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  • नवरात्रि 2025- सिंदूर खेला के साथ आज होगा मां दुर्गा का विसर्जन, हाथी से नाव तक का भव्य आयोजन

    नवरात्रि 2025- सिंदूर खेला के साथ आज होगा मां दुर्गा का विसर्जन, हाथी से नाव तक का भव्य आयोजन

    नवरात्रि 2025- उत्तर प्रदेश में नवरात्रि पर्व की समाप्ति के अवसर पर आज मां दुर्गा का विसर्जन होगा। इस अवसर पर परंपरागत सिंदूर खेला की रस्म के साथ भक्त देवी शक्ति को विदा करेंगे। सनातन परंपरा में शक्ति पूजा का विशेष महत्व है, क्योंकि मां दुर्गा के बिना देवताओं की पूजा अधूरी मानी जाती है।

    इस वर्ष मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर पूजा स्थल पर आईं, जबकि विसर्जन के समय उन्हें नाव पर बिठाकर विदाई दी जाएगी। श्रद्धालुओं ने पहले ही पूजा सामग्री, फूल और रंगोली के साथ मंदिर परिसर को सजाया है। मंदिर के पंडाल में भक्तिमय वातावरण बना रहेगा और स्थानीय कलाकारों द्वारा भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया जाएगा।

    सिंदूर खेला में महिलाएं और युवा पूरे उत्साह के साथ मां दुर्गा पर सिंदूर डालते हैं और अपनी आस्था का इजहार करते हैं। विसर्जन के समय भक्त मां दुर्गा को गंगा या स्थानीय तालाब में सुरक्षित रूप से विसर्जित करेंगे।

    इस अवसर पर प्रशासन ने भी सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। देवी विसर्जन के बाद श्रद्धालु सरस्वती पूजा का भी आयोजन करेंगे और नवरात्रि का पर्व पूर्ण रूप से समापन करेगा।

  • कानपुर देहात धर्मगढ़ बाबा परिसर में नवरात्रि पर शतचंडी महायज्ञ और श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन

    कानपुर देहात धर्मगढ़ बाबा परिसर में नवरात्रि पर शतचंडी महायज्ञ और श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन

    ब्यूरो रसूलाबाद कानपुर देहात:रसूलाबाद स्थित धर्मगढ़ बाबा परिसर में नवरात्रि के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब देखने को मिला। यहां शतचंडी महायज्ञ और श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन भव्य रूप से किया गया। अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथा वाचक पंडित शिवाकांत जी महाराज अपने मधुर वाणी से भक्तों को धर्म, भक्ति और जीवन मूल्यों का संदेश दे रहे हैं।

    कथा सुनने के लिए प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु परिसर में इकट्ठा होते हैं और भक्ति रस में डूब जाते हैं। परिसर का वातावरण श्रद्धा और उत्साह से परिपूर्ण है। सजावट, दीप-प्रदीप और भक्तों की भीड़ के चलते पूरा परिसर मेले जैसा दृश्य प्रस्तुत कर रहा है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की उपस्थिति ने आयोजन को और भी जीवंत बना दिया है।

    इस अवसर पर कानपुर देहात के जिलाधिकारी कपिल सिंह भी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को एकजुट करने और सकारात्मक ऊर्जा फैलाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आयोजकों की सराहना की और सभी से धर्म और संस्कृति से जुड़े रहने का आह्वान किया।

    कार्यक्रम में शतचंडी महायज्ञ का आयोजन विशेष महत्व रखता है। यह आयोजन भक्तों के लिए आध्यात्मिक अनुभव और आस्था का सशक्त माध्यम बनता है। पंडित शिवाकांत जी महाराज की कथा सुनकर भक्त अपने जीवन में धार्मिक और नैतिक मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।धर्मगढ़ बाबा परिसर में यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता को भी बढ़ावा दे रहा है। श्रद्धालु इस मौके पर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा के लिए महायज्ञ और कथा में हिस्सा ले रहे हैं।

  • मुरादाबाद में नवरात्र के पहले माता काली मंदिर पर श्रद्धालुओं की भीड़, दर्शन के लिए लगी लंबी कतारें

    मुरादाबाद में नवरात्र के पहले माता काली मंदिर पर श्रद्धालुओं की भीड़, दर्शन के लिए लगी लंबी कतारें

    मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश। नवरात्र के शुभ अवसर से पहले मुरादाबाद के थाना मुगलपुरा क्षेत्र स्थित प्राचीन माता काली मंदिर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। हजारों की संख्या में लोग सुबह से ही दर्शन के लिए मंदिर के बाहर कतार में खड़े थे। श्रद्धालुओं का कहना था कि यह मंदिर काफी प्राचीन है और माता रानी सच्ची निष्ठा और भावनाओं के साथ लाए गए मनोकामनाओं को पूर्ण करती हैं।

    मंदिर की विशेषताएँ

    मंदिर में तैनात पुजारी ने बताया कि यह मंदिर लगभग 400 वर्ष पुराना है और यहाँ मातारानी, शिव, शनिदेव, विष्णु देव सहित कई देवी-देवताओं की मूर्तियाँ स्थापित हैं। मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यहाँ की एक जोत पिछले 70 वर्षों से लगातार जली हुई है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती है।

    महंत और पुजारी की बातें

    महंत रामगिरी ने बताया कि मुरादाबाद एवं आसपास के श्रद्धालु नवरात्र के दौरान विशेष आस्था और श्रद्धा के साथ मंदिर में दर्शन करने आते हैं। उनका कहना है कि सनातन धर्म में यह पर्व अत्यंत महत्वपूर्ण है और सभी धर्मालंबियों को इस अवसर पर माता रानी के दर्शन अवश्य करने चाहिए। पंडित अनुदक्षित ने भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति मंदिर तक नहीं पहुँच पाता तो अपने घर में माता रानी के नाम से एक जोत जलाकर सेवा कर सकता है।

    प्रशासन और सरकार की सराहना

    श्रद्धालुओं ने पुलिस प्रशासन, उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र की मोदी सरकार की भी तारीफ की कि मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था बेहतर बनाए रखी गई। सुबह से ही हजारों श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए कतार में खड़े थे, और यह दृश्य दर्शाता है कि नवरात्र जैसे पर्वों पर धार्मिक भावनाएँ कितनी प्रबल होती हैं।