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  • औरैया बिधूना में सेना के जवान के घर बड़ी चोरी, वारदात से पहले पड़ोसियों के मकानों की कुंडी बाहर से बंद

    औरैया बिधूना में सेना के जवान के घर बड़ी चोरी, वारदात से पहले पड़ोसियों के मकानों की कुंडी बाहर से बंद

    रिपोर्टर अमित शर्मा उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के बिधूना कस्बे में सर्दी और घने कोहरे का फायदा उठाकर चोरों ने एक सुनियोजित चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। मोहल्ला आंबेडकर नगर में भारतीय सेना के जवान के बंद मकान को निशाना बनाते हुए अज्ञात चोर नकदी और कीमती जेवरात चोरी कर फरार हो गए। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

    जानकारी के अनुसार, मोहल्ला आंबेडकर नगर निवासी सुरेंद्र तोमर भारतीय सेना में जवान हैं, जो वर्तमान में गुरुग्राम में तैनात हैं। उनका कस्बे स्थित मकान काफी समय से बंद था। रविवार को उनका बेटा देवेंद्र तोमर घर आया था, लेकिन सोमवार को वह रिश्तेदारी में ऐरवाकटरा के नगला कसान गांव चला गया। इसी दौरान सोमवार देर रात चोरों ने मकान को निशाना बनाया।

    सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि चोरी से पहले चोरों ने आसपास के कुछ मकानों की कुंडी बाहर से बंद कर दी, ताकि कोई व्यक्ति बाहर निकलकर विरोध न कर सके। इसके बाद उन्होंने सेना के जवान के मकान का ताला तोड़ा और अंदर रखे सामान को खंगालना शुरू किया।

    पीड़ित परिवार के अनुसार, चोरों ने करीब 6 हजार रुपये नकद,दो सोने की अंगूठियां,एक सोने की चेन,दो कान के सुई-धागे,और दो पायलें चोरी कर लीं।

    इसके अलावा, कमरे में रखे दो सूटकेस भी चोर अपने साथ ले गए। हालांकि, लगभग 200 मीटर दूर त्रिवेदी के खेत में सूटकेस खाली हालत में फेंके हुए मिले।मंगलवार सुबह मोहल्ले के लोगों ने टूटे ताले को देखा और तुरंत देवेंद्र तोमर को सूचना दी। इसके बाद बिधूना कोतवाली पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।

    इस मामले में बिधूना कोतवाल मुकेश बाबू चौहान ने बताया कि चोरी की सूचना मिली है और पीड़ित पक्ष से तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा। पुलिस अन्य चोरी की घटनाओं से भी इस वारदात को जोड़कर जांच कर रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि सर्दियों में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन अब तक कई मामलों का खुलासा न होने से लोगों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर नाराजगी भी देखी जा रही है।

  • प्रयागराज में ज्वेलर्स शॉप से 14 लाख की चोरी, दो महिला शातिर CCTV में कैद

    प्रयागराज में ज्वेलर्स शॉप से 14 लाख की चोरी, दो महिला शातिर CCTV में कैद

    प्रयागराज |प्रयागराज शहर में ज्वेलर्स व्यापारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करने वाली एक बड़ी चोरी की घटना सामने आई है। शहर के एक नामी ज्वेलर्स स्टोर में दो महिलाओं ने शातिर तरीके से करीब 14 लाख रुपये के गहनों पर हाथ साफ कर दिया।

    कैसे हुई चोरी?

    जानकारी के मुताबिक, दोनों महिलाएं ग्राहक बनकर दुकान में दाखिल हुईं।उन्होंने पहले सेल्समैन को बातचीत में उलझाया गहने दिखाने के बहाने काउंटर पर ध्यान भटकाया मौका मिलते ही कीमती जेवरात चोरी कर फरार हो गईं पूरी वारदात दुकान में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है।

    CCTV फुटेज बना अहम सबूत

    सीसीटीवी फुटेज में दोनों महिलाएं बेहद आत्मविश्वास के साथ चोरी को अंजाम देती दिख रही हैं। पुलिस ने फुटेज को कब्जे में लेकर उनकी पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    पुलिस जांच में जुटी

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची।दुकान मालिक की तहरीर पर मामला दर्ज CCTV के आधार पर आरोपियों की तलाश तेज आसपास के इलाकों में छानबीन जारी पुलिस को आशंका है कि दोनों महिलाएं किसी संगठित गिरोह से जुड़ी हो सकती हैं, जो पहले भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुका है।

  • Ungli Me Khujli Ho To Kya Kare:  सर्दियों में उंगलियों की खुजली क्यों बढ़ जाती है? जानिए कारण, घरेलू उपाय और बचाव

    Ungli Me Khujli Ho To Kya Kare:  सर्दियों में उंगलियों की खुजली क्यों बढ़ जाती है? जानिए कारण, घरेलू उपाय और बचाव

    Ungli Me Khujli Ho To Kya Kare:  सर्दियों का मौसम जहां ठंड और कोहरे के साथ राहत लाता है, वहीं यह त्वचा से जुड़ी कई समस्याओं को भी बढ़ा देता है। इन्हीं समस्याओं में से एक आम लेकिन परेशान करने वाली दिक्कत है—उंगलियों में खुजली। कई लोगों को उंगलियों के ऊपर, बीच में या हथेलियों में लगातार खुजली महसूस होती है। कभी-कभी यह मामूली ड्राइनेस होती है, लेकिन कई बार इसके पीछे गंभीर कारण भी हो सकते हैं।

    सर्दियों में उंगलियों में खुजली क्यों होती है?

    1. ड्राइनेस (Dry Skin)
    ठंड के मौसम में हवा में नमी कम हो जाती है, जिससे त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है।बार-बार हाथ धोना, ठंडी हवा में बिना दस्ताने निकलना और मॉइस्चराइज़र न लगाना खुजली को बढ़ा देता है।

    2. कॉन्टेक्ट डर्मेटाइटिस
    अगर आपकी त्वचा किसी केमिकल, साबुन, डिटर्जेंट, परफ्यूम या मेटल के संपर्क में आती है, तो एलर्जी हो सकती है।
    इसके लक्षण हैं—

    • तेज खुजली
    • लालिमा
    • सूजन
    • जलन

    3. एक्जिमा (Eczema)
    संवेदनशील त्वचा वाले लोगों में सर्दियों के दौरान एक्जिमा बढ़ सकता है। इसमें त्वचा फटने लगती है और खुजली असहनीय हो जाती है।

    4. फंगल इंफेक्शन
    उंगलियों के बीच नमी रहने पर फंगल इंफेक्शन पनप सकता है, जिससे खुजली के साथ जलन भी होती है।

    5. पोषण की कमी
    विटामिन B12, आयरन या जिंक की कमी से भी त्वचा में खुजली हो सकती है।

    उंगलियों की खुजली से राहत के घरेलू उपाय

    नारियल या सरसों का तेल दिन में 2 बार लगाने से त्वचा में नमी बनी रहती है। एलोवेरा जेल खुजली और सूजन दोनों में आराम देता है। गुनगुने पानी का इस्तेमाल बहुत गर्म पानी से हाथ धोने से बचें। माइल्ड साबुन चुनें केमिकल-फ्री और खुशबू रहित साबुन बेहतर होते हैं। दस्ताने पहनेंठंडी हवा और डिटर्जेंट से बचाव करता है। कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है?अगर खुजली लगातार बढ़ रही हो खून, पस या घाव बनने लगें घरेलू उपायों से 5-7 दिन में आराम न मिले तो तुरंत डर्मेटोलॉजिस्ट से संपर्क करें।

    बचाव के आसान तरीके

    • दिन में कम से कम 2 बार मॉइस्चराइज़र
    • हाथ धोने के बाद तुरंत क्रीम
    • संतुलित आहार और पानी पर्याप्त मात्रा में

    सर्दियों में उंगलियों में खुजली आम समस्या है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना सही नहीं। समय रहते देखभाल और सही उपाय अपनाकर इस परेशानी से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है।

  • कानपुर : स्कॉर्पियो में नाबालिग के साथ गैंगरेप, पुलिसकर्मी सहित दो आरोपी गिरफ्तार

    कानपुर : स्कॉर्पियो में नाबालिग के साथ गैंगरेप, पुलिसकर्मी सहित दो आरोपी गिरफ्तार

    कानपुर के सच्चेडी थाना क्षेत्र से एक बेहद शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। कथित रूप से, स्कॉर्पियो में सवार एक पुलिसकर्मी और उसका साथी मिलकर 14 साल की नाबालिग लड़की का अपहरण किया और उसके साथ लगभग दो घंटे तक दरिंदगी की। जब लड़की बेहोश हो गई, तो आरोपी उसे घर के सामने फेंककर भाग गए।

    पीड़िता को अस्पताल भेजा गया

    एक की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता के भाई ने रात में डायल-112 पर सूचना दी, लेकिन शुरुआती समय में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

    आरोप है कि मिलीभगत के कारण मामला अनदेखा किया गया। मंगलवार को पीड़िता ने अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की और पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया।

    घटना का विवरण

    पीड़िता ने बताया कि सोमवार रात लगभग 10 बजे वह शौच के लिए घर से बाहर निकली थी। उसी समय स्कॉर्पियो सवार आरोपियों ने उसे जबरन कार में खींच लिया। आरोपियों में से एक पुलिसकर्मी था। पीड़िता ने कहा, “दोनों ने कार के अंदर मेरे साथ गैंगरेप किया। मैं चीखती रही, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।”पीड़िता के भाई के अनुसार, करीब दो घंटे बाद आरोपी लड़की को बेहोशी की हालत में घर के बाहर फेंककर भाग गए। रात लगभग 12 बजे उन्होंने अपनी बहन को बाहर बेहोश पाया और उसे अंदर लाकर होश में लाया। इसके बाद पीड़िता ने घटना की जानकारी परिवार को दी और तुरंत पुलिस को सूचना दी।

    पुलिस की प्रतिक्रिया

    सच्चेडी थाना प्रभारी ने बताया कि वीडियो, मेडिकल और पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी की तलाश और गिरफ्तारी की जा रही है। पुलिस ने कहा कि मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।यह घटना कानपुर और उत्तर प्रदेश में नाबालिग सुरक्षा, कानून व्यवस्था और पुलिस निगरानी पर सवाल उठाती है।

  • कानपुर: अमीरजादों का हुड़दंग, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    कानपुर: अमीरजादों का हुड़दंग, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक अमीरजादों की हुड़दंग की घटना सामने आई। ब्लैक स्कॉर्पियो और अन्य कई गाड़ियों से युवक अंडर पास के पास लाइन लगाकर हूटर बजाते हुए हुड़दंग कर रहे थे। इस दौरान गाड़ियों की आवाज और हुटर की आवाज से क्षेत्र सन्न हो गया और इलाके में कई किलोमीटर तक जाम लग गया।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 8 से 10 ब्लैक गाड़ियों में से 10-15 युवक अंडर पास के भीतर गाड़ियों पर चढ़कर शोर मचा रहे थे। कुछ युवक इस पूरे हुड़दंग का वीडियो भी बना रहे थे, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत पनकी निवासी एक युवक को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। सच्चेडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो संज्ञान में आया है, जिसमें कुछ युवक अंडर पास के पास लाइन लगाकर और गाड़ियों पर चढ़कर हुड़दंग करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस इस घटना में शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है और उनकी तलाश कर रही है।

    घटना के दौरान, राहगीरों ने 112 नंबर डायल कर पुलिस को सूचित किया। हालांकि, पुलिस के आने से पहले ही अधिकांश युवक मौके से फरार हो चुके थे। इस घटना ने स्थानीय लोगों में डर और दहशत फैला दी।

    पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल सभी युवकों को पकड़ने के लिए जाँच और इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है। वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई जारी है।

  • Unique Story of Baby Boy Birth:  बेटे की चाह में 10 बेटियां, 11वीं संतान बना बेटा: फतेहाबाद की कहानी जो समाज को आईना दिखाती है

    Unique Story of Baby Boy Birth:  बेटे की चाह में 10 बेटियां, 11वीं संतान बना बेटा: फतेहाबाद की कहानी जो समाज को आईना दिखाती है

    Unique Story of Baby Boy Birth:  21वीं सदी में जब देश और दुनिया बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे अभियानों की बात कर रही है, उसी दौर में आज भी समाज का एक बड़ा वर्ग बेटे की चाह से बाहर नहीं निकल पाया है। इसका ताजा उदाहरण हरियाणा के फतेहाबाद जिले से सामने आया है, जहां एक परिवार में बेटे की उम्मीद में 10 बेटियां पैदा हुईं और 11वीं संतान के रूप में जाकर बेटा हुआ।

    यह मामला फतेहाबाद जिले के ढाणी भोजराज गांव का है। गांव में इन दिनों जश्न का माहौल है। घर-घर लड्डू और मिठाइयां बांटी जा रही हैं, क्योंकि संजय और सुनीता के घर बेटे का जन्म हुआ है। बेटे के जन्म पर खुशी स्वाभाविक है, लेकिन यह खुशी तब सवाल खड़े करती है, जब पता चलता है कि इस बेटे से पहले परिवार में 10 बेटियां हैं।

    संजय की पत्नी सुनीता ने अपनी शादी के 19 सालों में 11 बार गर्भधारण किया। हर बार नॉर्मल डिलीवरी हुई। पहली 10 बार बेटियां पैदा हुईं और अब 11वीं डिलीवरी में बेटा हुआ है। मां और नवजात बेटा दोनों स्वस्थ हैं, लेकिन यह कहानी भारतीय समाज की उस सोच को उजागर करती है, जो आज भी बेटे को वंश का वाहक मानती है।

    परिवार के मुखिया संजय का कहना है कि उन्होंने कभी बेटियों को बोझ नहीं समझा। उनके अनुसार, “बेटियां भगवान की देन हैं, लक्ष्मी का रूप हैं। मैंने उन्हें हमेशा बेटों की तरह पाला है।” संजय बताते हैं कि उनकी सबसे बड़ी बेटी अब 18 साल की हो चुकी है और 12वीं कक्षा में पढ़ रही है। बाकी बेटियां भी स्कूल जा रही हैं और सबसे छोटी बेटी का हाल ही में स्कूल में दाखिला हुआ है।

    हालांकि संजय यह भी स्वीकार करते हैं कि बेटे के न होने पर उन्हें समाज के ताने सुनने पड़े। गांव और रिश्तेदारी में तरह-तरह की बातें होती थीं, जिससे वह और उनकी पत्नी मानसिक दबाव में रहते थे। यही सामाजिक दबाव बेटे की चाह को और मजबूत करता गया।

    यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि क्या आज भी समाज में बेटा-बेटी का भेद खत्म नहीं हुआ है? क्या वंश आगे बढ़ाने की सोच के आगे महिलाओं के स्वास्थ्य, बच्चों के भविष्य और परिवार की जिम्मेदारियों को नजरअंदाज किया जा सकता है?

    यह कहानी सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि उस सामाजिक मानसिकता की तस्वीर है, जिसे बदलने की आज भी सख्त जरूरत है। बेटियां किसी से कम नहीं हैं—यह साबित वे हर क्षेत्र में कर चुकी हैं। अब जरूरत है कि समाज इस सच्चाई को दिल से स्वीकार करे।

  • दिल्ली: अवैध अतिक्रमण हटने के बाद फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास सन्नाटा, हर मोड़ पर पुलिस तैनात

    दिल्ली: अवैध अतिक्रमण हटने के बाद फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास सन्नाटा, हर मोड़ पर पुलिस तैनात

    दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास नगर निगम (MCD) द्वारा चलाए गए अवैध अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद हालात फिलहाल नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरे क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस और सुरक्षाबल तैनात हैं, जबकि तोड़े गए अवैध ढांचों का मलबा हटाने का काम लगातार जारी है।

    सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

    अधिकारियों के मुताबिक, अभियान के दौरान और उसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता रही। इलाके के संवेदनशील बिंदुओं पर अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं और पुलिस की मौजूदगी लगातार बनी हुई है। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है ताकि किसी भी तरह की अशांति को समय रहते रोका जा सके।

    मलबा हटाने का कार्य जारी

    MCD अधिकारियों ने बताया कि अभियान में चिन्हित अवैध निर्माणों को हटाया गया है। अब क्षेत्र को पूरी तरह साफ करने के लिए मलबा हटाया जा रहा है, जिससे सड़क और सार्वजनिक रास्तों को सामान्य उपयोग के लिए जल्द खोला जा सके।

    इलाके में शांति, लेकिन सतर्कता बरकरार

    अवैध अतिक्रमण हटने के बाद फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास सन्नाटा देखने को मिला है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एहतियातन पुलिस बल की तैनाती जारी रहेगी। स्थानीय हालात पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।

  • बाराबंकी : मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले

    बाराबंकी : मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले

    संवाददाता मुन्ना सिंह उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मधुमक्खियों के हमले से बचने के लिए लगाई गई आग एक बुजुर्ग की मौत का कारण बन गई। यह दर्दनाक हादसा त्रिवेदीगंज क्षेत्र के रौनी पंचायत स्थित गोतवन पुरवा में हुआ, जहां 65 वर्षीय राम औतार केवट की जिंदा जलकर मौत हो गई।

    मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले
    मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले

    मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम राम औतार केवट त्रिवेदीगंज बाजार से अपने गांव गोतवन पुरवा लौट रहे थे। जैसे ही वे रौनी गांव के पास पहुंचे, अचानक मधुमक्खियों के एक झुंड ने उन पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों के हमले से घबराए राम औतार ने खुद को बचाने के लिए पास में खड़े सूखे खर-पतवार में आग लगा दी, ताकि धुएं से मधुमक्खियां दूर हो जाएं।

    हालांकि, यह प्रयास उनके लिए घातक साबित हुआ। आग लगाने के बावजूद मधुमक्खियों का हमला नहीं रुका। लगातार डंक मारने से राम औतार की हालत बिगड़ने लगी और वे बेहोश होकर वहीं गिर पड़े। दुर्भाग्यवश, वे जलते हुए खर-पतवार की आग में गिर गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।घटना के बाद राम औतार देर शाम तक घर नहीं लौटे। जब परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, तो उन्हें घटनास्थल पर जला हुआ शव मिला। यह दृश्य देखकर परिजन बदहवास हो गए और गांव में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला दुर्घटना का प्रतीत होता है, लेकिन हर पहलू से जांच की जा रही है। ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है और घटनास्थल का निरीक्षण भी किया गया है।इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में मधुमक्खियों के हमलों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मधुमक्खियों के हमले की स्थिति में आग लगाना बेहद खतरनाक हो सकता है, खासकर जब आसपास सूखी घास या ज्वलनशील पदार्थ मौजूद हों। ऐसे हालात में जमीन पर लेट जाना, कपड़े से चेहरा ढंकना या धीरे-धीरे वहां से दूर हटना अधिक सुरक्षित माना जाता है।

    ग्रामीणों का कहना है कि इस इलाके में पहले भी मधुमक्खियों के हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन कभी इतनी भयावह घटना नहीं हुई। प्रशासन से मांग की जा रही है कि गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि लोग ऐसी परिस्थितियों में सही कदम उठा सकें।

    राम औतार केवट की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वह परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य थे और उनकी मौत से परिवार पर आर्थिक संकट भी गहरा गया है।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • लहसुन के माउथवॉश के फायदे: मुंह के बैक्टीरिया और मसूड़ों की सुरक्षा

    लहसुन के माउथवॉश के फायदे: मुंह के बैक्टीरिया और मसूड़ों की सुरक्षा

    आज के समय में माउथवॉश का इस्तेमाल मुंह की सफाई और फ्रेशनिंग के लिए आम हो गया है। बाजार में पुदीना, नींबू और अन्य फ्लेवर्ड माउथवॉश उपलब्ध हैं। लेकिन क्या आपने कभी लहसुन का माउथवॉश इस्तेमाल करने के बारे में सोचा है? हां, लहसुन का पानी या गार्लिक माउथवॉश भी मुंह के स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है।

    लहसुन के माउथवॉश के फायदे

    1. मुंह के बैक्टीरिया कम करें
    लहसुन में मौजूद एलिसिन नामक सक्रिय कंपाउंड पावरफुल एंटीमाइक्रोबियल एजेंट है। यह मुंह के बैक्टीरिया को कम करने में मदद करता है और दांतों और मसूड़ों को संक्रमण से बचाता है।

    2. मसूड़ों की सूजन घटाएं
    यदि मसूड़ों में सूजन या दर्द की समस्या है तो लहसुन का माउथवॉश इसके लिए राहत दे सकता है। नियमित कुल्ला करने से मसूड़ों में सूजन और लालिमा कम होने लगती है।

    3. मुंह के संक्रमण से बचाव
    एलिसिन के एंटीबैक्टीरियल गुण मुंह में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को नियंत्रित करते हैं। इससे दांतों और मसूड़ों के आसपास संक्रमण कम होता है और सांस भी ताजगी भरी रहती है।

    घर पर लहसुन का माउथवॉश कैसे बनाएं

    सामग्री और तैयारी:

    • 1-2 लहसुन की कलियां
    • 1 कप पानी

    लहसुन को अच्छी तरह कूटकर पानी में डालें। इसे 1-2 मिनट उबालकर गुनगुना कर लें।

    इस्तेमाल करने का तरीका:

    • कुल्ला करने के लिए गुनगुने लहसुन के पानी को मुंह में डालें।
    • इसे 30 सेकंड तक अच्छी तरह घुमाएं और थूक दें।
    • कुल्ला करने के बाद दांतों को ब्रश करें।

    ध्यान रखें कि इसे ज्यादा देर तक मुंह में न रखें क्योंकि इससे मसूड़ों में इरिटेशन हो सकती है। सप्ताह में 2-3 बार लहसुन के माउथवॉश का इस्तेमाल करना मुंह के स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त है। लहसुन का माउथवॉश एक सस्ता, प्राकृतिक और प्रभावी उपाय है जो बैक्टीरिया कम करने, मसूड़ों की सूजन घटाने और मुंह की ताजगी बनाए रखने में मदद करता है। इसे घर पर आसानी से बनाया जा सकता है और नियमित इस्तेमाल से दांत और मसूड़े स्वस्थ रहते हैं

  • Weight Loss Flour: वजन कम करना है तो बदलें आटे की आदत, ये आटे हैं गेहूं से ज्यादा फायदेमंद

    Weight Loss Flour: वजन कम करना है तो बदलें आटे की आदत, ये आटे हैं गेहूं से ज्यादा फायदेमंद

    Weight Loss Flour: इसमें कोई दोराय नहीं कि अच्छा खानपान ही अच्छी सेहत की कुंजी है। आज के समय में बढ़ते वजन की सबसे बड़ी वजह गलत डाइट और बाहर के खाने की आदत बन चुकी है। फास्ट फूड और तले-भुने खाने से शरीर को जरूरत से ज्यादा फैट और कैलोरी मिलती है, जिससे वजन तेजी से बढ़ता है।अगर आप वजन घटाना चाहते हैं, तो इसकी शुरुआत घर के खाने में छोटे लेकिन असरदार बदलाव से की जा सकती है। खासकर आटे का चुनाव वजन घटाने में अहम भूमिका निभाता है। आज हम आपको ऐसे आटे बता रहे हैं, जिनसे बनी रोटियां गेहूं के आटे से ज्यादा हेल्दी मानी जाती हैं और वजन कम करने में मदद करती हैं।

    रागी का आटा (Ragi Flour)

    रागी के आटे से बनी रोटियां सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होती हैं।

    • रागी कैल्शियम और फाइबर से भरपूर होता है
    • पेट लंबे समय तक भरा रहता है
    • ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है

    जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, वे रोजाना रागी की रोटी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।

    बाजरे का आटा (Bajra Flour)

    बाजरे का आटा पूरी तरह ग्लूटन फ्री होता है।इसमें भरपूर प्रोटीन और फाइबर पाया जाता है बार-बार भूख नहीं लगती ओवरईटिंग से बचाव होता है हफ्ते में 2–3 बार बाजरे की रोटियां खाने से वजन कंट्रोल में रहता है।

    ज्वार का आटा (Jowar Flour)

    ज्वार के आटे से बनी रोटियां स्वादिष्ट होने के साथ-साथ हेल्दी भी होती हैं। यह भी ग्लूटन फ्री होता है फाइबर और प्रोटीन से भरपूर मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है दाल या सब्जी के साथ ज्वार की रोटी वजन घटाने वालों के लिए बेहतरीन विकल्प है।

    जौ का आटा (Barley Flour)

    जौ के आटे की रोटियां वेट लॉस के लिए बेहद असरदार मानी जाती हैं। इसमें फाइबर और बीटा-ग्लूकन मौजूद होता हैपेट लंबे समय तक भरा रहता है ब्लड शुगर को रेगुलेट करने में मदद करता है डायबिटीज और मोटापे से जूझ रहे लोगों के लिए जौ की रोटी काफी फायदेमंद है।