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  • योगी सरकार का हाईटेक प्लान, घुसपैठियों की बायोमेट्रिक पहचान और अभेद डिटेंशन सेंटर तैयार

    योगी सरकार का हाईटेक प्लान, घुसपैठियों की बायोमेट्रिक पहचान और अभेद डिटेंशन सेंटर तैयार

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे व्यक्तियों की पहचान और कार्रवाई को लेकर एक व्यापक एवं हाईटेक योजना तैयार कर ली है। सरकार का दावा है कि नई रणनीति न केवल प्रदेश में सुरक्षा को सुदृढ़ करेगी, बल्कि पूरे देश के लिए एक मॉडल के रूप में उभर सकती है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि पहचान प्रक्रिया में अत्याधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए ताकि किसी भी स्तर पर चूक की संभावना न रहे।

    सरकारी सूत्रों के अनुसार, योगी सरकार ऐसे व्यक्तियों की पहचान के लिए आधुनिक स्कैनिंग सिस्टम, बायोमेट्रिक उपकरणों और डिजिटल वेरिफिकेशन तकनीक का इस्तेमाल करने जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि अब प्रदेश में संदिग्ध पहचान-पत्रों, फर्जी दस्तावेजों और सरकारी प्रमाणपत्रों की गहन डिजिटल जांच की जाएगी। हाईटेक स्कैनरों की मदद से यह पता लगाया जाएगा कि किसी व्यक्ति ने कितने समय से प्रदेश में निवास किया है, उसकी पृष्ठभूमि क्या है और किस तरह से उसने दस्तावेजों में हेरफेर की।

    सूत्रों के मुताबिक, इनकी पहचान के बाद जिन व्यक्तियों को डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा, उनके लिए एक अभेद्य सुरक्षा प्रणाली तैयार की जा रही है। दावा है कि डिटेंशन सेंटर की सुरक्षा को बहु-स्तरीय और पूर्णत: तकनीकी आधार पर मजबूत किया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की चूक या सेंधमारी की संभावना को समाप्त किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि “सरकार डिटेंशन सेंटर के लिए ऐसा चक्रव्यूह तैयार कर रही है, जिसमें बिना अनुमति किसी का प्रवेश या निकास संभव नहीं होगा।”

    इसके साथ ही सरकार ने यह भी फैसला लिया है कि डिटेंशन सेंटर में रखे गए व्यक्तियों की विस्तृत बायोमेट्रिक प्रोफाइलिंग की जाएगी। इसमें फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन और अन्य पहचान संबंधी डाटा शामिल होगा। इन डाटा को एक “नेगेटिव लिस्ट” में दर्ज किया जाएगा और यह सूची देशभर की एजेंसियों के साथ साझा की जाएगी, ताकि कोई व्यक्ति पुनः किसी अन्य प्रदेश या सीमा में अवैध रूप से प्रवेश न कर सके।

    अधिकारियों के अनुसार, तकनीक की मदद से फर्जी दस्तावेज़ तैयार करने वाले नेटवर्क की भी गहन जांच की जाएगी। सरकार का मानना है कि दस्तावेज़ों की जालसाजी में शामिल तत्वों पर कार्रवाई किए बिना समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। इसलिए जांच एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे न सिर्फ संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करें, बल्कि यह भी पता लगाएं कि फर्जी कागजात किस तरह और कहाँ तैयार किए गए। इससे पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ करने में सहायता मिलेगी और भविष्य में दस्तावेज़ों की जालसाजी पर कठोर रोक लगाई जा सकेगी।

    सरकारी सूत्र बताते हैं कि भविष्य में यह हाईटेक मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर भी उपयोगी साबित हो सकता है, क्योंकि इसमें पहचान, सत्यापन, निगरानी और सुरक्षा को एकीकृत तरीके से जोड़ा गया है। योगी सरकार का दावा है कि इस योजना से न केवल कानून-व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि प्रदेश में फर्जी पहचान के आधार पर अवैध रूप से रहने की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण भी स्थापित होगा।

  • कानपुर देहात: खेत में रोटावेटर में फंसे युवक की दर्दनाक मौत, चालक फरार,परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

    कानपुर देहात: खेत में रोटावेटर में फंसे युवक की दर्दनाक मौत, चालक फरार,परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

    कानपुर देहात जिले के रूरा थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। खेत की जुताई के दौरान रोटावेटर में फंसकर एक युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि युवक का शरीर कई टुकड़ों में बिखर गया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।

    कैसे हुआ हादसा,रोटावेटर में फंसकर मौके पर ही मौत

    जानकारी के मुताबिक, सलेमपुर गांव का एक युवक अपने खेत में ट्रैक्टर से जुताई करवा रहा था। ट्रैक्टर के पीछे रोटावेटर लगा हुआ था, जो अत्यंत तेज धारदार ब्लेड्स से चलने वाला उपकरण है। जुताई के दौरान अचानक युवक किसी तरह रोटावेटर के बेहद करीब पहुंच गया और पलक झपकते ही वह मशीन की चपेट में आ गया। मशीन की तेज रफ्तार ब्लेड्स के कारण युवक का शव क्षत-विक्षत अवस्था में वहीं खेत में बिखर गया। यह दृश्य देखने वाले ग्रामीणों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

    ट्रैक्टर चालक मौके से फरार,परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल

    घटना के तुरंत बाद ट्रैक्टर चालक वहां से फरार हो गया, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया। परिजनों का कहना है कि अगर यह साधारण दुर्घटना थी तो चालक क्यों भागा? परिजन इसे सोची-समझी साजिश बताते हुए हत्या का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि युवक को जानबूझकर रोटावेटर में फंसाया गया है और घटना को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की जा रही है।

    पुलिस मौके पर पहुंची, शव के अवशेष इकट्ठा कर पोस्टमार्टम को भेजा

    सूचना मिलते ही रूरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव के बिखरे हिस्सों को एकत्रित कर पंचनामा भरवाया और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। उच्च अधिकारियों, जिनमें डीएसपी स्तर के अधिकारी भी शामिल थे, ने गांव पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत की।पुलिस ने फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश शुरू कर दी है। इसके अलावा परिजनों द्वारा लगाए गए हत्या के आरोपों को भी जांच में शामिल किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि घटना दुर्घटना थी या हत्या।

    गांव में तनाव, पुलिस ने बढ़ाई चौकसी

    घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। ग्रामीणों में आक्रोश है और वे जल्द से जल्द आरोपी चालक की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने एहतियातन इलाके में अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी है और हर कोण से मामले की जांच की जा रही है।

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  • कानपुर देहात में परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं आज से शुरू

    कानपुर देहात में परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं आज से शुरू

    कानपुर देहात जिले में परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं आज से प्रारंभ हो गई हैं। इन परीक्षाओं में जिलेभर से करीब 1.29 लाख छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुचारु ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और बेसिक शिक्षा विभाग पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है।

    सुरक्षा और गोपनीयता पर विशेष जोर

    बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि परीक्षा व्यवस्था को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर प्रश्नपत्रों की सीलबंदी तक हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रश्नपत्रों के बंडल पहले ही सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षित तरीके से पहुंचा दिए गए हैं।

    निगरानी के लिए गठित की गई विशेष टीमें

    परीक्षा सामग्री की सुरक्षा और व्यवस्था की निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें लगातार परीक्षा केंद्रों का भ्रमण करेंगी और व्यवस्थाओं का जायजा लेंगी। सभी संबंधित विद्यालयों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता न होने पाए

    छात्रों के लिए बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था

    जिले में कुल 1090 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन सभी केंद्रों पर छात्रों के लिए पेयजल, बिजली, बैठने और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि छात्र बिना किसी असुविधा के परीक्षा दे सकें।

    प्रशासन की अपील

    प्रशासन और शिक्षा विभाग ने शिक्षकों, कर्मचारियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे परीक्षा प्रक्रिया में सहयोग करें, ताकि परीक्षाएं निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध रूप से संपन्न कराई जा सकें।

  • राजपुर ब्लॉक के सिकंदरा में बढ़ी ठंड: डीएम के निर्देश पर सार्वजनिक स्थानों पर अलाव व राहत व्यवस्था तेज

    राजपुर ब्लॉक के सिकंदरा में बढ़ी ठंड: डीएम के निर्देश पर सार्वजनिक स्थानों पर अलाव व राहत व्यवस्था तेज

    राजपुर ब्लॉक के सिकंदरा क्षेत्र में कड़ाके की ठंड ने आमजन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रात और सुबह के समय तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे खासकर गरीब, बुजुर्ग, महिलाएं और राहगीर सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। मौसम की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी (डीएम) के निर्देश पर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है।

    डीएम के आदेश के अनुपालन में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और तहसीलदार ने सिकंदरा कस्बे एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान सार्वजनिक स्थलों, बस स्टैंड, बाजार, चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अलाव जलवाने और ठंड से बचाव की व्यवस्था सुनिश्चित कराई गई।

    प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कहीं भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर पंचायत और संबंधित विभागों को नियमित रूप से अलाव जलाने, जरूरतमंदों को कंबल उपलब्ध कराने और खुले में रहने वाले लोगों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय कर्मचारियों को समय पर व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए।

    एसडीएम ने बताया कि ठंड के मौसम में मानवीय दृष्टिकोण से राहत कार्य प्राथमिकता पर हैं। किसी भी सार्वजनिक स्थान पर यदि ठंड से बचाव की व्यवस्था में कमी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। तहसीलदार ने भी ग्राम पंचायत स्तर पर सतर्कता बढ़ाने और जरूरतमंद लोगों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए।

    स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है, हालांकि उनका कहना है कि ठंड लगातार बढ़ रही है, इसलिए राहत व्यवस्था को और व्यापक बनाए जाने की जरूरत है। खासतौर पर रात में अलाव की संख्या बढ़ाने और गरीब परिवारों तक कंबल पहुंचाने की मांग की जा रही है।

    प्रशासन का दावा है कि आने वाले दिनों में शीतलहर और कोहरे को देखते हुए आपात व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाएगा, ताकि कोई भी नागरिक ठंड की चपेट में न आए।

  • कानपुर देहात में NIA की बड़ी कार्रवाई: कमलकांत वर्मा के 15 ठिकानों पर छापेमारी

    कानपुर देहात में NIA की बड़ी कार्रवाई: कमलकांत वर्मा के 15 ठिकानों पर छापेमारी

    रिपोर्ट – हिमांशु शर्मा | कानपुर देहात कानपुर देहात में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम बम निरोधक दस्ता और औरैया पुलिस के साथ जिले में दाखिल हुई। टीम ने कानपुर–झांसी हाईवे पर स्थित एक पेट्रोल पंप पर व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। यह पेट्रोल पंप कमलकांत वर्मा का बताया जा रहा है, जिनके खिलाफ कई गंभीर आरोप और पुराने मामले दर्ज हैं।

    सुबह-सुबह पेट्रोल पंप पर पहुंची NIA की टीम

    सुबह करीब 7 बजे NIA की टीम अचानक पेट्रोल पंप पर पहुंची और पूरे परिसर को घेर लिया। बम निरोधक दस्ते ने पेट्रोल पंप के हर हिस्से की गहन जांच की। इस दौरान कर्मचारियों और मैनेजर को हिरासत में लेकर कई घंटे तक पूछताछ की गई। जांच पूरी होने के बाद NIA टीम पेट्रोल पंप मैनेजर को अपने साथ ले गई।

    औरैया व कानपुर देहात में 15 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई

    सूत्रों के मुताबिक, कमलकांत वर्मा के औरैया तथा कानपुर देहात में कुल 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी जारी है। औरैया के स्थानीय प्रतिष्ठानों पर भी NIA की टीमें सर्च ऑपरेशन कर रही हैं। बताया जा रहा है कि कमलकांत वर्मा पर पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह हथियार तस्करी से जुड़े मामलों में जेल भी जा चुका है।

    सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई एक बड़े हथियार तस्करी नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने के तहत की जा रही है। NIA को संदेह है कि कुछ नए इनपुट मिलने के बाद कमलकांत वर्मा की गतिविधियों पर शिकंजा कसना जरूरी हो गया था।

    हथियार तस्करी से जुड़ा बड़ा मामला होने की आशंका

    बम निरोधक दस्ता की मौजूदगी यह संकेत देती है कि मामला बेहद संवेदनशील और गंभीर है। छापेमारी के दौरान टीम ने पेट्रोल पंप के एक-एक कोने की तलाशी ली, CCTV फुटेज की जांच की और लेनदेन से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले।

    कमलकांत वर्मा का इतिहास भी NIA की रडार को और मजबूत करता है। वह पहले भी पंजाब की जेल में हथियार तस्करी के मामले में सजा काट चुका है। अब दोबारा उसके ठिकानों पर कार्रवाई होने से यह साफ है कि उसके खिलाफ गंभीर सबूत मिले हैं।

    फिलहाल जांच जारी

    NIA की कार्रवाई देर रात से लगातार जारी है और अभी और ठिकानों पर भी दस्तक दी जा सकती है। टीम की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन शुरुआती जानकारी के आधार पर यह साफ माना जा रहा है कि मामला हथियार तस्करी के बड़े नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।

  • अकबरपुर रनिया में दो दिवसीय विधायक खेल प्रतियोगिता संपन्न, मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने खिलाड़ियों को किया सम्मानित

    अकबरपुर रनिया में दो दिवसीय विधायक खेल प्रतियोगिता संपन्न, मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने खिलाड़ियों को किया सम्मानित

    कानपुर देहात। अकबरपुर रनिया में आयोजित दो दिवसीय विधायक खेल प्रतियोगिता का बुधवार को भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया।युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्ययुवाओं में अनुशासन, टीमवर्क, खेल भावना और फिटनेस को बढ़ावा देना था।

    प्रतियोगिता में खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन

    गोला फेंक में समीर, अजीत और सौरभ कुमार प्रथम स्थान पर रहे।
    भाला फेंक में अमन ने बाजी मारी।
    बालिका वर्ग में अर्शी, तानी और मयंक पाल प्रथम स्थान पर रहीं।
    कबड्डी प्रतियोगिता में माती की टीम ने खिताब जीता
    वॉलीबॉल में ककरदही टीम विजेता बनी।

    मंत्री प्रतिभा शुक्ला का संबोधन

    पुरस्कार वितरण के दौरान मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा“खेल चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास और अनुशासन सिखाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।”उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि क्षेत्र में खेल सुविधाओं और संसाधनों को और अधिक मजबूत किया जाएगा।मंत्री ने भरोसा जताया कि अकबरपुर रनिया के खिलाड़ी जल्द ही जोन, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जिले का गौरव बढ़ाएँगे।

    कार्यक्रम में प्रमुख लोग उपस्थित रहे

    इस अवसर पर ग्राम प्रधान किरण देवी, जिला युवा कल्याण अधिकारी देवेंद्र कुमार, व्यायाम प्रशिक्षक जितेंद्र कुमार, क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी हिमेंद्र गौतम सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी का आभार व्यक्त किया गया और भविष्य में प्रतियोगिता को और बड़े स्तर पर आयोजित करने का संकल्प लिया गया।

  • भोगनीपुर: गुलौली की सराय में मुख्य रास्ता तबाही की कगार पर, कीचड़ और गंदे पानी से ग्रामीण परेशान,बच्चे-बुजुर्ग घायल होने का खतरा

    भोगनीपुर: गुलौली की सराय में मुख्य रास्ता तबाही की कगार पर, कीचड़ और गंदे पानी से ग्रामीण परेशान,बच्चे-बुजुर्ग घायल होने का खतरा

    कानपुर देहात के भोगनीपुर क्षेत्र के मलासा ब्लॉक स्थित गुलौली ग्राम पंचायत के मजरा सराय में मुख्य रास्ते की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। यह मार्ग पूरी तरह टूट चुका है और हमेशा कीचड़ से भरा रहता है, जिसके कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

    स्थानीय निवासी रामखेलावन, राजू और सरवन ने बताया कि यह गांव का मुख्य मार्ग है, जिससे बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और दैनिक मजदूरी करने वालों का आना-जाना होता है। लेकिन सड़क पर फैले कीचड़ और गड्ढों में भरे गंदे पानी के कारण लोग हर दिन गिरने का जोखिम झेलते हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल जाने वाले बच्चे अक्सर फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे कई बार चोट भी लग जाती है।

    ग्रामीणों के अनुसार, बारिश में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। गंदा पानी लंबे समय तक जमा रहता है और सड़क चलने लायक नहीं बचती। गाँव में दुर्गंध और मच्छरों का फैलाव बढ़ गया है। कीचड़ और जलभराव बीमारी की आशंका भी बढ़ा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में बुखार, त्वचा संक्रमण और पेट संबंधी रोग बढ़े हैं।

    एक दिव्यांग महिला ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें हर दिन गंदे पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे घर से बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो जाता है। उन्होंने बताया, “हमारे लिए यह रास्ता जीवन-जोखिम बन चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।”ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस समस्या की शिकायत कई बार अधिकारियों और संबंधित विभागों को की गई, लेकिन कोई भी अधिकारी मौके पर स्थिति देखने तक नहीं आया। इससे ग्रामीणों में नाराजगी और चिंता बढ़ती जा रही है।

  • कानपुर देहात  प्रभारी मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद की समीक्षा बैठक,कानून-व्यवस्था और विकास योजनाओं पर कसा फोकस

    कानपुर देहात प्रभारी मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद की समीक्षा बैठक,कानून-व्यवस्था और विकास योजनाओं पर कसा फोकस

    कानपुर देहात (KANPUR DEHAT) के जिला मुख्यालय स्थित मां मुक्तेश्वरी सभागार (Maa Mukteshwari Auditorium) में प्रभारी मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों की प्रगति और अकबरपुर–रनिया विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास पर विस्तार से चर्चा की गई।

    प्रभारी मंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों से सरकार की विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति जानी। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पहुँचे, ताकि सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का अधिकतम असर जमीन पर दिखाई दे सके।

    बैठक में जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बेहतर, संवेदनशील और जवाबदेह पुलिसिंग से ही आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी। उन्होंने लंबित मामलों को प्राथमिकता से निस्तारित करने और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए।

    अकबरपुर–रनिया विधानसभा क्षेत्र के विकास को लेकर भी बैठक में विस्तृत चर्चा हुई। प्रभारी मंत्री ने बताया कि डबल इंजन सरकार क्षेत्र के सतत विकास, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी विभागों को योजनाओं को तेज गति से लागू करने तथा विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

    समापन में डॉ. निषाद ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं, और कानपुर देहात में जारी विकास यात्रा में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • कानपुर देहात: प्रधान ने अपनी ज़मीन दान कर बनाया ‘सद्भावना लान’, ग्रामीणों के लिए बड़ी सौगात

    कानपुर देहात: प्रधान ने अपनी ज़मीन दान कर बनाया ‘सद्भावना लान’, ग्रामीणों के लिए बड़ी सौगात

    रिपोर्टर – हिमांशु शर्मा | कानपुर देहात | 22 नवंबर 2025कानपुर देहात के मलासा ब्लॉक के पुलन्दर गाँव में विकास की एक मिसाल पेश की गई है। गाँव के प्रधान बी.के. तिवारी ने समाज सेवा और जनहित के अनोखे उदाहरण के रूप में अपनी डेढ़ बीघा निजी जमीन दान करके उस पर एक शानदार ‘सद्भावना लान’ बनवाया है। यह लान पूरी तरह सार्वजनिक है और ग्रामीण बेहद कम शुल्क देकर यहां शादी-समारोह और बारात का आयोजन कर सकेंगे।

    गाँव में नहीं था कोई मैरिज लान ग्रामीणों को मिल गई बड़ी सुविधा

    पुलन्दर और आसपास के गाँवों में अब तक कोई मैरिज हॉल, गेस्ट हाउस या बड़ा लान उपलब्ध नहीं था। ग्रामीणों को अपने कार्यक्रमों के लिए दूरस्थ स्थानों पर जाना पड़ता था, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ते थे। प्रधान बी.के. तिवारी ने बताया कि यह समस्या लंबे समय से उनकी सोच में थी और उनका सपना था कि गाँव में एक सामुदायिक लान बने, जिसे हर परिवार आसानी से उपयोग कर सके।

    मुख्यमंत्री पुरस्कार से सम्मानित, 35 लाख की प्रोत्साहन राशि का हुआ सदुपयोग

    पुलन्दर गाँव पहले से ही विकास कार्यों के मामले में कानपुर देहात के शीर्ष गाँवों में गिना जाता है। उत्कृष्ट कार्यों के कारण प्रधान बी.के. तिवारी को मुख्यमंत्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया और मुख्यमंत्री राहत कोष से 35 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई। इसी राशि का उपयोग कर उन्होंने सद्भावना लान का निर्माण कराया है।लान में विवाह समारोह आयोजित करने के लिए आवश्यक सभी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। ग्रामीणों को केवल बहुत कम शुल्क देकर बुकिंग की सुविधा मिलेगी, जिससे सामाजिक समारोह अब अधिक सम्मानजनक और कम खर्च में हो सकेंगे।

    “गाँव के लिए कुछ करना था… इसलिए जमीन दान की” – प्रधान बी.के. तिवारी

    प्रधान तिवारी ने कहा,
    “गाँव में शादी-समारोह की बड़ी समस्या थी। हर किसी के मन में इच्छा होती है कि उनके कार्यक्रम अच्छे स्थान पर हों। इसी सोच के साथ मैंने अपनी जमीन दान की। मेरा उद्देश्य है कि गाँव का हर परिवार सम्मानपूर्वक अपना कार्यक्रम कर सके।”

    ग्रामीणों में खुशी, कहा — ‘प्रधान ने दिया अनमोल तोहफा’

    सद्भावना लान बनने से गाँव और आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधान तिवारी ने ऐसा अनमोल तोहफा दिया है जो आने वाले वर्षों तक हजारों परिवारों के जीवन में सुविधा लाएगा।

  • फार्मर रजिस्ट्री में गाजियाबाद नंबर-1, सुल्तानपुर सबसे पीछे; कृषि मंत्री ने धीमे जिलों को दी सख्त चेतावनी

    फार्मर रजिस्ट्री में गाजियाबाद नंबर-1, सुल्तानपुर सबसे पीछे; कृषि मंत्री ने धीमे जिलों को दी सख्त चेतावनी

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में किसानों की डिजिटल पहचान बनाने के लिए चल रही फार्मर रजिस्ट्री प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। कृषि विभाग द्वारा 20 नवंबर 2025 शाम 6 बजे तक की रिपोर्ट जारी की गई, जिसके अनुसार प्रदेश में 59.10% कार्य पूरा हो चुका है।कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि तय समयसीमा में काम पूरा न करने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

    गाजियाबाद अव्वल, सुल्तानपुर अंतिम स्थान पर

    प्रदेश-भर में जिलों के प्रदर्शन का विश्लेषण किया गया, जिसमें गाजियाबाद ने सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हुए 79.76% प्रगति के साथ पहला स्थान हासिल किया है।इसके बाद बस्ती (79.05%) दूसरे और सीतापुर (78.22%) तीसरे स्थान पर हैं। शीर्ष पाँच में रामपुर (76.90%) और फिरोजाबाद (76.00%) भी शामिल हैं।इसके विपरीत, कुछ जिलों की प्रगति बेहद धीमी रही।
    सबसे खराब स्थिति सुल्तानपुर की है, जहां सिर्फ 49% कार्य पूरा हुआ है, जिससे वह प्रदेश की 75 जिलों वाली तालिका में अंतिम पायदान पर है।अन्य कमजोर जिलों में

    • बलिया – 50.23%
    • संत कबीर नगर – 50.32%
    • गोरखपुर – 50.53%
    • बागपत – 51.04%
      शामिल हैं, जिन्हें कृषि मंत्री ने विशेष रूप से चेतावनी दी है।

    20 नवंबर को 55,460 नई किसान आईडी बनीं

    राज्य में पीएम किसान योजना के अंतर्गत सत्यापित 2,48,30,499 किसानों में से अब तक 1,66,49,184 किसानों का पंजीकरण फार्मर रजिस्ट्री में हो चुका है।पूरे प्रदेश में 20 नवंबर को 55,460 नई फार्मर आईडी जेनरेट की गईं, जो काम में तेजी का संकेत हैं।

    क्या है फार्मर रजिस्ट्री? किसानों को मिलेगी यूनिक डिजिटल पहचान

    सरकार की यह परियोजना किसानों को एक विशिष्ट डिजिटल आईडी प्रदान करती है, जिसके माध्यम से पीएम किसान योजना किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)फसल बीमाजैसी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से किसानों तक पहुँचेगा।डिजिटल पहचान से किसानों को मिलने वाले लाभऋण और बीमा क्लेम की प्रक्रिया होगी आसानफर्जीवाड़े और बिचौलियों की भूमिका समाप्तवास्तविक किसानों को मिलेगा उनका पूरा हक कृषि मंत्री ने धीमे जिलों को फटकारा

    कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा“जब प्रदेश का औसत 59.10% है, तब 50% के आसपास अटके जिलों का प्रदर्शन किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है।”उन्होंने सुल्तानपुर, बलिया, संत कबीर नगर, गोरखपुर और बागपत को मिशन मोड में काम करने का निर्देश दिया है।मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।