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  • मालेगांव ब्लास्ट केस में ऐतिहासिक फैसला: साध्वी प्रज्ञा ठाकुर समेत सभी 7 आरोपी बरी

    मालेगांव ब्लास्ट केस में ऐतिहासिक फैसला: साध्वी प्रज्ञा ठाकुर समेत सभी 7 आरोपी बरी

    मालेगांव बम विस्फोट मामले में 17 साल के लंबे इंतजार के बाद फैसला (Malegaon Blast Case) आ गया है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत गुरुवार को 2008 में हुए इस धमाके की जांच मामले में फैसला सुना दिया है. साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित समेत सातों आरोपी बरी कर दिए गए हैं. विशेष एनआईए अदालत ने कहा है कि ब्लास्ट में इस्तेमाल बाइक के साध्वी प्रज्ञा के होने के सबूत नहीं है. इन आरोपियों पर यूएपीए नहीं लगा सकते. 

    कोर्ट ने कहा कि इन आरोपियों पर घटना से जुड़े आरोप साबित नहीं हुए हैं. मामले में पेश तमाम गवाह बाद में अपने बयान से मुकर गए. आरडीएक्स लेफ्टिनेंट के घर से मिलने का साक्ष्य नहीं है. इस मामले के सभी सात आरोपी अब कोर्ट रूम पहुंच गए हैं. आपको बता दें कि अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से सुनवाई और अंतिम दलीलें पूरी करने के बाद 19 अप्रैल को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. इस धमाके में छह लोगों की मौत हुई थी. 

    कोर्ट रूम पहुंचे सभी आरोपी मालेगांव ब्लास्ट केस में ऐतिहासिक फैसला

    साध्वी प्रज्ञा ठाकुर समेत इस मामले में जिन सात लोगों को आरोपी बनाया गया है, वो फिलहाल कोर्ट रूम पहुंच चुके हैं. कोर्ट की कार्रवाई अब से कुछ देर में शुरू हो सकती है. 

    कौन हैं मालेगांव के सात आरोपी, मालेगांव ब्लास्ट केस में ऐतिहासिक फैसला

    मालेगांव बम धमाका मामले में कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया है. इस लिस्ट में पूर्व सांसद साध्व प्रज्ञा ठाकुर भी एक आरोपी हैं. इस मामले में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित, रिटायर मेजर रमेश उपाध्याय, अजय राहिरकर, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी को आरोपी बनाया गया है.

    क्या हैं आरोप मालेगांव ब्लास्ट केस में ऐतिहासिक फैसला

    रिपोर्ट्स के अनुसार इस मामले में कर्नल पुरोहित पर आरोप है कि उन्होंने आरडीएक्स कश्मीर से लाकर महाराष्ट्र स्थित अपने घर में छिपाया था. इस बम को सुधाकर चुतर्वेदी के देवलाली छावनी में स्थित घर में तैयार किया था. एटीएस ने दावा किया है कि बाइक पर बम प्रीवण टक्कलकी, रामजी कालसांगरा और संदीप डांगे ने लगाया था. ये भी एक बड़ी साजिश के तहत काम कर रहे थे. इस मामले में पहली चार्जशीट 2009 में दाखिल की गई थी. इसमें 11 आरोपी और 3 वान्टेंड थे. इलेक्ट्रॉनिक सबूतों में सुधाकर धर द्विवेदी के लैपटॉप की रिकॉर्डिंग, वॉयस सैंपल आदि शामिल किए गए थे. जांच के दौरान पता चला था कि जनवरी 2008 में फरीदाबाद, भोपाल, और नासिक में इस साजिश को लेकर बैठकों को दौर चला था.

  • Neetu Bisht Arrested News -इंफ्लुएंसर महिला पुलिस अफसर ने कराया बिज़नेसमैन का अपहरण!

    Neetu Bisht Arrested News -इंफ्लुएंसर महिला पुलिस अफसर ने कराया बिज़नेसमैन का अपहरण!

    नई दिल्ली / मुंबई – सोशल मीडिया पर अपनी स्टाइलिश छवि और एक्टिव पोस्ट्स के लिए मशहूर एक महिला पुलिस अफसर पर अब बेहद संगीन आरोप लगे हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस अफसर ने एक बिज़नेसमैन के अपहरण की साजिश रची और उसे अंजाम भी दिया।घटना के बाद से ही सोशल मीडिया और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।


    क्या है पूरा मामला? इंफ्लुएंसर महिला पुलिस अफसर ने कराया बिज़नेसमैन का अपहरण!

    जानकारी के अनुसार, महिला पुलिस अफसर, जो खुद को सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर भी बताती है, ने अपने कुछ सहयोगियों के साथ मिलकर एक कारोबारी का अपहरण कर फिरौती मांगी। बिज़नेसमैन को एक सुनसान जगह पर बंदी बनाकर रखा गया था। पुलिस ने बिज़नेसमैन को सुरक्षित छुड़ा लिया है। अफसर और उसके साथी आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। मामले की जांच में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं।

    मांगी थी 50 लाख की रिश्वत इंफ्लुएंसर महिला पुलिस अफसर ने कराया बिज़नेसमैन का अपहरण!

    शिकायत के अनुसार, सब-इंस्पेक्टर ने गृह मंत्रालय से जुड़े एक स्थानांतरण और भर्ती संबंधी मामले में कथित तौर पर कुल 50 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “आरोपी ने 50 लाख रुपये की मांग की थी, जिसमें से 20.50 लाख रुपये शिकायतकर्ता द्वारा कथित तौर पर भुगतान और रिकॉर्ड कर लिए गए थे. शेष राशि कथित तौर पर दबाव बनाकर मांगी जा रही थी.”

    महिला एसआई पर क्या आरोप इंफ्लुएंसर महिला पुलिस अफसर ने कराया बिज़नेसमैन का अपहरण!

    उन्होंने आगे कहा कि शिकायतकर्ता ने लेन-देन के ठोस सबूत पेश किए, जिसके बाद सतर्कता दल ने जाल बिछाकर आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि महिला सब-इंस्पेक्टर कथित तौर पर डॉक्टर और उसके बेटे को थाने के एक कमरे में ले गई, जहां उसने उनके साथ मारपीट की और उन्हें धमकाया. शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि दबाव में उसे रिश्वत की मांग पूरी करने के लिए मजबूर किया गया.

  • बाराबंकी: महिला सिपाही की निर्मम हत्या, चेहरा जलाया, शव को कौवे नोंचते मिले; 4 दिन से थी लापता

    बाराबंकी: महिला सिपाही की निर्मम हत्या, चेहरा जलाया, शव को कौवे नोंचते मिले; 4 दिन से थी लापता

    बाराबंकी, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक 28 वर्षीय महिला कांस्टेबल की निर्मम हत्या का मामला सामने आया है। महिला सिपाही का शव इस हालत में मिला कि चेहरा जला हुआ था और शरीर को कौवे नोंच रहे थे।
    शव की शिनाख्त उसकी वर्दी से हुई। बताया जा रहा है कि वह पिछले चार दिनों से लापता थी।


    📍 क्या है पूरा मामला? महिला सिपाही की निर्मम हत्या

    घटना बाराबंकी के सफदरगंज थाना क्षेत्र की है।स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी कि सड़क किनारे झाड़ियों में एक जली हुई लाश पड़ी है।मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि शव महिला का है, जिसका चेहरा पूरी तरह जलाया गया था, ताकि पहचान न हो सके।शव के आसपास कौवे और जानवर नोंचते मिले, जिससे हालत और भी दर्दनाक थी।शव की पहचान 28 वर्षीय महिला सिपाही के रूप में हुई, जो लखनऊ के चिनहट थाने में तैनात थी और पिछले चार दिनों से गायब थी।

    हत्या की साजिश? पुलिस ने जताई आशंका महिला सिपाही की निर्मम हत्या

    पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह मामला पूर्व नियोजित हत्या का हो सकता है।चेहरे को जलाना यह दर्शाता है कि पहचान छिपाने की कोशिश की गई।फिलहाल, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और हत्या, अपहरण और महिला उत्पीड़न के एंगल से जांच शुरू कर दी गई है।

    परिवार का क्या कहना है?महिला सिपाही की निर्मम हत्या

    परिजनों ने बताया कि वह चार दिन पहले ड्यूटी से निकलने के बाद घर नहीं पहुंची थी
    उन्होंने कई जगह शिकायत की, लेकिन अब जाकर उसकी लाश मिलने से पूरा परिवार सदमे में है


    महिला सुरक्षा पर बड़ा सवाल महिला सिपाही की निर्मम हत्या

    इस घटना ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की महिला सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
    एक महिला पुलिसकर्मी, जो खुद कानून की रखवाली कर रही थी, अगर वह खुद सुरक्षित नहीं रही, तो आम महिलाओं का क्या होगा?


    जांच जारी, कई लोगों से पूछताछ महिला सिपाही की निर्मम हत्या

    पुलिस ने इस मामले में कुछ संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है
    CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और कॉल डिटेल्स की भी जांच की जा रही है।

  • हमीरपुर: नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, ससुराल पक्ष पर लगा हत्या का आरोप

    हमीरपुर: नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, ससुराल पक्ष पर लगा हत्या का आरोप

    पवन सिंह परिहार हमीरपुर, उत्तर प्रदेश। हमीरपुर जिले के मुस्करा कस्बे में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि घर सुनसान पाकर युवती ने कमरे में रस्सी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं मृतका के मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।

    क्या है पूरा मामला? नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

    घटना मुस्करा कस्बे के पुरवा मुहाल की है। जानकारी के अनुसार, 21 वर्षीय विद्या की शादी करीब दो साल पहले महोबा जिले के डढ़त गांव निवासी अरुण के साथ हुई थी। मृतका के ससुर कंधी कुशवाहा के अनुसार, विद्या ने 11 जून को एक बच्ची को जन्म दिया था और तब से वह अपने मायके में रह रही थी। बीते दिन ही ससुर अपनी बहू को वापस मुस्करा स्थित घर लाया था।बताया जा रहा है कि मंगलवार सुबह घर में कोई नहीं था। इसी दौरान विद्या ने घर के बाहर बने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी।

    मायके पक्ष ने लगाए गंभीर आरोप नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

    घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज हत्या का आरोप लगाया और जमकर हंगामा किया। उनका कहना है कि विद्या की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप दिया गया है।

    पुलिस ने क्या कहा? नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

    मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    जांच में जुटी पुलिस नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

    फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। ससुराल पक्ष से पूछताछ की जा रही है और मृतका के परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

  • पीलीभीत: आइंस्टीन पब्लिक स्कूल निकला फर्जी, बच्चों को मदरसे की अंकतालिका देने पर अभिभावकों का हंगामा

    पीलीभीत: आइंस्टीन पब्लिक स्कूल निकला फर्जी, बच्चों को मदरसे की अंकतालिका देने पर अभिभावकों का हंगामा

    रिपोर्ट: संजय शुक्ला

    पीलीभीत -जिले के न्यूरिया कस्बे में संचालित आइंस्टीन पब्लिक स्कूल को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। कई अभिभावकों ने जिलाधिकारी को शिकायत दी है कि यह स्कूल फर्जी तरीके से बच्चों को मदरसे में पढ़ा रहा है।

    🔴 क्या है पूरा मामला? आइंस्टीन पब्लिक स्कूल निकला फर्जी

    शिकायतकर्ता अभिभावक राजेंद्र गुप्ता का कहना है कि जब वे आइंस्टीन स्कूल से अपने बच्चे की अंकतालिका लेने पहुंचे तो उन्हें मदरसे की अंकतालिका दी गई। यह देखकर वे हैरान रह गए। उन्होंने बताया कि यह केवल उनके बच्चों के साथ नहीं, बल्कि 60 से 70 हिंदू बच्चों के साथ भी यही धोखा हो रहा है। “स्कूल का नाम आइंस्टीन पब्लिक स्कूल है, लेकिन बच्चों को मदरसे में पढ़ाया जा रहा है। हमें इस बारे में पहले कभी नहीं बताया गया,” – अभिभावक राजेंद्र गुप्ता।इसके बाद अभिभावकों ने अपने बच्चों का नाम स्कूल से कटवा दिया और जिलाधिकारी को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।


    प्रशासन एक-दूसरे पर डाल रहा जिम्मेदारी आइंस्टीन पब्लिक स्कूल निकला फर्जी

    इस गंभीर मामले में प्रशासनिक अमला भी जिम्मेदारी से बचता दिख रहा है।

    • जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने कहा कि आइंस्टीन पब्लिक स्कूल स्कूल नहीं बल्कि मदरसा है, और मामला जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के अधिकार क्षेत्र में आता है।
    • वहीं अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने अभी तक कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं की है।

    बड़ा सवाल यह है कि फर्जी स्कूल पर कार्रवाई का अधिकार किसके पास है और आखिर जिम्मेदारी कौन लेगा?


    📢 अभिभावकों की मांग आइंस्टीन पब्लिक स्कूल निकला फर्जी

    अभिभावकों ने मांग की है कि: बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले फर्जी स्कूल को तुरंत बंद किया जाए।

    1. सभी बच्चों को सही स्कूल में एडमिशन दिलाया जाए।
    2. दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो।

    सोशल मीडिया पर गुस्सा आइंस्टीन पब्लिक स्कूल निकला फर्जी

    इस मामले का वीडियो और शिकायत पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोग इसे बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए तुरंत कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

  • IND vs ENG 4th Test: बैकफुट पर भारत, लेकिन बारिश बनी उम्मीद की किरण

    IND vs ENG 4th Test: बैकफुट पर भारत, लेकिन बारिश बनी उम्मीद की किरण

    स्पोर्ट्स डेस्क: भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रेफर्ड मैदान पर पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला खेला जा रहा है। आज मैच का चौथा दिन है और टीम इंडिया पूरी तरह बैकफुट पर नजर आ रही है। लेकिन इसी बीच इंद्र देवता ने भारत की संभावनाओं को थोड़ी राहत दी है।

    बारिश ने रोका इंग्लैंड का पलड़ा भारी बनता खेल IND vs ENG 4th Test

    चौथे दिन के खेल की शुरुआत से पहले ही बारिश ने दस्तक दी, जिससे खेल में देरी हुई और आसमान में घने बादल छा गए। ऐसे में अगर बारिश रुक-रुक कर होती रही तो यह भारतीय टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

    तीसरे दिन का हाल: IND vs ENG 4th Test

    • इंग्लैंड ने तीसरे दिन का खेल 7 विकेट पर 544 रन पर खत्म किया।
    • उसे भारत पर 186 रनों की बढ़त मिल चुकी है।
    • भारत ने पहली पारी में सिर्फ 358 रन बनाए थे।
    • बेन स्टोक्स 77 रन बनाकर नाबाद हैं और इंग्लैंड का स्कोर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    भारत की मुश्किलें IND vs ENG 4th Test

    • गेंदबाजों की लगातार पिटाई
    • इंग्लैंड की बढ़ती लीड ने भारत की वापसी को किया मुश्किल
    • मौसम ही एकमात्र सहारा

    क्या कहता है मौसम? IND vs ENG 4th Test

    • मौसम विभाग की मानें तो पूरे दिन रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है।
    • इससे मैच के ओवर कम हो सकते हैं और भारत को ड्रॉ की दिशा में जाने का मौका मिल सकता है।
    • भारत इस समय परेशानी के दौर में है, लेकिन मौसम का रुख उसे बचाव का मौका दे सकता है।
    • अब देखना होगा कि बारिश कितनी देर तक खेल रोकती है और क्या भारत इसका फायदा उठा पाता है या नहीं।
  • AI खा जाएगा भारत के लोगों की नौकरी!ChatGPT के मालिक ने बताई वजह,टाइम रहते बदल लो जॉब

    AI खा जाएगा भारत के लोगों की नौकरी!ChatGPT के मालिक ने बताई वजह,टाइम रहते बदल लो जॉब

    नई दिल्ली। पिछले कुछ वक्त में AI का इस्तेमाल लगभग हर क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। AI के आने से कई लोग तो टेंशन में हैं कि कहीं इसकी वजह से उनकी नौकरी न चली जाए, जबकि कुछ लोग पहले ही AI के कारण अपनी नौकरी गंवा चुके हैं। इसी बीच अब एक बार फिर ChatGPT के मालिक ने कुछ ऐसा कह दिया है जिससे लाखों लोगों की टेंशन बढ़ गई है। दरअसल ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने हाल ही में वाशिंगटन में फेडरल रिजर्व के एक कॉन्फ्रेंस में यह बताया कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्कप्लेस को नया रूप दे रहा है।

    AI खा जाएगा भारत के लोगों की नौकरी!\

    द गार्जियन की एक रिपोर्ट के अनुसार, ऑल्टमैन का कहना है कि AI से कुछ नौकरियां पूरी तरह से गायब हो सकती हैं, खासकर कस्टमर सपोर्ट जैसे क्षेत्रों में कई लोग अपनी नौकरियां गंवा सकते हैं। नौकरियों पर एआई के असर पर लंबे समय से बहस चल रही है, लेकिन अब इस क्षेत्र की अग्रणी हस्तियों में से एक से सीधे यह सुनना काफी लोगों को डरा रहा है। यानी टाइम रहते ऐसे लोगों को अपनी जॉब चेंज कर लेनी चाहिए।

    मुश्किल सवालों के भी जवाब दे सकता है AI AI खा जाएगा भारत के लोगों की नौकरी!

    कस्टमर सपोर्ट की नौकरी करने वालों के भविष्य के बारे में ऑल्टमैन ने बिना किसी संकोच के अपनी बात रखी है। साथ ही उन्होंने एआई को पहले से ही इतना स्मार्ट बताया कि यह नॉर्मल से लेकर मुश्किल सवालों के भी जवाब दे सकता है। ऑल्टमैन का कहना है कि एआई अब तेज, सटीक और इतना सक्षम है कि वह ह्यूमन एजेंट्स द्वारा किए जाने वाले सभी काम कर सकता है, वो भी बिना किसी देरी या गलती के ये सारे टास्क संभाल सकता है।

    AI दे रहा है बेहतर सुझाव AI खा जाएगा भारत के लोगों की नौकरी!

    ऑल्टमैन ने हेल्थ केयर सर्विस में भी एआई की बढ़ती भूमिका पर बात की और बताया कि चैटजीपीटी जैसे टूल्स अक्सर कई डॉक्टरों से बेहतर सुझाव दे सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी एक्सेप्ट किया है कि वह अपनी हेल्थ केयर को पूरी तरह से AI पर नहीं छोड़ना चाहेंगे। ऑल्टमैन ने यह भी कहा है कि मैं अपनी हेल्थ सर्विस के लिए किसी इंसान की मदद के बिना उस पर डिपेंड नहीं रहना चाहूंगा। 

  • शहीद चंद्रशेखर आजाद की 119वीं जयंती पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

    शहीद चंद्रशेखर आजाद की 119वीं जयंती पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

    कानपुर देहात : कानपुर देहात के जैनपुर स्थित बड़ा दरबार गेस्ट हाउस में अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की 119वीं जयंती पर देशभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत आज़ाद के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम की शुरुआत अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से की गई। उपस्थित वक्ताओं ने उनके बलिदान, साहस और भारत माता के लिए किए गए संघर्ष को याद किया।

    आजादी के आंदोलन में जन सहभागिता शहीद चंद्रशेखर आजाद की 119वीं जयंती पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

    मुख्य अतिथि जुगल देवी इंटर कॉलेज कानपुर के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य आचार्य भूपति तिवारी ने आजाद के बारे में बताया कि उन्होंने कहा कि पंडित सीताराम तिवारी और जगरानी देवी के पुत्र चंद्रशेखर आजाद ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने काकोरी कांड और लाहौर षडयंत्र केस में सक्रिय भागीदारी की थी। शहीद चंद्रशेखर आजाद की 119वीं जयंती पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

    मुख्य वक्ता सेवानिवृत्त क्षेत्राधिकारी आर. के.अग्निहोत्री ने कहा कि चंद्रशेखर का नाम भारत के स्वतंत्रता संघर्ष के इतिहास में अमिट है। बचपन में अंग्रेजों ने उन्हें 15 कोड़ो का दंड दिया था तभी उन्होंने संकल्प लिया कि अब अंग्रेजों के हाथ कभी नहीं लगेंगे। इसी संकल्प को पूरा करते हुए उन्होंने 27 फरवरी 1931 को पुलिस से घिरने के बाद अल्फ्रेड पार्क इलाहाबाद में स्वयं को गोली मारकर अपने प्राणों की आहुति दे दी। गांधी जी के असहयोग आंदोलन से जुड़ने के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और आजादी की लड़ाई में अपने क्रांतिकारी क्रियाकलापों से स्वतंत्रता आंदोलन की ज्वाला को निरंतर प्रज्वलित करते रहे कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एडवोकेट रविंद्र नाथ मिश्र ने एक रोचक प्रसंग साझा किया। उन्होंने बताया कि जब जज ने आजाद से उनका नाम पूछा, तो उन्होंने कहा – नाम आजाद और घर जेलखाना। कोड़े की सजा के दौरान हर कोड़े पर वंदे मातरम् का उद्घोष करते रहे।

    शहीद चंद्रशेखर आजाद की 119वीं जयंती पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

    कार्यक्रम आयोजक रचना त्रिपाठी, राकेश शुक्ल, अशोक पांडे, संरक्षक प्रेमचंद्र त्रिपाठी, रजोल शुक्ला, पूर्व जिलाध्यक्ष राहुलदेव अग्निहोत्री, मुनेश शुक्ला, बीटू द्विवेदी,रामकिशोर पांडेय, प्रद्युम्न शुक्ल, अंबुज द्विवेदी, नरेंद्र शुक्ल (सेवानिवृत्त उप निरीक्षक), शिव प्रसाद मिश्र,राजेश अवस्थी, किरण अवस्थी, नीतू पांडेय, आनंद तिवारी, महेश तिवारी, बाबा रमाकांत तिवारी, रवींद्र शुक्ल (पूर्व ब्लॉक प्रमुख मलासा) रामभरोसे शास्त्री, सत्य नारायण शुक्ल, एडवोकेट अंकित शुक्ल,शिवकुमार मिश्रा, सूर्यप्रकाश शर्मा, रुचि त्रिपाठी, विनीत त्रिवेदी, गोविंद दीक्षित, सुधांशु चतुर्वेदी, दीपक मिश्रा, सुभाष तिवारी, श्याम जी दीक्षित। विवेक तिवारी, राकेश द्विवेदी, अमोद द्विवेदी, सुनील तिवारी, बृजेंद्र शुक्ला, पिंकी पाठक, राहुल शुक्ला आदि लोग मौजूद रहे।

  • Kanpur Dehat News: विद्यालय विलय के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध, रोड जाम कर सरकार से स्कूल दोबारा खोलने की मांग

    Kanpur Dehat News: विद्यालय विलय के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध, रोड जाम कर सरकार से स्कूल दोबारा खोलने की मांग

    कानपुर देहात (Kanpur Dehat)– उत्तर प्रदेश में 50 से कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक विद्यालयों को बंद कर मर्ज किए जाने के सरकार के फैसले का विरोध तेज हो गया है।इसी क्रम में दुजापुर गांव के ग्रामीणों ने बच्चों और अभिभावकों के साथ मिलकर रोड जाम कर प्रदर्शन किया, और सरकार से विद्यालय को पुनः खोलने की मांग की।

    Kanpur Dehat News: विद्यालय विलय के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध

    क्या है मामला?

    • सरकार ने कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को बंद कर अन्य स्कूलों में मर्ज करने का आदेश दिया है
    • दुजापुर का विद्यालय बंद कर 3 किमी दूर रतापुर गांव में मर्ज कर दिया गया है
    • ग्रामीणों का आरोप है कि छोटे बच्चों को रोज़ 3 किमी जाना जोखिम भरा है Kanpur Dehat News: विद्यालय विलय के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध

    दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं:

    • एक बच्ची का दुर्घटना में हाथ टूट गया
    • एक अन्य बच्चे के पैर में गंभीर चोट आई
    • हाईवे पर हैवी वाहनों की वजह से बच्चों की जान खतरे में है
    • Kanpur Dehat News: विद्यालय विलय के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध

    ग्रामीणों का सीधा सवाल

    शराब के ठेके तो गांव-गांव चालू हैं, लेकिन बच्चों के स्कूल बंद किए जा रहे हैं। ये कैसा विकास?

    हाईकोर्ट का फैसला

    • शिक्षकों की याचिका पर हाईकोर्ट ने सरकार के मर्जिंग फैसले को सही ठहराया
    • लेकिन जमीन पर ग्रामीणों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता गहराई है

    🎓 सरकारी स्कूल बनाम प्राइवेट शिक्षा:

    • सरकारी स्कूलों में मिड डे मील, मुफ्त किताबें, ड्रेस, प्रशिक्षित शिक्षक होने के बावजूद
    • गांवों में स्कूल कम, और कस्बों में प्राइवेट स्कूलों की संख्या बढ़ती जा रही है
    • नीति बनाम जमीनी सच्चाई के बीच बच्चों का भविष्य झूल रहा है Kanpur Dehat News: विद्यालय विलय के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध
  • बाराबंकी- लोधेश्वर धाम में शिवभक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा,जयकारों से गूंजा बाराबंकी

    बाराबंकी- लोधेश्वर धाम में शिवभक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा,जयकारों से गूंजा बाराबंकी

    बाराबंकी | सावन मास – प्रदोष तिथि विशेष

    उत्तर भारत के प्रसिद्ध शिवधाम लोधेश्वर महादेवा मंदिर में आज श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अनुपम दृश्य देखने को मिला। सावन मास के प्रदोष के अवसर पर हजारों शिवभक्तों की भीड़ भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए उमड़ पड़ी।श्रद्धालु “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयघोष करते हुए मंदिर प्रांगण में पहुंचे और भोलेनाथ पर जल, बेलपत्र, चंदन, फूल व अक्षत अर्पित किए।

    हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा का अद्भुत दृश्य लोधेश्वर धाम में शिवभक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा

    प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने हेलीकॉप्टर से कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर उनकी श्रद्धा और सेवा भाव को सम्मान दिया।
    इस दौरान पूरा लोधेश्वर धाम शिव नाम के जयकारों से गूंज उठा

    प्रशासन की व्यवस्थाएं सराहनीय

    • मंदिर परिसर और चारों ओर बैरिकेटिंग लगाई गई
    • सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम – मंदिर व आसपास के क्षेत्र में पुलिस तैनात
    • भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष दल तैनात

    सुबह जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, हजारों शिवभक्तों ने भगवान को जलाभिषेक किया और बेलपत्र व फूल चढ़ाए।