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Tag: Police Accused Of Bribery

  • अमेठी पुलिस का नया कारनामा,पढ़िये बकरी व्यापारी के साथ पुलिस ने किया लॉकअप में ये काम

    अमेठी पुलिस का नया कारनामा,पढ़िये बकरी व्यापारी के साथ पुलिस ने किया लॉकअप में ये काम

    अमेठी। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से पुलिस की बर्बरता का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। अमेठी पुलिस पर एक बकरी व्यापारी ने गंभीर आरोप लगाया है।व्यापारी का आरोप है कि पुलिस ने पहले उसे लॉकअप में डालकर बर्बरता पूर्वक पीटा।उसके बाद उससे एक लाख की रिश्वत लेकर शांति भंग की धारा में चालान कर दिया।पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है।

    एसपी को प्रार्थना पत्र देकर लगाई न्याय की गुहार अमेठी पुलिस का नया कारनामा

    जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र के हुसैनगंज निवासी एक बकरी व्यापारी ने सोमवार को एसपी को प्रार्थना पत्र देकर पुलिस पर बकरी चोरी के मामले में पूछताछ करने के नाम पर पिटाई करने व रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। व्यापारी ने मामले में अपना मेडिकल कराए जाने व दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस ने बकरी व्यापारी की पिटाई व रिश्वत के आरोपों से इंकार किया है।

    जानकारी के मुताबिक, जगदीशपुर थाना क्षेत्र के हुसैनगंज निवासी नौसाद का आरोप है कि बीते 10 जुलाई को जामो पुलिस उसके बेटे इरशाद को खौंपुर से उठा कर ले गई। जब वह थाने पर गया तो उसे भी बैठा लिया गया और बताया गया कि उसके ऊपर बकरी चोरी का आरोप है।बाद में उसके गांव के प्रधान उमापति तिवारी के माध्यम से पुलिस से बातचीत हुई और प्रधान ने उसके घर से लाकर एक लाख रुपए हेड मुहर्रिर दिनेश को दिया। जिसके बाद उसका शांति भंग में चालान कर दिया गया। नौसाद ने यह भी आरोप लगाया कि 26 जून को एसओजी टीम उसे उठा ले गई थी और एन्काउंटर का डर दिखाकर ग्राम प्रधान के माध्यम से सवा लाख रुपए लेकर छोड़ा था। हालांकि एसओजी टीम रायबरेली जिले की थी। मामले में एसपी ने जांच कराने की बात कही है।

    पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच के निर्देश दिए अमेठी पुलिस का नया कारनामा

    एसएचओ जामो विनोद सिंह ने बताया कि 10 जुलाई को थाना क्षेत्र के अचलपुर निवासी विश्वनाथ ने पुलिस को चार बकरी चोरी होने का शिकायती पत्र दिया था। जिसमें उसने बकरी चोरी में नौसाद व उसके बेटे पर चोरी की आशंका जताई थी। जिसे लेकर पुलिस ने नौसाद व उसके बेटे को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। जिसे 151 करके छोड़ा गया था। इससे एक बार एसओजी रायबरेली भी पूछताछ कर चुकी है। पुलिस पर लगाए गए नौसाद के सारे आरोप असत्य हैं।

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