UP Weather News: उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद मौसम ने फिर बदलाव दिखाना शुरू कर दिया है। तेज धूप और उमस के बीच मौसम विभाग ने 26 सितंबर को राज्य के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह बारिश हल्की से मध्यम हो सकती है और कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ भी हो सकती है।
राज्य के उत्तरी और मध्य हिस्सों में गर्मी और उमस का प्रभाव अधिक रहेगा, जबकि दक्षिणी जिलों में बादलों की गतिविधियों के कारण मौसम में थोड़ी राहत मिल सकती है। किसानों और आम जनता के लिए यह बारिश बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि फसलों और जलस्तर के लिए मानसून का समय पर लौटना जरूरी है।
मौसम विभाग ने लोगों से चेतावनी दी है कि तेज धूप के समय बाहर निकलते समय सावधानी बरतें और बारिश के पहले जरूरी इंतजाम कर लें। आने वाले दिनों में तापमान और बारिश के पैटर्न को लेकर नियमित अपडेट जारी किए जाएंगे।इस बदलाव के साथ यूपी में मौसम की स्थिति थोड़ी अस्थिर रहने वाली है, इसलिए सभी को स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखते हुए तैयारी करनी होगी।
गोरखपुर – गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक अनोखी छवि सामने आई, जब उन्होंने स्थानीय दुकानों पर पोस्टर चिपकाए। इस अवसर पर जनता ने उनका दिल खोलकर स्वागत किया। यह कार्यक्रम न केवल प्रचार का हिस्सा था, बल्कि स्थानीय लोगों के बीच मुख्यमंत्री की लोकप्रियता को भी दर्शाता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा गोरखपुर में विशेष रूप से आयोजित किया गया था। उन्होंने शहर के मुख्य बाजारों और दुकानों का दौरा किया। इस दौरान सीएम ने दुकानों पर पोस्टर चिपकाए, जो उनके आगामी कार्यक्रम और योजनाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार किए गए थे।
जनता का उत्साह
सीएम योगी के आगमन पर स्थानीय जनता ने उन्हें ताली और फूलों से स्वागत किया। दुकानदारों और आम लोगों ने उनके प्रति उत्साह और सम्मान दिखाया। कई लोग कार्यक्रम के दौरान फोटो और वीडियो लेने में व्यस्त रहे।
पोस्टर चिपकाने का संदेश
यह पोस्टर चिपकाने का काम केवल प्रचार के लिए नहीं था। इसका उद्देश्य जनता तक सीधे संदेश पहुंचाना और सरकारी योजनाओं की जानकारी देना था। सीएम योगी ने खुद यह कार्य किया, जिससे उनके व्यक्तिगत जुड़ाव और जनता के प्रति समर्पण की झलक मिली।
स्थानीय प्रशासन की तैयारी
गोरखपुर प्रशासन ने इस कार्यक्रम के लिए व्यापक तैयारी की थी। सड़क मार्ग और बाजार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा गया। पुलिस और स्थानीय अधिकारी सुनिश्चित कर रहे थे कि कार्यक्रम में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मीडिया और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
इस कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग सीएम योगी की इस पहल को सराह रहे हैं और इसे जनता के साथ सीधे संपर्क का उदाहरण बता रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में भी इसे सकारात्मक रूप से कवर किया गया है।
कार्यक्रम के अन्य पहलू
सीएम योगी ने इस दौरे के दौरान कुछ सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने छोटे व्यापारियों और दुकानदारों के लिए आर्थिक और विकास योजनाओं के लाभों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने उनसे सीधे बातचीत की और अपने सुझाव दिए।गोरखपुर में सीएम योगी का यह दौरा और पोस्टर चिपकाने की पहल जनता के बीच उनकी लोकप्रियता और उनके सीधे जुड़ाव का प्रतीक है। स्थानीय लोगों का उत्साह और स्वागत इस बात का प्रमाण है कि सीएम योगी की योजनाओं और उनके काम को जनता सराहती है।यह कार्यक्रम न केवल प्रचार का हिस्सा था, बल्कि जनता के साथ सीएम योगी की नज़दीकी का भी प्रतीक बना।
कानपुर देहात – कानपुर देहात से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। यहाँ एक ऐसे घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसमें मृतक जय सिंह के नाम पर सरकारी खजाने से लाखों रुपये हड़प लिए गए। इस मामले में प्रधान बृजेन्द्र सिंह यादव, उनका बेटा कपूर सिंह और सचिव की मिलीभगत सामने आई है। दावा किया जा रहा है कि DPRO विकास पटेल ने भी इस घोटाले में मिलीभगत की, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो गया है।
मृतक को ‘जिंदा’ दिखाकर करोड़ों की लूट
जानकारी के अनुसार, जय सिंह की मृत्यु हो चुकी थी, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उसे जिंदा दिखाया गया। इसके आधार पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और सरकारी खजाने से लाखों रुपये ट्रांसफर किए गए। मौत के 14 महीने बाद भी फर्जी तरीके से 27,660 रुपये निकालने का खुलासा हुआ। इसके अलावा, कपूर सिंह के मोबाइल नंबर का उपयोग करके फर्जी ट्रांसफर किया गया।
शिकायतकर्ता ने किया पर्दाफाश
शिकायतकर्ता नवनीत कुमार ने इस घोटाले का पर्दाफाश किया। अदालत में शिकायत दर्ज कराई गई, और FIR करवा दी गई। इसके बावजूद DPRO विकास पटेल इस मामले में निष्क्रिय दिखे। इससे यह मामला सरकारी व्यवस्था में मिलीभगत और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
फर्जी दस्तावेज और ट्रांसफर
जांच में यह सामने आया कि फर्जी दस्तावेज और फर्जी ट्रांसफर के माध्यम से जनता के पैसों को लूटा गया। यह न केवल कानूनी अपराध है बल्कि जनता के प्रति विश्वासघात भी है। इस घोटाले में शामिल लोग उच्च पदों का दुरुपयोग करके लाखों रुपये हड़पने में सफल रहे।
सामाजिक और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
इस मामले ने कानपुर देहात की जनता में भारी गुस्सा पैदा कर दिया है। स्थानीय लोग और सोशल मीडिया उपयोगकर्ता ‘भ्रष्टाचार मुर्दाबाद’ का नारा लगा रहे हैं और सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यदि तुरंत एक्शन नहीं लिया गया तो आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।
कानूनी प्रक्रिया और FIR
अदालत ने शिकायतकर्ता की तहरीर के आधार पर FIR दर्ज कर ली है। इस FIR में प्रधान बृजेन्द्र सिंह यादव, उनके बेटे कपूर सिंह और सचिव के नाम शामिल हैं। जांच में यह भी पता चला है कि DPRO विकास पटेल की मिलीभगत के कारण यह घोटाला लंबा खिंच गया।
फर्जी खाता और ट्रांसफर का खेल
इस घोटाले की सबसे घिनौनी बात यह है कि मृतक जय सिंह के नाम पर 1 लाख रुपये से अधिक ट्रांसफर किए गए। मृतक के नाम पर फर्जी खाता बनाया गया और लाखों रुपये इस खाता में ट्रांसफर किए गए। यह घटना सरकारी खजाने और सिस्टम की कमजोरी को उजागर करती है।
प्रशासनिक चूक और मिलीभगत
घोटाले के मामले में प्रशासनिक चूक और DPRO की मिलीभगत पर सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों की निष्क्रियता ने फर्जी ट्रांसफर को संभव बनाया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल स्थानीय स्तर का मामला नहीं है बल्कि सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार का उदाहरण है।
जनता की आवाज: तुरंत कार्रवाई की मांग
जनता और सोशल मीडिया पर लोगों ने सरकार से तत्काल CBI जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। लोग चाहते हैं कि प्रधान, बेटा और सचिव को जेल में डालकर न्याय किया जाए। यह मामला यह दर्शाता है कि प्रशासनिक निगरानी और पारदर्शिता की कितनी आवश्यकता है।
भ्रष्टाचार का सामाजिक प्रभाव
ऐसे घोटाले समाज में विश्वास की कमी पैदा करते हैं। मृतक को जिंदा दिखाकर पैसा हड़पना सिर्फ आर्थिक अपराध नहीं बल्कि नैतिक और सामाजिक अपराध भी है। इससे आम जनता में भ्रष्टाचार के खिलाफ गुस्सा और असंतोष बढ़ता है।
भविष्य के कदम और सुधार
विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के मामलों को रोकने के लिए सरकारी खजाने और ट्रांसफर सिस्टम में कड़ी निगरानी, डिजिटल सत्यापन और पारदर्शिता आवश्यक है। DPRO और अन्य अधिकारियों की मिलीभगत को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करनी होगी। कानपुर देहात का यह घोटाला केवल एक स्थानीय मामला नहीं है, बल्कि यह सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार, प्रशासनिक चूक और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का उदाहरण है। मृतक जय सिंह के नाम पर लाखों रुपये हड़पना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह समाज में विश्वास और सुरक्षा की भावना को भी कमजोर करता है। अब जनता और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है कि दोषियों को कठोर सजा दिलाई जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जाए।
रिपोर्टर अमित शर्मा औरैया -उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद के अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के काजीपुर गांव में एक महिला को उसके पति ने पेट्रोल डालकर जला दिया।पीड़िता रुक्मिणी देवी को एंबुलेंस से सीएचसी अजीतमल लाया गया जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया।
रुक्मिणी देवी ने अस्पताल में पुलिस को बताया कि उनके पति प्रदीप ट्रक चालक हैं रविवार शाम को वह घर आए और शराब पीने लगे। रुक्मणी ने उन्हें शराब पीने से मना किया इस पर प्रदीप ने गुस्से में बोतल में रखा पेट्रोल उन पर डाल दिया इस दौरान रुक्मणी के कपड़ों में आग लग गई।
पीड़िता की चीख पुकार सुनकर घर वाले और पड़ोसी मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसी तरह आंख पर काबू पाया घटना के समय रुक्मणी के तीन बच्चे घर में मौजूद थे। पल्लवी 5 वर्ष, अंकित 3 वर्ष और पिंकी 1 वर्ष की है
अजीतमल कोतवाली प्रभारी ललितेश त्रिपाठी ने बताया कि अभी तहरीर प्राप्त नहीं हुई है पीड़िता के बयानों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। तहरीर मिलते ही मुदकमा दर्ज कर आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
रिपोर्ट: अमित शर्मा | Auraiya News – औरैया के अछल्दा थाना क्षेत्र के ग्राम ढुहल्ला निवासी संतोष सिंह के पुत्र मयंक उर्फ़ रितिक पाल (10 वर्ष) की विषैले कीड़े के काटने से मौत हो गई। रविवार को मयंक अपने पिता के साथ खेत में घास काटने गया था, जहां किसी विषैले कीड़े ने उसकी हाथ की उंगली में काट लिया।
परिजन बच्चे को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद चिचौली अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं से शाम करीब 5 बजे उसे सैफई PGI रेफर किया गया, लेकिन परिजन सैफई नहीं ले गए और घर लेकर झाड़-फूंक करवा ली।सोमवार सुबह बच्चे की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे पुनः CHC लेकर पहुंचे। डॉक्टर अभिचल पांडे ने उपचार शुरू किया, लेकिन इसी दौरान छात्र की मौत हो गई। सूचना पाकर थाना प्रभारी पंकज मिश्रा और पुलिस मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम (PM) के लिए भेज दिया।
मयंक अपने गाँव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 5 का होनहार छात्र था। छात्र की मौत की खबर पर विद्यालय की प्रधानाध्यापक शकुंतला देवी ने दो मिनट का मौन रखा और लंच के बाद स्कूल की छुट्टी कर दी। मृतक की माँ विनीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उसके एक छोटा भाई कार्तिक और छोटी बहन सृष्टि हैं।यह दुखद घटना बच्चों और ग्रामीणों के बीच शोक की लहर दौड़ा गई है।
सीतापुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक विवादित मामला सामने आया है। जिले के BJP विधायक ज्ञान तिवारी ने स्थानीय पुलिस चौकी में जाकर भारी गुस्से का इजहार किया और धमकी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो पूरी चौकी को सस्पेंड करवा दूंगा। मामला तब गरमा गया जब विधायक ने देखा कि चौकी में ठेकेदार दरोगा के बिस्तर पर लेटा हुआ था।
स्थानीय ठेकेदार ने मजदूरों को वेतन नहीं दिया था। मजदूरों ने इस शिकायत के साथ विधायक ज्ञान तिवारी के पास पहुंचे। विधायक ने खुद मामले की जांच करने का निर्णय लिया और चौकी पर पहुंचे। वहां ठेकेदार को दरोगा के बिस्तर पर लेटा देखकर विधायक भड़क गए और तुरंत फटकार लगाई।
विधायक की धमकी
विधायक ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे पूरी चौकी के खिलाफ सख्त कदम उठाएंगे। विधायक की यह धमकी स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बन गई।
प्रशासन और पुलिस की प्रतिक्रिया
सीतापुर पुलिस ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों से बयान लिए जा रहे हैं। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि विधायकों की धमकी से पुलिस कार्य प्रणाली पर असर नहीं पड़ेगा और कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
सोशल मीडिया पर वायरल
इस घटना का वीडियो और जानकारी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विधायक की तेज प्रतिक्रिया से कुछ राहत मिली, लेकिन प्रशासन और पुलिस में सुधार की आवश्यकता है।
IND vs PAK : एशिया कप 2025 में भारत-पाकिस्तान का महामुकाबला वैसे तो हमेशा ही रोमांच से भरा होता है, लेकिन इस बार पाकिस्तान के बल्लेबाज़ साहिबजादा फरहान की हरकत सुर्खियों में है। मैच के दौरान फरहान ने चौका जड़ने के बाद बल्ले को बंदूक की तरह उठाकर “गन पोज़” बनाया। उनका यह बर्ताव न सिर्फ सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, बल्कि क्रिकेट फैंस और एक्सपर्ट्स के बीच भी विवाद का विषय बन गया।
क्या था मामला? IND vs PAK
भारत के खिलाफ रन बनाते समय फरहान ने जैसे ही बाउंड्री लगाई, उन्होंने बल्ले को बंदूक की तरह कंधे पर रखा और फायरिंग का इशारा किया। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। कई फैंस ने इसे क्रिकेट की “स्पिरिट” के खिलाफ बताया और फरहान के इस बर्ताव पर नाराजगी जताई।
फैंस की मिली-जुली प्रतिक्रिया IND vs PAK
भारतीय क्रिकेट फैंस ने इसे “ओवरकॉन्फिडेंस” और “गंभीरता की कमी” बताया। वहीं पाकिस्तान के कुछ समर्थकों ने इसे “जश्न का हिस्सा” कहकर डिफेंड किया। हालांकि, इंटरनेशनल क्रिकेट में इस तरह के “गन पोज़” को लेकर पहले भी विवाद हो चुके हैं और आईसीसी बार-बार खिलाड़ियों को मर्यादा में रहने की सलाह देता रहा है।
क्या होगी कार्रवाई?IND vs PAK
क्रिकेट एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह घटना मैच रेफरी की रिपोर्ट में जा सकती है और फरहान पर जुर्माना या चेतावनी भी लग सकती है। क्रिकेट एक जेंटलमैन गेम है और इसमें खिलाड़ियों के हर कदम को दुनिया भर के फैंस देखते हैं। ऐसे में इस तरह की हरकतें खिलाड़ियों की छवि पर असर डालती हैं।
कानपुर देहात। मूसानगर थाना क्षेत्र के क्योटरा गांव का सरकारी स्कूल इन दिनों विवादों में घिर गया है। यहां स्कूल परिसर में गांव के एक निजी कार्यक्रम के दौरान खुलेआम डीजे बजा और बार बालाओं ने फिल्मी गानों पर अश्लील डांस किया। इस दौरान ग्रामीणों और प्रधान पति ने नशे में धुत होकर जमकर डांस किया, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह कार्यक्रम देर रात तक चला। सरकारी स्कूल जैसी पवित्र जगह पर इस तरह का आयोजन होना शिक्षा व्यवस्था और सरकारी नियमों के साथ खिलवाड़ माना जा रहा है। लोगों ने सवाल उठाया है कि जहां बच्चों को संस्कार और शिक्षा मिलनी चाहिए, वहीं नशे और अश्लीलता का मंच तैयार किया गया।
#कानपुर: स्कूल में अश्लील डांस, दिन में पाठशाला, रात में नृत्यशाला कानपुर देहात के मूसानगर थाना क्षेत्र के क्योटरा गांव का मामला प्रधान पति और ग्रामीण नशे में धुत होकर स्कूल में करते रहे डांस स्कूल परिसर में अश्लील गानों पर देर रात तक चला नृत्य शिक्षा के मंदिर में ऐसे कृत्य… pic.twitter.com/P7YhdbPrWQ
गांव के कुछ जागरूक लोगों ने इस घटना पर नाराजगी जताई और कहा कि सरकारी संपत्ति का इस तरह गलत इस्तेमाल अस्वीकार्य है। उनका कहना है कि यदि स्कूल परिसर में इस तरह के कार्यक्रम होते रहेंगे तो बच्चों पर गलत असर पड़ेगा।
प्रशासन की भूमिका पर सवाल
घटना सामने आने के बाद प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस कार्यक्रम की जानकारी अधिकारियों को पहले से होनी चाहिए थी। बावजूद इसके, कोई कार्रवाई नहीं हुई।अब इस मामले के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। इसके चलते जिला प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है कि वह दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे।यह घटना इस बात पर बड़ा सवाल खड़ा करती है कि आखिर कब तक शिक्षा संस्थानों का गलत उपयोग होता रहेगा। ग्रामीणों और अभिभावकों ने मांग की है कि ऐसे आयोजनों पर तुरंत रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
Asia Cup 2025, अबू धाबी। भारत ने अपने आखिरी ग्रुप मुकाबले में ओमान को 21 रनों से हराकर लगातार तीसरी जीत दर्ज की। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने 20 ओवरों में 188/8 का स्कोर बनाया, जबकि जवाब में ओमान की टीम सिर्फ 167 रन ही बना सकी। इस जीत के साथ भारत सुपर-4 चरण में 21 सितंबर को पाकिस्तान से भिड़ेगा।
लेकिन इस अहम मुकाबले से पहले टीम को बड़ा झटका लगा। भारतीय ऑलराउंडर अक्षर पटेल इस लीग मैच में चोटिल हो गए। शुक्रवार को खेले गए मैच के दौरान अक्षर ने मिड-ऑफ पर दौड़कर कैच पकड़ने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके हाथ से फिसल गई और वे खुद गिर पड़े। इस दौरान उनका सिर जमीन से टकराया और सिर व गर्दन में चोट आई। फिजियो की मदद से उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा और ओमान की पारी के बाकी हिस्से में वे मैदान पर लौटे नहीं।
चोटिल होने से पहले अक्षर ने टीम के लिए बल्ले और गेंद दोनों में योगदान दिया। उन्होंने 13 गेंदों में 26 रन बनाकर भारत की पारी को संभाला। संजू सैमसन के साथ उन्होंने चौथे विकेट के लिए तेज़तर्रार 45 रनों की साझेदारी निभाई। गेंदबाजी में भी उन्होंने एक ओवर में सिर्फ 4 रन दिए।
अक्षर की चोट भारतीय टीम के लिए चिंता का कारण बन गई है, क्योंकि सुपर-4 में पाकिस्तान के खिलाफ मैच बेहद अहम माना जा रहा है। टीम मैनेजमेंट और मेडिकल स्टाफ अब उनकी स्थिति का आकलन कर रहे हैं और यह तय करेंगे कि क्या अक्षर पटेल पाकिस्तान के खिलाफ खेल पाएंगे या नहीं।
भारत की लगातार जीतों के साथ टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है, लेकिन अक्षर की चोट ने टीम की रणनीति और संतुलन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फैंस और क्रिकेट एक्सपर्ट्स भी उनकी जल्दी रिकवरी की उम्मीद कर रहे हैं।
केरल, कन्नूर। एक छोटी बच्ची के साथ हाल ही में डरावना लेकिन रोमांचक हादसा हुआ। बच्ची साइकिल चला रही थी, तभी उसका च्यूइंग गम गले में फंस गया। कुछ ही सेकेंड में उसकी सांस रुकने लगी, और आसपास के लोग घबरा गए।जैसे ही घटना का पता चला, पास में मौजूद एक साहसी नागरिक ने तुरंत कार्रवाई की।
उसने बच्ची को सुरक्षित करने के लिए त्वरित कदम उठाए और सही तकनीक का इस्तेमाल करते हुए च्यूइंग गम को बाहर निकालने में सफल रहा। इसके बाद बच्ची की सांस फिर से बहाल हो गई और वह पूरी तरह सुरक्षित हो गई।
घटना ने न केवल बच्ची के जीवन को बचाया बल्कि आसपास के लोगों और सोशल मीडिया पर इसे देखने वालों का भी दिल जीत लिया। लोग इसे साहस और त्वरित प्रतिक्रिया का शानदार उदाहरण बता रहे हैं।स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के लिए खेल और मनोरंजन के दौरान निगरानी बेहद जरूरी है। छोटी-छोटी चीजें भी खतरनाक साबित हो सकती हैं, जैसे इस घटना में च्यूइंग गम। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को सुरक्षित खेल सामग्री और उचित मार्गदर्शन के साथ ही खेलने दें।बच्ची के सुरक्षित रहने की खबर ने पूरे कन्नूर में राहत की लहर फैला दी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बच्चे की राहत और नागरिक के साहस को सराहा जा रहा है।यह घटना साबित करती है कि सही समय पर सही कार्रवाई किसी की जिंदगी बदल सकती है।