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Tag: Pahalgam Terror Attack

  • Bilawal Bhutto India statement: आतंक फैलाने के बाद पाकिस्तान का शांति का ढोंग, बिलावल भुट्टो ने कहा- भारत साझेदारी करे

    Bilawal Bhutto India statement: आतंक फैलाने के बाद पाकिस्तान का शांति का ढोंग, बिलावल भुट्टो ने कहा- भारत साझेदारी करे

    Bilawal Bhutto India statement: आतंकवाद को खुलेआम समर्थन देने वाला पाकिस्तान एक बार फिर शांति की दुहाई देकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को ‘संजीदा’ दिखाने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के प्रमुख और पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने बुधवार को एक बार फिर भारत की ओर कथित ‘शांति’ का हाथ बढ़ाया है। लेकिन भारत ने हमेशा की तरह साफ किया है कि बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते। Bilawal Bhutto India statement

    🗣️ क्या बोले बिलावल भुट्टो?

    बिलावल भुट्टो ने इस्लामाबाद पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कहा,

    "पाकिस्तान भारत के साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ अभूतपूर्व साझेदारी के लिए तैयार है। हम दुश्मन नहीं हैं बल्कि ऐसे पड़ोसी हैं जो आतंक की महामारी से लोगों को बचाने की नैतिक जिम्मेदारी साझा करते हैं।"

    बिलावल ने आगे कहा कि भारत को अपने “अहंकार” को छोड़कर पाकिस्तान के साथ शांति कायम करनी चाहिए।

    https://nationnowsamachar.com/national/pm-modi-foreign-visit-africa-latin-america-brics-summit-2025/

    🔥 पहलगाम हमला: पाकिस्तान की सच्चाई- Bilawal Bhutto India statement

    यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब भारत अभी भी 22 अप्रैल के पाक प्रायोजित पहलगाम हमले की त्रासदी से उबर रहा है, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। भारत ने इस हमले का सीधा दोष पाकिस्तान पर मढ़ा और इसके बाद सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया।

    🚀 ऑपरेशन सिंदूर: भारत का जवाब- Bilawal Bhutto India statement

    पाकिस्तान के आतंकी रवैये पर भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए ऑपरेशन सिंदूर चलाया। यह सैन्य कार्रवाई पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में की गई, जिसमें सैकड़ों आतंकियों को ढेर किया गया। इसके बाद दोनों देशों के बीच चार दिन की सीमावर्ती झड़पें भी हुईं।

    https://nationnowsamachar.com/national/pm-modi-holds-second-meeting-with-nsa-ajit-doval-india-pakistan-tension/

    🎭 पाकिस्तान का दोहरा चरित्र- Bilawal Bhutto India statement

    भारत बार-बार यह साफ कर चुका है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ संभव नहीं। जबकि पाकिस्तान बार-बार शांति का मुखौटा पहनता है लेकिन सीमा पार से आतंकियों को समर्थन और शरण देना बंद नहीं करता।

    बिलावल भुट्टो खुद एक बयान में यह स्वीकार कर चुके हैं कि

    "आतंकवाद को समर्थन देना पाकिस्तान के इतिहास का काला अध्याय रहा है।"

    फिर भी, वही नेता भारत से ‘साझेदारी’ की बात कर रहे हैं।

    भारत की स्पष्ट नीति- Bilawal Bhutto India statement

    भारत सरकार का रुख शुरू से स्पष्ट है – “No talks until terror stops”। जब तक पाकिस्तान आतंकवादियों को संरक्षण और समर्थन देता रहेगा, तब तक कोई बातचीत संभव नहीं।

    🤝 बातचीत का बहाना या कूटनीतिक चाल?- Bilawal Bhutto India statement

    विश्लेषकों का मानना है कि बिलावल भुट्टो का यह बयान केवल एक कूटनीतिक स्टंट है। पाकिस्तान FATF और अंतरराष्ट्रीय दबाव से बचने के लिए इस तरह के दिखावटी बयानों का सहारा लेता है।

    सोर्स- AAJ TAK

  • RAJNATH SINGH SRINAGAR VISIT: राजनाथ सिंह ने कश्मीर में शांति, सुरक्षा और सैन्य शक्ति का दिया संदेश

    RAJNATH SINGH SRINAGAR VISIT: राजनाथ सिंह ने कश्मीर में शांति, सुरक्षा और सैन्य शक्ति का दिया संदेश

    नई दिल्ली/श्रीनगर: भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम समझौते के कुछ ही दिन बाद, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (RAJNATH SINGH SRINAGAR VISIT) का श्रीनगर दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा. गुरुवार को श्रीनगर एयरपोर्ट पर पहुंचे राजनाथ सिंह का स्वागत जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने किया. यह दौरा तब हुआ है जब जम्मू-कश्मीर एक बार फिर आतंकी हमलों और सैन्य अभियानों के कारण सुर्खियों में है.

    बादामी बाग छावनी में पाकिस्तान को चेतावनी- RAJNATH SINGH SRINAGAR VISIT

    रक्षा मंत्री ने बादामी बाग छावनी पहुंचकर हाल ही में गिराए गए पाकिस्तानी मोर्टार शेल का निरीक्षण किया. वहां उन्होंने शहीद हुए जवानों और निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि दी. सिंह ने कहा, “मैं उन बहादुर सैनिकों को नमन करता हूं जो आतंकवाद से लड़ते हुए शहीद हो गए. मैं पहलगाम हमले में मारे गए नागरिकों को भी श्रद्धांजलि देता हूं और घायल जवानों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं.”

    उन्होंने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर के नागरिकों द्वारा पाकिस्तान और आतंकवादियों के खिलाफ जताया गया आक्रोश एक प्रेरणा है. उन्होंने कहा. “आपने जो जोश और साहस दिखाया है, उससे दुश्मन बुरी तरह हिल गया है. पाकिस्तानी चौकियों को जिस तरह तबाह किया गया है, वह पाकिस्तान के लिए चेतावनी है,”

    पहलगाम हमला और ‘ऑपरेशन सिंदूर’

    22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कई निर्दोष नागरिक मारे गए थे. इस घटना ने घाटी की स्थिति को अस्थिर कर दिया. इसके जवाब में 7 मई को भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया, जिसमें सीमापार स्थित आतंकी ठिकानों पर जबरदस्त कार्रवाई की गई. इसके बाद घाटी में तनाव और भी बढ़ गया. रक्षा मंत्री का यह दौरा इन परिस्थितियों में सेना और आम जनता के लिए मनोबल बढ़ाने वाला है.

    स्कूलों के फिर से खुलने की घोषणा

    संघर्षविराम के बाद एक सकारात्मक संकेत के रूप में जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिलों में 15 मई से स्कूल खोलने की घोषणा की गई है. यह निर्णय जम्मू, सांबा, कठुआ, राजौरी और पुंछ जिलों में लागू होगा, जहां हाल के तनाव के कारण स्कूल बंद कर दिए गए थे.

    स्कूलों के खुलने से न केवल शिक्षा की बहाली होगी, बल्कि आम जनजीवन में सामान्य स्थिति की वापसी भी देखी जाएगी. जिन क्षेत्रों में स्कूल खुलेंगे उनमें शामिल हैं:

    • जम्मू: चौकी चौरा, भलवाल, डंसाल, गांधी नगर
    • कठुआ: बरनोटी, लखनपुर, सलान, घगवाल
    • राजौरी: पीरी, कालाकोट, थानामंडी, मोघला, कोटरंका, खवास, लोअर हथल, दरहल
    • पुंछ: सुरनकोट, बफलियाज़

    यह निर्णय दर्शाता है कि प्रशासन अब आम नागरिकों के जीवन को सामान्य करने की दिशा में ठोस कदम उठा रहा है.

    हेलीकॉप्टर सेवाएं फिर शुरू

    कटरा से श्री माता वैष्णो देवी के लिए हेलीकॉप्टर सेवा भी एक सप्ताह के निलंबन के बाद फिर शुरू कर दी गई है. यह सेवा सुरक्षा कारणों से बंद की गई थी, जिससे तीर्थयात्रियों को असुविधा हो रही थी. अब सेवाएं बहाल होने से न केवल श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी बल्कि इससे क्षेत्रीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है.

    आतंकियों पर भारतीय सेना की सख्त कार्रवाई

    भारतीय सेना ने हाल के हमलों का जवाब देते हुए आतंकवादियों के खिलाफ सघन अभियान चलाया है. मंगलवार को शोपियां जिले में हुई मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा (LET) से जुड़े तीन आतंकवादी मारे गए. इनमें से एक शाहिद कुट्टे था, जो 8 अप्रैल को श्रीनगर के डेनिश रिसॉर्ट पर हुए हमले में शामिल था. उस हमले में दो जर्मन पर्यटक और एक स्थानीय ड्राइवर घायल हो गए थे.

    सेना की इस त्वरित और निर्णायक कार्रवाई ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगा और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है.

    सरकार और सेना का साझा संकल्प

    राजनाथ सिंह का दौरा केवल एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि इससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है. सेना, सरकार और आम नागरिकों की सामूहिक भागीदारी से घाटी में शांति की संभावना मजबूत हुई है.

    ऑपरेशन सद्भावना‘ जैसी पहलें भी राज्य में सामाजिक समरसता और विश्वास की भावना को प्रोत्साहित कर रही हैं. सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास की योजनाएं धीरे-धीरे ज़मीन पर उतर रही हैं.

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    SOURCE- JAGRAN , NDTV INDIA

  • पहलगाम हमला: NSA अजीत डोभाल ने 24 घंटे में दो बार की पीएम मोदी से मुलाकात, पाकिस्तान पर हमले की तैयारी?- INDIA PAKISTAN TENSION

    पहलगाम हमला: NSA अजीत डोभाल ने 24 घंटे में दो बार की पीएम मोदी से मुलाकात, पाकिस्तान पर हमले की तैयारी?- INDIA PAKISTAN TENSION

    नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव (INDIA PAKISTAN TENSION) एक बार फिर चरम पर है. इस बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर अहम मुलाकात की. केंद्र सरकार आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की रणनीति बनाने में जुटी हुई है. सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी बीते 24 घंटों में दूसरी बार एनएसए डोभाल से मिल चुके हैं. यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब देशभर में 7 मई को बड़े पैमाने पर मॉक ड्रिल का आयोजन होने जा रहा है, जिसका उद्देश्य आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा तैयारियों को परखना है.

    हमले के बाद हाई-लेवल मीटिंग का दौर
    प्रधानमंत्री मोदी पहलगाम हमले के बाद से लगातार उच्च स्तरीय बैठकों की अध्यक्षता कर रहे हैं. उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और सेना, नौसेना और वायुसेना प्रमुखों के साथ कई बार बैठकें की हैं. इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की रणनीति बनाना है. सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री ने सशस्त्र बलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे भारत की प्रतिक्रिया की प्रकृति, लक्ष्य और समय तय करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं. (INDIA PAKISTAN TENSION)

    मॉक ड्रिल को लेकर गृह मंत्रालय सक्रिय
    देशभर में 7 मई को होने वाली मॉक ड्रिल को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क है. दिल्ली में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए. बताया जा रहा है कि यह मॉक ड्रिल 1971 के बाद पहली बार इतने बड़े स्तर पर की जा रही है. उस वर्ष भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ था. इस बार मॉक ड्रिल में एयर रेड सायरन, ब्लैकआउट, आपात निकासी जैसी गतिविधियां शामिल होंगी. नागरिकों, खासकर छात्रों को सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जाएगी.

    पहलगाम आतंकी हमले ने देश को झकझोर दिया
    22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था. इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे. इस हमले ने 2019 के पुलवामा हमले की भयावहता की याद दिला दी, जिसमें 40 जवान शहीद हुए थे. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक इस हमले के पीछे पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ हो सकता है. हमले के बाद से नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है.

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  • पाकिस्तान भी गजब है! यूक्रेन को बेच दिए हथियार, गोदाम हो गए खाली; अब भारत से कैसे लड़ेगा युद्ध?- PAHALGAM TERROR ATTACK

    पाकिस्तान भी गजब है! यूक्रेन को बेच दिए हथियार, गोदाम हो गए खाली; अब भारत से कैसे लड़ेगा युद्ध?- PAHALGAM TERROR ATTACK

    नई दिल्ली/लखनऊ: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले (PAHALGAM TERROR ATTACK) के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते एक बार फिर से तनावपूर्ण हो गए हैं. भारत में आतंकवाद पर सख्त प्रतिक्रिया की संभावनाओं के चलते पाकिस्तान की सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है. हालांकि, चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि अगर दोनों देशों के बीच युद्ध होता है, तो पाकिस्तान मात्र चार दिन तक ही मैदान में टिक पाएगा. इसका बड़ा कारण यूक्रेन को बेचे गए हथियार बताए जा रहे हैं.

    पाकिस्तान ने यूक्रेन को बेच दिया गोला-बारूद
    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान ने अपने रणनीतिक सैन्य भंडार से बड़े पैमाने पर गोला-बारूद यूक्रेन को बेच दिया है. नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने युद्ध में इस्तेमाल होने वाले 155 मिमी गोले और BM-21 रॉकेट सिस्टम के लिए 122 मिमी रॉकेट भी यूक्रेन को बेच दिए हैं. इस वजह से अब पाकिस्तान के पास युद्ध के लिए आवश्यक सैन्य संसाधनों की भारी कमी हो गई है. (PAHALGAM TERROR ATTACK)

    POF की उत्पादन क्षमता बेहद कमजोर
    सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक पाकिस्तान की आर्टिलरी-आधारित सैन्य रणनीति को बनाए रखने के लिए पर्याप्त गोला-बारूद नहीं है. पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री (POF) की उत्पादन क्षमता बेहद कमजोर है, जिससे नए गोला-बारूद का निर्माण बेहद धीमा हो रहा है. इस स्थिति को गंभीर मानते हुए 2 मई को पाकिस्तान की कोर कमांडर्स की एक विशेष बैठक भी हुई, जिसमें यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है.

    बाजवा की भविष्यवाणी सच साबित हो रही है
    पूर्व पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने एक बार कहा था कि पाकिस्तान के पास लंबे युद्ध के लिए न तो गोला-बारूद है और न ही आर्थिक ताकत. मौजूदा हालात उनके उसी बयान की पुष्टि करते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान को अब सैन्य अभ्यासों को रद्द करना पड़ रहा है और ईंधन की कमी के चलते राशन में भी कटौती करनी पड़ रही है.

    भारत ने सिंधु जल संधि पर लिया ऐतिहासिक फैसला
    22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी, जबकि 16 लोग घायल हुए थे. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक में भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया. यह पहला मौका है जब भारत ने इतनी बड़ी और सख्त कार्रवाई की है. विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि यह रोक तब तक जारी रहेगी जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद का समर्थन बंद नहीं करता.

    भारत तैयार, खौफ में पाकिस्तान
    भारत की सैन्य तैयारी को देखते हुए पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में गोला-बारूद के डिपो बनाए जा रहे हैं. लेकिन आर्थिक हालात ऐसे हैं कि यह तैयारी बेहद सीमित और दिखावटी साबित हो रही है. पाकिस्तान की महंगाई चरम पर है, विदेशी मुद्रा भंडार न्यूनतम स्तर पर है और जीडीपी के मुकाबले कर्ज का बोझ भारी हो चुका है.

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  • मेरठ- पहलगाम हमले के विरोध में उतरा मुस्लिम समाज, बुजुर्ग ने भावुक होकर कही ये बात- MUSLIM COMMUNITY PROTEST

    मेरठ- पहलगाम हमले के विरोध में उतरा मुस्लिम समाज, बुजुर्ग ने भावुक होकर कही ये बात- MUSLIM COMMUNITY PROTEST

    मेरठ- पहलगाम में हुए आतंकी हमले के खिलाफ देशभर में आक्रोश देखने को मिल रहा है. इसी कड़ी में मेरठ में भी जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया. इस प्रदर्शन में मुस्लिम समाज (MUSLIM COMMUNITY PROTEST) के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आतंकवाद के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया. प्रदर्शनकारियों ने कमिश्नर चौराहे पर प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए और आतंकवाद की कड़ी निंदा की. प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालक भी शामिल हुए जिन्होंने हमले के खिलाफ खुलकर अपनी बात रखी.

    प्रदर्शन के दौरान भावुक हुआ बुजुर्ग
    प्रदर्शन के दौरान एक बुजुर्ग मुस्लिम ने भावुक होकर कहा, “अगर प्रधानमंत्री हमें इजाजत दें, तो हम अपनी जान की बाजी लगाकर आतंकियों को टुकड़े-टुकड़े कर देंगे.” उनका यह बयान वहां मौजूद हर व्यक्ति को झकझोर गया. उन्होंने कहा कि यह हमला किसी एक मजहब पर नहीं, बल्कि पूरे हिंदुस्तान पर हुआ है, और हर आम नागरिक का खून इस घटना से खौल रहा है. बुजुर्ग ने यह भी कहा कि “भारतवासी एकजुट हैं और आतंकवाद के खिलाफ किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं.” उनका कहना था कि आतंकवादी न तो किसी मजहब का प्रतिनिधित्व करते हैं और न ही इंसानियत का.

    पाकिस्तान पर जमकर साधा निशाना
    प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान को आतंकवाद का समर्थक बताते हुए उस पर कड़ा हमला बोला. उनका कहना था कि पाकिस्तान को पहले खुद को संभालना चाहिए क्योंकि भारत उससे कहीं अधिक शक्तिशाली और विकसित देश है. प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से मांग की कि आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं और इस हमले के दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जाए. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि हर भारतीय की जिम्मेदारी है.

    पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में मुस्लिम समाज का विरोध प्रदर्शन.

    सैलानियों की जान बचाने वाले आम कश्मीरी को सम्मानित करने की मांग
    प्रदर्शन के दौरान लोगों ने अलाउद्दीन नामक आम कश्मीरी की बहादुरी की भी प्रशंसा की, जिन्होंने पहलगाम हमले के दौरान सैलानियों की जान बचाई. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि ऐसे वीर नागरिकों को सम्मानित किया जाए और उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार दिया जाए. उनका कहना था कि यही असली कश्मीरियत है, जो आतंकवाद के खिलाफ खड़ी है.

    ई-रिक्शा चालकों ने भी दिखाई एकजुटता
    प्रदर्शन में शामिल ई-रिक्शा चालकों ने अपने काम को कुछ देर के लिए रोक कर विरोध प्रदर्शन में भाग लिया. उन्होंने कहा कि वो आम लोग हैं, लेकिन अगर देश की जरूरत पड़ी तो आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में आगे रहेंगे. उनका स्पष्ट संदेश था – “हम भारतवासी हैं, और हम किसी भी आतंकवादी सोच को भारत में पनपने नहीं देंगे.”

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  • फर्रुखाबाद: पहलगाम आतंकी हमले में 26 मौतों पर व्यापारियों में आक्रोश, पाकिस्तान के खिलाफ उग्र प्रदर्शन- PAHALGAM TERROR ATTACK

    फर्रुखाबाद: पहलगाम आतंकी हमले में 26 मौतों पर व्यापारियों में आक्रोश, पाकिस्तान के खिलाफ उग्र प्रदर्शन- PAHALGAM TERROR ATTACK

    फर्रुखाबाद: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले (PAHALGAM TERROR ATTACK) में 26 निर्दोष लोगों की मौत से पूरे देश में रोष फैला हुआ है. इस घटना के विरोध में फर्रुखाबाद के व्यापारियों ने आज बाजार बंद करके पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए और सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया. व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन में पाकिस्तान का पुतला फूंककर आतंकवाद की कड़ी निंदा की गई.

    व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने इस हमले को कायराना करार देते हुए कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन कर निर्दोषों की जान ले रहा है, जिसे भारतवासी कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे. विरोध प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे गूंजते रहे और जगह-जगह पुतले फूंके गए. सभी प्रमुख बाजारों में दुकानों के शटर डाउन रहे. व्यापारियों ने रैली निकाल कर लोगों को एकजुट किया और सरकार से पाकिस्तान के खिलाफ कठोर कदम उठाने की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को संरक्षण देता रहेगा, तब तक भारत को सख्त नीति अपनानी होगी.

    विरोध प्रदर्शन में शहर के छोटे-बड़े सभी व्यापारी संगठनों ने भाग लिया. बाजारों में ताले लटकते रहे और हर ओर पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा दिखाई दिया. इस एकता ने यह साबित कर दिया कि देश की अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता. व्यापार मंडल अध्यक्ष ने कहा, “हमारा प्रदर्शन केवल संवेदना नहीं, बल्कि चेतावनी है कि अगर पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया, तो भारत की जनता चुप नहीं बैठेगी.”

    पुलिस और प्रशासन ने भी प्रदर्शन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाए रखने में सहयोग दिया. पूरे जिले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. यह विरोध प्रदर्शन केवल फर्रुखाबाद ही नहीं, बल्कि पूरे देश में व्याप्त जनक्रोध का प्रतीक है. भारत अब आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई चाहता है और यह संदेश पाकिस्तान तक पहुंच चुका है.

  • कानपुर में राजकीय सम्मान के साथ शुभम द्विवेदी का अंतिम संस्कार, सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि- Pahalgam terrorist attack

    कानपुर में राजकीय सम्मान के साथ शुभम द्विवेदी का अंतिम संस्कार, सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि- Pahalgam terrorist attack

    कानपुर। पहलगाम में आतंकी हमले में मृत शुभम द्विवेदी (Shubham Dwivedi) का कानपुर में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। ड्योढ़ी घाट पर हजारों की भीड़ मौजूद थी। इसके पहले उनके पैतृक आवास पर लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई। इस मौके पर पाकिस्तान के खिलाफ लोगों ने जमकर नारेबाजी की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गांव पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया.

    सीएम योगी ने कहा कि आतंकियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और डबल इंजन की सरकार मुंहतोड़ जवाब देगी. मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शुभम की जान चली गई. शुभम की हाल ही में दो महीने पहले शादी हुई थी.

    बाजार रहे बंद, व्यापारियों ने जताया शोक
    कानपुर के व्यापारियों ने गुरुवार को दोपहर दो बजे तक अपनी दुकानों को बंद रखकर शुभम को श्रद्धांजलि दी. नवीन मार्केट, नया गंज, बिरहाना रोड, सीसामऊ सहित पूरे शहर के कई इलाकों में बाजार पूरी तरह बंद रहे. व्यापारी नेता गुरुजिंदर सिंह और सुनील बजाज ने शुभम की मौत को व्यापार समुदाय के लिए गहरी क्षति बताया.

    राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
    महाराजपुर थाना क्षेत्र के ड्योढ़ी घाट पर शुभम द्विवेदी का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया. अंतिम संस्कार में पुलिस प्रशासन के अधिकारी, राजनीतिक नेता, रिश्तेदार और स्थानीय लोग मौजूद रहे. अंतिम यात्रा के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा.

    गुस्से और ग़म में डूबा गांव
    शुभम की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा. पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोग नम आंखों से शुभम को अंतिम विदाई दे रहे थे. उनकी पत्नी ईशान्या और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा.

  • पहलगाम आतंकी हमला: कानपुर में शुभम द्विवेदी की अंतिम यात्रा में उमड़ा जन सैलाब, सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त- Pahalgam Terror Attack

    पहलगाम आतंकी हमला: कानपुर में शुभम द्विवेदी की अंतिम यात्रा में उमड़ा जन सैलाब, सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त- Pahalgam Terror Attack

    कानपुर, उत्तर प्रदेश: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) में कानपुर निवासी शुभम द्विवेदी की शहादत ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। गुरुवार को शुभम का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव हाथीपुर पहुंचा, जहां गम और गुस्से के माहौल में उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। लोगों की भारी भीड़ ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया शोक, परिजनों को दिया भरोसा
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी हाथीपुर गांव पहुंचे और शुभम द्विवेदी के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना जताई। उन्होंने कहा, “आतंकियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। डबल इंजन की सरकार मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।” उन्होंने यह भी कहा कि पहलगाम में पर्यटकों पर हुआ हमला बेहद निंदनीय है, और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी।

    सीएम ने भावुक स्वर में कहा कि आतंकियों ने धर्म पूछकर बहनों और बेटियों का सिंदूर उजाड़ दिया है। उन्होंने शुभम के पिता से फोन पर बात कर उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन भी दिया था। योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का भी जिक्र किया और कहा कि भारत अब एक निर्णायक मोड़ पर है।

    शुभम की दो महीने पहले हुई थी शादी
    शुभम द्विवेदी हाल ही में शादी के बाद पत्नी ईशान्या के साथ घूमने कश्मीर गए थे। 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाते हुए हमला किया, जिसमें शुभम की मौके पर ही मौत हो गई। यह खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। शुभम के माता-पिता, पत्नी और परिजन गहरे सदमे में हैं।

    अंतिम यात्रा में पाकिस्तान विरोधी नारे
    शुभम की अंतिम यात्रा भारी सुरक्षा के बीच निकाली गई। इस दौरान लोगों ने पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए और आतंकवाद के खिलाफ सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनके गांव से लेकर श्मशान घाट तक लोगों की आंखों में आंसू और दिलों में गुस्सा था।

    राजनीतिक व सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया
    शुभम की शहादत को लेकर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक प्रकट किया है। भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने इसे एक कायरतापूर्ण हमला बताया और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। सोशल मीडिया पर भी शुभम को श्रद्धांजलि देने वालों की बाढ़ सी आ गई।

    भारत की आतंकवाद पर नीति
    सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने आतंक के खिलाफ ठोस रणनीति बनाई है और जो लोग इस घटना के पीछे हैं, उन्हें जल्द ही उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।

  • पहलगाम आतंकी हमला: पाकिस्तान सरकार का आधिकारिक एक्स अकाउंट भारत में ब्लॉक किया गया- Pakistan x account

    पहलगाम आतंकी हमला: पाकिस्तान सरकार का आधिकारिक एक्स अकाउंट भारत में ब्लॉक किया गया- Pakistan x account

    नई दिल्ली – जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। इस हमले में 26 लोगों की जान जाने के बाद भारत सरकार ने कई कड़े कदम उठाए हैं, जिनमें दशकों पुरानी सिंधु जल संधि को निलंबित करना, वरिष्ठ पाकिस्तानी राजनयिकों को निष्कासित करना, और पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट को भारत में बंद (pakistan x account) करना शामिल है। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक के बाद लिया गया। बैठक का उद्देश्य पहलगाम हमले के जवाब में भारत की रणनीतिक कार्रवाई तय करना था।

    कूटनीतिक संबंधों में भारी कटौती
    विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बुधवार शाम एक प्रेस ब्रीफिंग में इन फैसलों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों देशों ने अपने-अपने उच्चायोगों में तैनात राजनयिकों की संख्या 55 से घटाकर 30 करने का निर्णय लिया है, जिसे 1 मई तक लागू किया जाएगा।

    भारत ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग से सभी रक्षा, नौसेना और वायु सलाहकारों को भी निष्कासित कर दिया है। इन अधिकारियों को ‘अवांछित व्यक्ति’ घोषित करते हुए एक सप्ताह के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है। इसी प्रकार, भारत ने इस्लामाबाद स्थित अपने उच्चायोग से सैन्य सलाहकारों को भी वापस बुलाने का निर्णय लिया है।

    सार्क वीजा छूट योजना पर रोक
    भारत ने पाकिस्तान के नागरिकों के लिए सार्क वीजा छूट योजना को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके तहत जारी सभी वीजा अब रद्द कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, अटारी में स्थित भारत-पाकिस्तान के बीच एकमात्र चालू भूमि सीमा क्रॉसिंग को भी तत्काल बंद करने के आदेश दिए गए हैं।

    सिंधु जल संधि का निलंबन: ऐतिहासिक कदम
    भारत का सबसे अहम फैसला 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित करना रहा, जो अब तक भारत और पाकिस्तान के बीच जल संसाधनों के बंटवारे का आधार थी। इस संधि के तहत पाकिस्तान को झेलम, सिंधु और चेनाब नदियों पर विशेष अधिकार दिए गए थे, जबकि भारत को रावी, ब्यास और सतलुज पर नियंत्रण प्राप्त था।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस संधि को निलंबित करना पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका होगा, क्योंकि वहां की कृषि और पेयजल आपूर्ति काफी हद तक इन नदियों पर निर्भर करती है।

    पाकिस्तानी नागरिकों को लौटने का निर्देश
    भारत ने स्पष्ट किया है कि जो पाकिस्तानी नागरिक वैध दस्तावेजों के साथ भारत में मौजूद हैं, वे 1 मई से पहले तक स्वदेश लौट सकते हैं। इसके बाद किसी भी पाकिस्तानी नागरिक को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी, जब तक नई नीति की घोषणा नहीं होती।

    पाकिस्तान की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा
    इन निर्णयों के बाद अब पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पर निगाहें टिकी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह घटनाक्रम भारत-पाक संबंधों में एक नए युग की शुरुआत कर सकता है, जहां भारत अब और अधिक आक्रामक कूटनीति अपनाता दिखाई देगा।

  • पहलगाम आतंकी हमला: सिंधु जल समझौता सस्पेंड, वीजा पर रोक… CCS बैठक में PAK के खिलाफ लिए गए ये 5 कड़े फैसले- Pahalgam terror attack

    पहलगाम आतंकी हमला: सिंधु जल समझौता सस्पेंड, वीजा पर रोक… CCS बैठक में PAK के खिलाफ लिए गए ये 5 कड़े फैसले- Pahalgam terror attack

    नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम (Pahalgam terror attack) में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत और 20 से अधिक लोग घायल हो गए। इस हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार शाम कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की अहम बैठक हुई, जिसमें पाकिस्तान के खिलाफ पांच कड़े फैसले लिए गए। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजित डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर मौजूद थे। बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।

    पाकिस्तान के खिलाफ भारत के पांच प्रमुख फैसले:पाकिस्तान के खिलाफ भारत के पांच प्रमुख फैसले:
    वाघा-अटारी सीमा बंदी: भारत ने पाकिस्तान से जुड़ी एकमात्र सड़क मार्ग सीमा वाघा-अटारी को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। यह कदम दोनों देशों के बीच व्यापार और यातायात को प्रभावित करेगा।

    पाकिस्तानी दूतावास बंदी: भारत ने पाकिस्तान में स्थित अपने दूतावास को बंद करने का निर्णय लिया है, जो कूटनीतिक रिश्तों में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

    इंडस वॉटर ट्रीटी का निलंबन: भारत ने 1960 में पाकिस्तान के साथ हुए ‘इंडस वॉटर ट्रीटी’ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने कहा कि यह कदम तब तक लागू रहेगा जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद का समर्थन करना बंद नहीं करता।

    पाकिस्तानी राजनयिकों की निष्कासन: भारत ने पाकिस्तान के रक्षा, सैन्य, नौसेना और वायुसेना सलाहकारों को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित कर दिया है और उन्हें एक सप्ताह के भीतर भारत छोड़ने का आदेश दिया है।

    दूतावासों में कर्मचारियों की संख्या में कमी: भारत और पाकिस्तान दोनों ने अपने-अपने दूतावासों में कर्मचारियों की संख्या में कमी की है। भारत ने इस्लामाबाद स्थित अपने दूतावास से सैन्य सलाहकारों को वापस बुला लिया है और कर्मचारियों की संख्या 55 से घटाकर 30 कर दी है।

    आतंकी हमले में 28 लोगों की मौतआतंकी हमले में 28 लोगों की मौत
    हमला 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसारन घाटी में हुआ, जहां आतंकवादियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की। हमले में 28 पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए। मृतकों में भारतीय नौसेना के एक अधिकारी और एक खुफिया ब्यूरो के अधिकारी भी शामिल हैं। हमले के बाद क्षेत्र में शोक और विरोध प्रदर्शन हुए, और सुरक्षा बलों ने हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।