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Tag: Law and Order

  • कानपुर देहात : SP श्रद्धा नरेंद्र पांडे का देर रात औचक निरीक्षण, पुलिस व्यवस्था का लिया जायज़ा

    कानपुर देहात : SP श्रद्धा नरेंद्र पांडे का देर रात औचक निरीक्षण, पुलिस व्यवस्था का लिया जायज़ा

    कानपुर देहात में पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडे ने देर रात अचानक निरीक्षण कर पुलिस व्यवस्था का जायज़ा लिया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न थानों और पुलिस पिकेटों का निरीक्षण किया तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की उपस्थिति और सतर्कता की जांच की।

    एसपी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को रात्रि गश्त बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने और आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि कानून-व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।अचानक हुए इस निरीक्षण से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और कर्मियों में सतर्कता देखने को मिली।एसपी ने रात्रि गश्त को प्रभावी बनाने, पिकेट ड्यूटी मजबूत करने, संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की सघन चेकिंग करने तथा किसी भी घटना पर तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए।

    पुलिस अधीक्षक ने पुलिसकर्मियों को अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और जनसुनवाई में शालीनता बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जनपद में कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • कानपुर देहात में मंदिर तोड़ने का प्रयास, पुजारी पर पत्थर से हमला

    कानपुर देहात में मंदिर तोड़ने का प्रयास, पुजारी पर पत्थर से हमला

    कानपुर देहात से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां कानपुर देहात मंदिर तोड़ने का प्रयास किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। यह घटना सिकंदरा थाना क्षेत्र के रासधान गांव की बताई जा रही है, जहां एक युवक ने पागलपन का नाटक करते हुए मंदिर में जमकर उत्पात मचाया।स्थानीय लोगों के अनुसार आरोपी युवक अचानक मंदिर परिसर में पहुंचा और मंदिर को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने लगा। जब पुजारी ने उसे रोकने का प्रयास किया तो आरोपी ने पत्थर उठा लिया और पुजारी के पीछे दौड़ पड़ा। किसी तरह पुजारी ने भागकर अपनी जान बचाई। घटना के दौरान मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

    कानपुर देहात में मंदिर तोड़ने का प्रयास, पुजारी पर पत्थर से हमला
    कानपुर देहात में मंदिर तोड़ने का प्रयास, पुजारी पर पत्थर से हमला

    इतना ही नहीं, आरोपी युवक ने मंदिर में लगे CCTV कैमरे को भी तोड़ दिया, जिससे उसकी हरकतें कैमरे में रिकॉर्ड होने से बच सकें। ग्रामीणों का कहना है कि यह युवक पहले भी इसी तरह का उत्पात करता रहा है और इलाके में उसकी गतिविधियों को लेकर लोग पहले से ही दहशत में थे।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए और पुलिस को जानकारी दी। सिकंदरा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने पहले किन-किन घटनाओं को अंजाम दिया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ है या फिर जानबूझकर पागलपन का नाटक कर कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहा था।

    कानपुर देहात मंदिर तोड़ने का प्रयास जैसी घटना ने एक बार फिर क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • औरैया में दंगा नियंत्रण मॉक ड्रिल, पुलिस ने दिखाया एक्शन प्लान

    औरैया में दंगा नियंत्रण मॉक ड्रिल, पुलिस ने दिखाया एक्शन प्लान

    रिपोर्टर: अमित शर्मा औरैया – त्योहारों के सीजन को देखते हुए औरैया पुलिस पूरी तरह से सतर्क हो गई है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती के नेतृत्व में शुक्रवार को तिरंगा मैदान में दंगा नियंत्रण को लेकर एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और जवानों ने बलवा जैसी स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी का प्रदर्शन किया।

    ड्रिल में दो पक्षों के बीच झड़प की काल्पनिक स्थिति बनाई गई, जहां एक ओर उपद्रवी भीड़ थी तो दूसरी ओर पुलिस बल ने मोर्चा संभाला। उपद्रवियों को समझाने के प्रयास असफल रहने पर पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले छोड़े, इसके बाद फायर ब्रिगेड की मदद से पानी की बौछार की गई। भीड़ के न मानने पर लाठीचार्ज किया गया और अंत में चेतावनी के बाद फायरिंग की गई, जिसमें दो लोगों के घायल होने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। घायलों को एम्बुलेंस के जरिए जिला अस्पताल भेजा गया।

    एसपी अभिषेक भारती ने मौके पर मौजूद जवानों को दंगा नियंत्रण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में किसी भी पुलिसकर्मी को अपने साथियों से अलग नहीं होना चाहिए और पीछे मुड़कर भागने की गलती नहीं करनी चाहिए।त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह मॉक ड्रिल बेहद उपयोगी साबित हुई। प्रशासन का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह से तैयार है।