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  • यूपी के कानपुर में शर्मनाक वारदात, अंधविश्वास की आड़ में गैंगरेप

    यूपी के कानपुर में शर्मनाक वारदात, अंधविश्वास की आड़ में गैंगरेप

    उत्तर प्रदेश के कानपुर से मानवता को शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक युवती के मौसा ने ही विश्वासघात करते हुए उसे तांत्रिक के पास ले जाकर दरिंदगी का शिकार बनाया। आरोप है कि मौसा और तांत्रिक ने मिलकर युवती के साथ गैंगरेप किया।

    पीड़िता के अनुसार, मौसा ने उसे किसी समस्या के समाधान और तांत्रिक क्रिया के बहाने वहां ले गया। अंधविश्वास का फायदा उठाकर पहले उसे डराया गया और फिर इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया। घटना के बाद पीड़िता किसी तरह वहां से बचकर निकली और परिजनों को आपबीती बताई।

    मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई और पीड़िता की तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।

  • कानपुर देहात के अकबरपुर में अनोखा खिचड़ी भोज, पैर छूकर खिला रहे ‘रवि उर्फ ज्ञानी’

    कानपुर देहात के अकबरपुर में अनोखा खिचड़ी भोज, पैर छूकर खिला रहे ‘रवि उर्फ ज्ञानी’

    कानपुर देहात (अकबरपुर):मकर संक्रांति के मौके पर जहां प्रदेशभर में खिचड़ी भोज के आयोजन हो रहे हैं, वहीं कानपुर देहात के अकबरपुर क्षेत्र में एक अलग ही अंदाज का खिचड़ी भोज लोगों का ध्यान खींच रहा है। यहां खिचड़ी भोज कराने वाले रवि उर्फ ज्ञानी न सिर्फ लोगों को भोजन करा रहे हैं, बल्कि राहगीरों के पैर छूकर उन्हें आदरपूर्वक खिचड़ी परोस रहे हैं

    इस अनोखे दृश्य को देखकर राह चलते लोग भी रुकने को मजबूर हो रहे हैं। जो भी इस आयोजन को देख रहा है, वह कुछ पल ठहरकर खिचड़ी का स्वाद ले रहा है और इस अनूठी पहल की सराहना कर रहा है।

    सेवा भाव से किया गया आयोजन

    रवि उर्फ ज्ञानी का कहना है कि यह कार्यक्रम सेवा और सम्मान की भावना से किया जा रहा है। उनका उद्देश्य केवल भोजन कराना नहीं, बल्कि समाज में आपसी सम्मान और विनम्रता का संदेश देना है। पैर छूकर खिचड़ी खिलाने का यह तरीका लोगों को भावनात्मक रूप से भी जोड़ रहा है।

    राहगीरों में दिखा उत्साह

    खिचड़ी भोज स्थल पर सुबह से ही लोगों की आवाजाही बनी रही। खास बात यह रही कि बिना किसी प्रचार के भी बड़ी संख्या में राहगीर और स्थानीय लोग यहां पहुंचते रहे। लोगों ने कहा कि उन्होंने ऐसा खिचड़ी भोज पहले कभी नहीं देखा।

  • कानपुर देहात में धर्मांतरण का बड़ा खुलासा: ‘नवाकांती सोसाइटी’ पर 10 साल से ईसाई बनाने का आरोप, तीन गिरफ्तार

    कानपुर देहात में धर्मांतरण का बड़ा खुलासा: ‘नवाकांती सोसाइटी’ पर 10 साल से ईसाई बनाने का आरोप, तीन गिरफ्तार

    कानपुर देहात जिले के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में धर्म परिवर्तन से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों को भी हैरान कर दिया है। “नवाकांती सोसाइटी” नाम से संचालित एक संस्था पर आरोप है कि वह बीते करीब दस वर्षों से गरीब, असहाय और दलित समुदाय के लोगों को योजनाबद्ध तरीके से ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रही थी।इस पूरे मामले की शिकायत राम भरोसे नामक व्यक्ति ने पुलिस से की है, जो स्वयं लंबे समय तक इस संस्था से जुड़ा रहा और पहले ही धर्म परिवर्तन करा चुका था। राम भरोसे के अनुसार, शुरुआत में संस्था सामाजिक सेवा और रोजगार से जुड़े कामों का सहारा लेकर लोगों को जोड़ती थी, लेकिन धीरे-धीरे इन गतिविधियों का मकसद बदलता चला गया।

    प्रलोभन देकर बनाया जाता था नेटवर्क

    शिकायतकर्ता के मुताबिक, संस्था की ओर से सिलाई मशीन, ब्यूटी पार्लर ट्रेनिंग, हेयर कटिंग, हैंडपंप लगवाने, घरेलू सामान और रोजगार दिलाने जैसे प्रलोभन दिए जाते थे। जो लोग नए लोगों को जोड़कर लाते थे, उन्हें हर महीने ₹6,000 तक देने का लालच भी दिया जाता था। इन्हीं लालचों के जरिए गरीब और जरूरतमंद लोगों को बैठकों में बुलाया जाता था।

    बैठकों में बदल जाता था माहौल

    पीड़ितों का आरोप है कि शुरुआती बैठकों में सामान्य बातचीत होती थी, लेकिन धीरे-धीरे बाइबल पढ़वाई जाती, ईसाई प्रार्थनाएं कराई जातीं और धर्म परिवर्तन के लिए कसम-वादे कराए जाते थे। कुछ बैठकों में सफेद पैंट-शर्ट पहने विदेशी नागरिकों की मौजूदगी भी देखी गई, जिससे पूरे नेटवर्क पर शक और गहराता चला गया।

    विरोध करने पर धमकियां

    पीड़ित परिवारों का कहना है कि जब उन्होंने इन गतिविधियों पर सवाल उठाए या धर्म परिवर्तन से इनकार किया, तो उन्हें रुपये दुगने लौटाने और जान से मारने तक की धमकियां दी गईं। लगातार डर और दबाव के चलते आखिरकार उन्होंने पुलिस का सहारा लिया।

    कोतवाली से 500 मीटर दूर चलता रहा खेल

    सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह कथित गोरखधंधा अकबरपुर कोतवाली से महज 500 मीटर की दूरी पर करीब 10 वर्षों से चल रहा था, लेकिन अब तक पुलिस को इसकी भनक नहीं लगी। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की।पुलिस ने डेनियल शरद सिंह, हरिओम त्यागी और सावित्री शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।

    पुलिस जांच में जुटी

    फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुटी हुई है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बीते 10 वर्षों में कितने लोगों का धर्मांतरण कराया गया और इसके पीछे फंडिंग कहां से हो रही थी। सूत्रों के मुताबिक, हजारों लोगों के धर्म परिवर्तन की आशंका जताई जा रही है।

  • Cold Wave : नोएडा-ग्रेटर नोएडा में कक्षा 8 तक के स्कूल 15 जनवरी तक बंद

    Cold Wave : नोएडा-ग्रेटर नोएडा में कक्षा 8 तक के स्कूल 15 जनवरी तक बंद

    Cold Wave : देशभर के कई राज्यों में जारी कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर अब आम जनजीवन के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। लगातार गिरते तापमान और ठंड से बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए कई राज्यों के जिला प्रशासन ने विंटर वेकेशन को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है।

    नोएडा-ग्रेटर नोएडा में स्कूल 15 जनवरी तक बंद

    गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूल 15 जनवरी 2026 तक बंद रहेंगे। पहले यह छुट्टियां 10 जनवरी तक निर्धारित थीं, लेकिन मौसम में सुधार न होने और ठंड के प्रकोप को देखते हुए प्रशासन ने इसे आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।

    जिला प्रशासन का कहना है कि सुबह और देर शाम अत्यधिक ठंड व कोहरे के कारण छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है, इसी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

    दिल्ली और हरियाणा में भी बढ़ा विंटर वेकेशन

    उत्तर प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली और हरियाणा में भी ठंड का कहर जारी है। इन राज्यों में भी न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट और सुबह के समय घना कोहरा देखने को मिल रहा है। बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए दिल्ली और हरियाणा सरकार ने भी 15 जनवरी तक स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है।

    विशेष रूप से नर्सरी से लेकर प्राथमिक कक्षाओं तक के छात्रों को ठंड से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। कई जगहों पर पहले ही ऑनलाइन पढ़ाई के विकल्प पर विचार किया जा रहा है।

    अभिभावकों ने ली राहत की सांस

    स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाए जाने के फैसले से अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि सुबह के समय बच्चों को स्कूल भेजना बेहद जोखिम भरा हो गया था, खासकर कोहरे और शीतलहर के चलते।वहीं, स्कूल प्रबंधन भी प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए आगे की रणनीति पर काम कर रहे हैं। कुछ निजी स्कूलों ने संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन क्लासेस शुरू की जा सकती हैं।

    मौसम विभाग का अलर्ट

    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है। उत्तर भारत के कई हिस्सों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

  • कानपुर में मॉर्निंग वॉक के दौरान किसान के घर पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, खुद दुहा भैंस का दूध

    कानपुर में मॉर्निंग वॉक के दौरान किसान के घर पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, खुद दुहा भैंस का दूध

    कानपुर उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना बुधवार सुबह कानपुर के नरवल क्षेत्र में मॉर्निंग वॉक पर निकले। इस दौरान उन्होंने आसपास के कई गांवों का दौरा किया और ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। मॉर्निंग वॉक के दौरान उनका एक देसी और सरल अंदाज देखने को मिला, जिसकी अब क्षेत्र में खूब चर्चा हो रही है।

    किसान को दूध दुहते देख रुके सतीश महाना

    नरवल क्षेत्र में भ्रमण के दौरान सतीश महाना की नजर किसान राम सिंह यादव पर पड़ी, जो अपनी भैंस का दूध दुह रहे थे। यह दृश्य देखकर विधानसभा अध्यक्ष खुद को रोक नहीं सके और मजाकिया अंदाज में बोले “लाओ, आज मैं दूध दुहता हूं।”उनकी यह बात सुनकर मौके पर मौजूद ग्रामीण और अधिकारी हंस पड़े।

    भैंस बिदकी, लेकिन महाना ने प्यार से दुहा दूध

    जब सतीश महाना बाल्टी लेकर दूध दुहने बैठे, तो भैंस थोड़ी बिदक गई। लेकिन उन्होंने उसे प्यार से पुचकारा और फिर आराम से दूध दुहा। इसके बाद उन्होंने उसी दूध को गिलास में लेकर खुद पीया। यह दृश्य देखकर ग्रामीणों ने तालियां बजाईं और माहौल पूरी तरह आत्मीय हो गया।

    ग्रामीणों ने सराहा सादगी भरा अंदाज

    विधानसभा अध्यक्ष का यह सादगी भरा और जमीन से जुड़ा अंदाज ग्रामीणों को बेहद पसंद आया। लोगों ने कहा कि बड़े पद पर होने के बावजूद सतीश महाना का आम लोगों के बीच इस तरह घुलना-मिलना नेतृत्व की मिसाल है।

    कई गांवों का किया दौरा

    इस दौरान सतीश महाना ने सलेमपुर,मंगत खेड़ा,नारायणपुर,कोडर,गांवों का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं, साथ ही चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण इलाकों में विकास योजनाओं को समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।

    जनसंपर्क और जमीनी राजनीति की मिसाल

    सतीश महाना का यह दौरा केवल औपचारिक नहीं रहा, बल्कि यह जनसंपर्क, संवेदनशीलता और जमीनी राजनीति की एक सशक्त तस्वीर पेश करता है। उनका यह अंदाज सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो सकता है।

  • बांदा में ठंड से राहत के लिए जय टीवीएस संचालिका संतोष ओमर की सेवा पहल

    बांदा में ठंड से राहत के लिए जय टीवीएस संचालिका संतोष ओमर की सेवा पहल

    रिपोर्टर मोहित पाल बांदा।जिले में लगातार बढ़ती ठंड को देखते हुए समाजसेवी संस्थाएं और सामाजिक कार्यकर्ता जरूरतमंदों और राहगीरों को राहत पहुंचाने के लिए आगे आ रहे हैं। इसी क्रम में बांदा शहर के सिविल लाइन क्षेत्र स्थित जय टीवीएस एजेंसी पर ठंड से बचाव के लिए एक सराहनीय सेवा कार्य किया गया।

    मौसम में बढ़ती सर्दी को ध्यान में रखते हुए जय टीवीएस की संचालिका एवं समाजसेविका संतोष ओमर की ओर से गर्म चाय वितरण का आयोजन किया गया। एजेंसी परिसर के बाहर स्टाल लगाकर राहगीरों, रिक्शा चालकों और आसपास से गुजरने वाले लोगों को गर्मा-गर्म चाय पिलाई गई, जिससे उन्हें ठंड से राहत मिल सके।इस सेवा कार्य की खास बात यह रही कि जय टीवीएस का समस्त स्टाफ इस अभियान में सक्रिय रूप से शामिल रहा। स्टाफ के सदस्य स्वयं आगे बढ़कर रास्ते से गुजर रहे राहगीरों और रिक्शा चालकों को रोककर चाय पिलाते नजर आए। भीषण ठंड के बीच यह दृश्य लोगों के लिए सुकून देने वाला रहा।

    चाय वितरण में लगे युवाओं ने बताया कि ठंड के मौसम में गरीब, मजदूर और राहगीरों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। ऐसे में इस तरह की छोटी-छोटी सेवाएं भी लोगों के लिए बड़ी राहत बन सकती हैं। इसी भावना के साथ यह सेवा कार्य किया गया।

    जय टीवीएस की संचालिका संतोष ओमर ने कहा कि ठंड के इस मौसम में सभी सक्षम लोगों को समाजसेवा के लिए आगे आना चाहिए। यदि हर कोई अपने स्तर पर इस तरह के सेवा कार्य करे, तो समाज के जरूरतमंद वर्ग को काफी मदद मिल सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे सेवा कार्य लगातार और अलग-अलग स्थानों पर होते रहने चाहिए।

    इस मानवीय पहल के लिए शहरवासियों ने संतोष ओमर और जय टीवीएस टीम की खुले दिल से सराहना की। लोगों का कहना है कि इस तरह के सामाजिक प्रयास समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और दूसरों को भी प्रेरित करते हैं।

  • Kanpur Dehat Weather: 7°C न्यूनतम तापमान, शीतलहर व कोहरे का अलर्ट

    Kanpur Dehat Weather: 7°C न्यूनतम तापमान, शीतलहर व कोहरे का अलर्ट

    Kanpur Dehat Weather एक बार फिर सुर्खियों में है। जिले में कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। न्यूनतम तापमान गिरकर 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे ठिठुरन और ठंड का असर साफ नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने शीतलहर और घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।बीते कुछ दिनों से कानपुर देहात में सुबह और देर रात कोहरा छाया रहता है। कई इलाकों में दृश्यता काफी कम हो गई है, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हो रहा है। वाहन चालकों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    ठंड से जनजीवन प्रभावित

    Kanpur Dehat Weather के इस बदले मिजाज का असर आम जनजीवन पर भी दिख रहा है। ग्रामीण इलाकों में लोग अलाव जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं। सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ठंडी हवाओं के कारण लोग घरों से निकलने में हिचकिचा रहे हैं।

    कोहरे ने बढ़ाई मुश्किल

    सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने से नेशनल हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं। कई जगहों पर दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई है। प्रशासन ने वाहन चालकों को फॉग लाइट का प्रयोग करने और धीमी गति से वाहन चलाने की सलाह दी है।

    मौसम विभाग की चेतावनी

    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 24 से 48 घंटे तक Kanpur Dehat Weather में ज्यादा सुधार की संभावना नहीं है। शीतलहर का असर जारी रह सकता है और तापमान में और गिरावट हो सकती है। प्रशासन ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने और अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की अपील की है।

  • कानपुर देहात में ई-रिक्शा पर सख्ती: परिवहन विभाग का विशेष जांच अभियान, 250 वाहनों का चालान

    कानपुर देहात में ई-रिक्शा पर सख्ती: परिवहन विभाग का विशेष जांच अभियान, 250 वाहनों का चालान

    कानपुर देहात। जिले में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने ई-रिक्शा के खिलाफ विशेष जांच अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत जनपद के विभिन्न कस्बों और ग्रामीण इलाकों में पैसेंजर ई-रिक्शा और ई-कार्ट की गहन जांच की जा रही है। विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई लगातार बढ़ रही शिकायतों और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए की जा रही है।

    250 ई-रिक्शा का चालान, जांच जारी

    परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अभियान शुरू होने के बाद अब तक करीब 250 ई-रिक्शा का चालान किया जा चुका है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, कानपुर देहात में कुल 2643 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं, जिनकी क्रमवार जांच की जा रही है। जांच के दौरान कई ई-रिक्शा बिना वैध दस्तावेज, फिटनेस प्रमाण पत्र और हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) के चलते पाए गए।

    HSRP और दस्तावेज अनिवार्य

    परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि ई-रिक्शा भी मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत आते हैं, इसलिए इनके लिए वही नियम लागू होते हैं, जो अन्य वाहनों पर होते हैं। विभाग ने ई-रिक्शा चालकों और वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में HSRP नंबर प्लेट, वैध फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाण पत्र अवश्य बनवाएं और वाहन चलाते समय साथ रखें।

    अधिकारियों ने बताया कि कई चालकों में यह गलतफहमी पाई जा रही है कि ई-रिक्शा के लिए कम दस्तावेजों की आवश्यकता होती है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। नियमों की अनदेखी करने पर चालान और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    सड़क सुरक्षा के लिए सख्त कदम

    परिवहन विभाग का कहना है कि यह अभियान केवल चालान काटने के लिए नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है। बिना फिटनेस और बीमा वाले ई-रिक्शा यात्रियों के लिए खतरा बन सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा।

    चालकों से अपील

    विभाग ने सभी ई-रिक्शा चालकों से अपील की है कि वे समय रहते अपने दस्तावेज पूरे कराएं और यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें। इससे न केवल कार्रवाई से बचा जा सकेगा, बल्कि सड़क पर चलने वाले आम नागरिकों और यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

  • कानपुर देहात: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 137 जोड़ों का वैदिक विधि से विवाह

    कानपुर देहात: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 137 जोड़ों का वैदिक विधि से विवाह

    कानपुर देहात।उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शनिवार को कानपुर देहात जिले में भव्य आयोजन किया गया। अकबरपुर और भोगनीपुर तहसील क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में कुल 150 पंजीकृत जोड़ों में से 137 जोड़ों का वैदिक विधि-विधान से विवाह संपन्न कराया गया। इस अवसर पर प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवी संगठनों की मौजूदगी में नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया गया।

    अकबरपुर में 79 जोड़ों का हुआ सामूहिक विवाह

    अकबरपुर–मैथा विकासखंड के लिए सामूहिक विवाह कार्यक्रम अकबरपुर स्थित शांति उपवन गेस्ट हाउस में आयोजित किया गया। यहां गायत्री परिवार के आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह संस्कार संपन्न कराए।
    अकबरपुर क्षेत्र के 45 पंजीकृत जोड़ों में से 40 और मैथा विकासखंड के 41 में से 39 जोड़े विवाह स्थल पर पहुंचे। इस तरह अकबरपुर कार्यक्रम में कुल 79 जोड़ों ने अग्निकुंड के सात फेरे लिए। जयमाला और मंत्रोच्चार के बीच नवदंपतियों ने जीवन भर साथ निभाने का संकल्प लिया।

    भोगनीपुर तहसील में भी रहा उत्साह

    इसी क्रम में भोगनीपुर तहसील क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में भी बड़ी संख्या में जोड़े शामिल हुए। यहां भी वैदिक परंपराओं के अनुसार विवाह संपन्न कराए गए। दोनों तहसीलों को मिलाकर कुल 137 जोड़ों का विवाह कराया गया, जिससे जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिली।

    सरकार की योजना से गरीब परिवारों को सहारा

    मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक कराना है। योजना के तहत सरकार विवाह से जुड़ी आवश्यक सामग्री, उपहार और आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इससे गरीब परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ काफी हद तक कम होता है।

    कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि सभी जोड़ों का पहले बायोमेट्रिक सत्यापन कराया गया था। विवाह के बाद नवदंपतियों को प्रमाण पत्र और योजना के तहत मिलने वाली सामग्री भी वितरित की गई।

    सामाजिक सौहार्द का संदेश

    सामूहिक विवाह कार्यक्रम न सिर्फ आर्थिक सहयोग का माध्यम बने, बल्कि सामाजिक समरसता और सौहार्द का भी संदेश दिया। एक ही मंच पर सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में

  • UP Weather Update: ठंड ने पकड़ी रफ्तार, अगले 2–3 दिनों तक भारी शीतलहर का अलर्ट | कानपुर सबसे ठंडा जिला

    UP Weather Update: ठंड ने पकड़ी रफ्तार, अगले 2–3 दिनों तक भारी शीतलहर का अलर्ट | कानपुर सबसे ठंडा जिला

    UP Weather Update: साल का आखिरी महीना शुरू होते ही उत्तर प्रदेश में ठंड ने जोर पकड़ लिया है। तापमान तेजी से गिर रहा है और सुबह-सुबह घना कोहरा प्रदेश के ज्यादातर जिलों में छाया हुआ है। मौसम विभाग (IMD) के ताज़ा पूर्वानुमान के मुताबिक अगले 2 से 3 दिनों तक भारी शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, इसके बाद ठंड से हल्की राहत मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।

    पिछले 24 घंटे में तापमान में गिरावट

    IMD के अनुसार, बीते 24 घंटों में पूरे राज्य के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई अधिकतम तापमान में 2.5°C की गिरावट न्यूनतम तापमान में लगभग 2°C की गिरावट कोहरे की वजह से सुबह के समय दृश्यता (Visibility) कई जिलों में 100 मीटर से कम रिकॉर्ड की गई, जिससे यातायात और आवागमन पर भी असर पड़ा।

    कानपुर रहा सबसे ठंडा जिला

    प्रदेश में सबसे अधिक ठंड कानपुर में देखने को मिली, जहां न्यूनतम तापमान 6°C दर्ज किया गया।
    अन्य प्रमुख जिलों का न्यूनतम तापमान:

    • बरेली: 7.2°C
    • इटावा: 7.2°C
    • अयोध्या: 7.5°C
    • सहारनपुर: 7.7°C

    तापमान में लगातार गिरावट ने लोगों को सुबह-शाम अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया है।

    झांसी सबसे गर्म जिला, यहां दर्ज हुआ सबसे अधिक तापमान

    अधिकतम तापमान की बात करें तो झांसी सबसे गर्म जिला रहा, जहाँ दिन का तापमान 28.4°C दर्ज किया गया।
    अन्य जिलों का अधिकतम तापमान:

    • कानपुर: 28.3°C
    • प्रयागराज: 27.4°C
    • हमीरपुर: 26.6°C
    • फुरसतगंज: 26.5°C

    मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में अधिकतम तापमान अगले कुछ दिनों तक लगभग स्थिर रहेगा।


    13 दिसंबर से बदलेगा मौसम, मिलेगी हल्की राहत

    IMD के अनुसार, 13 दिसंबर से कमजोर पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर प्रदेश को प्रभावित करेगा। इससे 3–4 दिनों तक पुरवा हवाएं चलेंगी, जिसके चलते ठंड में हल्की कमी आएगी न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है सुबह की गलन में भी कमी महसूस होगी फिलहाल, अगले 24 घंटे तक मौसम में किसी तरह का बड़ा बदलाव नहीं होगा।