Nation Now Samachar

Tag: KanpurNews

  • अखिलेश दुबे का कच्चा चिट्ठा खोलने वाले अफसर को केंद्र ने बुलाया, जानिए कौन हैं कानपुर के पूर्व CP अखिल कुमार

    अखिलेश दुबे का कच्चा चिट्ठा खोलने वाले अफसर को केंद्र ने बुलाया, जानिए कौन हैं कानपुर के पूर्व CP अखिल कुमार

    कानपुर: कानपुर के चर्चित अफसर अखिल कुमार एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने अखिलेश दुबे गैंग का कच्चा चिट्ठा खोला था, जिसके बाद पुलिस महकमे से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल मच गई। अब खबर है कि केंद्र सरकार ने उन्हें तलब किया है

    कौन हैं पूर्व CP अखिल कुमार?

    • अखिल कुमार उत्तर प्रदेश कैडर के 1997 बैच के IPS अफसर हैं।वे कानपुर, लखनऊ और नोएडा जैसे बड़े जिलों में तैनात रह चुके हैं।कानपुर के कमिश्नरेट सिस्टम में उन्हें पहले CP (पुलिस कमिश्नर) के तौर पर जिम्मेदारी सौंपी गई थी।सख्त और ईमानदार छवि के लिए जाने जाने वाले अखिल कुमार कई बार माफिया और अपराधियों पर कार्रवाई के चलते सुर्खियों में रहे।

    क्यों बुलाया गया केंद्र?

    सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बुलाया है। चर्चा है कि जल्द ही उन्हें महत्वपूर्ण सुरक्षा एजेंसी या केंद्र सरकार के किसी अहम विभाग में तैनाती मिल सकती है।

    अखिलेश दुबे केस से कनेक्शन

    कानपुर में तैनाती के दौरान अखिल कुमार ने अखिलेश दुबे गैंग के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए थे। उनके नेतृत्व में पुलिस ने दुबे गैंग के आर्थिक और आपराधिक नेटवर्क की जांच की, जिससे इस गैंग की कमर टूट गई थी।

  • अखिलेश यादव के सामने रोते हुए बोला कानपुर का सत्यम त्रिवेदी, जानिए क्या है पूरा मामला

    अखिलेश यादव के सामने रोते हुए बोला कानपुर का सत्यम त्रिवेदी, जानिए क्या है पूरा मामला

    कानपुर। इंस्पेक्टर पर पिटाई करने का आरोप लगाने वाला युवक सपा नेता के साथ पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास लखनऊ पहुंचा और रो पड़ा। उसने कहा कि इंस्पेक्टर ने जाति विशेष को लेकर अपमानित किया और जमीन पर बैठाकर पीटा। पूर्व मुख्यमंत्री ने उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। कानपुर का सत्यम त्रिवेदी

    पनकी के रतनपुर निवासी सत्यम त्रिवेदी ने बताया कि पड़ोसी से 25 अप्रैल को घर के बाहर की नाली को लेकर विवाद हुआ था। दोनों पक्ष पनकी थाने पहुंचे, जहां एक पक्ष ने पड़ोसी को कुर्सी पर बैठाने और उन्हें जमीन पर बैठाने का आरोप लगाया

    आरोप है कि पनकी इंस्पेक्टर मानवेन्द्र सिंह ने जाति विशेष शब्दों का प्रयोग कर पीटा व गाली-गलौज कर अपमानित किया। कहीं सुनवाई न होने पर शुक्रवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय भी पहुंचे। इसके बाद मामले की जांच एडीसीपी पश्चिम को सौंपी गई। कानपुर का सत्यम त्रिवेदी

    सोमवार को कानपुर महानगर के युवजन सभा अध्यक्ष अर्पित त्रिवेदी ने पनकी थाना अध्यक्ष द्वारा अप्रैल में सत्यम त्रिवेदी को पनकी थानाध्यक्ष मानवेन्द्र सिंह द्वारा जूतों से मारते हुए जातिसूचक गालियां दी गयी थी। जिसकी सूचना कानपुर महानगर के युवजन सभा अध्यक्ष अर्पित त्रिवेदी ने सपा के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय को इस मामले की जानकारी दी। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें सत्यम त्रिवेदी के साथ लखनऊ बुलाया, जहां सत्यम रो पकड़े और आपबीती बता इंस्पेक्टर पर पिटाई का आरोप लगाया। कानपुर का सत्यम त्रिवेदी

    पूर्व मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा कि पार्टी न्याय दिलाने का काम करेगी। कार्रवाई भी कराएंगे। वहीं, इंस्पेक्टर मानवेन्द्र सिंह ने बताया कि सत्यम का पड़ोसी से विवाद हुआ तो उसने उनसे मारपीट की थी। सत्यम पर पहले से ही पनकी, गुजैनी थाने समेत थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। उसके आरोप झूठे हैं।कानपुर का सत्यम त्रिवेदी

  • प्रधानमंत्री मोदी ने ग्रेपलिंग कोच सुनील चतुर्वेदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी

    प्रधानमंत्री मोदी ने ग्रेपलिंग कोच सुनील चतुर्वेदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी

    कानपुर। कानपुर: भारत के ग्रेपलिंग खेल के राष्ट्रीय कोच और निर्णायक सुनील चतुर्वेदी को उनके जन्मदिन पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुभकामनाएं भेजीं। खास बात यह है कि सुनील का जन्म 15 अगस्त, यानी स्वतंत्रता दिवस के दिन हुआ है। इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से आधिकारिक ई-मेल द्वारा उन्हें जन्मदिन की हार्दिक बधाई दी गई। सुनील चतुर्वेदी खेल जगत में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। वे समय-समय पर रक्तदान जैसे सामाजिक अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाते हैं, जिससे समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने ग्रेपलिंग कोच सुनील चतुर्वेदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी

    उनकी उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें पूर्व में उत्तर प्रदेश मेधा सम्मान से सम्मानित किया गया था। यह सम्मान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की धर्मपत्नी जशोदाबेन मोदी द्वारा प्रदान किया गया था। इसके अतिरिक्त, उन्हें राजभवन, लखनऊ में प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा भी विशेष सम्मान से नवाजा जा चुका है। साथ ही सुनील को अंतराष्ट्रीय स्तर पर भूटान देश में भी सम्मानित किया जा चुका है. प्रधानमंत्री मोदी ने ग्रेपलिंग कोच सुनील चतुर्वेदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी

    सुनील चतुर्वेदी अपनी इस प्रेरणादायक यात्रा का श्रेय लक्ष्मण पुरस्कार से सम्मानित प्रसिद्ध खेल संरक्षक रविकांत मिश्रा को देते हैं। उनका मानना है कि सही मार्गदर्शन और प्रेरणा से कोई भी व्यक्ति समाज व राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभा सकता है।
    सुनील की कहानी न केवल खेलप्रेमियों के लिए, बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए एक मिसाल है कि समर्पण, सेवा और संकल्प से कोई भी व्यक्ति असाधारण ऊंचाइयों को छू सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने ग्रेपलिंग कोच सुनील चतुर्वेदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी

  • साबरमती एक्सप्रेस हादसा: भाऊपुर के पास पटरी से उतरे दो डिब्बे, धीमी रफ्तार ने बचाई जान | Train Accident News | NNSTV LIVE

    साबरमती एक्सप्रेस हादसा: भाऊपुर के पास पटरी से उतरे दो डिब्बे, धीमी रफ्तार ने बचाई जान | Train Accident News | NNSTV LIVE

    डिजिटल डेस्क, कानपुर।कानपुर जिले के भाऊपुर स्टेशन के पास शुक्रवार सुबह बड़ा रेल हादसा होने से टल गया, जब साबरमती एक्सप्रेस के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। घटना उस वक्त हुई जब ट्रेन की रफ्तार बेहद धीमी थी, जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई। साबरमती एक्सप्रेस हादसा

    रेलवे अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया। किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है। यात्रियों को वैकल्पिक डिब्बों में शिफ्ट किया गया और ट्रेन को कुछ घंटों बाद रवाना कर दिया गया।

    साबरमती एक्सप्रेस हादसा

    जांच के आदेश, यातायात प्रभावित
    घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और रेलवे ट्रैक पर यातायात कुछ समय के लिए बाधित हुआ. शताब्दी, राजधानी ,वंदे भारत समेत 56 ट्रेन के संचालन पर असर पड़ा. वहीं, हादसे के चलते 26 ट्रेनों को दूसरे स्टेशनों पर रोकना पड़ा था. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और रेलवे की टीमें ट्रैक को पुनः दुरुस्त करने में जुटी हुई हैं. धीमी गति के कारण एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह घटना रेल सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर रही है.

  • Sawan Somwar 2025: सावन के सोमवार को कीजिए इस कानपुर के रहस्यमय मंदिर के दर्शन मिलेगा मनचाहा वर

    Sawan Somwar 2025: सावन के सोमवार को कीजिए इस कानपुर के रहस्यमय मंदिर के दर्शन मिलेगा मनचाहा वर

    कानपुर- कानपुर नगर से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित खेरेश्वर मंदिर, न सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र है बल्कि एक रहस्यमयी आध्यात्मिक स्थल भी है। गंगा नदी के तट पर बसे इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि महाभारत कालीन योद्धा अश्वत्थामा आज भी यहाँ प्रतिदिन सबसे पहले भगवान शिव की पूजा करते हैं।

    विशेषताएं: कानपुर के रहस्यमय मंदिर

    • खेरेश्वर महादेव मंदिर को भगवान शिव के प्राचीनतम मंदिरों में गिना जाता है।
    • सावन माह में यहां हजारों कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।
    • मंदिर की वास्तुकला में प्राचीन हिन्दू शैली की झलक मिलती है, जो इतिहास और आस्था का संगम दर्शाती है।
    • प्रत्येक सोमवार को यहां विशेष रुद्राभिषेक और भंडारे का आयोजन होता है।

    🕉️ अद्भुत घटना: बिना खुले कपाट चढ़ी होती है पूजा सामग्री कानपुर के रहस्यमय मंदिर

    श्रद्धालुओं और पुजारियों के अनुसार, मंदिर के कपाट खुलने से पहले ही शिवलिंग पर फूल, जल और अन्य पूजन सामग्री चढ़ी हुई मिलती है। यह रहस्य आज तक विज्ञान भी नहीं सुलझा सका है, लेकिन आस्था अडिग है — “अश्वत्थामा ही प्रतिदिन शिव की प्रथम पूजा करते हैं।”


    इतिहास और मान्यता का सागर है ये मंदिर

    जानकारों का मानना है कि यह मंदिर करीब 5000 वर्ष पुराना है और इसकी स्थापना महाभारत काल में हुई थी। यह मंदिर महर्षि वेदव्यास के कालखंड से जुड़ा हुआ बताया जाता है। तभी से यह स्थल श्रद्धालुओं के लिए तप और आराधना का प्रमुख स्थान बना हुआ है।

    विशेषताएं: कानपुर के रहस्यमय मंदिर

    • खेरेश्वर महादेव मंदिर को भगवान शिव के प्राचीनतम मंदिरों में गिना जाता है।
    • सावन माह में यहां हजारों कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।
    • मंदिर की वास्तुकला में प्राचीन हिन्दू शैली की झलक मिलती है, जो इतिहास और आस्था का संगम दर्शाती है।
    • प्रत्येक सोमवार को यहां विशेष रुद्राभिषेक और भंडारे का आयोजन होता है।

    🕯️ महाशिवरात्रि पर उमड़ता है श्रद्धा का सैलाब कानपुर के रहस्यमय मंदिर

    हर वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए उमड़ते हैं। न सिर्फ उत्तर प्रदेश, बल्कि दूर-दराज़ के राज्यों से भी भक्त जलाभिषेक करने और खेरेश्वर बाबा के दर्शन हेतु पहुँचते हैं।

    🌿 धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का संगम

    इस मंदिर का शांत और आध्यात्मिक वातावरण, गंगा के समीपस्थ स्थान, और हजारों वर्षों पुरानी मान्यताएं इसे अद्वितीय बनाते हैं। सावन मास में यहाँ भक्तों की टोलियां गंगाजल लेकर आते हैं और बाबा खेरेश्वर का जलाभिषेक करते हैं।

    भगवान शिव की आराधना करें
    यदि कोई भी लड़का या लड़की मनचाहा जीवनसाथी पाना चाहता है तो इसके लिए आपको भोलेनाथ की आराधना करना चाहिए. शिवपुराण के अनुसार, भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए सबसे अच्छा दिन सोमवार है और आपको इसी खास दिन भगवान शिव की पूजा करना है.

  • Kanpur Dehat News: विद्यालय विलय के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध, रोड जाम कर सरकार से स्कूल दोबारा खोलने की मांग

    Kanpur Dehat News: विद्यालय विलय के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध, रोड जाम कर सरकार से स्कूल दोबारा खोलने की मांग

    कानपुर देहात (Kanpur Dehat)– उत्तर प्रदेश में 50 से कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक विद्यालयों को बंद कर मर्ज किए जाने के सरकार के फैसले का विरोध तेज हो गया है।इसी क्रम में दुजापुर गांव के ग्रामीणों ने बच्चों और अभिभावकों के साथ मिलकर रोड जाम कर प्रदर्शन किया, और सरकार से विद्यालय को पुनः खोलने की मांग की।

    Kanpur Dehat News: विद्यालय विलय के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध

    क्या है मामला?

    • सरकार ने कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को बंद कर अन्य स्कूलों में मर्ज करने का आदेश दिया है
    • दुजापुर का विद्यालय बंद कर 3 किमी दूर रतापुर गांव में मर्ज कर दिया गया है
    • ग्रामीणों का आरोप है कि छोटे बच्चों को रोज़ 3 किमी जाना जोखिम भरा है Kanpur Dehat News: विद्यालय विलय के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध

    दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं:

    • एक बच्ची का दुर्घटना में हाथ टूट गया
    • एक अन्य बच्चे के पैर में गंभीर चोट आई
    • हाईवे पर हैवी वाहनों की वजह से बच्चों की जान खतरे में है
    • Kanpur Dehat News: विद्यालय विलय के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध

    ग्रामीणों का सीधा सवाल

    शराब के ठेके तो गांव-गांव चालू हैं, लेकिन बच्चों के स्कूल बंद किए जा रहे हैं। ये कैसा विकास?

    हाईकोर्ट का फैसला

    • शिक्षकों की याचिका पर हाईकोर्ट ने सरकार के मर्जिंग फैसले को सही ठहराया
    • लेकिन जमीन पर ग्रामीणों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता गहराई है

    🎓 सरकारी स्कूल बनाम प्राइवेट शिक्षा:

    • सरकारी स्कूलों में मिड डे मील, मुफ्त किताबें, ड्रेस, प्रशिक्षित शिक्षक होने के बावजूद
    • गांवों में स्कूल कम, और कस्बों में प्राइवेट स्कूलों की संख्या बढ़ती जा रही है
    • नीति बनाम जमीनी सच्चाई के बीच बच्चों का भविष्य झूल रहा है Kanpur Dehat News: विद्यालय विलय के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध