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  • दिल्ली ब्लास्ट का कनेक्शन यूपी से जुड़ा, एटीएस ने शुरू की मदरसों की जांच; देवबंद के उलेमा बोले इस्लाम आतंकवाद नहीं सिखाता

    दिल्ली ब्लास्ट का कनेक्शन यूपी से जुड़ा, एटीएस ने शुरू की मदरसों की जांच; देवबंद के उलेमा बोले इस्लाम आतंकवाद नहीं सिखाता

    सहारनपुर। दिल्ली में 10 नवंबर को हुए दिल्ली ब्लास्ट के बाद जांच एजेंसियों ने अपनी पड़ताल तेज कर दी है। इस मामले का कनेक्शन प्रदेश से मिलने के बाद यूपी पुलिस का आतंकवाद-रोधी दस्ता (ATS) सक्रिय हो गया है। ATS ने राज्य भर में संचालित मदरसों का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। इसके लिए अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों से मदरसों, शिक्षकों, छात्रों और उनके वित्तीय स्रोतों की विस्तृत जानकारी मांगी गई है।

    ATS की जांच से बढ़ी हलचल

    सूत्रों के मुताबिक, ATS बीते कुछ दिनों से कई जिलों में मदरसों की गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों को खंगाल रही है। खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कहीं किसी बाहरी फंडिंग या संदिग्ध गतिविधि का लिंक तो नहीं।जैसे ही यह जानकारी सामने आई, देवबंद के उलेमा भी प्रतिक्रिया देने के लिए आगे आए। उलेमाओं ने कहा कि मदरसों को लेकर गलतफहमियां फैलाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और शिक्षा संस्थानों को आतंकवाद से जोड़ना अनुचित है।

    “इस्लाम शांति सिखाता है, आतंकवाद नहीं” – उलेमा

    देवबंदी उलेमा मुफ्ती असद कासमी ने साफ कहा कि इस्लाम किसी भी प्रकार के आतंकवाद या जुल्म को बढ़ावा नहीं देता।
    उन्होंने कहा, “इस्लाम इंसान तो दूर, जानवर को भी तकलीफ देने की इजाजत नहीं देता। दुनिया भर के मदरसों में केवल इस्लाम की तालीम दी जाती है, जिसमें इंसानियत, शांति और नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाया जाता है।”उलेमा ने सवाल उठाया कि मदरसों को बार-बार गलत तरीके से क्यों प्रस्तुत किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस्लाम और आतंकवाद को जोड़ना “गलत और खतरनाक प्रवृत्ति” है।

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    उलेमा बोले—जांच का स्वागत है

    मदरसों में जांच को लेकर पूछे गए प्रश्न पर उलेमा ने कहा कि वे सुरक्षा एजेंसियों का स्वागत करते हैं।उनका कहना था, “एजेंसियां आएं, जांच करें और देखें कि मदरसों में वास्तव में हो क्या रहा है। हमें कोई आपत्ति नहीं है।”उलेमा ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि जब-जब देश पर संकट आया है, मदरसों के छात्रों ने देश के लिए बलिदान दिए हैं।उन्होंने कहा, “आजादी की लड़ाई में भी मदरसों के ही छात्र आगे रहे। ऐसे में मदरसों को संदेह की नजर से देखना गलत है।”

    जांच आगे भी जारी रहेगी

    ATS की टीम निकट भविष्य में कई जिलों में और विस्तृत जांच करने की तैयारी कर रही है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह प्रक्रिया रूटीन इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग का हिस्सा है, ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।

  • “लाल किला चोरी: सोने-हीरे से जड़ित 1 करोड़ का कलश चोरी, CCTV वीडियो आया सामने”

    “लाल किला चोरी: सोने-हीरे से जड़ित 1 करोड़ का कलश चोरी, CCTV वीडियो आया सामने”

    नई दिल्ली। देश की ऐतिहासिक धरोहर लाल किला एक बार फिर सुर्खियों में है। परिसर से सोने और हीरे से जड़ित करीब 1 करोड़ रुपये मूल्य का प्राचीन कलश चोरी हो गया। इस सनसनीखेज घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लाल किला चोरी

    मिली जानकारी के अनुसार, चोरी लाल किला परिसर के एक संरक्षित हिस्से से हुई है। बताया जा रहा है कि चोरों ने सुरक्षा में सेंध लगाते हुए इस बहुमूल्य कलश को गायब कर दिया। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसके फुटेज अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।लाल किला चोरी

    चोरी का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और पुरातत्व विभाग (ASI) में हड़कंप मच गया है। दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फुटेज के आधार पर चोरों की तलाश तेज कर दी है। लाल किला चोरी

    लाल किला, जो यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट है और भारत की पहचान का प्रतीक है, वहां से कीमती कलश की चोरी ने सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छपी रिपोर्ट के मुताबिक, चोरी की शिकायत मिलते ही कोतवाली थाने में ई-एफआईआर दर्ज की गई. एसीपी शंकर बनर्जी की देखरेख में विशेष टीम बनाई गई. जांच में पता चला कि संदिग्ध पिछले कई दिनों से आयोजन स्थल पर आ रहा था और अकीदतमंदों से घुल-मिल गया था. पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं, जिनमें उसकी सरगर्मियां कैद हैं. 

    लाल किला चोरी

  • Red Fort Kalash Theft Case: लाल किला परिसर से करोड़ों का कलश चोरी

    Red Fort Kalash Theft Case: लाल किला परिसर से करोड़ों का कलश चोरी

    नई दिल्ली। देश की ऐतिहासिक धरोहर लाल किला एक बार फिर सुर्खियों में है। परिसर से करोड़ों रुपये कीमत का एक प्राचीन कलश चोरी होने की सनसनीखेज घटना सामने आई है।मिली जानकारी के मुताबिक, यह कलश लाल किला परिसर के एक संरक्षित हिस्से से गायब हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों और पुरातत्व विभाग (ASI) में हड़कंप मच गया। चोरी गए कलश का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व बताया जा रहा है, जिसकी कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है। Red Fort Kalash Theft Case: 

    फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और सुरक्षा कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।Red Fort Kalash Theft Case: 

    लाल किला, जिसे यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा प्राप्त है, भारत की पहचान और गौरव का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में वहां से हुई चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। Red Fort Kalash Theft Case: 

  • लाल क़िले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फहराया तिरंगा

    लाल क़िले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फहराया तिरंगा

    नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 12वीं बार लाल किले पर झंडा फहराया। 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद से वह हर साल स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से देश को संबोधित करते आ रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के ये महापर्व 140 करोड़ लोगों का पर्व है, आजादी का ये पर्व सामूहिक सिद्धियों और गर्व का पल है. हृदय उमंग से भरा हुआ है, देश एकता की भावना को निरंतर मजबूती दे रहा है।

    पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के ये महापर्व 140 करोड़ लोगों का पर्व है, आजादी का ये पर्व सामूहिक सिद्धियों और गर्व का पल है। हृदय उमंग से भरा हुआ है, देश एकता की भावना को निरंतर मजबूती दे रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत का संविधान एक प्रकाश स्तंभ बनकर हमें मार्ग दिखाता रहा है। डॉ राजेंद्र प्रसाद, बाबा साहेब आंबेडकर, पंडित नेहरू, सरदार पटेल, राधाकृष्णन इतना ही नहीं हमारी नारी शक्ति का भी योगदान कम नहीं था, कत्यानी जैसी विदिषुओं ने भी भारत के संविधान को मजबूत बनाया है। लाल क़िले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फहराया तिरंगा

    पीएम मोदी ने कहा हम डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती भी मना रहे हैं, डॉ मुखर्जी भारत के संविधान के लिए बलिदान देने वाले देश के पहले महापुरुष थे, संविधान के लिए बलिदान धारा 370 की दीवार गिराकर एक देश एक संविधान के मंत्र को जब हमने साकार किया है तो हमने डॉ मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि दी है।