काबू पाया।

    बस और आग का हाल

    जानकारी के अनुसार, बस हाइवे पर सफर कर रही थी जब ड्राइवर ने अचानक धुआं निकलते देखा। जैसे ही आग फैलने लगी, ड्राइवर ने तुरंत बस को किनारे रोककर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। आग इतनी तीव्र थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह जल गया। हालांकि किसी भी यात्री को गंभीर चोटें नहीं आई हैं।

    प्रभावित यात्री और राहत कार्य

    बस में कुल 40 यात्री सवार थे। आग लगने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है। प्रारंभिक जांच में इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट की संभावना जताई जा रही है। आग लगने के तुरंत बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और बस को जलने से बचाने के लिए प्रयास किया।

    स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया

    कानपुर प्रशासन ने आग लगने की घटना पर तुरंत जांच का आदेश दिया है। अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं से यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बसों की सुरक्षा जांच को और कड़ा किया जाएगा।यात्री सुरक्षित होने के बावजूद, बस में लगी आग ने हाईवे पर कुछ समय के लिए ट्रैफिक जाम भी उत्पन्न कर दिया। प्रशासन ने वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील की है।इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सतर्कता और समय पर प्रतिक्रिया ही जीवन की सुरक्षा में सबसे बड़ा हथियार है।

  • कानपुर देहात में भीषण आग से मचा हड़कंप

    कानपुर देहात में भीषण आग से मचा हड़कंप

    कानपुर देहात से बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ आनंदेश्वर कोल्ड स्टोरेज में भीषण आग लगने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। यह घटना अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के कानपुर–इटावा हाईवे पर स्थित कोल्ड स्टोरेज की है।


    रात 12 बजे लगी आग, अब भी धधक रहा कोल्ड स्टोर

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग रात लगभग 12 बजे भड़की और सुबह तक पूरी तरह धधकती रही। आग की तीव्रता इतनी अधिक है कि कोल्ड स्टोर का बड़ा हिस्सा आग की चपेट में नजर आ रहा है।


    फायर फाइटर और पुलिस फोर्स मौके पर तैनात

    फायर फाइटर्स की कई टीमों को मौके पर भेजा गया ,दमकल विभाग की अनेक गाड़ियों ने रात भर ऑपरेशन चलाया,पुलिस अधिकारी व स्थानीय थाना पुलिस मौके पर मौजूद रहे फायर विभाग लगातार प्रयास कर रहा है कि आग को फैलने से रोका जा सके और कोल्ड स्टोरेज के अंदर मौजूद सामग्री को बचाया जा सके।


    आग लगने के कारणों की जांच जारी

    अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस और फायर विभाग की टीम जांच कर रही है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी या किसी अन्य वजह से।


    स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल

    घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई है। स्थानीय लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल के पास जुटे, हालांकि पुलिस उन्हें दूर रखने की कोशिश कर रही है ताकि राहत कार्य में बाधा न पड़े।

  • भाजपा नेता रवि सतीजा बोले अखिलेश दुबे को बचा रहे IPS अमिताभ यश, राष्ट्रपति से मांगी इच्छा मृत्यु

    भाजपा नेता रवि सतीजा बोले अखिलेश दुबे को बचा रहे IPS अमिताभ यश, राष्ट्रपति से मांगी इच्छा मृत्यु

    कानपुर।कानपुर में चल रहे चर्चित अखिलेश दुबे कांड को लेकर अब राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा नेता रवि सतीजा ने IPS अधिकारी अमिताभ यश पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे अखिलेश दुबे को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। सतीजा ने आरोप लगाया कि पिछले दो महीने से पूरे मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे न्याय प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।

    भाजपा नेता रवि सतीजा ने कहा कि उन्होंने इस प्रकरण में बार-बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डीजीपी और पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन कार्रवाई ठप है। उन्होंने कहा, “अगर न्याय नहीं मिला तो मैं राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की मांग करूंगा। अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं, और निष्पक्ष जांच की जगह दबाव बनाया जा रहा है।”

    इस मामले में आजाद अधिकार सेना के अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने भी केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय से CBI जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि रवि सतीजा ने सार्वजनिक मंच पर पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार का हवाला देते हुए बताया था कि IPS अमिताभ यश आरोपी अखिलेश दुबे को बचा रहे हैं। ठाकुर ने कहा कि ऐसे गंभीर आरोपों की स्वतंत्र जांच जरूरी है ताकि पुलिस की साख पर कोई दाग न लगे।

    स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह मामला कानपुर में सत्ता, प्रशासन और पुलिस तंत्र के बीच टकराव का रूप ले चुका है। जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं में भी इस घटना को लेकर नाराजगी है। अब सभी की निगाहें केंद्र और राज्य सरकार पर टिकी हैं कि क्या इस मुद्दे पर CBI जांच या विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी या नहीं।

  • कानपुर में बेटे-बहू ने मां को निकाला घर से, DM दरबार में रोती हुई मां की पुकार पर टूटा बेटा

    कानपुर में बेटे-बहू ने मां को निकाला घर से, DM दरबार में रोती हुई मां की पुकार पर टूटा बेटा

    कानपुर – कानपुर में इंसानियत और ममता दोनों को झकझोर देने वाला मामला सामने आया। बेटे और बहू ने अपनी बुजुर्ग मां को घर से निकाल दिया, जिसके बाद आंसुओं से भरी आंखों के साथ मां डीएम दरबार पहुंचीं। मामला सुनकर डीएम जितेंद्र कुमार सिंह खुद भावुक हो गए और तुरंत बेटे को दफ्तर बुलवाया।


    दो घंटे में सुलह, मां-बेटे का रिश्ता फिर जुड़ा

    डीएम ने बेटे को कड़ी फटकार लगाई और पारिवारिक मान-सम्मान का महत्व समझाया। करीब दो घंटे की बातचीत के बाद आखिरकार बेटे ने अपनी गलती मानी और मां को वापस घर ले जाने की बात कही। डीएम ने दोनों से सुलह कराई और कहा

    “मां से बड़ा कोई नहीं, उनका आशीर्वाद ही जिंदगी की असली पूंजी है।”


    मां बोलीं — “तुम मेरे दूसरे बेटे हो”

    भावुक पल उस समय आया जब बुजुर्ग मां ने डीएम जितेंद्र कुमार सिंह के पैर छुए और कहा —“तुम मेरे दूसरे बेटे हो… भगवान ने आज तुम्हारे रूप में मुझे न्याय दिया है।”इस भावुक दृश्य को देख वहां मौजूद अफसरों और कर्मचारियों की आंखें भी नम हो गईं।


    घटना ने दिया बड़ा संदेश

    कानपुर में हुई इस घटना ने समाज को एक बड़ा संदेश दिया है — माता-पिता का सम्मान ही सच्ची सेवा है। प्रशासन की त्वरित पहल से जहां एक परिवार फिर से जुड़ गया, वहीं लोगों में डीएम की सराहना हो रही है।