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  • Akshar Patel Injury: पहले टी20 में अक्षर पटेल को लगी चोट, कप्तान की बढ़ी चिंता

    Akshar Patel Injury: पहले टी20 में अक्षर पटेल को लगी चोट, कप्तान की बढ़ी चिंता

    Akshar Patel Injury : पहले टी20 में अक्षर पटेल को लगी चोट, कप्तान की बढ़ी चिंता नई दिल्ली।भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर अक्षर पटेल को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले जा रहे पहले टी20 मुकाबले के दौरान चोट लग गई। यह घटना न्यूजीलैंड की पारी के 16वें ओवर में हुई, जब अक्षर पटेल फील्डिंग के दौरान गेंद को रोकने की कोशिश कर रहे थे।चोट लगते ही अक्षर पटेल कुछ देर तक मैदान पर असहज नजर आए, जिससे भारतीय टीम मैनेजमेंट और कप्तान की चिंता बढ़ गई। हालांकि बाद में मेडिकल स्टाफ ने उनका प्राथमिक उपचार किया।

    कैसे लगी अक्षर पटेल को चोट?

    न्यूजीलैंड की पारी के दौरान एक तेज शॉट को रोकने के प्रयास में अक्षर पटेल ने डाइव लगाई। इसी दौरान गेंद उनके हाथ/शरीर से टकराई, जिसके बाद वह दर्द में नजर आए।मैदान पर फिजियो को बुलाया गया और कुछ देर तक इलाज चला।हालांकि अभी तक बीसीसीआई या टीम प्रबंधन की ओर से उनकी चोट को लेकर आधिकारिक मेडिकल अपडेट जारी नहीं किया गया है।

    टीम इंडिया के लिए क्यों अहम हैं अक्षर पटेल?

    अक्षर पटेल मौजूदा समय में भारतीय टी20 टीम के प्रमुख ऑलराउंडर माने जाते हैं।मिडिल ओवर्स में किफायती गेंदबाजी निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी शानदार फील्डिंग इन तीनों कारणों से अक्षर टीम का अहम हिस्सा हैं। ऐसे में सीरीज के शुरुआती मैच में लगी चोट ने कप्तान और टीम मैनेजमेंट की टेंशन बढ़ा दी है

  • Toll Tax New Rules: टोल नहीं चुकाया तो अटकेंगी गाड़ियों की सेवाएं, NOC, फिटनेस और नेशनल परमिट पर केंद्र सरकार की सख्ती

    Toll Tax New Rules: टोल नहीं चुकाया तो अटकेंगी गाड़ियों की सेवाएं, NOC, फिटनेस और नेशनल परमिट पर केंद्र सरकार की सख्ती

    Toll Tax New Rules: नई दिल्ली।अब हाईवे पर टोल टैक्स न चुकाना वाहन मालिकों को भारी पड़ सकता है। केंद्र सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि अगर किसी वाहन का टोल भुगतान लंबित रहता है, तो उसे NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट), फिटनेस सर्टिफिकेट और नेशनल परमिट जैसी अहम सेवाएं नहीं दी जाएंगी।सरकार के इस फैसले का मकसद टोल टैक्स की वसूली को और सख्त बनाना और हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर के रखरखाव को मजबूत करना बताया जा रहा है।

    टोल बकाया रहने पर क्या-क्या सेवाएं रुकेंगी?

    केंद्र सरकार के अनुसार, जिन वाहन मालिकों पर टोल टैक्स बकाया है, उन्हें निम्न सेवाओं से वंचित किया जा सकता हैवाहन का NOC जारी नहीं होगा फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा नेशनल परमिट जारी या नवीनीकरण नहीं होगा कमर्शियल वाहनों के संचालन में कानूनी अड़चनें आएंगी सरकार का कहना है कि डिजिटल सिस्टम के जरिए टोल बकाया की जानकारी को वाहन डाटाबेस से जोड़ा जाएगा।

    क्यों लिया गया यह फैसला?

    केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, कई वाहन चालक FASTag होने के बावजूद टोल भुगतान से बचते हैं, जिससे राजस्व को नुकसान होता है। इस सख्ती से टोल चोरी पर रोक लगेगी राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव के लिए फंड सुनिश्चित होगा ट्रांसपोर्ट सिस्टम अधिक पारदर्शी बनेगा

    वाहन मालिकों के लिए क्या है जरूरी सलाह?

    सरकार ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे समय पर टोल टैक्स का भुगतान करें अपने FASTag बैलेंस को हमेशा अपडेट रखें किसी भी लंबित शुल्क का जल्द निपटान करें ऐसा न करने पर भविष्य में वाहन से जुड़ी जरूरी सरकारी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

    कब से लागू होगी व्यवस्था?

    सूत्रों के मुताबिक, यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी और जल्द ही इसके लिए औपचारिक दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

  • अमर शहीद हेमू कल्याणी को दी गई श्रद्धांजलि,शहीदों के बलिदान की याद और प्रेरणा

    अमर शहीद हेमू कल्याणी को दी गई श्रद्धांजलि,शहीदों के बलिदान की याद और प्रेरणा

    कानपुर।उत्तर प्रदेश के कानपुर में आज 21 जनवरी 2026 को अमर शहीद हेमू कल्याणी की पुण्यतिथि बड़ी श्रद्धा और भावनाओं के साथ मनाई गई। यह दिन उनके शहादत दिवस के रूप में याद किया गया। आयोजन श्री झूलेलाल शिव मंदिर (ब्लाक 13, गोबिंदनगर) में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज के कई गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया और शहीद को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

    हेमू कल्याणी: देशभक्ति की जीवंत मिसाल

    अमर शहीद हेमू कल्याणी का जन्म 23 मार्च, 1923 को सुकुर सिंध प्रांत, अखंड भारत में हुआ था। बचपन से ही उनमें देशभक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी हुई थी। ब्रिटिश शासन के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने के दौरान उन्होंने अपनी बहादुरी का परिचय दिया।जब अंग्रेजों की हथियारों से भरी ट्रेन उनके क्षेत्र से गुजर रही थी, तब हेमू कल्याणी ने रेल की पटरियां उखाड़कर विरोध किया। इसी साहसिक कदम के कारण ब्रिटिश शासन ने उन्हें गिरफ्तार कर 21 जनवरी 1943 को फांसी पर लटका दिया। शहीद हेमू कल्याणी ने देश के लिए हंसते-हंसते बलिदान दिया।

    श्रद्धांजलि कार्यक्रम में समाज ने जताया सम्मान

    आज के कार्यक्रम में शहीद हेमू कल्याणी की प्रतिमा पर मनोज तलरेजा, बंटी सिधवानी, मनोज लालवानी, बलराम कटारिया सहित समाज के कई गणमान्य लोगों ने माल्यार्पण किया। इस अवसर पर पूरा झूलेलाल मंदिर प्रांगण “अमर शहीद हेमू कल्याणी अमर रहे, अमर रहे, अमर रहे” के उद्घोष से गूंज उठा।मुख्य अतिथियों में श्यामलाल मूलचंदानी (अध्यक्ष), सुरेश कटारिया, महेश मनचंदा, डॉ. सुरेश मदान, डॉ. सुरेश आहूजा, बंटी सिधवानी, संजू डाबरानी, नरेश फूलवानी, चंद्रभान मोहनानी, मुरारी लाल चुग और कई अन्य शामिल रहे। उन्होंने शहीद की शहादत को याद किया और उनके बलिदान को देशवासियों के लिए प्रेरणा बताया।

    शहीदों के बलिदान की याद

    इस अवसर पर उपस्थित नागरिकों ने कहा कि शहीदों की चिताओं पर हर वर्ष मेले लगेंगे और देश पर मर मिटने वालों का यही निशान रहेगा। हेमू कल्याणी जैसे सपूतों की शहादत देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनकी कहानी हमें हमेशा याद रहेगी।इस कार्यक्रम में युवाओं और बच्चों को शहीदों के महत्व के बारे में बताया गया और उन्हें देशभक्ति का संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर शहीद हेमू कल्याणी को नमन किया और उनके बलिदान को हमेशा याद रखने का संकल्प लिया।

  • संभल : CJM के ट्रांसफर पर बवाल, वकीलों का प्रदर्शन“योगी जब-जब डरता है, पुलिस को आगे करता है”

    संभल : CJM के ट्रांसफर पर बवाल, वकीलों का प्रदर्शन“योगी जब-जब डरता है, पुलिस को आगे करता है”

    संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) विभांशु सुधीर के तबादले को लेकर जबरदस्त विवाद खड़ा हो गया है। CJM के ट्रांसफर के विरोध में जिले के वकील सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे वकीलों ने आरोप लगाया कि सरकार न्यायिक फैसलों में हस्तक्षेप कर रही है, जो लोकतंत्र और न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए खतरनाक है।

    क्यों भड़के वकील?

    दरअसल, संभल हिंसा मामले में CO अनुज चौधरी समेत कई पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज करने का आदेश CJM विभांशु सुधीर ने दिया था। इस आदेश के बाद अचानक उनका तबादला सुल्तानपुर कर दिया गया, जिससे वकील समुदाय में भारी नाराजगी है। वकीलों का कहना है कि यह तबादला सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि दबाव में लिया गया फैसला है।

    नारेबाजी से गूंजा कचहरी परिसर

    CJM के ट्रांसफर की खबर सामने आते ही संभल कचहरी परिसर में वकीलों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। हाथों में तख्तियां लेकर वकील सरकार के खिलाफ नारे लगाते नजर आए। प्रदर्शन के दौरान नारे लगाए गए“योगी जब–जब डरता है, पुलिस को आगे करता है”,“न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर हमला नहीं सहेगा हिंदुस्तान”।वकीलों का कहना है कि अगर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR का आदेश देने वाले जज का इस तरह तबादला किया जाएगा, तो भविष्य में कोई न्यायिक अधिकारी निष्पक्ष निर्णय लेने का साहस नहीं करेगा।

    न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सवाल

    वकीलों ने आरोप लगाया कि यह तबादला न्यायपालिका पर कार्यपालिका के दबाव को दर्शाता है। उनका कहना है कि CJM ने कानून के दायरे में रहते हुए फैसला दिया था, लेकिन सरकार को यह फैसला रास नहीं आया। इसी वजह से उन्हें जिले से बाहर कर दिया गया।

    आंदोलन की चेतावनी

    प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि CJM विभांशु सुधीर का ट्रांसफर वापस नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। जरूरत पड़ी तो प्रदेश स्तर पर भी वकीलों को लामबंद किया जाएगा। वकीलों ने साफ कहा कि यह लड़ाई किसी एक जज की नहीं, बल्कि न्याय और संविधान की रक्षा की लड़ाई है।

    प्रशासन की चुप्पी

    फिलहाल इस पूरे मामले पर जिला प्रशासन या सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, कानून विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि न्यायपालिका की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों का जवाब दिया जा सके।

  • महोबा : सिंचाई विभाग की लापरवाही से किसानों की तबाही, नहर का पानी छोड़ने से 12 बीघा गेहूं की फसल जलमग्न

    महोबा : सिंचाई विभाग की लापरवाही से किसानों की तबाही, नहर का पानी छोड़ने से 12 बीघा गेहूं की फसल जलमग्न

    REPORT- चन्द्रशेखर नामदेव महोबा। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के कबरई विकासखंड से सिंचाई विभाग की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। बरीपुरा मौजा में नहर का पानी अनियंत्रित रूप से छोड़े जाने के कारण एक दर्जन से अधिक किसानों की कई बीघा गेहूं की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई। किसानों का आरोप है कि पूर्व ग्राम प्रधान ने अपने निजी स्वार्थ के चलते नहर को जरूरत से ज्यादा खुलवा दिया, जिससे खेत तालाब में तब्दील हो गए।

    अनियंत्रित नहर बनी किसानों के लिए आफत

    जानकारी के अनुसार, बरीपुरा नहर से अचानक अत्यधिक मात्रा में पानी छोड़ा गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि नहर का पानी आसपास के खेतों में घुस गया। देखते ही देखते किसानों की लगभग 12 बीघा गेहूं की खड़ी फसल पानी में डूब गई। कई खेतों में पानी का स्तर चार फीट तक पहुंच गया, जिससे फसल के पूरी तरह बर्बाद होने की आशंका जताई जा रही है।

    पूर्व प्रधान पर गंभीर आरोप

    डढ़हत माफ गांव के किसानों ने आरोप लगाया है कि पूर्व ग्राम प्रधान ने अपने फायदे के लिए नहर के फाटक क्षमता से अधिक खुलवा दिए। किसानों का कहना है कि पानी छोड़ने से पहले न तो कोई सूचना दी गई और न ही हालात का आकलन किया गया। इसका सीधा नुकसान किसानों को उठाना पड़ा, जिनकी महीनों की मेहनत कुछ ही घंटों में बर्बाद हो गई।

    शिकायत के बाद भी नहीं हुई सुनवाई

    पीड़ित किसानों ने बताया कि जैसे ही खेतों में पानी भरना शुरू हुआ, उन्होंने तुरंत सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। कई बार फोन करने और मौके पर पहुंचने की मांग के बावजूद कोई अधिकारी समय पर नहीं पहुंचा। विभागीय उदासीनता और लापरवाही के चलते हालात और बिगड़ते चले गए।

    किसानों की उम्मीदों पर फिरा पानी

    आशाराम, मनसुख, सुमेरा, लखनलाल, केसरदास और राधारानी सहित कई किसान आज अपने खेतों के किनारे खड़े होकर बर्बाद फसल को देखने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि यही गेहूं की फसल उनके परिवार की आजीविका और कर्ज चुकाने का सहारा थी। फसल डूबने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

    मुआवजे और कार्रवाई की मांग

    पीड़ित किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही किसानों ने नहर संचालन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। किसानों का कहना है कि अगर समय रहते पानी रोका जाता, तो इस भारी नुकसान से बचा जा सकता था।

    प्रशासन की भूमिका पर सवाल

    इस घटना ने एक बार फिर सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और किसानों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन पीड़ित किसानों को राहत देने के लिए क्या कदम उठाता है।

  • Mahoba Teacher Suspended News : कक्षा में ग्रामीण से पैर दबवाने और छात्राओं से मिड-डे मील का काम करवाने वाला शिक्षक निलंबित

    Mahoba Teacher Suspended News : कक्षा में ग्रामीण से पैर दबवाने और छात्राओं से मिड-डे मील का काम करवाने वाला शिक्षक निलंबित

    Mahoba Teacher Suspended News उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। चरखारी विकासखंड के कम्पोजिट उच्च विद्यालय छानी खुर्द में तैनात एक शिक्षक द्वारा कक्षा के भीतर ग्रामीण से पैर दबवाने और छात्राओं से मध्यान्ह भोजन (Mid Day Meal) से जुड़े कार्य करवाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने कड़ा एक्शन लिया है।वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) राहुल मिश्रा ने आरोपी शिक्षक जगदीश प्रसाद को निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले की विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।


    वायरल वीडियो से मचा था हड़कंप

    सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ तौर पर देखा गया कि शिक्षक कक्षा के भीतर कुर्सी पर बैठा है और एक ग्रामीण उससे पैर दबवा रहा है। वहीं, दूसरे वीडियो में छात्राएं मध्यान्ह भोजन के लिए सब्जी काटती दिखाई दे रही हैं, जबकि एक व्यक्ति बनियान और अगोंछा पहने विद्यालय परिसर में घूमता नजर आ रहा है।यह दृश्य न केवल विद्यालय अनुशासन के विरुद्ध था, बल्कि छात्रों की गरिमा और अधिकारों पर भी सवाल खड़े करता है।

    नोटिस के बावजूद नहीं मिला संतोषजनक जवाब

    मामला सामने आने के बाद बीएसए राहुल मिश्रा ने शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। लेकिन शिक्षक द्वारा दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर विभाग ने तत्काल प्रभाव से शिक्षक को निलंबित कर दिया।


    बीएसए ने क्या कहा?

    बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल मिश्रा ने बताया कि“विद्यालय में कक्षा के दौरान किसी ग्रामीण से पैर दबवाना मानवीय गरिमा के खिलाफ है। छात्राओं से मध्यान्ह भोजन से जुड़े कार्य करवाना भी विद्यालय नियमों का उल्लंघन है। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।”


    विभागीय जांच के आदेश, शिक्षकों में हड़कंप

    शिक्षक के निलंबन के साथ ही पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोष सिद्ध होने पर और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।बीएसए की इस सख्ती के बाद महोबा जिले के अन्य विद्यालयों में तैनात लापरवाह शिक्षकों में भी हड़कंप मच गया है।


    शिक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

    यह मामला एक बार फिर सरकारी स्कूलों में अनुशासन, निगरानी और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े करता है। अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

  • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा का वीडियो वायरल, जनसभा में महिला को मंच पर बुलाते दिखे मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा का वीडियो वायरल, जनसभा में महिला को मंच पर बुलाते दिखे मुख्यमंत्री

    पटना।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में मुख्यमंत्री एक जनसभा को संबोधित करते नजर आ रहे हैं, जहां वे अचानक भीड़ में मौजूद एक महिला को मंच के पास बुलाते हुए कहते हैं“अरे, वो महिला कहां गई? आईए न, इधर आओ!”मुख्यमंत्री का यह अंदाज लोगों को खासा पसंद आ रहा है और वीडियो को सोशल मीडिया यूजर्स जमकर शेयर कर रहे हैं।

    जनसभा के दौरान सामने आया मानवीय अंदाज

    यह वीडियो उस वक्त का है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जिले में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। भाषण के दौरान उनकी नजर भीड़ में खड़ी एक महिला पर पड़ी, जिसके बाद उन्होंने सुरक्षा कर्मियों और मंच पर मौजूद अधिकारियों से उस महिला को पास लाने के लिए कहा। मुख्यमंत्री की यह पहल जनता से सीधे संवाद और उनकी समस्याओं को सुनने की मंशा को दर्शाती है।

    सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

    वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।कुछ यूजर्स ने मुख्यमंत्री के इस व्यवहार को जनता से जुड़ाव और संवेदनशीलता बताया।वहीं कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक यात्रा के दौरान जनसंपर्क का हिस्सा करार दिया। हालांकि, ज्यादातर लोग नीतीश कुमार के इस सहज और सरल व्यवहार की तारीफ करते नजर आ रहे हैं।


    समृद्धि यात्रा का उद्देश्य

    बता दें कि समृद्धि यात्रा के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं। इस यात्रा का उद्देश्य सरकार की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानना, विकास कार्यों की समीक्षा करना और आम जनता से सीधे संवाद स्थापित करना है। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश देते हुए भी दिखाई देते हैं।


    पहले भी चर्चा में रहे हैं नीतीश कुमार के बयान

    यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार किसी बयान या वीडियो को लेकर चर्चा में आए हों। इससे पहले भी उनके सहज बोलचाल और मंच से दिए गए तात्कालिक निर्देश कई बार सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं।

  • रायबरेली पुलिस का मानवीय चेहरा, घरेलू हिंसा से त्रस्त विवाहिता ज़हर खाकर थाने पहुंची, इंस्पेक्टर की तत्परता से बची जान

    रायबरेली पुलिस का मानवीय चेहरा, घरेलू हिंसा से त्रस्त विवाहिता ज़हर खाकर थाने पहुंची, इंस्पेक्टर की तत्परता से बची जान

    रायबरेली।उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले से पुलिस की संवेदनशीलता और मानवता की एक मिसाल सामने आई है। घरेलू हिंसा से परेशान एक विवाहिता ज़हर खाकर अपनी तीन नाबालिग बेटियों के साथ थाने पहुंच गई। समय रहते पुलिस की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से महिला की जान बचा ली गई, जबकि उसकी बच्चियों की भी देखभाल की गई।यह मामला खीरों थाना क्षेत्र के बहादुरगढ़ गांव का है। यहां की रहने वाली 28 वर्षीय सोनी देवी घरेलू हिंसा से मानसिक रूप से इतनी टूट चुकी थी कि उसने आत्महत्या का प्रयास कर लिया।

    रायबरेली में पुलिस का मानवीय चेहरा: घरेलू हिंसा से त्रस्त विवाहिता ज़हर खाकर थाने पहुंची, इंस्पेक्टर की तत्परता से बची जान
    रायबरेली में पुलिस का मानवीय चेहरा: घरेलू हिंसा से त्रस्त विवाहिता ज़हर खाकर थाने पहुंची, इंस्पेक्टर की तत्परता से बची जानरायबरेली में पुलिस का मानवीय चेहरा: घरेलू हिंसा से त्रस्त विवाहिता ज़हर खाकर थाने पहुंची, इंस्पेक्टर की तत्परता से बची जान

    थाने के बाहर मंदिर पर बैठाईं तीन मासूम बेटियां

    जानकारी के मुताबिक, सोनी देवी ज़हर खाने के बाद सीधे खीरों थाने पहुंची। थाने के सामने स्थित मंदिर पर उसने अपनी तीनों नाबालिग बेटियों को बैठा दिया और वहां ड्यूटी पर तैनात सिपाही से कहा कि उसने ज़हर खा लिया है। यह सुनते ही सिपाही ने बिना देर किए थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संतोष सिंह को सूचना दी।

    “मेरी बच्चियों का ख्याल रखना…” कहकर रो पड़ी महिला

    सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर संतोष सिंह मौके पर पहुंचे। महिला की हालत बिगड़ रही थी। उसने इंस्पेक्टर से कहा“मैंने ज़हर खा लिया है, अब नहीं बचूंगी… मेरी तीन बच्चियों का ख्याल रखना।”महिला की हालत गंभीर देख इंस्पेक्टर संतोष सिंह ने बिना किसी औपचारिकता के तत्काल एंबुलेंस बुलवाई और उसे सीएचसी खीरों पहुंचाया।


    बच्चियों के लिए पुलिस ने की खाने-पीने की व्यवस्था

    महिला को अस्पताल भेजने के बाद पुलिस ने उसकी तीनों बेटियों को अकेला नहीं छोड़ा। पुलिसकर्मियों ने बच्चियों के लिए बिस्किट, दालमोट और खाने-पीने की व्यवस्था करवाई और उन्हें सुरक्षित स्थान पर बैठाया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों को भावुक कर गया।


    सास और ननद पर गंभीर आरोप

    पीड़िता सोनी देवी का आरोप है कि उसका पति गाजियाबाद में नौकरी करता है और घर पर मौजूद नहीं रहता। इस दौरान उसकी सास और ननद उसे लगातार प्रताड़ित करती थीं। महिला का कहना है कि उसके साथ बेलन से मारपीट की जाती थी और मानसिक रूप से भी प्रताड़ना दी जाती थी। इसी घरेलू हिंसा से तंग आकर उसने यह कदम उठाया।


    जिला अस्पताल रेफर, हालत खतरे से बाहर

    सीएचसी खीरों में प्राथमिक उपचार के बाद महिला की स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रायबरेली रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, फिलहाल महिला की हालत खतरे से बाहर है और उसका इलाज जारी है।


    पुलिस का बयान

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला के बयान दर्ज किए जाएंगे।“पीड़िता से तहरीर मिलते ही घरेलू हिंसा के मामले में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

  • बाराबंकी : प्रधान प्रतिनिधि राजन सिंह ने पिता की पुण्यतिथि पर बांटे हजारों कंबल, जरूरतमंदों को मिली राहत

    बाराबंकी : प्रधान प्रतिनिधि राजन सिंह ने पिता की पुण्यतिथि पर बांटे हजारों कंबल, जरूरतमंदों को मिली राहत

    सवांददाता मुन्ना सिंह बाराबंकी। जिले के हैदरगढ़ क्षेत्र स्थित ओहरामऊ गांव में प्रधान प्रतिनिधि राजन सिंह ने अपने पिता स्वर्गीय भानु सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि पर एक विशाल कंबल वितरण समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर गांव सहित आसपास के इलाकों से आए हजारों जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए, जिससे कड़ाके की ठंड में उन्हें बड़ी राहत मिली।

    राजन सिंह ने बताया कि वे बीते 16 वर्षों से लगातार जरूरतमंदों की सहायता करते आ रहे हैं और यह कार्य उनके पिता के सपनों को साकार करने का माध्यम है। पहले यह कार्यक्रम मकर संक्रांति पर किया जाता था, लेकिन पिछले पांच वर्षों से इसे पिता की पुण्यतिथि पर आयोजित किया जा रहा है।

    कार्यक्रम के दौरान समाज के संभ्रांत व्यक्तियों और पत्रकारों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। राजन सिंह ने समाज के सक्षम लोगों से अपील की कि वे अपनी क्षमता अनुसार गरीब और असहाय लोगों की मदद करें, क्योंकि जरूरतमंदों की सेवा से ईश्वर प्रसन्न होते हैं।

    कंबल पाकर बुजुर्गों, महिलाओं और गरीब परिवारों के चेहरों पर राहत साफ नजर आई। लोगों ने ग्राम पंचायत और राजन सिंह का आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं पुलिस समाजसेवी रणविजय सिंह उर्फ पिंकू सिंह, सपा के पूर्व ब्लॉक प्रमुख दिनेश प्रताप सिंह उर्फ बबलू सहित क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति और पत्रकार मौजूद रहे।

  • रायबरेली :राहुल गांधी को सौंपा गया दादा फिरोज गांधी का ड्राइविंग लाइसेंस, मां को भेजी तस्वीर

    रायबरेली :राहुल गांधी को सौंपा गया दादा फिरोज गांधी का ड्राइविंग लाइसेंस, मां को भेजी तस्वीर

    रायबरेली। कांग्रेस नेता और लोकसभा सांसद राहुल गांधी अपने रायबरेली दौरे के दौरान उस वक्त भावुक हो गए, जब एक स्थानीय परिवार ने उन्हें उनके दादा फिरोज गांधी का दुर्लभ ड्राइविंग लाइसेंस सौंपा। बताया जा रहा है कि यह परिवार लंबे समय से इस ऐतिहासिक धरोहर को सहेजकर रखे हुए था।

    राहुल गांधी भुएमऊ गेस्ट हाउस से निकलकर आईटीआई के पास स्थित राजीव गांधी स्टेडियम पहुंचे थे, जहां वे रायबरेली प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इसी दौरान मंच पर पहुंचे एक परिवार ने गांधी परिवार से जुड़ी यह नायाब विरासत उन्हें सौंपी।ड्राइविंग लाइसेंस हाथ में लेते ही राहुल गांधी काफी भावुक नजर आए। उन्होंने काफी देर तक लाइसेंस को उलट-पलट कर देखा और तुरंत उसकी तस्वीर अपनी मां सोनिया गांधी को व्हाट्सऐप के जरिए भेजी।

    इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि मंच पर मौजूद अमेठी सांसद किशोरी लाल शर्मा ने की। उन्होंने बताया कि यह क्षण राहुल गांधी के लिए बेहद भावनात्मक था और यह गांधी परिवार के इतिहास से जुड़ा एक विशेष पल बन गया।

    कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने भी इस दृश्य को बेहद भावुक और ऐतिहासिक बताया।