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  • Kannauj Delivery Death: “एक मिनट में निकल जाएगी गर्मी”,छिबरामऊ कोतवाल साहब का विवादित रवैया

    Kannauj Delivery Death: “एक मिनट में निकल जाएगी गर्मी”,छिबरामऊ कोतवाल साहब का विवादित रवैया

    कन्नौज :- कन्नौज जिले के छिबरामऊ क्षेत्र में डिलीवरी के दौरान महिला की मौत ने स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दर्दनाक घटना के बाद पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लेकर अस्पताल पहुँचा, लेकिन उनका सामना प्रशासन के अनुचित व्यवहार से हुआ।मौके पर पहुंचे छिबरामऊ कोतवाल ने परिजनों से कहा, “एक मिनट में निकल जाएगी गर्मी।” यह कथन न केवल अनुचित था, बल्कि पीड़ित परिवार के लिए मानसिक दबाव का कारण बन गया। इस बयान ने आसपास के लोगों में भी आक्रोश पैदा किया और प्रशासनिक रवैये पर सवाल खड़े किए।

    घटना की जानकारी के अनुसार, मृतक महिला की डिलीवरी के दौरान उसकी स्थिति गंभीर थी। परिजन अस्पताल की उचित देखभाल की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन अस्पताल का रवैया निराशाजनक और असंवेदनशील था। ऐसे में परिजन प्रशासन की ओर मदद के लिए पहुँचे, लेकिन पुलिस अधिकारियों का व्यवहार उन्हें और अधिक असुरक्षित महसूस करवा रहा था।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गरीब और कमजोर वर्ग के मामलों में पुलिस कभी-कभी संवेदनहीन रवैया अपनाती है, जबकि अमीर और रसूखदारों के सामने कार्रवाई पूरी तरह अलग होती है। इस घटना ने प्रशासन की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    परिवार ने स्पष्ट रूप से न्याय की मांग की है और प्रशासन से अनुरोध किया है कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया पर भी यह घटना व्यापक चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग प्रशासन और अस्पताल की जवाबदेही पर सवाल उठा रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि गरीब और असहाय लोगों के लिए न्याय सुनिश्चित किया जाए।

    अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं और मृतक परिवार को न्याय दिलाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। इसके बावजूद जनता में यह चिंता बनी हुई है कि क्या गरीब और कमजोर वर्ग के लिए न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।इस घटना ने स्वास्थ्य और पुलिस प्रशासन में जवाबदेही की कमी को उजागर किया है। नियम और कानून होने के बावजूद प्रशासनिक कर्मियों का संवेदनशील और उचित व्यवहार आवश्यक है। यदि अधिकारी संवेदनशीलता और जवाबदेही दिखाएं, तो ऐसे दुखद मामलों में कम से कम पीड़ितों को मानसिक सहारा मिल सकता है।सोशल मीडिया और जनसंचार माध्यमों पर लोग इस घटना की निंदा कर रहे हैं। जनहित में लोग मांग कर रहे हैं कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।कुल मिलाकर, कन्नौज में डिलीवरी के दौरान महिला की मौत और उसके बाद छिबरामऊ कोतवाल द्वारा परिजनों को धमकाने की घटना प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं की संवेदनहीनता को उजागर करती है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई और न्याय प्रक्रिया पर टिकी हैं।

  • कानपुर देहात: नई पुलिस अधीक्षक बनीं श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय, सुरक्षा व्यवस्था में आएगा बड़ा बदलाव

    कानपुर देहात: नई पुलिस अधीक्षक बनीं श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय, सुरक्षा व्यवस्था में आएगा बड़ा बदलाव

    कानपुर देहात -उत्तर प्रदेश सरकार ने आठ आईपीएस अफसरों के ट्रांसफर किए हैं. इनमें एसपी शामली रहे राम सेवक गौतम को पीटीएस मुरादाबाद भेजा गया है. वहीं एसपी कानपुर देहात रहे अरविंद मिश्रा को एसपी ईओडब्ल्यू लखनऊ और एसपी श्रावस्ती रहे घनश्याम को नई पोस्टिंग एसपी सतर्कता अधिष्ठान में मिली है. यूपी की योगी सरकार ने 38वाहिनी पीएसी अलीगढ़ के सेनानायक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय को अब कानपुर देहात का कप्तान बनाया है

    इस बार कानपुर देहात, शामली और श्रावस्ती के एसपी समेत अन्य अधिकारी अपने नए पदों पर तैनात किए गए हैं।पुलिस विभाग के सूत्रों के अनुसार यह कदम प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस फेरबदल में एसपी, अतिरिक्त एसपी और वरिष्ठ अधिकारियों के स्थानांतरण शामिल हैं।अधिकारी अपने नए पदों पर जिम्मेदारी संभालने के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा और प्रशासनिक मामलों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

    उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग ने कानपुर देहात के नए पुलिस अधीक्षक के रूप में श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय को तैनात किया है।श्रद्धा पाण्डेय पहले कई महत्वपूर्ण जिलों में अपनी सेवा दे चुकी हैं और अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक सुधार, और महिलाओं की सुरक्षा के मामलों में विशेष अनुभव रखती हैं। उनका कार्यकाल जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है।कानपुर देहात पुलिस महकमे ने उन्हें स्वागत किया और कहा कि भविष्य में जिले में सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

  • औरैया: आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 48 लीटर अवैध शराब जब्त

    औरैया: आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 48 लीटर अवैध शराब जब्त

    रिपोर्टर: अमित शर्मा औरैया: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में आबकारी विभाग और कानपुर प्रवर्तन टीम ने अवैध कच्ची शराब के खिलाफ तीसरे दिन भी ताबड़तोड़ कार्रवाई की। सदर कोतवाली क्षेत्र के बनारसी दास मोहल्ला, पछिया बस्ती में हुई इस छापेमारी से शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया।आबकारी आयुक्त के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत तीसरे दिन की इस संयुक्त कार्रवाई में 48 लीटर अवैध कच्ची शराब जब्त की गई, जबकि 1500 किलोग्राम लहन नष्ट किया गया। इस दौरान आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत दो अभियोग पंजीकृत किए गए।


    आबकारी अधिकारी की बड़ी कार्रवाई औरैया: आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई

    आबकारी अधिकारी सुरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि यह अभियान कानपुर प्रवर्तन टीम और औरैया आबकारी विभाग की संयुक्त भागीदारी से चलाया गया। उन्होंने कहा:“अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी के खिलाफ ऐसी कार्रवाइयाँ निरंतर जारी रहेंगी। जनता से अपील है कि शराब केवल अधिकृत ठेकों से ही खरीदें और अवैध स्रोतों से प्राप्त शराब का सेवन न करें, क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है।”

    जन जागरूकता अभियान भी चलाया गया औरैया: आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई

    छापेमारी के साथ-साथ आबकारी विभाग ने जन जागरूकता अभियान भी चलाया। इसमें लोगों को अवैध शराब के दुष्प्रभावों और इससे होने वाली संभावित जनहानि के बारे में जागरूक किया गया। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों से अपील की गई कि वे अवैध शराब की बिक्री की सूचना तुरंत विभाग को दें।

    शराब माफियाओं में मची भगदड़ औरैया: आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई

    पुलिस और आबकारी टीम की कार्रवाई से इलाके में शराब माफियाओं में खलबली मच गई। मौके पर भगदड़ की स्थिति भी देखने को मिली। विभाग ने स्पष्ट किया कि इस तरह की सख्त कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी, ताकि अवैध शराब के कारोबार को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। यह कार्रवाई न केवल अवैध शराब माफियाओं पर बड़ा प्रहार है, बल्कि यह जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

  • पीलीभीत: कथित भाजपा नेता की ग्रामीणों ने की पिटाई, दौड़ा-दौड़ा कर मारा

    पीलीभीत: कथित भाजपा नेता की ग्रामीणों ने की पिटाई, दौड़ा-दौड़ा कर मारा

    रिपोर्टर:-संजय शुक्ला पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक कथित भाजपा नेता की ग्रामीणों द्वारा पिटाई का मामला सामने आया है। घटना थाना माधोटांडा क्षेत्र के गांव भैरो कलां की बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, कथित भाजपा नेता अपने 20-25 समर्थकों के साथ गांव में दबंगई दिखाने पहुंचे थे। जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों में कहासुनी और मारपीट शुरू हो गई।इस दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने कथित भाजपा नेता को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और उनके कपड़े भी फाड़ दिए। हालात बिगड़ते देख पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह नेता को बचाकर थाने ले गई। पीलीभीत: कथित भाजपा नेता की ग्रामीणों ने की पिटाई

    पुलिस की कार्रवाई पीलीभीत: कथित भाजपा नेता की ग्रामीणों ने की पिटाई

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    स्थानीय लोगों में चर्चा पीलीभीत: कथित भाजपा नेता की ग्रामीणों ने की पिटाई

    यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि नेता गांव में दबंगई करने आए थे, जबकि समर्थक पक्ष इसे साजिश करार दे रहा है।

  • औरैया में नाबालिग भांजी से मामा ने किया दुष्कर्म,रक्षाबंधन पर ननिहाल आई थी बच्ची

    औरैया में नाबालिग भांजी से मामा ने किया दुष्कर्म,रक्षाबंधन पर ननिहाल आई थी बच्ची

    रिपोर्टर अमित शर्मा यूपी के औरैया जनपद में एक बार फिर रिश्ते हुए तार तार ,कुदरकोट थाना क्षेत्र में एक कलयुगी मामा ने अपनी ही नाबालिक भांजी के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया , जनपद मैनपुरी जिले के ओछा थाना क्षेत्र के रहने वाली 17 वर्षीय पीड़िता को रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर आरोपी मामा अपने साथ लेकर आया था ननिहाल। औरैया में नाबालिग भांजी से मामा ने किया दुष्कर्म

    घटना 15 अगस्त की सुबह 8:00 बजे की बताई जा रही हैं , 65 वर्षीय आरोपी भूरे सिंह ने घर के अंदर बने कमरे में वारदात को अंजाम दिया , दुष्कर्म पीड़िता के 6 मामाओं में से तीसरे नंबर का भाई है आरोपी वहशी पीड़िता के दूसरे मामा के लड़के ने थाने में पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपी को खेत से किया गिरफ्तार । औरैया में नाबालिग भांजी से मामा ने किया दुष्कर्म

    गिरफ्तारी के दौरान आरोपी उस समय खेत में खाद डाल रहा था.

    आरोपी रक्षाबंधन से पहले कार लेकर अपनी बहन के घर गया था वहां से वह अपनी बहन और भांजी को अपने गांव ले आया था।दो दिन बाद बहन ससुराल चली गई भांजी ननिहाल में ही रुक गई थी।

    क्षेत्राधिकारी बिधूना पुनीत मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 15/8/2025 को थाना कुदरकोट जनपद औरैया के अंतर्गत एक 17 वर्षीय युवती के साथ उसके सगे मामा द्वारा दुष्कर्म कारित करने हेतु सूचना प्राप्त हुई। प्राप्त सूचना पर थाना कुदरकोट पुलिस द्वारा जांच करने पर प्रथम दृष्टया सत्य पाया गया है परिजनों द्वारा दिए गए तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकद्दमा दर्ज करते हुए।नामजद युवक को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

  • यूपी: बलरामपुर में मूकबधिर युवती के साथ पुलिस चौकी के पास दुष्कर्म, 14 सेकंड का वीडियो वायरल होने के बाद हंगामा

    यूपी: बलरामपुर में मूकबधिर युवती के साथ पुलिस चौकी के पास दुष्कर्म, 14 सेकंड का वीडियो वायरल होने के बाद हंगामा

    बलरामपुर -उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली घटना सामने आई है, 21 साल की दिव्यांग लड़की के साथ गैंगरेप हुआ है। रेप से पहले का वीडियो आया है, जिसमें लड़की आरोपियों से बचने के लिए सड़क पर भागती दिख रही है। पीछे 5-6 बाइक आती हुई दिख रही हैं। यूपी: बलरामपुर में मूकबधिर युवती के साथ पुलिस चौकी के पास दुष्कर्म

    लड़की ने ऑरेंज कलर का सूट पहन रखा है। पूरा घटनाक्रम एसपी आवास पर लगे कैमरे में रिकॉर्ड हुआ। मामला सोमवार देर शाम देहात कोतवाली क्षेत्र का है। पीड़ित बहादुरापुर पुलिस चौकी से महज 20 मीटर दूर खेत में रोते हुए मिली। घटनास्थल से डीएम-एसपी आवास महज एक किमी की दूरी पर है। अफसरों के आवास गोंडा रोड पर हैं।यूपी: बलरामपुर में मूकबधिर युवती के साथ पुलिस चौकी के पास दुष्कर्म

    https://x.com/nnstvlive/status/1955543208487948405

    पीड़ित को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिस केस दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है। परिजन ने गैंगरेप का आरोप लगाया है। मेडिकल करने वाले डॉक्टरों ने भी रेप की पुष्टि की है। यूपी: बलरामपुर में मूकबधिर युवती के साथ पुलिस चौकी के पास दुष्कर्म

    पीड़ित देहात कोतवाली थाना क्षेत्र की रहने वाली है। परिजनों के अनुसार, लड़की सुन और बोल नहीं पाती है। सोमवार की सुबह अपने मामा के घर पर गई हुई थी। मामा का घर लड़की के घर से 1 किलोमीटर दूर है। यूपी: बलरामपुर में मूकबधिर युवती के साथ पुलिस चौकी के पास दुष्कर्म

    शाम को करीब 7 बजे वो मामा के घर से अपने घर जाने के लिए निकली। लेकिन काफी देर तक वह घर नहीं पहुंची। इस पर परिजनों को चिंता हुई। मामा को फोन किया तो पता चला कि लड़की काफी देर पहले वहां से निकल चुकी है। यूपी: बलरामपुर में मूकबधिर युवती के साथ पुलिस चौकी के पास दुष्कर्म

    जिस जगह वारदात, वहां डीएम-एसपी जैसे बड़े अधिकारियों के आवास लड़की की काफी खोजबीन की गई। लेकिन कुछ पता नहीं चला। इस पर पुलिस को उसकी गुमशुदगी की जानकारी दी गई। सोमवार की देर शाम करीब साढ़े 8 बजे युवती बहादुरापुर पुलिस चौकी से मात्र 20 मीटर की दूरी पर एक खेत में मिली। उसके कपड़े अस्त-व्यस्त थे।यूपी: बलरामपुर में मूकबधिर युवती के साथ पुलिस चौकी के पास दुष्कर्म

    पुलिस ने युवती को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया। युवती की हालत अभी स्थिर बताई जा रही है। यूपी: बलरामपुर में मूकबधिर युवती के साथ पुलिस चौकी के पास दुष्कर्म

    परिजनों ने मामले में पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है, जिस जगह से घटना हुई वहां पर डीएम, एसपी, जज जैसे बड़े अधिकारियों के मकान हैं। पुलिसकर्मियों की 24 घंटे ड्यूटी रहती है। क्या किसी ने भी युवती को भागते हुए नहीं देखा। जांच में बहादुरापुर पुलिस चौक के CCTV भी खराब मिले हैं। यूपी: बलरामपुर में मूकबधिर युवती के साथ पुलिस चौकी के पास दुष्कर्म

  • बरेली में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के तहत पुलिस और प्रशासन ने निकला गया फ्लैग मार्च।

    बरेली में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के तहत पुलिस और प्रशासन ने निकला गया फ्लैग मार्च।

    संवाददाता: प्रमोद शर्मा
    लोकेशन: बरेली स्वतंत्रता दिवस की उलटी गिनती शुरू होते ही बरेली की सड़कों पर आज सुरक्षा का एक सशक्त प्रदर्शन देखने को मिला। पुलिस और प्रशासन ने मिलकर शहर के कोने-कोने में फ्लैग मार्च और पैदल गश्त निकाली, जो केवल औपचारिकता नहीं बल्कि कानून-व्यवस्था की ठोस तैयारी का प्रतीक था।

    अपर पुलिस महानिदेशक रमित शर्मा, जिलाधिकारी अविनाश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य और एसपी सिटी मानुस पारिक खुद फोर्स के साथ मैदान में उतरे। इनके साथ घुड़सवार दस्ते, महिला पुलिस बल, पैदल जवान और बुलेटप्रूफ जैकेट में लैस पुलिसकर्मी मौजूद थे। बरेली में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के तहत पुलिस और प्रशासन ने निकला गया फ्लैग मार्च।

    इस्लामिया ग्राउंड से शुरू हुई सुरक्षा यात्रा में ड्रोन कैमरों ने आसमान से नजर रखी, वहीं जमीन पर पुलिस जवानों की सतर्कता ने हर गली और मोड़ को सख्त संदेश दिया— “हम चौकस हैं”। बिहारीपुर से श्री गंगा महारानी मंदिर और सिटी स्टेशन रोड से चौपला चौराहा तक का रूट मार्च अनुशासन और तैयारी का जीवंत प्रदर्शन बन गया।

    मार्च के दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए राहगीरों और व्यापारियों से संवाद कर उन्हें भरोसा दिलाया। उन्होंने लोगों से अपील की कि त्योहारों में एक-दूसरे के धर्म और भावनाओं का सम्मान करें, और भाईचारे तथा शांति का परचम लहराएं। बरेली में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के तहत पुलिस और प्रशासन ने निकला गया फ्लैग मार्च।

    आज का यह फ्लैग मार्च पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी का मात्र शो-पीस नहीं, बल्कि बरेली में अमन-चैन पर किसी भी तरह की आंच नहीं आने देने का स्पष्ट संदेश था। जो भी शांति भंग करने की कोशिश करेगा, वह कानून के कठोर शिकंजे में होगा। बरेली में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के तहत पुलिस और प्रशासन ने निकला गया फ्लैग मार्च।

  • कन्नौज: बीच सड़क पर युवक की चप्पल और थप्पड़ों से पिटाई, वीडियो हुआ वायरल

    कन्नौज: बीच सड़क पर युवक की चप्पल और थप्पड़ों से पिटाई, वीडियो हुआ वायरल

    कन्नौज | उत्तर प्रदेश के कन्नौज जनपद से एक शर्मनाक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग बीच सड़क पर एक युवक को चप्पलों और थप्पड़ों से बेरहमी से पीटते नजर आ रहे हैं।

    कहाँ की है घटना? कन्नौज: बीच सड़क पर युवक की चप्पल और थप्पड़ों से पिटाई

    सूत्रों के मुताबिक, यह घटना छिबरामऊ के नगर पालिका रोड की बताई जा रही है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कई लोग एक व्यक्ति को चारों तरफ से घेरकर उसकी पिटाई कर रहे हैं, और राहगीर बस तमाशा देख रहे हैं।


    पुलिस का डर खत्म? कन्नौज: बीच सड़क पर युवक की चप्पल और थप्पड़ों से पिटाई

    वीडियो सामने आने के बाद आम लोगों का कहना है कि छिबरामऊ कोतवाली पुलिस का खौफ खत्म होता जा रहा है। दिनदहाड़े हुई इस पिटाई की घटना ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


    क्या कर रही है पुलिस? कन्नौज: बीच सड़क पर युवक की चप्पल और थप्पड़ों से पिटाई

    फिलहाल वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक मारपीट करने वालों की पहचान नहीं हो सकी है।
    पुलिस का कहना है कि वीडियो की सत्यता की पुष्टि कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


    बढ़ता भीड़तंत्र – कानून व्यवस्था पर सवाल कन्नौज: बीच सड़क पर युवक की चप्पल और थप्पड़ों से पिटाई

    यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की पिटाई नहीं, बल्कि यह संकेत है कि कैसे भीड़तंत्र का डर पुलिस से ज्यादा हो चला है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसे मामले और बढ़ सकते हैं।

  • बाराबंकी: महिला सिपाही की निर्मम हत्या, चेहरा जलाया, शव को कौवे नोंचते मिले; 4 दिन से थी लापता

    बाराबंकी: महिला सिपाही की निर्मम हत्या, चेहरा जलाया, शव को कौवे नोंचते मिले; 4 दिन से थी लापता

    बाराबंकी, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक 28 वर्षीय महिला कांस्टेबल की निर्मम हत्या का मामला सामने आया है। महिला सिपाही का शव इस हालत में मिला कि चेहरा जला हुआ था और शरीर को कौवे नोंच रहे थे।
    शव की शिनाख्त उसकी वर्दी से हुई। बताया जा रहा है कि वह पिछले चार दिनों से लापता थी।


    📍 क्या है पूरा मामला? महिला सिपाही की निर्मम हत्या

    घटना बाराबंकी के सफदरगंज थाना क्षेत्र की है।स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी कि सड़क किनारे झाड़ियों में एक जली हुई लाश पड़ी है।मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि शव महिला का है, जिसका चेहरा पूरी तरह जलाया गया था, ताकि पहचान न हो सके।शव के आसपास कौवे और जानवर नोंचते मिले, जिससे हालत और भी दर्दनाक थी।शव की पहचान 28 वर्षीय महिला सिपाही के रूप में हुई, जो लखनऊ के चिनहट थाने में तैनात थी और पिछले चार दिनों से गायब थी।

    हत्या की साजिश? पुलिस ने जताई आशंका महिला सिपाही की निर्मम हत्या

    पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह मामला पूर्व नियोजित हत्या का हो सकता है।चेहरे को जलाना यह दर्शाता है कि पहचान छिपाने की कोशिश की गई।फिलहाल, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और हत्या, अपहरण और महिला उत्पीड़न के एंगल से जांच शुरू कर दी गई है।

    परिवार का क्या कहना है?महिला सिपाही की निर्मम हत्या

    परिजनों ने बताया कि वह चार दिन पहले ड्यूटी से निकलने के बाद घर नहीं पहुंची थी
    उन्होंने कई जगह शिकायत की, लेकिन अब जाकर उसकी लाश मिलने से पूरा परिवार सदमे में है


    महिला सुरक्षा पर बड़ा सवाल महिला सिपाही की निर्मम हत्या

    इस घटना ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की महिला सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
    एक महिला पुलिसकर्मी, जो खुद कानून की रखवाली कर रही थी, अगर वह खुद सुरक्षित नहीं रही, तो आम महिलाओं का क्या होगा?


    जांच जारी, कई लोगों से पूछताछ महिला सिपाही की निर्मम हत्या

    पुलिस ने इस मामले में कुछ संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है
    CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और कॉल डिटेल्स की भी जांच की जा रही है।