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  • अमर शहीद हेमू कल्याणी को दी गई श्रद्धांजलि,शहीदों के बलिदान की याद और प्रेरणा

    अमर शहीद हेमू कल्याणी को दी गई श्रद्धांजलि,शहीदों के बलिदान की याद और प्रेरणा

    कानपुर।उत्तर प्रदेश के कानपुर में आज 21 जनवरी 2026 को अमर शहीद हेमू कल्याणी की पुण्यतिथि बड़ी श्रद्धा और भावनाओं के साथ मनाई गई। यह दिन उनके शहादत दिवस के रूप में याद किया गया। आयोजन श्री झूलेलाल शिव मंदिर (ब्लाक 13, गोबिंदनगर) में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज के कई गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया और शहीद को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

    हेमू कल्याणी: देशभक्ति की जीवंत मिसाल

    अमर शहीद हेमू कल्याणी का जन्म 23 मार्च, 1923 को सुकुर सिंध प्रांत, अखंड भारत में हुआ था। बचपन से ही उनमें देशभक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी हुई थी। ब्रिटिश शासन के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने के दौरान उन्होंने अपनी बहादुरी का परिचय दिया।जब अंग्रेजों की हथियारों से भरी ट्रेन उनके क्षेत्र से गुजर रही थी, तब हेमू कल्याणी ने रेल की पटरियां उखाड़कर विरोध किया। इसी साहसिक कदम के कारण ब्रिटिश शासन ने उन्हें गिरफ्तार कर 21 जनवरी 1943 को फांसी पर लटका दिया। शहीद हेमू कल्याणी ने देश के लिए हंसते-हंसते बलिदान दिया।

    श्रद्धांजलि कार्यक्रम में समाज ने जताया सम्मान

    आज के कार्यक्रम में शहीद हेमू कल्याणी की प्रतिमा पर मनोज तलरेजा, बंटी सिधवानी, मनोज लालवानी, बलराम कटारिया सहित समाज के कई गणमान्य लोगों ने माल्यार्पण किया। इस अवसर पर पूरा झूलेलाल मंदिर प्रांगण “अमर शहीद हेमू कल्याणी अमर रहे, अमर रहे, अमर रहे” के उद्घोष से गूंज उठा।मुख्य अतिथियों में श्यामलाल मूलचंदानी (अध्यक्ष), सुरेश कटारिया, महेश मनचंदा, डॉ. सुरेश मदान, डॉ. सुरेश आहूजा, बंटी सिधवानी, संजू डाबरानी, नरेश फूलवानी, चंद्रभान मोहनानी, मुरारी लाल चुग और कई अन्य शामिल रहे। उन्होंने शहीद की शहादत को याद किया और उनके बलिदान को देशवासियों के लिए प्रेरणा बताया।

    शहीदों के बलिदान की याद

    इस अवसर पर उपस्थित नागरिकों ने कहा कि शहीदों की चिताओं पर हर वर्ष मेले लगेंगे और देश पर मर मिटने वालों का यही निशान रहेगा। हेमू कल्याणी जैसे सपूतों की शहादत देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनकी कहानी हमें हमेशा याद रहेगी।इस कार्यक्रम में युवाओं और बच्चों को शहीदों के महत्व के बारे में बताया गया और उन्हें देशभक्ति का संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर शहीद हेमू कल्याणी को नमन किया और उनके बलिदान को हमेशा याद रखने का संकल्प लिया।

  • CM Yogi Varanasi Statement: वाराणसी में CM योगी का विपक्ष पर हमला, बोले– काशी का विकास कांग्रेस को नहीं पच रहा

    CM Yogi Varanasi Statement: वाराणसी में CM योगी का विपक्ष पर हमला, बोले– काशी का विकास कांग्रेस को नहीं पच रहा

    CM Yogi Varanasi Statement: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को वाराणसी पहुंचे। यहां उन्होंने विपक्षी दलों, खासतौर पर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि काशी में हो रहे अभूतपूर्व विकास कार्य कांग्रेस को पसंद नहीं आ रहे हैं, इसलिए वह लगातार भ्रामक और झूठे प्रचार के जरिए देश की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।

    सीएम योगी ने यह बातें वाराणसी स्थित सर्किट हाउस में आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार मिलकर काशी को धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी आज विकास की एक नई गाथा लिख रही है। उन्होंने बताया कि वाराणसी में अब तक 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। इन परियोजनाओं से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिला है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।

    सीएम योगी ने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का उदाहरण देते हुए कहा कि इसके निर्माण के समय कुछ लोगों ने खंडित प्रतिमाओं को दिखाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि उस समय भी कांग्रेस और उसके समर्थकों ने झूठा प्रचार किया, लेकिन आज सच्चाई सबके सामने है। कॉरिडोर बनने के बाद प्रतिदिन एक से डेढ़ लाख श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर रहे हैं, जबकि पहले यह संख्या केवल 10 से 15 हजार तक सीमित थी।

    मुख्यमंत्री ने मणिकर्णिका घाट पर चल रहे पुनर्निर्माण और विकास कार्यों को लेकर भी विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि घाट के विकास को लेकर अनर्गल बयानबाजी की जा रही है, जबकि काशी की जनता भली-भांति जानती है कि सरकार विकास और विरासत दोनों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी ऐतिहासिक या धार्मिक परंपरा से छेड़छाड़ नहीं की जा रही है।

    सीएम योगी ने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग भ्रामक जानकारी फैलाकर जनता को गुमराह करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि सरकार अपने विकास एजेंडे से पीछे हटने वाली नहीं है।

    वहीं मुख्यमंत्री योगी के इन बयानों पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि क्या ये बातें काशी के घाट पर जाकर काशीवासियों की आंखों में आंखें डालकर कही जा सकती हैं। उन्होंने इसे सवाल नहीं, बल्कि चुनौती बताया।

    कुल मिलाकर, वाराणसी में चल रहे विकास कार्यों को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। जहां सरकार इसे विकास और विरासत का संतुलन बता रही है, वहीं विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति में और गर्माने के संकेत दे रहा है।

  • रायबरेली में गूगल से मंदिर खोजकर घंटा चोरी करने वाला गैंग गिरफ्तार, 3 क्विंटल से ज्यादा घंटे बरामद

    रायबरेली में गूगल से मंदिर खोजकर घंटा चोरी करने वाला गैंग गिरफ्तार, 3 क्विंटल से ज्यादा घंटे बरामद

    रायबरेली।डिजिटल जमाने में अपराध के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। रायबरेली पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो गूगल सर्च और लोकेशन के जरिए मंदिरों की पहचान कर वहां से घंटे चोरी करता था। इस गिरोह का मुखिया मध्य प्रदेश के भिंड जिले का रहने वाला है, जो किसी भी नए शहर में पहुंचते ही पहले वहां के प्रमुख मंदिरों को ऑनलाइन सर्च करता था।


    गूगल लोकेशन से मंदिर चिन्हित कर देते थे वारदात को अंजाम

    पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य किसी भी जिले में जाने से पहले गूगल मैप और सर्च इंजन के माध्यम से प्रमुख और पुराने मंदिरों की लोकेशन निकालते थे। इसके बाद रात के समय मंदिर पहुंचकर वहां लगे भारी-भरकम घंटों को चोरी कर लेते थे। चोरी के बाद ये लोग तेजी से जिला छोड़ देते थे, जिससे पुलिस को इनके बारे में सुराग मिलने में दिक्कत होती थी।


    पुलिस चेकिंग से बचने का अनोखा तरीका

    इस गैंग की एक खास रणनीति यह भी थी कि ये अपने साथ एक महिला को रखते थे। पुलिस चेकिंग के दौरान महिला को बीमार बताकर वाहन को बिना ज्यादा जांच के निकलवा लिया जाता था। इसी चाल के कारण यह गिरोह लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।


    स्थानीय लोगों की मिलीभगत भी आई सामने

    पुलिस के अनुसार, गैर जनपद से आए इस गिरोह ने रायबरेली के दो स्थानीय लोगों को भी अपने साथ मिला लिया था। इनकी मदद से गिरोह को मंदिरों की जानकारी, रास्तों और इलाके की स्थिति समझने में आसानी होती थी। हाल ही में गिरोह ने जगतपुर थाना क्षेत्र स्थित एक मंदिर को निशाना बनाया था, जहां से कई घंटे चोरी किए गए थे।


    संयुक्त कार्रवाई में गिरोह गिरफ्तार

    घटना के खुलासे के बाद जगतपुर थाना पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपियों को ऊंचाहार क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने इनके पास से 3 क्विंटल से अधिक मंदिर के घंटे और एक चार पहिया वाहन बरामद किया है।


    अन्य जिलों में भी कर चुके हैं वारदात

    रायबरेली के पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास है। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गिरोह ने उन्नाव जिले में भी मंदिरों से घंटे चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। अन्य जिलों में हुई चोरी की वारदातों को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है।


    डिजिटल साधनों से अपराध पर पुलिस की नजर

    इस मामले ने साफ कर दिया है कि अपराधी अब तकनीक का सहारा लेकर वारदात कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मंदिरों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर अब डिजिटल निगरानी और स्थानीय स्तर पर सतर्कता और बढ़ाई जाएगी।

  • Elon Musk X decision: ‘अश्लील कंटेंट को परमिशन नहीं’Grok विवाद के बाद Elon Musk के X का बड़ा एक्शन

    Elon Musk X decision: ‘अश्लील कंटेंट को परमिशन नहीं’Grok विवाद के बाद Elon Musk के X का बड़ा एक्शन

    Elon Musk X decision: दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क (Elon Musk) के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में Twitter) ने भारत में चल रहे Grok AI विवाद के बीच बड़ा और सख्त कदम उठाया है। प्लेटफॉर्म ने साफ कर दिया है कि वह अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट को किसी भी हाल में अनुमति नहीं देगा। इसी क्रम में X ने 600 अकाउंट डिलीट कर दिए हैं और 3,500 से ज्यादा पोस्ट ब्लॉक की हैं।यह कार्रवाई भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा आपत्तिजनक कंटेंट पर संज्ञान लेने के बाद की गई है। मंत्रालय ने X पर मौजूद उन पोस्ट्स और अकाउंट्स को चिह्नित किया था, जिन पर Grok AI की मदद से कथित तौर पर अश्लील सामग्री जनरेट और प्रसारित की जा रही थी।

    Grok AI बना विवाद की जड़

    पिछले कुछ दिनों से X पर Grok AI को लेकर विवाद गहराता जा रहा था। आरोप थे कि कई यूजर्स Grok की मदद से आपत्तिजनक और अश्लील कंटेंट तैयार कर उसे खुलेआम शेयर कर रहे हैं। यह सामग्री न केवल सोशल मीडिया गाइडलाइंस का उल्लंघन थी, बल्कि भारतीय कानूनों के भी खिलाफ मानी जा रही थी।इस पर आम यूजर्स, सामाजिक संगठनों और डिजिटल एक्सपर्ट्स ने कड़ी आपत्ति जताई। कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या AI टूल्स को बिना पर्याप्त कंट्रोल के सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर छोड़ देना सही है।

    सरकार के निर्देशों के बाद X का रुख बदला

    सूत्रों के मुताबिक, MeitY ने X को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि भारत में लागू IT नियमों और डिजिटल कानूनों का सख्ती से पालन किया जाए। इसके बाद X ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि वह सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार काम करेगा और भविष्य में ऐसे कंटेंट को बढ़ावा नहीं देगा।X की ओर से बताया गया है कि आपत्तिजनक कंटेंट की पहचान के लिए मॉडरेशन सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा AI-जनरेटेड कंटेंट पर विशेष निगरानी रखी जाएगी भारत के कानूनों का पूरी तरह पालन किया जाएगा

    600 अकाउंट डिलीट, 3,500 पोस्ट ब्लॉक

    X ने अब तक की कार्रवाई में 600 से ज्यादा अकाउंट स्थायी रूप से डिलीट 3,500 आपत्तिजनक पोस्ट ब्लॉक Grok AI के गलत इस्तेमाल पर विशेष मॉनिटरिंग शुरू बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रह सकती है और जरूरत पड़ने पर और अकाउंट्स पर भी गाज गिर सकती है।

    डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए बड़ा संदेश

    यह मामला सिर्फ X या Grok AI तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सभी सोशल मीडिया और AI प्लेटफॉर्म्स के लिए एक चेतावनी माना जा रहा है। भारत सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि डिजिटल आज़ादी के नाम पर कानून का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में AI-जनरेटेड कंटेंट के लिए सख्त नियम और गाइडलाइंस लाई जा सकती हैं, ताकि सोशल मीडिया पर इस तरह की सामग्री को रोका जा सके।

  • डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के भाषण शुरू होते ही गुल हो गई बिजली, मंच से भड़के ‘केशव’

    डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के भाषण शुरू होते ही गुल हो गई बिजली, मंच से भड़के ‘केशव’

    आगरा। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य शुक्रवार को आगरा दौरे पर रहे। इस दौरान फतेहाबाद स्थित सती मंदिर परिसर में चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम उस समय अफरा-तफरी में बदल गया, जब डिप्टी सीएम के भाषण से ठीक पहले अचानक बिजली कट गई। बिजली न होने के कारण करीब 15 मिनट तक कार्यक्रम पूरी तरह ठप रहा।

    जनरेटर में भी नहीं था डीजल, बढ़ी अव्यवस्था

    स्थिति उस वक्त और गंभीर हो गई, जब बैकअप के लिए लगाए गए जनरेटर में भी डीजल नहीं मिला। इससे कार्यक्रम स्थल पर मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। अव्यवस्थाओं को देखकर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कड़ी नाराजगी जाहिर की और जिम्मेदार अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी।

    “लापरवाही बर्दाश्त नहीं” – डिप्टी सीएम

    कुछ देर बाद बिजली बहाल होने पर मंच से संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि जन कार्यक्रमों में इस तरह की लापरवाही जनता के भरोसे को ठेस पहुंचाती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसी चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई तय है

    जीरामजी एक्ट की बताईं खूबियां

    अपने संबोधन में डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने जीरामजी एक्ट की सराहना करते हुए कहा कि यह कानून भ्रष्टाचार के रास्तों को बंद करने वाला साबित होगा। उन्होंने बताया कि यह एक्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में तैयार किया गया है। इस कानून के माध्यम से आने वाले समय में स्मार्ट सिटी की तर्ज पर स्मार्ट गांवों का निर्माण होगा।

    मतदाता सूची पर दिया जवाब

    एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) में मतदाताओं के नाम कटने को लेकर उठ रहे सवालों पर डिप्टी सीएम ने कहा कि किसी का नाम नहीं काटा गया है। नाम जोड़ने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। यदि किसी मतदाता का नाम सूची से हट गया है, तो वह फॉर्म-6 भरकर दोबारा मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकता है

  • Brij Bhushan : राष्ट्रकथा कार्यक्रम में मंच से गिरे बृजभूषण शरण सिंह, 69वें जन्मदिन पर हुआ वाकया, वीडियो वायरल

    Brij Bhushan : राष्ट्रकथा कार्यक्रम में मंच से गिरे बृजभूषण शरण सिंह, 69वें जन्मदिन पर हुआ वाकया, वीडियो वायरल

    Brij Bhushan: उत्तर प्रदेश बीजेपी के सीनियर नेता और कैसरगंज से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह गुरुवार 8 जनवरी को उस समय सुर्खियों में आ गए, जब वे एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर मुंह के बल गिर पड़े। यह घटना गोंडा जिले के नंदनी नगर में आयोजित राष्ट्रकथा कार्यक्रम के दौरान हुई। हालांकि राहत की बात यह रही कि गिरने के तुरंत बाद वे संभल गए और मुस्कुराते हुए खड़े हो गए।

    मंच पर अचानक बिगड़ा संतुलन

    घटना उस वक्त हुई जब बृजभूषण शरण सिंह मंच पर मौजूद थे और उनके आसपास कई लोग बैठे और खड़े नजर आ रहे थे। अचानक संतुलन बिगड़ने से वे नीचे गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें सहारा दिया। कुछ ही सेकंड में वे फिर से खड़े हो गए और मुस्कुराकर लोगों का अभिवादन किया, जिससे कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।

    69वें जन्मदिन पर हुआ हादसा

    दरअसल, 8 जनवरी को बृजभूषण शरण सिंह का 69वां जन्मदिन भी था। इसी अवसर पर नंदनी नगर में राष्ट्रकथा कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जन्मदिन के दिन मंच पर हुई इस घटना ने कुछ देर के लिए लोगों को चिंतित जरूर किया, लेकिन उनके सामान्य व्यवहार और मुस्कान ने माहौल को पूरी तरह सहज बना दिया।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    मंच से गिरने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल फुटेज में देखा जा सकता है कि जैसे ही वे गिरते हैं, आसपास मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए आगे बढ़ते हैं। कुछ ही क्षणों में वे खड़े होकर मुस्कुराते हुए नजर आते हैं, जिससे साफ है कि उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई।

    राष्ट्र कथा महोत्सव का आयोजन

    बताया जा रहा है कि नंदनी नगर में 8 दिवसीय राष्ट्र कथा महोत्सव का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में संत रितेश्वर महाराज को कथा वाचन के लिए आमंत्रित किया गया था। कथा के समापन वाले दिन ही बृजभूषण शरण सिंह का जन्मदिन होने के कारण कार्यक्रम और भी खास बन गया था।

    जन्मदिन पर मिला खास तोहफा

    जन्मदिन के अवसर पर बृजभूषण शरण सिंह को एक बेहद खास और महंगा तोहफा भी मिला। जानकारी के अनुसार, उन्हें ‘अश्व जोहान्सबर्ग’ नाम का एक चैंपियन घोड़ा उपहार में दिया गया। इस घोड़े की कीमत करीब 2.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसे खास फ्लाइट के जरिए लंदन से भारत लाया गया।

  • कानपुर: अमीरजादों का हुड़दंग, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    कानपुर: अमीरजादों का हुड़दंग, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक अमीरजादों की हुड़दंग की घटना सामने आई। ब्लैक स्कॉर्पियो और अन्य कई गाड़ियों से युवक अंडर पास के पास लाइन लगाकर हूटर बजाते हुए हुड़दंग कर रहे थे। इस दौरान गाड़ियों की आवाज और हुटर की आवाज से क्षेत्र सन्न हो गया और इलाके में कई किलोमीटर तक जाम लग गया।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 8 से 10 ब्लैक गाड़ियों में से 10-15 युवक अंडर पास के भीतर गाड़ियों पर चढ़कर शोर मचा रहे थे। कुछ युवक इस पूरे हुड़दंग का वीडियो भी बना रहे थे, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत पनकी निवासी एक युवक को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। सच्चेडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो संज्ञान में आया है, जिसमें कुछ युवक अंडर पास के पास लाइन लगाकर और गाड़ियों पर चढ़कर हुड़दंग करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस इस घटना में शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है और उनकी तलाश कर रही है।

    घटना के दौरान, राहगीरों ने 112 नंबर डायल कर पुलिस को सूचित किया। हालांकि, पुलिस के आने से पहले ही अधिकांश युवक मौके से फरार हो चुके थे। इस घटना ने स्थानीय लोगों में डर और दहशत फैला दी।

    पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल सभी युवकों को पकड़ने के लिए जाँच और इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है। वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई जारी है।

  • कानपुर में मेयर-पार्षद विवाद सड़क पर, प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम में हंगामा

    कानपुर में मेयर-पार्षद विवाद सड़क पर, प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम में हंगामा

    कानपुर में नगर निगम की राजनीति एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। कानपुर मेयर पार्षद विवाद उस समय खुलकर सामने आ गया, जब एक सरकारी कार्यक्रम में पार्षद समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। खास बात यह रही कि जिस कार्यक्रम में यह विवाद हुआ, उसमें प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे।

    प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम में हुआ हंगामा

    जानकारी के अनुसार, कानपुर में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया। पार्षदों के समर्थक कार्यक्रम स्थल पर नारेबाजी करने लगे और मेयर के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। हंगामे के चलते कुछ देर के लिए कार्यक्रम बाधित भी हुआ, जिससे प्रशासन और आयोजकों में अफरा-तफरी मच गई।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पार्षद समर्थक नगर निगम में अनदेखी और भेदभाव के आरोप लगा रहे थे। उनका कहना था कि विकास कार्यों और फैसलों में पार्षदों की भूमिका को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे नाराजगी बढ़ती जा रही है।

    पार्षद समर्थकों की नाराजगी खुलकर सामने

    पार्षदों और उनके समर्थकों का आरोप है कि मेयर द्वारा लिए जा रहे कई फैसलों में उनकी सहमति नहीं ली जाती। इसी असंतोष ने धीरे-धीरे बड़े विवाद का रूप ले लिया। कार्यक्रम के दौरान विरोध प्रदर्शन इस बात का संकेत माना जा रहा है कि नगर निगम के भीतर चल रहा तनाव अब सार्वजनिक हो चुका है।

    स्थिति को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। सुरक्षा बलों ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रण में लिया, ताकि कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा सके।

    नगर निगम की राजनीति पर सवाल

    इस पूरे घटनाक्रम ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर समय रहते मेयर और पार्षदों के बीच संवाद नहीं हुआ, तो आने वाले समय में विवाद और गहरा सकता है।

    प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में हुआ यह हंगामा प्रदेश स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। माना जा रहा है कि सरकार इस पूरे मामले की रिपोर्ट तलब कर सकती है, ताकि नगर निगम में चल रही खींचतान को सुलझाया जा सके।

    फिलहाल, कानपुर मेयर पार्षद विवाद ने यह साफ कर दिया है कि नगर निगम की अंदरूनी राजनीति अब सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं रही, बल्कि सड़क पर उतर आई है।

  • कानपुर गंगा में 350 किलो की डॉल्फिन की मौत:लोग बोले- प्रदूषण से जान गई

    कानपुर गंगा में 350 किलो की डॉल्फिन की मौत:लोग बोले- प्रदूषण से जान गई

    कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में गंगा नदी के किनारे उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब 350 किलो वजनी डॉल्फिन का शव पानी में तैरता हुआ दिखाई दिया। यह दृश्य देखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए। लोगों ने डॉल्फिन के शव को रस्सियों से बांधकर करीब 10 लोगों की मदद से किनारे तक खींचा, जिसके बाद वन विभाग और प्रशासन को सूचना दी गई।

    गंगा में डॉल्फिन की मौत से मचा हड़कंप

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डॉल्फिन काफी समय से मृत प्रतीत हो रही थी और उसके शरीर से दुर्गंध आ रही थी। गंगा में डॉल्फिन का यूं मृत पाया जाना न सिर्फ दुर्लभ है, बल्कि यह नदी की सेहत और जलीय जीवों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल भी खड़े करता है। मौके पर मौजूद लोगों ने आशंका जताई कि गंगा में बढ़ते प्रदूषण के कारण ही डॉल्फिन की मौत हुई होगी

    10 लोगों ने मिलकर खींचा शव

    डॉल्फिन का वजन अत्यधिक होने के कारण उसे बाहर निकालना आसान नहीं था। स्थानीय लोगों ने रस्सी का इंतजाम किया और करीब 10 लोगों ने मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद शव को किनारे लाया। इस दौरान आसपास लोगों की भीड़ लग गई और घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे।

    प्रदूषण पर उठे गंभीर सवाल

    स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि कानपुर क्षेत्र में गंगा नदी लंबे समय से औद्योगिक और घरेलू कचरे से प्रदूषित है। चमड़ा उद्योगों, नालों और रासायनिक अपशिष्ट के कारण पानी की गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए गए होते, तो ऐसी घटना टाली जा सकती थी।एक स्थानीय निवासी ने कहा,“जब इंसानों के लिए गंगा का पानी सुरक्षित नहीं है, तो डॉल्फिन जैसे संवेदनशील जीव कैसे जिंदा रहेंगे?”

    वन विभाग और प्रशासन की जांच

    सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और डॉल्फिन के शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी। प्रारंभिक जांच में उम्रदराज या बीमारी की आशंका से भी इनकार नहीं किया गया है, लेकिन प्रदूषण की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

    डॉल्फिन: गंगा की पहचान और जैव विविधता

    गौरतलब है कि गंगा डॉल्फिन भारत की राष्ट्रीय जलीय जीव (National Aquatic Animal) है। यह जीव साफ और ऑक्सीजन युक्त पानी में ही जीवित रह सकती है। डॉल्फिन की मौजूदगी को नदी के स्वास्थ्य का संकेत माना जाता है। ऐसे में उसकी मौत यह दर्शाती है कि गंगा का इकोसिस्टम खतरे में है

  • MaghMela2026: प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर उमड़ा आस्था का सैलाब, पहले दिन लाखों श्रद्धालुओं ने किया पवित्र स्नान

    MaghMela2026: प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर उमड़ा आस्था का सैलाब, पहले दिन लाखों श्रद्धालुओं ने किया पवित्र स्नान

    MaghMela2026: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेला 2026 का भव्य शुभारंभ हो गया है। मेले के पहले ही दिन आस्था और श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिला, जब हजारों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम पर पवित्र स्नान के लिए पहुंचे। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर स्नान को हिंदू धर्म में विशेष पुण्यदायी माना जाता है, इसी विश्वास के साथ देश के कोने-कोने से श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे हैं।

    पहले दिन संगम तट पर दिखी आस्था की लहर

    माघ मेले की शुरुआत के साथ ही संगम क्षेत्र में सुबह से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। साधु-संत, कल्पवासी, श्रद्धालु परिवार और बुजुर्गों ने गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना की और दान-पुण्य किया। मान्यता है कि माघ महीने में संगम स्नान से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

    सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम

    राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने माघ मेला 2026 को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं। NDRF, PAC, जल पुलिस और स्थानीय पुलिस बल को तैनात किया गया है। संगम घाटों पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। भीड़ प्रबंधन के लिए अलग-अलग स्नान घाट बनाए गए हैं ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।

    कल्पवासियों के लिए विशेष सुविधाएं

    माघ मेला केवल स्नान का पर्व नहीं, बल्कि कल्पवास की परंपरा से भी जुड़ा हुआ है। हजारों कल्पवासी पूरे एक महीने तक संगम तट पर रहकर साधना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। प्रशासन की ओर से टेंट सिटी, बिजली, पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य शिविर और मोबाइल मेडिकल यूनिट की व्यवस्था की गई है।

    यातायात और स्वास्थ्य सेवाएं अलर्ट मोड पर

    मेले को देखते हुए प्रयागराज शहर में ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से संगम क्षेत्र और मेला परिसर में कई स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को तुरंत चिकित्सा सुविधा मिल सके।

    प्रशासन की अपील

    प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित घाटों पर ही स्नान करें, अफवाहों से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखने की भी सलाह दी गई है।

    आस्था, संस्कृति और परंपरा का संगम

    माघ मेला 2026 न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह भारत की सनातन संस्कृति, साधना और परंपरा का जीवंत उदाहरण भी है। आने वाले दिनों में मकर संक्रांति, पौष पूर्णिमा, मौनी अमावस्या जैसे प्रमुख स्नान पर्वों पर श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ने की संभावना है।