रिपोर्ट अनुज सैनी मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के प्रयास पर पुलिस ने कार्रवाई की है। तितावी और खालापार थाना पुलिस ने दो अलग अलग मामलो मे 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में हमजा, ओसामा उर्फ बाबा, नजाकत निवासी तितावी और नावेद खान व सिंदबाद निवासी खालापार शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से आपत्तिजनक स्टीकर, बैनर और प्रिंटर भी बरामद किए हैं। यह आरोपी में आपत्तिजनक स्टीकरों को दीवारों और वाहनों पर लगा रहे थे जिसकी तत्काल सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई की।
एसएसपी मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा ने बताया कि जिले में शांति व्यवस्था और साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा जो माहौल बिगाड़ने का प्रयास करेगा। पुलिस की सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर है और अफवाह फैलाने वालों पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्यवाही की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें और तुरंत पुलिस को सूचित करें।
बरेली। उपद्रव के बाद शहर के चार थानों में मौलाना तौकीर रजा समेत सैकड़ों अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत की गई है। यह प्राथमिकी पुलिस की ओर से दर्ज कराई जा रही हैं।बारादरी थाने में दो मुकदमे पंजीकृत किए गए हैं। पहले मुकदमे में पुलिस ने 28 लोगों को नामजद करते हुए, ढाई सौ अज्ञात लोगों को शामिल किया है।
इसी के साथ दूसरे मुकदमे में करीब 18 लोगों को नामजद करते हुए बाकी डेढ़ सौ अज्ञात लोगों को शामिल किया है।
बारादरी में लिखे गए मुकदमे में नदीम, अनीस सकलैनी, साजिद सकलैनी, तहमीन, वसीम तहसीनी, अजीम, अदनान, मोईन सिद्दीकी, फैजुल्ला नबी, कलीम खान, मोबीन, नायाब उर्फ निम्मा, बबलू खां, दाउद खा, अमन, अजमल रफी, फैजान, सामनान, सम्मू खान, अरशद अली, मुस्तफा नूरी, नौशाद खान मुनीमिया मोहम्मद आकिब, मुन्ना, सलाउद्दीन, यूनुस, आशु आदि को नामजद किया गया है।
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मौलाना तौकीर रजा को भी किया नामजद
इसी तरह से दूसरे मुकदमे में भी 18 लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस के मुताबिक अभी तक कोतवाली, बारादरी, प्रेमनगर और किला थाने में भी मुकदमे लिखे गए हैं जिसमें मौलाना तौकीर रजा को भी नामजद किया गया है।
एक घंटे से डटे थे प्रदर्शनकारी, एसएसपी के लाठी उठाते ही दौड़े
कोतवाली क्षेत्र में लाठी चार्ज के बाद श्यामगंज में उपद्रवियों ने उपद्रव का किया प्रयास – पुलिस ने काफी देर समझाया मगर नहीं माने उपद्रवी, जब हुआ लाठीचार्ज तो भागे जागरण संवाददाता, बरेली : कोतवाली क्षेत्र में बवाल लाठीचार्ज के बाद श्यामगंज में भी उपद्रवियों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। मौके पर पहुंची बारादरी पुलिस व अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन उपद्रवी कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे। इसी बीच जब एसएसपी को सूचना मिली तो वह भी श्यामगंज में मोर्चा संभालने पहुंच गए।
एसएसपी के हाथ में लाठी देखते ही भीड़ में से आया फायर
एसएसपी के हाथ में लाठी देखते ही भीड़ में से किसी ने फायर किया तो पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया। चंद मिनट में ही पूरा श्यामगंज खाली हो गया। गनीमत रही कि गोली किसी को लगी नहीं। श्यामगंज में करीब एक घंटे से उपद्रवी डेरा जमाए खडे थे।सीओ तृतीय समेत अन्य अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया मगर कोई मानने को तैयार नहीं था। पुलिस ने रस्सा खींचकर भीड़ को रोका था, लेकिन सभी इस्लामियां ग्राउंड में जाने की होड़ में थे।
रिपोर्टर अमित शर्मा औरैया उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद के बेला थाना क्षेत्र के एक गांव से शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक दलित किशोरी के साथ पड़ोस के रहने वाले शादी शुदा युवक तीन बच्चों के पिता ने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। किशोरी ने किसी को इस बारे में नहीं बताया जब किशोरी को 3:30 महीने की गर्भवती हुई ।तो स्वजन को इसकी जानकारी हुई। पीड़ित पिता ने थाने पहुंचकर पुलिस को घटना की सारी जानकारी देते हुए पुलिस को शिकायती पत्र दिया। पुलिस ने पीड़ित पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
#औरैया तीन बच्चों के पिता ने पड़ोस के रहने वाली 18 वर्षीय युवती के साथ किया दुष्कर्म 3:30 महीने की प्रेग्नेंट होने पर परिजनों को हुई जानकारी पीड़ित पिता ने थाने पहुंचकर पुलिस को घटना की सारी जानकारी देते हुए पुलिस को शिकायती पत्र दिया। पुलिस ने पीड़ित पिता की तहरीर पर मुकदमा… pic.twitter.com/ymRoweum8q
पीड़ित पिता ने पुलिस को बताया कि उसकी 18 वर्षीय बेटी जो गर्भवती है उसकी मां ने बताया है। आरोपी पिंटू उर्फ अवधेश बाथम उम्र करीब 35 वर्ष ने उसके साथ पहले गलत काम किया था। जिससे वह गर्भवती हुई है। पीड़ित परिवार अनुसूचित जाति से है। जबकि आरोपी पिछड़ी जाति का है।
बेला थाना अध्यक्ष गंगादास गौतम ने बताया कि घटना तीन-चार महीने पुरानी हैं दोनों पड़ोसी हैं। बच्ची प्रेग्नेंट हो गई तो मां ने पूछा यह क्या है तो उसने बताया पड़ोस का लड़का है उसने शारीरिक संबंध बनाए थे। घर के पास में खाली जगह पर दुष्कर्म किया था। आरोपी और पीड़िता के पिता का एक दूसरे के घर पर आना जाना था। पीड़िता करीब 3:30 महीने की गर्भवती है आरोपी शादीशुदा है और उसके तीन बच्चे हैं।
Ghazipur Case: गाजीपुर से बड़ी खबर। पुलिस की पिटाई से भाजपा कार्यकर्ता सियाराम उपाध्याय की मौत के बाद अफसर मामले पर बचाव में लगे थे, लेकिन अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त नाराजगी के बाद कार्रवाई का रुख बदल गया।
घटना के बाद दिनभर पुलिस अफसर अपनी गलती छुपाने में जुटे रहे, लेकिन जब वाराणसी में मौजूद मुख्यमंत्री को घटना की जानकारी और पुलिस अधीक्षक के बयान का वीडियो मिला तो उन्होंने तुरंत नाराजगी जताई।मुख्यमंत्री ने डीजीपी से मामले की जानकारी ली और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने धड़ाधड़ कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष समेत 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित और लाइनहाजिर कर दिया।
गाजीपुर ,रूकुंडीपुर के नोनाहरा थाना परिसर में शांतिपूर्वक धरना दे रहे भाजपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस लाठीचार्ज के दौरान भाजपा कार्यकर्ता श्री सीताराम उपाध्याय की मृत्यु हो गई।bjp जनता की आवाज़ कुचल रही है और अपने ही कार्यकर्ताओं की भी सुध नहीं ले रही।#Ghazipur#AjayRai#BJPExposedpic.twitter.com/vCARBydmwS
गाजीपुर जिले में यह घटना पुलिस की कार्यशैली और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़े करती है।शाम को प्रधानमंत्री को विदा करने के बाद मुख्यमंत्री को गाजीपुर में भाजपा कार्यकर्ता की मौत की जानकारी दी गई। सीएम ने एसपी डा.ईरज राजा के उस बयान का वीडियो भी सुना, जिसमें उन्होंने कहा था कि लाइट कटने से अफरा तफरी मच गई। यह मामला पुलिस का नहीं बिजली विभाग का था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने डीजीपी से पूरे घटना की रिपोर्ट मांगी।
डीजीपी ने डीआइजी वैभव कृष्णा को मौके पर भेजा। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने वीडियो सुनने के बाद पुलिस अधिकारियों की भूमिका को लेकर काफी नाराजगी जताई। साथ ही इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई के आदेश डीपीजी को दिए। कहा कि कार्यकर्ताओं के साथ ऐसी घिनौनी हरकत करने वालों दंडित किया जाए। अब देखना यह होगा कि क्या इस कार्रवाई से पुलिस में सुधार आएगा और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकेगा।
संवाददाता – प्रमोद शर्मा लोकेशन – बरेलीफरीदपुर (बरेली)। जमीन की लड़ाई ने एक बार फिर खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। थाना फरीदपुर क्षेत्र के मोहल्ला परा में दबंग पड़ोसियों ने एक ही परिवार पर लाठी-डंडों और वाकाओं से हमला बोल दिया। घटना में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
पीड़ित मनोज उर्फ़ पप्पू पुत्र बाबूराम ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनके चाचा की भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्ज़े की साजिश रची जा रही थी। इसी रंजिश के चलते 24 जुलाई की शाम करीब 7 बजे पड़ोसी सर्वेश पुत्र रामदास अपने साथियों के साथ अचानक हमला कर दिया।हमले में पप्पू, उनकी पत्नी राधा, बेटे अंकित और आयुष गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमलावरों ने न केवल जानलेवा हमला किया बल्कि पूरे परिवार को खुलेआम मौत की धमकी दी। बरेली: जमीन विवाद में खूनी संघर्ष
सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा। तहरीर के आधार पर पुलिस ने सर्वेश सहित सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक को सौंपी है। बरेली: जमीन विवाद में खूनी संघर्ष
हालांकि, पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई करने के बजाय हमलावरों को बचा रही है। बुधवार शाम पीड़ित की पत्नी राधा कोतवाली पहुंचीं और कोतवाल राधेश्याम से मिलकर पुलिस पर ही गंभीर आरोप जड़ दिए। उनका कहना है कि— “हमलावर खुलेआम घूम रहे हैं, पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के बजाय बचा रही है। अगर हमें न्याय नहीं मिला तो हम थाने के सामने धरना देने को मजबूर होंगे।”बरेली: जमीन विवाद में खूनी संघर्ष
बरेली पुलिस की पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए शुरू की गई “दर्पण” पहल गुरुवार को सख़्त कार्रवाई का मंच बन गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने संवेदनशील मामलों की फाइलें खोलते ही लापरवाही पर सीधा वार किया।बरेली: ‘दर्पण’ में नज़र आई पुलिस की ढिलाई – एक विवेचक पर जांच
बरेली। पुलिस विभाग की “दर्पण” पहल गुरुवार को सचमुच आईना बन गई, जब जनसुनवाई में वादी और विवेचक आमने-सामने आए। बरेली पुलिस की ‘दर्पण’ कार्रवाई में ढिलाई
मामलों की समीक्षा के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अनुराग आर्य ने पाया कि कुछ विवेचकों ने न तो समयबद्ध जांच की, न ही पर्याप्त साक्ष्य जुटाए। बरेली पुलिस की ‘दर्पण’ कार्रवाई में ढिलाई
ढिलाई उजागर होने पर SSP ने एक विवेचक के खिलाफ प्रारंभिक जांच (PE) के आदेश दिए, जबकि दूसरे को व्यक्तिगत फाइल में चेतावनी दर्ज की। SSP आर्य ने सख़्त शब्दों में कहा—”विवेचना में ढिलाई करने वालों की पुलिस में कोई जगह नहीं है। समयबद्ध और पारदर्शी कार्यवाही ही हमारी पहचान होगी।” बरेली: ‘दर्पण’ में नज़र आई पुलिस की ढिलाई – एक विवेचक पर जांचबरेली पुलिस की ‘दर्पण’ कार्रवाई में ढिलाई
गुरुवार की कार्रवाई में छह मामलों की समीक्षा की गई, जिसमें गुमशुदगी और गंभीर धाराओं वाले केस शामिल थे। SSP ने आदेश दिया कि ऐसे सभी मामलों की प्रगति अब हर हफ्ते समीक्षा बैठक में पेश की जाएगी। इस कदम से पुलिस विभाग में हलचल तेज हो गई है। बरेली: ‘दर्पण’ में नज़र आई पुलिस की ढिलाई – एक विवेचक पर जांच
बरेली: ‘दर्पण’ में नज़र आई पुलिस की ढिलाई – एक विवेचक पर जांच