बिहार के गांधी मैदान में एक ऐतिहासिक राजनीतिक पल देखने को मिला, जब नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की मुलाकात चर्चा का विषय बन गई।
नीतीश कुमार ने पीएम मोदी को पारंपरिक बिहारी गमछा भेंट कर सम्मानित किया, जबकि प्रधानमंत्री ने भी गर्मजोशी से उनका अभिवादन स्वीकार किया।
दोनों नेताओं के बीच यह संवाद राजनीतिक संकेतों से भरा माना जा रहा है।
समारोह के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार की जनता और राज्य नेतृत्व को शुभकामनाएं देते हुए कई संदेश भी दिए, जिसे राजनीतिक विश्लेषक 2025 की बदलती राजनीति के संदर्भ में देख रहे हैं।
बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में मिली प्रचंड सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। एनडीए को मिले ऐतिहासिक जनादेश को प्रधानमंत्री ने “विकास, सुशासन और सामाजिक न्याय” की जीत बताया।
पीएम मोदी ने कहा,“यह विकास और सुशासन की जीत हुई है। यह सामाजिक न्याय और जनकल्याण की भावना की जीत है। बिहार के मेरे परिवारजनों का बहुत-बहुत आभार, जिन्होंने 2025 के विधानसभा चुनावों में एनडीए को अभूतपूर्व जीत का आशीर्वाद दिया है। यह प्रचंड जनादेश हमें जनता-जनार्दन की सेवा करने और बिहार के लिए नए संकल्प के साथ काम करने की शक्ति प्रदान करेगा।”
बीजेपी और एनडीए की भारी जीत के बाद देशभर में पार्टी कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं। बिहार में भी ढोल-नगाड़ों, पटाखों और मिठाई के साथ उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है।
समस्तीपुर — समस्तीपुर में हाल ही में हुई रैली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने रैली के दौरान चिराग पासवान (Chirag Paswan) को रोककर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को बोलने का मौका दिया।
सोशल मीडिया पर इस वीडियो ने चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम सभी नेताओं के बीच सम्मान और राजनीतिक प्राथमिकताओं का संकेत है। रैली के दौरान प्रधानमंत्री ने मंच पर मौजूद नेताओं को समान रूप से सम्मान देने के लिए ऐसा किया।
वीडियो में साफ दिख रहा है कि चिराग पासवान जब बोलने की कोशिश कर रहे थे, पीएम मोदी ने हल्का हस्तक्षेप किया और नीतीश कुमार को मंच पर बोलने का मौका दिया। इस घटना ने विपक्ष और समर्थकों के बीच राजनीतिक बहस और ट्रोलिंग को भी जन्म दिया।
राजनीतिक विश्लेषक बताते हैं कि इस प्रकार के घटनाक्रमों से यह पता चलता है कि रैली का संचालन और वक्ता चयन कितनी सावधानी से किया जाता है। इसके अलावा, पीएम मोदी की यह कार्रवाई समर्थकों और पार्टी नेताओं के बीच सम्मान और अनुशासन को दर्शाती है।
वीडियो ने सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर और कमेंट का दौर शुरू कर दिया है, और लोग इसे लेकर अपनी-अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं।
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों का ऐलान होते ही सियासी माहौल गरम हो गया है। राजद सुप्रीमो लालू यादव ने चुनाव आयोग की घोषणा के बाद एनडीए पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “छह और ग्यारह NDA नौ दो ग्यारह,” जिसका अर्थ है कि 6 और 11 नवंबर को होने वाले मतदान के बाद एनडीए की विदाई तय है।
का यह बयान बिहार की राजनीति में हलचल पैदा कर रहा है। उनका कहना है कि एनडीए की सरकार सत्ता में वापसी नहीं करेगी, और इस बार विदाई तय है। वे लगातार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए पर हमलावर रहते हैं। उनका कहना है, “मुख्यमंत्री बदलेंगे, सरकार बदलेंगे।”बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में होगा। पहले चरण में 6 नवंबर को 121 सीटों पर वोटिंग होगी, जबकि दूसरे चरण में 11 नवंबर को 122 सीटों पर मतदान होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी और 16 नवंबर तक चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
लालू यादव ने पहले भी कहा था कि बिहार की जनता दुखी है क्योंकि 20 साल वाली सरकार झूठी है, और एनडीए का मतलब भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार है।इस बार का चुनाव कई मायनों में रोमांचक होने वाला है। एनडीए और महागठबंधन के अलावा जन सुराज पार्टी और तेजप्रताप यादव का अलग एंगल भी देखने को मिलेगा।
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बिहार की सियासत में यह चुनाव कई नए रंग और रणनीतियों को सामने ला सकता है। लालू यादव का हमला साफ दर्शाता है कि राजद एनडीए को कड़ी टक्कर देने के मूड में है, और इस बार मुकाबला दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण होने की उम्मीद है।
नई दिल्ली/पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से महत्वपूर्ण बैठक की। यह मुलाकात राजनीतिक हलचल और एनडीए की रणनीति के संदर्भ में चर्चा का विषय बनी हुई है।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में नीतीश कुमार और अमित शाह के अलावा संजय कुमार झा, विजय कुमार चौधरी, सम्राट चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। बैठक बंद कमरे में आयोजित की गई और लगभग 20 मिनट चली।बैठक में मुख्य रूप से आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर एनडीए की सीट शेयरिंग और चुनावी रणनीति पर चर्चा हुई। सूत्रों ने बताया कि उम्मीदवार चयन, प्रचार अभियान और गठबंधन की स्थिति पर भी बातचीत की गई।
नीतीश कुमार और अमित शाह की यह बैठक बिहार की राजनीति में काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एनडीए के लिए यह रणनीति तय करने का समय है, ताकि गठबंधन मजबूत रहे और विपक्षी दलों के मुकाबले चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।बैठक से यह संकेत मिलता है कि एनडीए आगामी चुनाव में संघर्षपूर्ण तैयारी के साथ उतर रहा है। गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी से यह स्पष्ट होता है कि चुनावी रणनीति में सभी पक्षों की सहमति और तालमेल को महत्व दिया जा रहा है।