Nation Now Samachar

Tag: PoliticalNews

  • मायावती का बड़ा फैसला: अब स्मारकों पर नहीं जाएंगी, जनसभा भी की रद्द

    मायावती का बड़ा फैसला: अब स्मारकों पर नहीं जाएंगी, जनसभा भी की रद्द

    नई दिल्ली/लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने एक बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए 6 दिसंबर को नोएडा स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणास्थल पर प्रस्तावित अपनी विशाल जनसभा रद्द कर दी। पार्टी पदाधिकारियों के साथ विशेष बैठक के बाद मायावती ने यह निर्णय लिया और इसके पीछे की वजह आम जनता की सुविधा को बताया।

    मायावती ने कहा कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था के कारण स्मारकों और सार्वजनिक स्थानों पर आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसी वजह से उन्होंने आगे से महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि पर बड़े स्मारकों पर न जाने का निर्णय लिया है। उन्होंने इस फैसले की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी साझा की।

    अपने पोस्ट में मायावती ने कहा कि बीएसपी सरकार ने महात्मा ज्योतिबा फुले, छत्रपति शाहूजी महाराज, नारायण गुरु, डॉ. भीमराव आंबेडकर और कांशीराम जैसे महापुरुषों को सम्मान देते हुए कई बड़े स्मारक और प्रेरणास्थल बनवाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जातिवादी पार्टियों की सरकारों में इन समाज सुधारकों को अक्सर अनदेखा किया जाता रहा है, जबकि बीएसपी ने सदैव इन महान विभूतियों को उचित सम्मान दिया।

    उधर, उनकी जनसभा रद्द होने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि यह कदम सुरक्षा व्यवस्था और जनता की कठिनाइयों को ध्यान में रखकर उठाया गया है। इसके साथ ही मायावती की आगे की राजनीतिक रणनीति को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि चुनावी मौसम में ऐसे फैसले राजनीतिक संदेश भी देते हैं। हालांकि, बीएसपी सुप्रीमो ने साफ कहा कि उनका उद्देश्य किसी को असुविधा पहुंचाना नहीं, बल्कि समाज सुधारकों का सम्मान बनाए रखना है। मायावती के इस रुख ने समर्थकों और विपक्ष दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

  • ElectionCommission : 23 साल बाद ECI की बड़ी कार्रवाई, सीमा से लगे जिलों में 66% तक बढ़े मतदाता,बंगाल चुनाव में ‘घुसपैठ’ बना मुख्य मुद्दा

    ElectionCommission : 23 साल बाद ECI की बड़ी कार्रवाई, सीमा से लगे जिलों में 66% तक बढ़े मतदाता,बंगाल चुनाव में ‘घुसपैठ’ बना मुख्य मुद्दा

    ElectionCommission -चुनाव आयोग ने 23 साल बाद पहली बार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision–SIR) की शुरुआत की है। इस प्रक्रिया की शुरुआत बिहार से हुई थी और अब यह पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में जारी है। SIR का उद्देश्य—फर्जी नाम हटाना, वास्तविक पात्र मतदाताओं को जोड़ना और वोटर लिस्ट को सटीक बनाना है। लेकिन पश्चिम बंगाल में सामने आए ताज़ा आंकड़ों ने राजनीतिक बहस को गरमा दिया है।

    2002 से 2025 के बीच 66% बढ़े मतदाता,9 में से 10 जिले बांग्लादेश सीमा से सटे

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में पिछले 23 वर्षों में मतदाताओं की संख्या में 66% की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।

    • 2002 में मतदाता: 4.58 करोड़
    • 2025 में मतदाता: 7.63 करोड़

    सबसे बड़ा सवाल यह है कि मतदाता संख्या बढ़ने वाले शीर्ष 10 जिलों में से 9 जिले बांग्लादेश से सटे हुए हैं, जिससे राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है।

    मतदाता वृद्धि वाले शीर्ष जिले (ECI डेटा)

    सीमा से लगे 9 जिले

    • उत्तर दिनाजपुर — 105.49%
    • मालदा — 94.58%
    • मुर्शिदाबाद — 87.65%
    • दक्षिण 24 परगना — 83.30%
    • जलपाईगुड़ी — 82.30%
    • कूच बिहार — 76.52%
    • उत्तर 24 परगना — 72.18%
    • नदिया — 71.46%
    • दक्षिण दिनाजपुर — 70.94%

    एकमात्र गैर-सीमावर्ती जिला

    • बीरभूम — 73.44% इन आंकड़ों के सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह वृद्धि जनसंख्या के वास्तविक पैटर्न के अनुरूप है या फिर बाहरी घुसपैठ का असर।

    राजनीतिक टकराव—TMC का विरोध, BJP का हमला तेज

    SIR अभियान शुरू होने के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस इसे केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की “टार्गेटेड कार्रवाई” बता रही है। TMC का आरोप है कि यह प्रक्रिया राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है।उधर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दावा है कि बंगाल की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर घुसपैठियों के नाम शामिल हैं, और SIR से यह खुलकर सामने आएगा।प्रदेश में तेजी से उभरता यह विवाद साफ संकेत देता है कि आगामी चुनाव में ‘घुसपैठ’ और ‘वोटर लिस्ट विसंगति’ प्रमुख मुद्दे बनने वाले हैं।

  • “10वीं बार CM बने नीतीश कुमार! PM मोदी को ऐसे किया विदा गमछे से लेकर इशारों तक… बिहार में कई संदेश छोड़ गए प्रधानमंत्री!”

    “10वीं बार CM बने नीतीश कुमार! PM मोदी को ऐसे किया विदा गमछे से लेकर इशारों तक… बिहार में कई संदेश छोड़ गए प्रधानमंत्री!”

    बिहार के गांधी मैदान में एक ऐतिहासिक राजनीतिक पल देखने को मिला, जब नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की मुलाकात चर्चा का विषय बन गई।

    नीतीश कुमार ने पीएम मोदी को पारंपरिक बिहारी गमछा भेंट कर सम्मानित किया, जबकि प्रधानमंत्री ने भी गर्मजोशी से उनका अभिवादन स्वीकार किया।

    दोनों नेताओं के बीच यह संवाद राजनीतिक संकेतों से भरा माना जा रहा है।

    समारोह के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार की जनता और राज्य नेतृत्व को शुभकामनाएं देते हुए कई संदेश भी दिए, जिसे राजनीतिक विश्लेषक 2025 की बदलती राजनीति के संदर्भ में देख रहे हैं।

  • साध्वी उमा भारती की झांसी ललितपुर से चुनाव लड़ने की ख्वाहिश, अनुराग शर्मा खेमे में मची हलचल | UP Political News

    साध्वी उमा भारती की झांसी ललितपुर से चुनाव लड़ने की ख्वाहिश, अनुराग शर्मा खेमे में मची हलचल | UP Political News

    संवाददाता लोकेश मिश्रा झांसी/ललितपुर, उत्तर प्रदेश — झांसी ललितपुर लोकसभा सीट पर राजनीति में हलचल मच गई है। चर्चा है कि मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व सांसद साध्वी उमा भारती ने 2029 लोकसभा चुनाव में झांसी ललितपुर सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। इस बयान के बाद वर्तमान सांसद अनुराग शर्मा के राजनीतिक खेमे में बेचैनी और उथल-पुथल मच गई है।

    2019 के लोकसभा चुनाव में उमा भारती की जगह अनुराग शर्मा ने पार्टी का टिकट पाकर चुनाव जीता था। इसके बाद 2024 के चुनाव में भी पार्टी ने उनका भरोसा जताया और वे पुनः विजयी हुए। लेकिन 2029 के चुनाव को लेकर उमा भारती के बयान से राजनीतिक गलियारे में खलबली मच गई है।

    उमा भारती ने मीडिया इंटरव्यू में झांसी को अपना दिल बताया और कहा कि वह इस सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा रखती हैं। वहीं स्थानीय स्तर पर अनुराग शर्मा भी झांसी से अपने गहरे संबंधों और जनाधार के लिए जाने जाते हैं। इस बयान के बाद दोनों नेताओं के समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में असमंजस और चर्चा तेज हो गई है।

    अनुराग शर्मा की तरफ़ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पार्टी शीर्ष नेतृत्व का झुकाव दोनों नेताओं में से किस ओर होगा, यह आगामी समय में साफ होगा।

    स्थानीय जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं में भी इस मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग साध्वी उमा भारती की लोकप्रियता और अनुभव को देखते हुए उनके पक्ष में हैं, तो वहीं अनुराग शर्मा के समर्थक अपने सांसद के लगातार विकास कार्य और स्थानीय जुड़ाव की बात कर रहे हैं।

    इस सीट पर आगामी चुनाव को लेकर अब सभी की निगाहें पार्टी नेतृत्व और आगामी घोषणाओं पर टिकी हुई हैं। झांसी ललितपुर लोकसभा सीट पर राजनीतिक समीकरण बदलते दिख रहे हैं और अगले चुनाव में किसका पलड़ा भारी होगा, यह आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।

  • गुजरात: मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंत्रिमंडल का विस्तार, 25 मंत्रियों को दिए विभाग

    गुजरात: मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंत्रिमंडल का विस्तार, 25 मंत्रियों को दिए विभाग

    गांधीनगर, गुजरात।गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। शपथ ग्रहण के कुछ ही घंटे बाद नए मंत्रियों को विभागों का बंटवारा कर दिया गया।मंत्रिमंडल में कुल 25 राज्य मंत्री शामिल हैं और सभी को उनके विभागों का आवंटन किया गया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी को गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं, चर्चा का विषय बना कि रवींद्र जडेजा की पत्नी रीवाबा जडेजा को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है।

    इस विस्तार के साथ ही गुजरात सरकार का नया मंत्रिमंडल पूरी तरह से कामकाज के लिए तैयार हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह मंत्रिमंडल भाजपा की नई कार्यशैली और प्रभावी प्रशासनिक संतुलन का प्रतीक है।

    मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शपथ ग्रहण समारोह और विभाग आवंटन के बाद कहा कि उनका मंत्रिमंडल राज्य के विकास, जनता की भलाई और नई योजनाओं के क्रियान्वयन पर केंद्रित रहेगा। उन्होंने सभी मंत्रियों से अपेक्षा जताई कि वे अपने विभागों में परदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करें।

    विशेष रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, गृह मंत्रालय और वित्त विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी अब नए मंत्रियों के हाथों में है। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सरकार ने स्पष्ट किया कि राज्य के सभी विभाग प्रभावी ढंग से कार्य करेंगे और जनता के मुद्दों का शीघ्र समाधान किया जाएगा।

    राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इस विस्तार के पीछे मुख्यमंत्री का उद्देश्य राज्य में संतुलित नेतृत्व और नए नेतृत्व को अवसर देना है, जिससे आगामी चुनौतियों और विकास परियोजनाओं में तेजी लाई जा सके।

  • डोनाल्ड ट्रंप ने दी जन्मदिन की बधाई तो पीएम मोदी ने कहा- ‘थैंक्यू माई फ्रेंड’

    डोनाल्ड ट्रंप ने दी जन्मदिन की बधाई तो पीएम मोदी ने कहा- ‘थैंक्यू माई फ्रेंड’

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को अपना 75वां जन्‍मदिन मना रहे हैं और उससे पहले अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने फोन करके उन्‍हें बर्थडे की बधाई दी है. पीएम मोदी ने एक्‍स पर पोस्‍ट करके इसकी जानकारी दी. आपको बता दें कि मंगलवार को ही अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड टॉक फिर से बहाल हुई है. उसके बाद यह फोन कॉल बताती है कि टैरिफ की वजह से दोनों देशों में जो दूरियां आ गई थीं, वह शायद अब कम हो जाएं. 

    थैंक्‍यू मेरे दोस्‍त… 

    पीएम मोदी ने एक्‍स पर लिखा, मेरे 75वें जन्‍मदिन पर फोन कॉल और मुझे बधाई देने के लिए थैंक्‍यू, मेरे दोस्‍त राष्‍ट्रपति ट्रंप. आपकी ही तरह मैं भी भारत और अमेरिका के बीच व्यापक और वैश्विक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं. हम यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में आपकी पहल का समर्थन करते हैं.’ 

    वहीं ट्रंप ने भी इस बारे में ट्रूथ सोशल पर जानकारी दी. उन्‍होंने लिखा, ‘अभी-अभी मेरे मित्र, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बहुत अच्छी बातचीत हुई. मैंने उन्हें जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं दीं! वह बहुत अच्छा काम कर रहे हैं. नरेंद्र: रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध खत्‍म करने में आपके समर्थन के लिए धन्यवाद! राष्‍ट्रपति डीजेटी.’ 

  • Varanasi PM Modi Visit- पीएम मोदी के रोड शो में सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब

    Varanasi PM Modi Visit- पीएम मोदी के रोड शो में सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब

    वाराणसी/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी दौरे के दौरान आयोजित रोड शो में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। लोग सुबह से ही अपने-अपने स्थानों पर जमा होकर प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए तैयार थे। सड़क किनारे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी मोदी की झलक पाने के लिए उत्साहित दिखाई दिए।

    रोड शो की शुरुआत और माहौल

    प्रधानमंत्री मोदी ने शहर के प्रमुख मार्गों से होकर रोड शो किया। रास्ते में उन्हें पुष्पवृष्टि, नारियल और नारेबाजी के साथ स्वागत किया गया। रोड शो के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, बावजूद इसके लोग उत्साह और जोश के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत कर रहे थे।

    लोगों की प्रतिक्रियाएं

    जनता ने मोदी के नेतृत्व, उनके विकास कार्यों और शहर में किए गए सुधारों की सराहना की। युवा वर्ग विशेष रूप से रोड शो में उत्साहित था और मोदी के नाम के नारे लगाते रहे। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने भी इस अवसर का लाभ उठाते हुए शहर को सजाया और स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की।

    सुरक्षा और प्रशासन

    सुरक्षा बलों ने रोड शो के मार्ग को व्यवस्थित किया और भीड़ नियंत्रण के लिए सभी उपाय किए। प्रशासन ने यातायात को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने के लिए मार्गों पर विशेष निगरानी रखी।

  • प्रधानमंत्री और उनकी मां पर अभद्र टिप्पणी के विरोध में बिहार बंद, कल बीजेपी करेगी सड़क पर प्रदर्शन

    प्रधानमंत्री और उनकी मां पर अभद्र टिप्पणी के विरोध में बिहार बंद, कल बीजेपी करेगी सड़क पर प्रदर्शन

    पटना: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी मां के खिलाफ कथित अभद्र भाषा के इस्तेमाल के विरोध में NDA के घटक दलों की महिला शाखा ने 4 सितंबर को पांच घंटे के लिए बिहार बंद का आह्वान किया है। यह बंद बृहस्पतिवार सुबह सात बजे से दोपहर 12 बजे तक प्रभावी रहेगा।

    दरअसल दरभंगा में राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान खुले मंच से प्रधानमंत्री और उनकी मां के खिलाफ अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया गया था।भाजपा प्रदेश मुख्यालय में मंगलवार को आयोजित NDA के घटक दलों के संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि सभी NDA नेता इस घटना की कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ पीएम मोदी की मां का नहीं बल्कि देश की हर मां का अपमान है।”स्थानीय प्रशासन ने बंद के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और जनता से अपील की गई है कि वे आवश्यक सावधानी बरतें।

    कल बीजेपी की महिला विंग करेगी बिहार बंद

    उन्होंने बताया कि महिला शाखा द्वारा आहूत बंद में आम जनता को कम से कम असुविधा हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपातकालीन सेवाओं को बंद से पूरी तरह मुक्त रखा जाएगा। डॉ. जायसवाल ने इस घटना को बिहार का भी अपमान बताया और कहा कि माताओं को देवतुल्य माना जाता है, उनका अपमान असहनीय है। उन्होंने लोगों से बंद में शामिल होने और कांग्रेस-राजद के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होने की अपील की।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपशब्द पर मायावती ने राहुल और तेजस्वी को घेरा,कहा- माहौल खराब ना करें

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपशब्द पर मायावती ने राहुल और तेजस्वी को घेरा,कहा- माहौल खराब ना करें

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए जा रहे अपशब्दों पर अब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने प्रतिक्रिया दी है।मायावती ने बिना नाम लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव को घेरते हुए कहा कि इस तरह की भाषा से देश का राजनीतिक माहौल खराब होता है

    बसपा सुप्रीमो ने कहा कि नेताओं को अपनी वाणी पर संयम रखना चाहिए। जनता से जुड़े मुद्दों पर राजनीति होनी चाहिए, व्यक्तिगत हमलों और अपशब्दों से लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुँचती है। मायावती ने राहुल और तेजस्वी को घेरा

    मायावती के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। गौरतलब है कि हाल ही में बिहार की वोटर अधिकार रैली में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर प्रधानमंत्री और उनके परिवार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा था।मायावती ने राहुल और तेजस्वी को घेरा

    बसपा चीफ ने लिखा- यहां इस बारे में यह विशेष उल्लेखनीय है कि परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का आदर्श कल्याणकारी भारतीय संविधान, भारत के करोड़ों लोगों के हित, सुरक्षा व उनके आत्म-सम्मान को सर्वोपरि मानते हुये, हर संवैधानिक संस्था को अपनी-अपनी निर्धारित सीमा में रहकर कार्य करने अर्थात् उन सबके लिए चेक एण्ड बैलेन्स की गारण्टी सुनिश्चित की है, जिस पर सही से अमल करके ही हालात को बिगड़ने से ज़रूर बचाया जा सकता है. मायावती ने राहुल और तेजस्वी को घेरा

  • संसद में भिड़े अमित शाह और अखिलेश यादव,ये रही वजह दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस

    संसद में भिड़े अमित शाह और अखिलेश यादव,ये रही वजह दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस

    • संसद के मानसून सत्र के दौरान आज लोकसभा में उस वक्त सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और मैनपुरी से सांसद अखिलेश यादव की सीधी बहस केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से हो गई। दोनों नेताओं के बीच जमकर तीखी जुबानी जंग देखने को मिली।

    क्या था मामला? संसद में भिड़े अमित शाह और अखिलेश यादव

    आज सदन में विपक्ष की ओर से मणिपुर, यूपी में कानून व्यवस्था और सीएए को लेकर सवाल उठाए गए। इसी दौरान अखिलेश यादव ने खड़े होकर सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा,“देश में संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है।”उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बहुमत के दम पर लोकतंत्र को कमजोर कर रही है। अखिलेश के तीखे तेवरों का जवाब देने के लिए गृहमंत्री अमित शाह खुद खड़े हुए।

    अमित शाह ने किया पलटवार संसद में भिड़े अमित शाह और अखिलेश यादव

    अमित शाह ने कहा,“अखिलेश जी को याद दिलाना जरूरी है कि जब यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब कानून व्यवस्था की हालत कैसी थी। आज देश में सुरक्षा बेहतर हुई है, आतंकवाद पर लगाम लगी है।”शाह ने आगे कहा कि विपक्ष को आलोचना का हक है, लेकिन तथ्यात्मक बातें रखी जानी चाहिए।

    सदन में नोकझोंक संसद में भिड़े अमित शाह और अखिलेश यादव

    दोनों नेताओं के बीच बहस के दौरान सदन का माहौल काफी गर्म रहा। स्पीकर को कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा। अखिलेश यादव ने सरकार पर तानाशाही रवैये का आरोप दोहराया, वहीं अमित शाह ने कहा कि “जनता का बहुमत हम पर भरोसे की मुहर है, न कि तानाशाही की।”

    विपक्षी दलों का समर्थन संसद में भिड़े अमित शाह और अखिलेश यादव

    बहस के बाद कांग्रेस, टीएमसी और अन्य विपक्षी दलों ने भी अखिलेश यादव के बयान का समर्थन किया और सरकार से जवाब मांगा।