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  • 19 साल 7 महीने बाद जेल से रिहा हुआ दस्यु सरगना मंगली केवट, कहा– अब शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहता हूं

    19 साल 7 महीने बाद जेल से रिहा हुआ दस्यु सरगना मंगली केवट, कहा– अब शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहता हूं

    रिपोर्ट – हिमांशु शर्मा / कानपुर देहात कानपुर देहात। कभी चंबल के बीहड़ों में दहशत का दूसरा नाम रहे दस्यु सरगना मंगली केवट को आज लंबी अवधि की सजा काटने के बाद माती जिला कारागार से रिहा कर दिया गया।

    90 के दशक में “चंबल का शेर” कहे जाने वाले मंगली केवट की रिहाई को लेकर उनके परिजनों और समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग जेल के बाहर जमा रहे और बाहर आते ही फूल–मालाओं से उनका स्वागत किया गया।

    रिहाई के बाद बदली भाषा— बोले, अब समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहता हूं

    जेल से बाहर निकलते ही मंगली केवट ने कहा कि अब वह अपने परिवार के साथ शांतिपूर्ण और सम्मानजनक जीवन जीना चाहते हैं। उन्होंने साफ शब्दों में बताया कि वह समाज की मुख्यधारा में लौटकर आगे बढ़ना चाहते हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने राजनीति में किस्मत आजमाने की इच्छा भी व्यक्त की।

    कैसे बना था गैंग? मंगली का दावा पुलिस प्रताड़ना ने बनाया बागी

    मंगली केवट ने बताया कि 90 के दशक में पुलिस की कथित प्रताड़ना और कार्यशैली ने उन्हें बागी बनने पर मजबूर कर दिया। अपनी पत्नी दस्यु सुंदरी मालती केवट के साथ उन्होंने एक बड़ा गिरोह तैयार किया। इस गैंग में वही लोग शामिल थे जो पुलिस उत्पीड़न से परेशान बताए जाते थे।

    उनके अनुसार, उनके गैंग को उस समय कुख्यात निर्भय गुर्जर गिरोह से भी सहयोग मिलता था। बीहड़ों में मुखबरी, अपहरण और फिरौती वसूली उनके गैंग की प्रमुख गतिविधियों में शामिल थीं।

    2006 में किया आत्मसमर्पण, तीन आजीवन कारावास की सजा

    वर्ष 2006 में मंगली केवट और उनकी पत्नी मालती दोनों ने आत्मसमर्पण कर दिया था। अदालत ने मंगली को तीन आजीवन कारावास और दस-दस वर्ष की तीन सजा सुनाई थी। लंबे समय तक जेल में रहने के दौरान उनके अच्छे आचरण की वजह से प्रशासन उनकी प्रशंसा करता रहा।वहीं मालती केवट को भी आजीवन कारावास की सजा हुई थी, और उनकी रिहाई सितंबर 2025 में हो चुकी है।

    जेल से बाहर अब नया अध्याय

    आज रिहाई के बाद मंगली केवट ने कहा कि अब वह अपने परिवार के साथ रहकर, समाज में सम्मानजनक जीवन जीते हुए खुद को एक नई शुरुआत देना चाहते हैं।

  • कानपुर देहात: एसपी श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय ने जनसुनवाई में सुनी फरियादें, त्वरित न्याय का भरोसा

    कानपुर देहात: एसपी श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय ने जनसुनवाई में सुनी फरियादें, त्वरित न्याय का भरोसा

    कानपुर देहात: जनपद में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी कड़ी में बुधवार को पुलिस अधीक्षक (SP) श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय ने अपने कार्यालय में जनसुनवाई आयोजित की, जिसमें बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे।

    फरियादियों को मिला सम्मान और समाधान का भरोसा

    जनसुनवाई के दौरान एसपी कार्यालय पहुंचे फरियादियों और पीड़ितों का अधिकारियों ने पूर्ण सम्मान और संवेदनशीलता के साथ स्वागत किया। एसपी श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय और अपर पुलिस अधीक्षक ने एक-एक फरियादी की बात धैर्यपूर्वक सुनी और उनकी पीड़ा को गंभीरता से समझा।एसपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि“जनता की समस्या का समयबद्ध और न्यायपूर्ण समाधान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी फरियादी को निराश नहीं लौटाया जाएगा।”उन्होंने मौके पर ही संबंधित विभागों और अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्राप्त प्रार्थना-पत्रों का निस्तारण समय सीमा के भीतर और गुणदोष के आधार पर किया जाए।

    जनपद के सभी क्षेत्राधिकारियों ने भी की जनसुनवाई

    मुख्यालय के अलावा जनपद के सभी क्षेत्राधिकारी (COs) ने अपने-अपने कार्यालयों में जनसुनवाई आयोजित की। विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने भूमि विवाद, पारिवारिक तनाव, पुलिस कार्रवाई, सिविल शिकायतें और अन्य मुद्दों पर अपनी समस्याएं रखीं।पुलिस अधिकारियों ने उन्हें न केवल उचित कार्रवाई का भरोसा दिया, बल्कि कई मामलों में मौके पर ही समाधान की दिशा में कदम उठाए।

    लोगों में जागी उम्मीद-पुलिस की पहल सराहनीय

    जनसुनवाई में शामिल कई फरियादियों ने कहा कि पुलिस की यह पहल उनके लिए विश्वास जगाने वाली है। संवेदनशील रवैया, सम्मानपूर्ण व्यवहार और तत्काल निर्देशों ने लोगों में न्याय मिलने की उम्मीद को और मजबूत किया है।कानपुर देहात पुलिस द्वारा की जा रही ये जनसुनवाई अभियान यह दर्शाता है कि प्रशासन जनसामान्य की समस्याओं को गंभीरता से सुन रहा है और आम जनता की सुरक्षा व न्याय के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

  • कानपुर देहात: दबंगों ने की रामकली मौसी की पिटाई, सामाजिक कार्यों के लिए CM योगी भी कर चुके हैं सराहना

    कानपुर देहात: दबंगों ने की रामकली मौसी की पिटाई, सामाजिक कार्यों के लिए CM योगी भी कर चुके हैं सराहना

    कानपुर देहात। जिले में एक बार फिर दबंगों का आतंक सामने आया है। क्षेत्र की जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता रामकली मौसी पर दबंगों द्वारा की गई पिटाई का मामला तेजी से वायरल हो रहा है। रामकली मौसी पिछले कई वर्षों से समाजसेवा में सक्रिय हैं और उनके कार्यों की सराहना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल भी सार्वजनिक मंचों पर कर चुके हैं। ऐसे में उनके साथ हुई यह घटना स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर रही है।

    घटना के अनुसार, इलाके में रहने वाले कुछ दबंगों ने किसी विवाद को लेकर रामकली मौसी के साथ मारपीट की। बताया जा रहा है कि उन्होंने न सिर्फ दुर्व्यवहार किया, बल्कि उन्हें गंभीर चोटें भी आईं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है।

    रामकली मौसी लंबे समय से महिलाओं की सुरक्षा, गरीबों की सहायता और सामाजिक न्याय के लिए काम करती रही हैं। उनके कई अभियानों को सरकार स्तर पर भी सम्मानित किया गया है। यही वजह है कि उनके साथ हुई मारपीट की यह घटना पूरे क्षेत्र में आक्रोश का कारण बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दबंग काफी समय से इलाके में उत्पात मचा रहे हैं, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता के कारण उनके हौंसले बुलंद हैं।

    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई अभी भी धीमी है और आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। लोगों ने मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

    सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से ट्रेंड कर रहा है। हजारों लोग रामकली मौसी को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों ने भी आगे आकर प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने की अपील की है।फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। जिले में बढ़ते दबंगई के मामलों को देखते हुए सवाल यह है कि क्या प्रशासन ऐसे मामलों पर तुरंत और कठोर कार्रवाई करेगा या फिर पीड़ितों को न्याय पाने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा।

  • कानपुर देहात 237 पुलिस आरक्षियों का एकसाथ तबादला, जिले की कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए SP का बड़ा फैसला

    कानपुर देहात 237 पुलिस आरक्षियों का एकसाथ तबादला, जिले की कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए SP का बड़ा फैसला

    कानपुर देहात: जिले की कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कानपुर देहात पुलिस अधीक्षक ने देर रात एक बड़ा प्रशासनिक reshuffle करते हुए 237 पुलिस आरक्षियों का एकसाथ तबादला कर दिया। यह निर्णय सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने, कार्यक्षमता बढ़ाने और पुलिस बल में लंबे समय से एक ही जगह पर तैनात कर्मचारियों में बदलाव लाने के मकसद से लिया गया है।

    सूत्रों के अनुसार, कई आरक्षक लंबे समय से एक ही थाने, चौकी या कोतवाली क्षेत्र में कार्यरत थे। ऐसे में न केवल कार्य में एकरूपता आ रही थी, बल्कि कई मामलों में निष्पक्ष पुलिसिंग को लेकर सवाल भी खड़े हो रहे थे। प्रशासन ने इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए व्यापक स्तर पर तबादले की कार्रवाई की।

    नई तबादला सूची के अनुसार, जनपद के सभी प्रमुख थानों—रसूलाबाद, भोगनीपुर, मूसानगर, अकबरपुर, मैथा, झींझक, सिकंदरा, पाइपराकर आदि में तैनात आरक्षियों को दूसरे थानों में भेजा गया है। कई पुलिसकर्मियों को ग्रामीण क्षेत्रों से नगर क्षेत्रों में भेजा गया है, वहीं कुछ को शहरी इलाकों से ग्रामीण क्षेत्रों में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह निर्णय कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने और बेहतर पुलिसिंग सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी आवश्यकतानुसार ऐसे कदम उठाए जाते रहेंगे, ताकि जिले में सुरक्षा व्यवस्था हर स्तर पर मजबूत बनी रहे।

    जानकारों का मानना है कि बड़े पैमाने पर किए गए इन तबादलों से थानों में कार्य गति में सुधार आने की उम्मीद है। नई तैनाती मिलने से पुलिसकर्मियों को भी अपने दायित्वों के प्रति नए सिरे से काम करने का अवसर मिलेगा, जिससे अपराध नियंत्रण और जनता की सुरक्षा व्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

    देर रात जारी तबादला सूची ने पुलिस विभाग में हलचल मचा दी है, और आने वाले दिनों में इसका असर जिले की कानून-व्यवस्था में नजर आने की संभावना जताई जा रही है।

  • कानपुर देहात: गद्दा और कुर्सी फैक्ट्री के गोदाम में भीषण आग, करोड़ों का नुकसान

    कानपुर देहात: गद्दा और कुर्सी फैक्ट्री के गोदाम में भीषण आग, करोड़ों का नुकसान

    कानपुर देहात। अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के जैनपुर चौकी अंतर्गत निरंजनपुर गांव में सोमवार सुबह एक गद्दा और कुर्सी बनाने वाली फैक्ट्री के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। आग की तेज़ लपटें कुछ ही मिनटों में पूरे गोदाम में फैल गईं। तेज धुआं और लपटें उठते ही आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग घरों से बाहर निकल आए।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गोदाम से अचानक धुआं निकलता दिखाई दिया, जिसके बाद आग ने भयानक रूप ले लिया। गद्दे, फोम और लकड़ी जैसे ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। ग्रामीणों ने अपनी ओर से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि वे असहाय दिखे।

    फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां पहुंचीं, घंटों की मशक्कत के बाद आग काबू में

    सूचना मिलते ही जैनपुर चौकी पुलिस और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। टीमों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने में लंबा समय लग गया, लेकिन लगातार प्रयासों के बाद आग नियंत्रित कर ली गई।फायर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आग पर काबू पा लिया गया है और अब शीतलन (कूलिंग) का काम जारी है ताकि दोबारा आग भड़कने की संभावना न रहे।

    करोड़ों का नुकसान, कोई हताहत नहीं

    प्राथमिक अनुमान के अनुसार, गोदाम में भारी मात्रा में स्टॉक रखा हुआ था, जिसके जलने से करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। राहत की बात यह है कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है, लेकिन शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। फैक्ट्री मालिक से भी पूछताछ की जा रही है।

    स्थानीय लोगों में दहशत, प्रशासन अलर्ट

    लगातार उठते धुएं और धधकती आग के कारण आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र को अस्थायी रूप से खाली करा दिया था और स्थिति सामान्य होने पर लोगों को वापस भेज दिया गया।पुलिस और फायर विभाग ने लोगों से अपील की है कि गोदामों और फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों का पालन करें, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

  • UP: अखलाक हत्याकांड में योगी सरकार ने आरोपियों पर से केस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू

    UP: अखलाक हत्याकांड में योगी सरकार ने आरोपियों पर से केस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू

    लखनऊ/ग्रेटर नोएडा। अखलाक हत्याकांड मामले में यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमे वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में ग्रेटर नोएडा जिला अदालत में औपचारिक अर्जी दाखिल की गई है।

    सरकारी वकील की ओर से अदालत में दी गई इस अर्जी में कहा गया है कि राज्य सरकार मामले की परिस्थितियों, साक्ष्यों और कानून व्यवस्था की समीक्षा के बाद आरोपियों पर से मुकदमों को वापस लेने पर विचार कर रही है। अदालत ने मामले को स्वीकार करते हुए 12 दिसंबर 2025 की तारीख सुनवाई के लिए तय की है।

    इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर अब चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। अखलाक हत्याकांड 2015 में दादरी के बिसाहड़ा गाँव में सामने आया था, जब बीफ़ रखने की अफवाह के बाद मोहम्मद अखलाक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कई स्थानीय लोगों को आरोपी बनाया गया था।

    सरकार द्वारा केस वापसी की प्रक्रिया शुरू होने के बाद एक ओर जहां आरोपियों के परिवारों ने राहत की उम्मीद जताई है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों ने इस कदम पर सवाल खड़े किए हैं। अब सभी की निगाहें 12 दिसंबर को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जब अदालत राज्य सरकार की अर्जी पर अपना रुख स्पष्ट करेगी।

  • कानपुर देहात: फांसी पर लटकी मिली महिला, संदिग्ध हालात में मौत

    कानपुर देहात: फांसी पर लटकी मिली महिला, संदिग्ध हालात में मौत

    कानपुर देहात। अकबरपुर थाना क्षेत्र के मैंदू ताहरपुर गांव में शुक्रवार को एक महिला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी पर लटका मिला। मृतका के भाई शिव सिंह, निवासी घनामती रायपुर (थाना सजेती, कानपुर नगर), ने डायल 112 पर सूचना देते हुए बताया कि उसकी बहन सोनम सिंह (28) घर के अंदर साड़ी के सहारे फंदे से लटकी मिली है।

    सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और तत्परता से फोरेंसिक टीम को बुलाया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सोनम का शव घर के गेट की चौखट से लटकता हुआ मिला। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर मौजूद अहम साक्ष्यों को सुरक्षित किया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।परिवार ने घटना को संदिग्ध बताया है और विस्तृत जांच की मांग की है।

    2019 में हुआ था विवाह, दो छोटे बच्चे भी हैं

    सोनम सिंह का विवाह नवंबर 2019 में देवेंद्र सिंह, निवासी मैंदू ताहरपुर, से हुआ था। देवेंद्र ई-रिक्शा चलाते हैं। दंपती के दो छोटे बच्चे हैं, जिससे घटना और भी संवेदनशील बन गई है।पुलिस का कहना है कि मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। संदेह की हर संभावित दिशा को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।गांव में घटना को लेकर तनाव का माहौल है और परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं।

  • कानपुर देहात फलों की ठेली लगाने को लेकर विवाद,मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    कानपुर देहात फलों की ठेली लगाने को लेकर विवाद,मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    कानपुर देहात में फलों की ठेली लगाने को लेकर हुए विवाद का एक मारपीट वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। यह वीडियो भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र के ओवर ब्रिज का बताया जा रहा है। वीडियो में कुछ युवक एक अन्य युवक को गाली देते हुए बेरहमी से पीटते दिख रहे हैं।

    वायरल फुटेज में हमलावर युवक “हॉकी लाओ, हॉकी लाओ” कहते हुए भी सुनाई दे रहे हैं, इस घटना ने क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है।भोगनीपुर कोतवाली के निरीक्षक अमरेंद्र सिंह ने इस मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि मारपीट करने वाले दो युवकों को हिरासत में ले लिया गया है और उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जा रही है।

  • कानपुर देहात: माती कोर्ट में बार एसोसिएशन ने दिल्ली आतंकी हमले की निंदा की, कहा- आतंकवाद मानवता का दुश्मन है

    कानपुर देहात: माती कोर्ट में बार एसोसिएशन ने दिल्ली आतंकी हमले की निंदा की, कहा- आतंकवाद मानवता का दुश्मन है

    कानपुर देहात। दिल्ली में हुए आतंकी हमले की निंदा पूरे देश में की जा रही है। इसी क्रम में माती कोर्ट परिसर में जिला बार एसोसिएशन, कानपुर देहात ने गुरुवार को एक शोक सभा आयोजित की। सभा में अधिवक्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का संकल्प लिया।

    सभा को संबोधित करते हुए सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि “आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, यह मानवता का शत्रु है।” उन्होंने समाज से अपील की कि सभी लोग जाति-धर्म से ऊपर उठकर इस बुराई के खिलाफ एकजुट हों।वरिष्ठ अधिवक्ता जितेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने कहा कि यह हमला देश की आत्मा को झकझोर देने वाला है। निर्दोष लोगों की मौत मानवता के लिए बड़ी त्रासदी है।

    वहीं, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने कहा कि आतंकवाद को केवल गोली से नहीं, बल्कि “न्याय, एकता और राष्ट्रीय संकल्प की शक्ति” से हराया जा सकता है। उन्होंने इसे भारत की एकता, शांति और न्याय पर सीधा प्रहार बताया।एसोसिएशन ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि इस हमले के पीछे के सभी आतंकी नेटवर्क का खुलासा कर दोषियों को सख्त सजा दी जाए।

    सभा का संचालन महामंत्री घनश्याम सिंह राठौर ने किया। इस मौके पर सम्पत लाल यादव, रमेश चंद्र सिंह गौर, सर्वेंद्र सिंह यादव, वैभवकांत मिश्र, अभिषेक सविता, सुशील कटियार, रोहित शुक्ला, योगेंद्र प्रताप सिंह चौहान सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।

  • कानपुर देहात: कोल्ड स्टोरेज में लगी आग से कर्मचारी की मौत, परिजनों ने हाईवे जाम कर काटा हंगामा

    कानपुर देहात: कोल्ड स्टोरेज में लगी आग से कर्मचारी की मौत, परिजनों ने हाईवे जाम कर काटा हंगामा

    कानपुर देहात। अकबरपुर थाना क्षेत्र के श्री आनंदेश्वर कोल्ड स्टोरेज में लगी आग से झुलसे एक कर्मचारी की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद सुबह गुस्साए परिजनों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। परिजनों का आरोप है कि युवक की मौत सही इलाज न मिलने के कारण हुई, वहीं पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन कोल्ड स्टोरेज मालिक की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।

    हाईवे पर लगे जाम के कारण करीब 5 किलोमीटर लंबा वाहन जाम लग गया। मौके पर एसडीएम, सीओ समेत कई थानों की पुलिस तैनात की गई। प्रशासन ने परिजनों से बातचीत कर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर धीरे-धीरे जाम खुलवाया जा सका।

    बताया गया है कि दो दिन पहले कोल्ड स्टोरेज में अचानक लगी आग में चार कर्मचारी झुलस गए थे, जिनमें से एक की मौत हो गई। अन्य तीन घायल कर्मचारियों का उपचार जारी है। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।

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