Ram Mandir Dhwajarohan Latest Update -अयोध्या का दिन इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज हो गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजारोहण कर देशवासियों को संबोधित किया। इस भव्य समारोह के दौरान उपस्थित हजारों राम भक्तों और पूरे विश्व में बसे करोड़ों श्रद्धालुओं के बीच आध्यात्मिक उल्लास और उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज संपूर्ण भारत ही नहीं, संपूर्ण विश्व राममय हो उठा है। सदियों की पीड़ा, संघर्ष और प्रतीक्षा का अंत हो रहा है। उन्होंने कहा कि “500 साल पहले जो अग्नि प्रज्वलित हुई थी, आज उसकी पूर्णाहुति है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह धर्म ध्वज आने वाली सदियों तक प्रभु श्रीराम के आदर्शों—सत्य, मर्यादा, पराक्रम और धर्म—का उद्घोष करता रहेगा।
पीएम मोदी ने कहा कि मंदिर का यह ध्वज केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि राम राज्य की मूल भावना का प्रतिनिधित्व करता है। जो लोग किसी कारण मंदिर नहीं पहुंच पाते, वे भी दूर से ध्वज को देखकर नमन करते हैं, और उन्हें उतना ही पुण्य प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि यह धर्म ध्वज युगों-युगों तक रामलला की जन्मभूमि की पहचान का प्रतीक रहेगा और हर भक्त को प्रेरित करता रहेगा।अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने विकास के एजेंडे पर जोर देते हुए कहा कि बीते 11 वर्षों में महिलाओं, युवाओं, किसानों, दलितों, पिछड़ों और आदिवासी समाज को विकास के केंद्र में रखा गया है। उन्होंने दोहराया कि 2027 तक आजादी के 100 वर्ष पूरे होने से पहले विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ‘सबका प्रयास’ आवश्यक है।
उन्होंने कहा, “हमें केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए नहीं, आने वाली कई सदियों के लिए काम करना है। प्रभु श्रीराम हमें आदर्श, मर्यादा, सत्य और कर्तव्य का मार्ग दिखाते हैं।”प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश का अस्तित्व हमसे पहले भी था और हमारे बाद भी रहेगा, इसलिए राष्ट्र निर्माण में दीर्घकालिक सोच अपनाना आवश्यक है।अयोध्या में धर्म ध्वजारोहण का यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता का भी प्रतीक बन गया है।
कोलकाता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार में (PM MODI WEST BENGAL VISIT) एक जनसभा को संबोधित किया। करीब 32 मिनट के अपने भाषण में उन्होंने कई अहम मुद्दों पर बात की, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर, पाकिस्तान का आतंकवाद, TMC सरकार का भ्रष्टाचार, और केंद्र की कल्याणकारी योजनाएं शामिल थीं। इसके साथ ही, उन्होंने बंगाल में फैली हिंसा, बेरोजगारी, और गरीबों के अधिकारों की अनदेखी जैसे मुद्दों पर भी तीखा हमला बोला। आइए, पीएम मोदी के भाषण की 6 प्रमुख बातों और उनके दौरे के महत्व को विस्तार से समझते हैं।
1. ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवाद के खिलाफ भारत का नया संकल्प
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में ऑपरेशन सिंदूर को भारत की आतंकवाद के खिलाफ मजबूत नीति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों द्वारा की गई बर्बरता के बाद भारत ने करारा जवाब दिया। पीएम ने कहा, “पाकिस्तान समझ ले, हमने तीन बार घर में घुसकर मारा है। हम शक्ति को पूजने वाले लोग हैं। बंगाल टाइगर की धरती से मैं 140 करोड़ भारतीयों की ओर से कहता हूं कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है।” PM MODI WEST BENGAL VISIT
उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवाद को पोषित करने का आरोप लगाया और कहा कि 1947 के बंटवारे के बाद से ही पाकिस्तान भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा है। बांग्लादेश में भी उसने हिंसा और अत्याचार किए, जिसे कोई नहीं भूल सकता। पीएम ने स्पष्ट किया कि भारत अब आतंकी हमलों का जवाब देने में पीछे नहीं हटेगा।
2. TMC सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप- PM MODI WEST BENGAL VISIT
मोदी ने पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाएं, जैसे कि गरीबों के लिए पक्के मकान, बंगाल में लागू नहीं हो पा रही हैं क्योंकि TMC के लोग “कट और कमीशन” की मांग करते हैं। उन्होंने शिक्षक भर्ती घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि TMC ने हजारों युवाओं का भविष्य बर्बाद किया और पूरे शिक्षा तंत्र को खोखला कर दिया।PM MODI WEST BENGAL VISIT
3. बंगाल के पांच संकट- PM MODI WEST BENGAL VISIT
प्रधानमंत्री ने बंगाल में मौजूद पांच प्रमुख संकटों का उल्लेख किया:
हिंसा और अराजकता: बंगाल में गुंडागर्दी को खुली छूट दी गई है।
महिलाओं की असुरक्षा: माताओं-बहनों पर हो रहे जघन्य अपराध चिंता का विषय हैं।
बेरोजगारी: नौजवानों को रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे।
भ्रष्टाचार: TMC सरकार के घोटाले गरीबों और युवाओं को प्रभावित कर रहे हैं।
गरीबों का हक छीना जाना: केंद्र की योजनाओं का लाभ बंगाल के लोगों तक नहीं पहुंच रहा।
4. केंद्र की योजनाओं पर बंगाल सरकार का रवैया- PM MODI WEST BENGAL VISIT
मोदी ने TMC सरकार पर केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं को लागू न करने का आरोप लगाया। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि बंगाल के लोग इस स्वास्थ्य योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे क्योंकि TMC ने इसे लागू नहीं होने दिया। इसी तरह, विश्वकर्मा योजना के तहत आठ लाख से ज्यादा आवेदन बंगाल में अटके पड़े हैं। पीएम जनमन योजना, जो आदिवासी समुदाय के लिए बनाई गई है, को भी TMC ने लागू नहीं किया।
मोदी ने यह भी कहा कि जब NDA ने आदिवासी महिला द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया, तो TMC ने इसका विरोध किया, जो उनके आदिवासी सम्मान के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। PM MODI WEST BENGAL VISIT
5. मुर्शिदाबाद और मालदा में हिंसा
प्रधानमंत्री ने मुर्शिदाबाद और मालदा में हाल की हिंसक घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं में गरीबों की संपत्ति को राख कर दिया गया और तुष्टिकरण के नाम पर गुंडों को खुली छूट दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसी सरकारें जनता के हित में काम कर सकती हैं, जो हिंसा को बढ़ावा देती हैं और पुलिस को तमाशबीन बनाती हैं। PM MODI WEST BENGAL VISIT
6. बिहार और सिक्किम के दौरे
पीएम मोदी का गुरुवार को तीन राज्यों का दौरा निर्धारित था। सिक्किम का दौरा रद्द होने के बाद वे अलीपुरद्वार पहुंचे, जहां उन्होंने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी। इसके बाद, वे बिहार के लिए रवाना हुए, जहां शाम 5:45 बजे पटना एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन किया। रात में वे राजभवन में रुके। PM MODI WEST BENGAL VISIT
मोदी के दौरे का महत्व
प्रधानमंत्री का यह दौरा न केवल पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति को उजागर करता है, बल्कि केंद्र सरकार की विकास योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का भी प्रयास है। बंगाल में TMC के खिलाफ तीखा हमला और ऑपरेशन सिंदूर जैसे मुद्दों पर खुलकर बोलना दर्शाता है कि BJP राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में है।
बंगाल की जनता से अपील
मोदी ने अपने भाषण में बंगाल की जनता से अपील की कि वे ऐसी सरकार को न चुनें जो हिंसा, भ्रष्टाचार, और तुष्टिकरण को बढ़ावा देती हो। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बंगाल के विकास के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन राज्य सरकार की उदासीनता के कारण योजनाओं का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा। PM MODI WEST BENGAL VISIT
ये भी पढ़ें- Sikkim Golden Jubilee: सिक्किम की स्वर्ण जयंती; पीएम मोदी का वीडियो संबोधन, विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण