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  • New GST slab 2025-आठ साल बाद बड़ा बदलाव,नई GST स्लैब 2025 लागू

    New GST slab 2025-आठ साल बाद बड़ा बदलाव,नई GST स्लैब 2025 लागू

    New GST slab 2025– देश में GST सुधारों के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने 56वें GST काउंसिल की बैठक में अब तक की सबसे बड़ी GST सुधार पैकेज की घोषणा की है। जिसे 22 सितंबर 2025 से लागू होने वाले इस बदलाव में चार दरों (5%, 12%, 18%, 28%) को सिर्फ दो मुख्य स्लैब—5% और 18%—में समाहित कर दिया गया है, आपको बता दें लग्जरी और ‘सिन’ वस्तुओं पर नई 40% स्लैब लागू की गई है। यह आठ साल बाद पहली बार ऐसा व्यापक पुनर्गठन है, और इसका असर घरेलू बजट से लेकर वैश्विक व्यापार संबंधों तक फैला है।

    GST में क्या-क्या हुए बदलाव और नई दरें और वर्गीकरण

    दो मुख्य स्लैब 5% और 18%

    • दैनिक उपयोग की वस्तुएँ जैसे साबुन, टूथपेस्ट, लोबान, और पैकेज्ड फूड अब 5% पर आएँगी।
    • इलेक्ट्रॉनिक्स (TVs, ACs, वॉशिंग मशीनें), छोटे वाहन और अन्य मानक सामान अब 18% पर टैक्स होंगे।

    नई 40% स्लैब लग्जरी और सिन उत्पाद

    • महंगी कारें, तंबाकू उत्पाद, पैनेल्टी कार जैसे लग्जरी और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक वस्तुएँ अब 40% टैक्स के दायरे में आ गयी हैं।
    • 2017 में GST शुरू हुआ था, और यह सबसे बड़ा स्लैब सुधार है जिसे पिछले आठ वर्षों में देखा गया है।
    • इस कदम का उद्देश्य कर ढाँचे को सादा बनाएँ, अनुपालन बढ़ाएँ, और मध्यम वर्ग व किसानों को राहत मिले।

    घरेलू लाभ में क्या मिला जनता को

    आर्थिक हलचल में सुधार

    • यह सुधार उपभोक्ता खर्च बढ़ाने और महंगाई को लगभग 1.1% तक कम करने में मदद करेगा।
    • SBI के मुख्य अर्थशास्त्री सौम्य कांत घोष का कहना है कि GST सुधार से GDP में 60 bps तक इजाफा हो सकता है, जबकि अमेरिकी टैरिफ का गिरावट पर असर नगण्य रहेगा।

    New GST slab 2025; विभिन्न शहरों पर दिखा असर

    • गुजरात के उद्योगों में विशेषकर वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो, पैकेज्ड फूड—सभी में मांग में बढ़ोतरी और लागत में कमी की उम्मीद है।
    • फसल मशीनरी, कृषि उपकरण पर 12% से 5% की कटौती किसानों के लिए राहत लेकर आएगी।
    • Tata Motors ने वाहन कीमतों में ₹1.55 लाख तक की कटौती की घोषणा की है, जिससे लाई-फेस्टिवल-सीजन में बिक्री बढ़ने की आशा है।

    विपक्ष और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

    • कांग्रेस ने कहा कि यह बदलाव “8 साल बहुत देर से” आया है, जबकि सरकार ने इसे चुनाव से जोड़ने के आरोपों से इनकार किया।
    • पंजाब के BJP अध्यक्ष ने इसे किसानों और आम जनता के लिए “उपहार” बताया।

    New GST slab 2025; अमेरिका पर प्रभाव — व्यापार नीति पर GST का दबाव?

    अमेरिकी टैरिफ और घरेलू संरक्षण

    • अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर 50% टैरिफ लगाने से घरेलू उपभोक्ता खपत में रुचि बढ़ाकर अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जा रही है।
    • विशेषज्ञों का मानना है कि यह GST सुधार अमेरिकी टैरिफ के असर को काफी हद तक जूस कर सकता है, जिससे GDP में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।

    आत्मनिर्भरता और आर्थिक पुनरुद्धार

    • इस रणनीति से घरेलू खपत को बढ़ावा मिलता है, जिससे निर्यात निर्भर अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारत अधिक लचीला दिखता है।
    • प्रधानमंत्री मोदी ने इसे “दिवाली बोनस” बताया, जो राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण लाभ है।
    पहलुविवरण
    स्लैब बदलाव5%, 18%, 40%
    ऐन कार्यान्वयन तारीख22 सितंबर 2025 — नवरात्रि की शुरुआत से प्रभावी
    घरेलू प्रभावमहंगाई में कमी, उपभोक्ता खर्च में वृद्धि, कृषि और MSME को राहत
    अमेरिका पर प्रभावटैरिफ के असर को कम करने में घरेलू मांग की भूमिका

    New GST slab 2025; नई GST स्लैब 2025 एक ऐतिहासिक सुधार है — चार दरों से सिर्फ दो मुख्य स्लैब तक बदलाव, लग्जरी वस्तुओं पर 40%, और घरेलू मांग को तब तक बढ़ावा देना जब वैश्विक टैरिफ बाधाएँ बढ़ रही हों। यह कदम न केवल कर संरचना को सरल करता है, बल्कि आत्मनिर्भरता, उपभोक्ता विश्वास, और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देता है। अब समय है—आप अपनी राय साझा कीजिए: यह GST सुधार आपके जीवन या व्यापार को कैसे प्रभावित कर सकता है?

  • Bihar band aaj NDA : बिहार बंद आज — NDA का प्रदर्शन और रविशंकर प्रसाद की प्रतिक्रिया

    Bihar band aaj NDA : बिहार बंद आज — NDA का प्रदर्शन और रविशंकर प्रसाद की प्रतिक्रिया

    Bihar band aaj NDA ; 4 सितंबर 2025 को बिहार में एनडीए (NDA) ने पांच घंटे का बिहार बंद बुलाया। यह विरोध प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत माता के खिलाफ महागठबंधन के किसी मंच पर कही गई कथित अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ था। इस बंद का नेतृत्व भाजपा महिला मोर्चा और एनडीए की अन्य समर्थक महिलाओं ने किया। इसमें मुख्य भूमिका भाजपा नेता एवं केंद्रीय सांसद रविशंकर प्रसाद ने निभाई, जिन्होंने प्रतिरोध के स्वर में तीखी टिप्पणियाँ कीं। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे—बंद का असर, प्रशासनिक प्रतिबिंब, रविशंकर प्रसाद का बयान, और राजनीतिक पटल पर इसकी गूंज।

    1. बंद का ऐलान और उद्देश्य

    • एनडीए ने 4 सितंबर 2025, सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक का बिहार बंद बुलाया। इसका उद्देश्य था—प्रमोद की मां के खिलाफ अभद्र टिप्पणी पर विरोध जताना।
    • बंद के नेतृत्व में शामिल थे—भाजपा महिला मोर्चा, जदयू महिला मोर्चा, लोजपा (रा.), हम (हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा), राष्ट्रीय लोक मोर्चा की महिलाएं।

    2. बंद के दौरान क्या खुला और बंद रहा

    • आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं और रेलवे जैसी आवश्यक सेवाएं नियमित रहीं; परंतु स्कूल, कार्यालय और परिवहन सेवाओं में व्यापक व्यवधान रहा।

    3. बंद का प्रभाव और प्रदर्शन

    “बिहार बंद आज NDA ;

    • पटना, गया जैसे प्रमुख शहरों में सड़क जाम और प्रदर्शन देखे गए। कई जगहों पर ट्रेन रोकी गई, शॉपिंग और सार्वजनिक गतिविधियाँ ठप रहीं।
    • दानापुर में आगजनी की घटनाएं हुईं; बाजार और चौराहों पर उसका असर रहा।

    4. रविशंकर प्रसाद का तीखा बयान

    Bihar band aaj NDA
    • भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने इस बंद के माध्यम से विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन मतदाता सूची पुनरीक्षण मामले पर दबाव बनाने के लिए सड़कों पर उतर रहा है।
    • उनका सवाल था—“जब मामला सुप्रीम कोर्ट में है, तब विपक्ष क्यों प्रदर्शन कर रहा है? क्या उनका उद्देश्य अवैध मतदाताओं को वोटर लिस्ट में बनाए रखना है?”
    • उन्होंने मतदाता सूची की पारदर्शिता की बात की और कहा कि अधिकांश लोग स्वयं मतदाता सूची में अपना विवरण अपडेट कर चुके हैं।
    • एक अन्य मौके पर उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि क्या वे चाहते हैं “घुसपैठिए” मतदाता सूची में बने रहें—जिससे यह सवाल राजनीति निर्माण का हिस्सा है।

    5. प्रतिपक्ष की प्रतिक्रिया और बयानबाजी

    • तेजस्वी यादव ने इस घटना की निंदा की, कहा कि मां के खिलाफ अपमान अस्वीकार्य है और व्यक्तिगत हमले लोकतांत्रिक परिधि पर हावी नहीं होने चाहिए।
    • हालांकि उनका बयान सीधे इस बंद के संदर्भ में नहीं था, लेकिन भावनात्मक और राजनीतिक प्रतिवाद का हिस्सा बना।

    राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव

    बंद का महत्व:

    • लोकतांत्रिक चेतना और सम्मान की राजनीति;
    • मुखर विरोध का प्रदर्शन: महिलाएं प्रमुख भूमिका में;
    • आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के प्रक्षेपवक्र पर असर।

    प्रशासनिक चुनौतियां:

    • स्कूल, कार्यालय और परिवहन बाधित;
    • लेकिन सेवाओं में चुस्त कार्यक्रम को रक्षा मिली।

    राजनीतिक संदेश:

    • रविशंकर प्रसाद का बयान सुप्रीम कोर्ट और चुनावी प्रक्रिया पर विपक्ष के संदेह को रेखांकित करता है;
    • बंद ने विपक्ष के राजनीतिक रणनीतियों पर सवाल खड़े किए।

    निष्कर्ष

    आज का बिहार बंद एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश था—यह मजबूत, सुनियोजित और NDA का विपक्ष विरोधी प्रदर्शन था। रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष पर सुप्रीम कोर्ट में मुद्दा विचाराधीन होने के बावजूद सड़क राजनीति करने का आरोप लगाया, जबकि विपक्ष ने विरोध को असंवेदनशील और अपमानजनक घटना के खिलाफ मानवीय और संवैधानिक प्रतिक्रिया बताया।

    भविष्य में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह घटना आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को कैसे प्रभावित करती है—क्या यह NDA को गति देगी, या विपक्ष के लिए प्रतिक्रिया का मंच बनेगी? आपकी राय या प्रतिक्रिया इस विषय पर क्या है? कृपया नीचे टिप्पणी करके साझा करें।

    Read more: Ramswaroop Memorial University में छात्रों पर लाठीचार्ज, प्रशासनिक गाज और राजनीतिक विडंबना

  • akhilesh-dubey-threat:अखिलेश दुबे की धमकी-एक झटका लगेगा…खेल खत्म:BJP नेता से कहा- लड़की का कानपुर कोर्ट में बयान हो चुका है;

    akhilesh-dubey-threat:अखिलेश दुबे की धमकी-एक झटका लगेगा…खेल खत्म:BJP नेता से कहा- लड़की का कानपुर कोर्ट में बयान हो चुका है;

    akhilesh-dubey-threat

    कानपुर में अखिलेश दुबे को जेल भिजवाने वाले रवि सतीजा का एक ऑडियो सामने आया है। इसमें अखिलेश दुबे भाजपा नेता को धमकी देते हुए जेल भिजवाने की बात कह रहा है। इतना ही नहीं, रेप केस का भी जिक्र कर रहा है।

    akhilesh-dubey-threat अखिलेश दुबे कहता है-

    – लड़की का कोर्ट में बयान हो चुका है, अब कुछ हो नहीं सकता। लेकिन, पहचान में चूक की बात कहकर तुम्हें बचा रहे हैं। इसके साथ ही किसी को जेल भिजवाकर काम खत्म करने की बात भी दुबे कर रहा है।

    रवि सतीजा से अखिलेश किसी ध्रुव गुप्ता के घर जाने और उसे ढूंढ़कर मामला खत्म कराने को बोल रहा है। रवि सतीजा और अखिलेश दुबे के बीच क्या बात हुई? किस मामले को लेकर दोनों की बात हो रही है?

    दुबे के खिलाफ ऑडियो बना मजबूत सबूत
    रवि सतीजा ने बताया- यह धमकी भरी कॉल अखिलेश दुबे ने 11 फरवरी, 2025 की दोपहर 3 बजकर 37 मिनट पर की थी। दुबे मेरे खिलाफ झूठा रेप केस दर्ज कराने के बाद मामला सेटल करने का दबाव बना रहा था।

    इस वजह से 1 मिनट 47 सेकेंड की इस कॉल रिकॉर्डिंग में मैंने उसकी हर बात पर हां में हां मिलाई। सतीजा ने बताया कि उनके खिलाफ रेप का झूठा मुकदमा दर्ज होने के बाद सामाजिक छवि धूमिल हो रही थी। इसके साथ ही जेल जाने का डर बना था। इस वजह से दुबे की हर बात में हां में हां मिलानी पड़ रही थी। इस ऑडियो को एसआईटी को भी बतौर सबूत सौंप दिया है।

    अब जानिए अखिलेश दुबे के बारे में

    एक ऐसा वकील, जिसने कभी कोर्ट में नहीं की बहस
    अखिलेश दुबे एक ऐसा वकील है, जिसने कभी कोर्ट में खड़े होकर किसी केस में बहस नहीं की। उसके दरबार में खुद की कोर्ट लगती थी और दुबे ही फैसला सुनाता था। वह सिर्फ अपने दफ्तर में बैठकर पुलिस अफसरों के लिए उनकी जांचों की लिखा-पढ़ी करता था। बड़े-बड़े केस की लिखा-पढ़ी दुबे के दफ्तर में होती थी।

    इसी का फायदा उठाकर वह लोगों के नाम निकालने और जोड़ने का काम करता था। इसी डर की वजह से बीते 3 दशक से उसकी कानपुर में बादशाहत कायम थी। कोई उससे मोर्चा लेने की स्थिति में नहीं था।

    काले कारनामों को छिपाने के लिए शुरू किया था न्यूज चैनल
    अखिलेश दुबे ने अपनी ताकत बढ़ाने के लिए सबसे पहले एक न्यूज चैनल शुरू किया था। इसके बाद वकीलों का सिंडीकेट बनाया। फिर इसमें कई पुलिस अफसरों को शामिल किया। कानपुर में स्कूल, गेस्ट हाउस, शॉपिंग मॉल और जमीनों के कारोबार में बड़े-बड़े बिल्डर उसके साथ जुड़ते चले गए।

    दुबे का सिंडीकेट इतना मजबूत था कि उसकी बिल्डिंग पर केडीए से लेकर कोई भी विभाग आपत्ति नहीं करता था। कमिश्नर का दफ्तर हो या डीएम ऑफिस, केडीए, नगर निगम और पुलिस महकमे से लेकर हर विभाग में उसका मजबूत सिंडीकेट फैला था। उसके एक आदेश पर बड़े से बड़ा काम हो जाता था।

    मेरठ से भागकर आया था कानपुर
    अखिलेश दुबे मूलरूप से कन्नौज के गुरसहायगंज का रहने वाला है। उसके पिता सेंट्रल एक्साइज में कॉन्स्टेबल थे। मेरठ में तैनात थे। वहां रहने के दौरान अखिलेश दुबे की सुनील भाटी गैंग से भिड़ंत हो गई। इसके बाद वह भागकर कानपुर आ गया।

    बात 1985 की है। अखिलेश दुबे किदवई नगर में किराए का कमरा लेकर रहने लगा। दीप सिनेमा के बाहर साइकिल स्टैंड चलाता था। इस दौरान मादक पदार्थ तस्कर मिश्री जायसवाल की पुड़िया (मादक पदार्थ) बेचने लगा। धीरे-धीरे आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो गया।